नवंबर से सूना आसमान, खेतों में थमी फसलों की बढ़वार
बसंत पंचमी पर टिकी किसानों की उम्मीदें, नहीं बदला मौसम तो बढ़ेगा नुकसान
चमोली। चमोली जिले में इस सर्दी मौसम की बेरुखी किसानों और पर्यटन कारोबारियों दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के चलते जहां खेतों में रबी की फसलें मुरझाने लगी हैं, वहीं पहाड़ों की चोटियां सूनी पड़ी हैं और शीतकालीन पर्यटन भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
नवंबर के बाद से जिले में न तो पर्याप्त बारिश हुई और न ही सामान्य बर्फबारी। इसका सीधा असर गेहूं और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार इन फसलों को अब तक 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है। खेतों में नमी की कमी के कारण गेहूं की बढ़वार रुक गई है, जबकि सरसों की फसल समय से पहले पीली पड़ने लगी है। काश्तकारों को डर है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो मसूर और जौ की फसल भी प्रभावित हो सकती है और हालात सूखे जैसे बन सकते हैं।
नंदानगर के सैंती गांव के मथुरा प्रसाद त्रिपाठी, लांखी के मोहन सिंह दानू, बंगाली के दिनेश सिंह नेगी और भेंटी के सूरी कठैत का कहना है कि मौसम की मार से फसलें चौपट होने की कगार पर हैं। किसानों ने बताया कि आमतौर पर बसंत पंचमी के आसपास बारिश राहत लेकर आती है और इस बार भी सभी की निगाहें उसी पर टिकी हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी चमोली जेपी तिवारी के अनुसार, जिले में अब तक बारिश न होने से गेहूं और सरसों की फसल को 20 से 25 प्रतिशत तक क्षति पहुंच चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले कुछ दिनों में मौसम नहीं बदला तो जौ और मसूर की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
खेती के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन भी इस साल फीका पड़ा हुआ है। औली, नीती घाटी, उर्गम घाटी सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर बर्फ न पड़ने से पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम है। आमतौर पर सर्दियों में बर्फबारी के बाद इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां तेज हो जाती हैं, लेकिन इस बार बर्फ के इंतजार में पूरा सीजन ही प्रभावित होता नजर आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी संकट गहराने लगा है।
आज कपकोट पहुंचेगा शहीद जवान का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
देहरादून। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान उत्तराखंड के कपकोट निवासी एक जवान ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहादत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक क्षेत्र कपकोट लाया जाएगा।
कपकोट के बीथी गांव निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया (43) टू-पैरा कमांडो में तैनात थे। रविवार को वह किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र अंतर्गत सुदूर सिंहपोरा में चल रहे संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन त्राशी’ का हिस्सा थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहीद जवान अपने पीछे पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंद्रा देवी, पत्नी लीला गढ़िया, दो पुत्र राहुल और धीरज तथा छोटे भाई किशोर गढ़िया को छोड़ गए हैं। परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों के अनुसार शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर के माध्यम से मंगलवार को केदारेश्वर मैदान लाया जाएगा। इसके बाद सरयू-खीरगंगा नदी के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहादत की सूचना मिलते ही पत्नी लीला गढ़िया देहरादून से गांव पहुंचीं। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें हेलीकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड लाया गया, जहां से व्हीलचेयर की मदद से उन्हें वाहन तक पहुंचाया गया। जवान के बलिदान की खबर मिलते ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से प्राप्त की थी। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज कपकोट से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की और स्नातक प्रथम वर्ष के दौरान वर्ष 2004 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। देश सेवा के प्रति उनका समर्पण और साहस हमेशा याद किया जाएगा।
सीएम धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्यभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत और बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हवलदार गढ़िया जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
सीएम धामी ने शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
नशे में मारपीट और धमकियों से परेशान मां की गुहार पर जिला प्रशासन सख्त
देहरादून। बंजारावाला क्षेत्र में बेटों द्वारा प्रताड़ित एक लाचार विधवा मां के लिए जिला प्रशासन ढाल बनकर सामने आया। नशे में धुत बेटों की मारपीट, पैसों की मांग और जान से मारने की धमकियों से भयभीत विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से शिकायत की, जिस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बयानों से विधवा मां के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोनों बेटों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
कानूनी कार्रवाई के बाद बेटों को पहली बार अपनी मां के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों का अहसास हुआ। न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगते हुए नशा छोड़ने और किसी भी प्रकार की हिंसा न करने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानून के डर से उनके व्यवहार में सुधार देखने को मिला, जिसके आधार पर न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
इस मामले पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं, विधवाओं और निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अनियोजित विकास एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के क्रम में, पूर्णतः वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। जांच में पाया गया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्डों की बिक्री की जा रही थी।
प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम द्वारा घमंडपुर, रानीपोखरी, देहरादून क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह एवं राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खण्डों का सीमांकन तथा कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित सड़कों, पिलरों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।
थानों क्षेत्र में कार्रवाई
इसी क्रम में थानों, देहरादून क्षेत्र में सोनिका नेगी एवं विशाल द्वारा लगभग 07 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आम जनता को भू-खण्डों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। प्राधिकरण द्वारा मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों एवं प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं प्राधिकरण की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समय-समय पर जनता से अपील करता रहा है कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अनियोजित विकास के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आज की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। संबंधित स्थलों पर पूर्व में निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे, इसके उपरांत नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी भूमि अथवा भू-खण्ड में निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
बहुदेशीय शिविरों से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता- रमेश सिंह गड़िया
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता- सीडीओ
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत विकासखंड कोट की न्याय पंचायत पोखरी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मसाणगांव में एक बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान कुल 82 शिकायतें दर्ज की गयीं, जिनमें से 49 का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 220 लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
शिविर में राज्यमंत्री/उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश सिंह गड़िया ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन की शिकायतों एवं समस्याओं का समाधान न्याय पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय जनता से अपील की कि ऐसे बहुदेशीय शिविरों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपनी माटी पर खेती- किसानी कर रहे हैं, उनके लिए सरकार के पास अनेक योजनाएं उपलब्ध हैं। साथ ही कहा कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा, इसमें विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्रकरणों पर जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें 12 हजार से अधिक लाभार्थियों को चिन्हित किया गया है। केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त होते ही अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित शिकायतों पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी सड़कों का सर्वे कर डामरीकरण एवं सुधारीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। वहीं रखूण गांव सहित अन्य क्षेत्रों में झूलती विद्युत तारों की शिकायतों पर विद्युत विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। घेरबाड़ से संबंधित शिकायतों पर निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जहां धरातल पर खेती-किसानी की जा रही है, ऐसे स्थलों को चिन्हित कर घेरबाड़ योजना का लाभ दिया जाए। ग्राम प्रधान सुधीर सिंह बिष्ट द्वारा कोटसाड़ा में ग्राम पंचायत भवन की रजिस्ट्री लंबित होने का मामला उठाए जाने पर सीडीओ ने प्राथमिकता से कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पलोटा में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने हेतु बीडीओ को तथा झांझड में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
शिविर में ग्राम कोट की ज्योति देवी के शिशु का अन्नप्राशन, कोटसाड़ा की मनीषा देवी की गोदभराई कर पोषण आहार वितरित किया गया, जबकि फलस्वाड़ी की मीनाक्षी भट्ट को महालक्ष्मी किट प्रदान की गयी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कठूड़ आराधना देवी, कनिष्ठ प्रमुख अनिल गुसाईं, ग्राम प्रधान कोटसाड़ा सुधीर बिष्ट, नोडल अधिकारी/जिला ग्रामोद्योग अधिकारी डॉ. अल्का पांडे, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी, एसडीओ वन विभाग आयशा बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह डुबरिया, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, जल निगम नवनीत कटारिया, सिंचाई सचिन शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पात्र अभ्यर्थियों की लिस्ट फाइनल, 10 दिन में होगी तैयारियां पूरी
कैबिनेट मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
देहरादून। पहली बार शुरू की गई एकल महिला स्वरोजगार योजना और नंदा गौरा योजना के लाभार्थियों को पैसा फरवरी के पहले सप्ताह में मिल जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के बाद यह बात कही।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत अब तक 11 जनपदों के लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इनमें 34852 इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राएं और 6021 जन्म लेने वाली बालिकाएं चिन्हित की गई है। इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने शेष दो जनपदों के लाभार्थियों की सूची भी जल्द से जल्द फाइनल करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची फाइनल कर दी गई है इन्हें भी फरवरी पहले सप्ताह में धनराशि वितरित कर दी जाएगी। इस योजना के तहत इनके अतिरिक्त अभी दो जनपदों की कुल 331 पात्र अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने की औपचारिकता बाकी है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कल्याण कोष के माध्यम से सेवा निवृत होते समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1 अप्रैल से ₹100000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस राशि को अगले वित्तीय वर्ष में और बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।
वृद्ध महिलाओं की सलाह से बनाएं उनके लिए योजना
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, चिकित्सीय और भावनात्मक संबल देने के उद्देश्य से एक नई योजना तैयार की जा रही है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का स्वरूप कैसा होगा यह तय करने के लिए गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे किया जाए। जरूरतमंदों की रायशुमारी के बाद ही योजना का अंतिम स्वरूप तैयार किया जाएगा।
धार्मिक अनुष्ठान के साथ घोषित होगी गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां गति पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरागत धार्मिक विधि-विधान के अनुसार बसंत पंचमी के अवसर पर तय की जाएगी। यह तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में घोषित की जाएगी।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। तिथि घोषित होते ही यात्रा की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुचारु और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में सुबह साढ़े दस बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। इसी समारोह के दौरान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि भी निर्धारित की जाएगी।
परंपरा के अनुसार टिहरी राज परिवार के महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली का अवलोकन किया जाएगा। राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग की गणना के पश्चात शुभ मुहूर्त में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय करेंगे। इस घोषणा के साथ ही चारधाम यात्रा के आधिकारिक शुभारंभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हो जाएगा।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बताया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग ने सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।
दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।
आपदाओं में एनडीआरएफ का साहस और समर्पण अतुलनीय- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी साहसी, निष्ठावान एवं कर्तव्यनिष्ठ जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और भीषण आपदाओं के समय एनडीआरएफ के जवान जिस साहस, समर्पण और सेवा भावना के साथ देशवासियों की रक्षा में जुटे रहते हैं, वह वास्तव में अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से लेकर विभिन्न आपातकालीन स्थितियों तक, हर मोर्चे पर एनडीआरएफ की तत्परता और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ के जवानों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सेवाकाल की कामना भी की।
