पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गिरा पारा, दिवाली के बाद मांग में एक करोड़ यूनिट की बढ़ोतरी
देहरादून। प्रदेश में ठंड का असर अब बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गिरते तापमान के बीच बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। मंगलवार को प्रदेशभर में बिजली की कुल मांग लगभग चार करोड़ यूनिट तक पहुंच गई, जो दिवाली के समय के मुकाबले करीब एक करोड़ यूनिट अधिक है।
दिवाली के दौरान जब मौसम में हल्की ठंडक थी, तब राज्य में बिजली की मांग लगभग तीन करोड़ यूनिट के आसपास बनी हुई थी। अब लगातार गिरते तापमान के चलते हीटर, गीजर और अन्य उपकरणों के उपयोग में वृद्धि देखी जा रही है।
बिजली निगम (यूपीसीएल) के अनुसार, राज्य को इस समय यूजेवीएनएल से लगभग 1.1 करोड़ यूनिट और केंद्रीय पूल से 1.4 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति हो रही है। शेष करीब 1.5 करोड़ यूनिट बिजली का इंतजाम बाजार से खरीदी के माध्यम से किया जा रहा है ताकि मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहे।
हालांकि बढ़ती खपत के बावजूद यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि राज्य में कहीं भी घोषित या अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के सीजन में मांग में और इजाफा होने की संभावना है, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था की जा चुकी है ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
ऋषिकेश से नई टिहरी तक परिवहन सेवाएं ठप, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
ऋषिकेश। परिवहन महासंघ के आह्वान पर आज पूरे गढ़वाल मंडल में चक्का जाम किया गया। चक्का जाम के लिए देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों की यूनियनों का भी समर्थन मिला। ट्रांसपोर्टरों ने ऋषिकेश में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों का संचालन रोका।
व्यावसायिक वाहनों पर दो साल के टैक्स की छूट देने सहित कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे वाहन चालकों ने आज चक्का जाम किया है। सभी जीप और टैक्सियों का संचालन ठप है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्णभूमी टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मदन मोहन नवानी ने बताया की उन्होंने हड़ताल को सभी चालकों पर छोड़ा है। वहीं जय माँ जिलासू चंडीका टेक्सी यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कंडारी ने कहा की हड़ताल को उनका पूरा समर्थन है।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश स्थित आरटीओ कार्यालय में बनाए गए फिटनेस सेंटर को शीघ्र शुरू किया जाए। चारधाम यात्रा धीमी रहने से चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, इसलिए व्यावसायिक वाहनों पर दो साल के टैक्स की छूट दी जाए और हर साल टैक्स में पाँच प्रतिशत वृद्धि के नियम को समाप्त किया जाए।
नई टिहरी में हड़ताल का व्यापक असर
नई टिहरी में जीप टैक्सी, बसों और ट्रक यूनियन की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से जीप टैक्सी बसों और ट्रैकों का संचालन नहीं हो रहा है। बस अड्डा और जीप टैक्सी पॉइंट पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यदि कोई डग्गामार वाहन चल रहा है तो उसे जीप टैक्सी यूनियन से जुड़े लोग रोक दे रहे हैं। अभी लोग घरों से कम संख्या में ही निकले हुए हैं।
बैठक में लिया गया निर्णय
परिवहन महासंघ के बैनर तले टिहरी गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन (टीजीएमओ) कार्यालय में ट्रक, डंपर, विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा, ई-ऑटो, बस यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेेंद्र नेगी ने कहा कि सोमवार को देहरादून में आयोजित बैठक में परिवहन सचिव की ओर से मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था।
ट्रांसपोर्टर गजेंद्र नेगी ने कहा कि पिछले साल ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया गया था। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 21 दिन के अंदर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
भूपाल सिंह नेगी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने जिन मांगों को प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजे थे उन मांगों में किसी भी मांग को नहीं माना गया। इसलिए पूरे गढ़वाल मंडल में एक दिन का चक्का जाम आवश्यक है। गढ़वाल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा और बिजेंद्र कंडारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रांसपोर्टरों की अनदेखी कर रही है। सभी यूनियनों की ओर से सहमति के बाद संयोजक संजय शास्त्री ने बुधवार 29 अक्तूबर को एक दिवसीय चक्का जाम की घोषणा की। प्यारेलाल जुगरान, सुनील कुमार, हेमंत डंग, कृष्णा बडोनी, कुलदीप बहुगुणा, शक्ति सेमवाल, अमर सिंह, पुष्पेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे।
बैठक में पहुंचे एआरटीओ, नहीं बनी सहमति
टीजीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में ट्रांसपोर्टरों को मनाने के लिए एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत टीम के साथ पहुंचीं। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों के सामने 10 सूत्रीय मांगों का 80 फीसदी समाधान मुख्यालय स्तर पर होने की बात कही।
इन मांगों में एआरटीओ कार्यालय परिसर में वाहनों की फिटनेस को पूर्व की भांति शुरू करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने, वाहन स्वामियों को एक साल का टैक्स माफ करने, वाहन चालकाें को सहायता देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने, आपदा में अधिग्रहण करने वाले वाहनों का किराया बढ़ाने, ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने, राष्ट्रीय परमिट से अच्छादित वाहनों में एकरूपता लाने आदि का आश्वासन दिया।
सीमांत क्षेत्र में स्थानीय लोगों से की बातचीत, जनकल्याणकारी योजनाओं पर लिया फीडबैक
मुनस्यारी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रातःकाल सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी में भ्रमण के दौरान देश के प्रहरी आईटीबीपी के जवानों और स्थानीय नागरिकों के साथ चाय की चुस्कियों का आनंद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और सरकार की विकासपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं पर फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां की मनमोहक वादियां, स्वच्छ पर्वतीय हवा और शांत वातावरण हर आगंतुक को नई ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मुनस्यारी को पर्यटन और विकास के नए आयामों से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
एमडीडीए का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो- बंशीधर तिवारी
परंपरा के संग आधुनिकता का संगम बनेगा आढ़त बाजार- मोहन सिंह बर्निया
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर प्राधिकरण सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की, जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
निर्माण की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा
बैठक में सबसे पहले लेखपाल नजीर अहमद ने आढ़त बाजार के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति से सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और शेष कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के पुराने व्यापारिक ढांचे को नया जीवन देने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारा प्रयास है कि सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरे हों, ताकि व्यापारियों व आमजन को शीघ्र ही इसका लाभ मिल सके।
भू-स्वामियों के आवंटन व भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन भू-स्वामियों की पत्रावलियाँ किसी न्यायिक प्रक्रिया या वाद-विवाद में लंबित नहीं हैं, और जिनका स्वामित्व विधिवत सिद्ध हो चुका है, उन्हें शीघ्र ही भू-खण्ड आवंटन एवं धनराशि वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
3 नवंबर से रजिस्ट्री कार्य शुरू करने के निर्देश
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 नवंबर 2025 से रजिस्ट्री कार्य प्रारंभ किया जाए। इसके तहत पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी, जिससे परियोजना के अगले चरणों को गति मिल सके।
15 दिनों में स्वयं ध्वस्तीकरण का शपथ पत्र अनिवार्य
बैठक में निर्णय हुआ कि रजिस्ट्री से पूर्व प्रत्येक भू-स्वामी से एक शपथ पत्र (अफिडेविट) लिया जाएगा, जिसमें यह उल्लेख होगा कि रजिस्ट्री की तिथि से 15 दिनों के भीतर वे अपने प्रभावित निर्माणों को स्वयं ध्वस्त करेंगे।यदि निर्धारित अवधि में ऐसा नहीं किया जाता, तो एमडीडीए, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे। इस प्रक्रिया में भू-स्वामी को किसी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं होगी।
शहरी विकास और पुनर्गठन की दिशा में कदम- मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल भौतिक ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि पुराने व्यापारिक क्षेत्र को नई ऊर्जा और पहचान देना है। हम देहरादून के केंद्र में एक ऐसा आधुनिक बाजार विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय पहचान को बनाए रखते हुए सुविधाजनक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित हो। एमडीडीए के अनुसार, इस परियोजना को पारदर्शिता, जनसुविधा और समयबद्ध क्रियान्वयन की भावना से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि शहर का यह ऐतिहासिक क्षेत्र नई पहचान के साथ पुनर्जीवित हो सके।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कही महत्वपूर्ण बात
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस पहल को देहरादून के विकास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ व्यापारिक ढांचे को नई दिशा देगी। यह एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों में किसी भी नागरिक को असुविधा न हो और सभी प्रक्रियाएँ न्यायसंगत ढंग से पूरी हों। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो।
ये सभी अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, टीम-ए के सहायक अभियंता राजेन्द्र बहुगुणा, टीम-B के सहायक अभियंता निशांत कुकरेती अपनी टीम के सदस्यों के साथ उपस्थित रहे।
तीन दिन तक चलेंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतिया
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने बैठक में की तैयारी की समीक्षा
देहरादून । प्रदेश स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर युवा महोत्सव 6 नवंबर से 8 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। मंगलवार को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों के साथ इसकी तैयारी की समीक्षा की।
यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक की बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि युवा महोत्सव में लोक नृत्य, लोकगीत, लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होगी। प्रतियोगिताओं के लिए इस साल पहली बार ऑनलाइन एंट्रीज भी स्वीकार की जा रही है। हर दिन शाम के समय सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल युवा महोत्सव में शिरकत करने के लिए विभागीय अधिकारियों को विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे इस आयोजन में ज्यादा से ज्यादा संख्याओं में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बैठक में इसके साथ-साथ अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे हैं युवाओं को खेल विभाग द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण की योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण नवंबर माह के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा और इसके लिए सभी जिला मुख्यालय पर जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और अभी तक 600 से ज्यादा युवाओं ने प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, उपनिदेशक शक्ति सिंह आदि मौजूद रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड स्थित कैम्प कार्यालय में “शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना” की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को जनता की अपेक्षाओं एवं स्थानीय आस्था के अनुरूप करने के निर्देश दिए।
शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना का उद्देश्य लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और आकर्षक बन सके।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों में शारदा घाट का पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज प्लान–1, रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार, बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास, चूका से चल्थी माउंटेन बाइक ट्रेल निर्माण, बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास, श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण, शारदा रिवरफ्रंट के लिए मास्टर प्लान और एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित समयांतराल में निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और डिज़ाइन एवं ढाँचा क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति एवं स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को क्षेत्र में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में लोहाघाट स्थित विवेकानंद सर्किट का विकास एवं माँ वाराही धाम को स्पिरिचुअल ज़ोन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त क्षेत्र को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने तथा सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के वीर शहीदों के सम्मान में “शौर्य स्थल” विकसित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य टनकपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए, पर्यटन, पर्यावरण एवं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार संवर्धन एवं जनजीवन स्तर सुधार का माध्यम बनेगी।
इस परियोजना में कुल लगभग ₹3300 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है तथा योजना के निर्माण हेतु त्वरित गति से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह परियोजना टनकपुर शहर को नई पहचान देने में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी चम्पावत कृष्णा नाथ गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
देहरादून। भारत को विकसित देश बनाने के लिए हर नागरिक के स्तर से प्रयास जरूरी है, यह हम सब का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। यह बात महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को देहरादून के एक होटल में आयोजित सम्मान समारोह में कहीं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मंगलवार को “बेस्ट ऑफ माय सिटी” कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले अचीवर्स को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी निष्ठा और कर्मठता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं, बल्कि संस्थागत एवं सामूहिक उपलब्धियां भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इस दिशा में महिलाओं और युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के लिए नई योजनाएं चला रही है ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्थिति मजबूत होने से परिवार, समाज और राष्ट्र का विकास संभव होगा।
कार्यक्रम में अमर उजाला के स्थानीय संपादक अनूप बाजपेई, महाप्रबंधक प्रवीण शर्मा, विनीत मिश्रा, नवीन शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्तूबर को बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में दो बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री की रैलियाँ मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित की जाएंगी।
भाजपा नेतृत्व ने बिहार चुनाव प्रचार के लिए जिन प्रमुख चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है, उनमें सीएम धामी का नाम भी शामिल है। अपने तेज़ निर्णयों और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे बड़े कदमों से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बटोर चुके मुख्यमंत्री धामी अब एक बार फिर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में मैदान में उतरने जा रहे हैं।
इससे पहले वे गोरियाकोठी, वारसलीगंज और सिवान विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार कर चुके हैं, जहां उनकी सभाओं में भारी जनसमर्थन देखने को मिला था।
भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने मुख्यमंत्री धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री 30 अक्तूबर को सुबह 11:15 बजे पटना हवाई अड्डे से निजी विमान द्वारा कल्याणपुर के लिए रवाना होंगे।
पहली सभा महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर में दोपहर 12:05 बजे आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री 1:55 बजे सोनवर्षा (हरसिद्धि) स्थित महावीर रामेश्वर इंटर कॉलेज मैदान में दूसरी जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं में सीएम धामी की रैलियों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी का मानना है कि धामी का युवाओं से जुड़ाव और विकास के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण बिहार चुनाव में भाजपा की मजबूती का कारण बनेगा।
धौलास आवासीय परियोजना के अवशेष कार्यों को पूरा करने के लिए मिली ₹50 करोड़ ऋण की स्वीकृति, परियोजना आधुनिक आवासीय सुविधाओं को देगी नया आयाम
देहरादून का नियोजित और पारदर्शी विकास हमारी प्राथमिकता- विनय शंकर पांडेय
जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा- बंशीधर तिवारी
देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एम.डी.डी.ए.) की 112वीं बोर्ड बैठक आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं बोर्ड के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अध्यक्ष महोदय एवं सभी माननीय सदस्यों का स्वागत किया। इसके उपरांत सचिव मोहन सिंह बर्निया ने पिछली 111वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की। बोर्ड द्वारा उसे अनुमोदित किए जाने के पश्चात 112वीं बैठक की कार्यवाही औपचारिक रूप से प्रारंभ हुई।
विकास से जुड़े 41 प्रस्तावों पर हुई व्यापक चर्चा
बैठक में एमडीडीए से संबंधित लगभग 41 महत्वपूर्ण प्रकरणों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें ईको-रिज़ॉर्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण, आवासीय मानचित्र स्वीकृति, तलपट अनुमोदन आदि प्रस्ताव शामिल थे। गहन चर्चा के उपरांत, जनहित और नियामकीय दृष्टि से उपयुक्त प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, कुछ प्रकरणों को बोर्ड की सहमति न मिलने के कारण निरस्त कर दिया गया तथा कुछ को आगामी बैठक हेतु विचाराधीन रखा गया।
देहरादून महायोजना 2041 पर गहन मंथन
बैठक में देहरादून महायोजना-2041 (प्रारूप) से संबंधित आपत्तियों और सुझावों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अध्यक्ष ने अवगत कराया कि महायोजना के संबंध में पूर्व में प्राप्त आपत्तियों के अतिरिक्त वर्तमान में भी अनेक सुझाव एवं अभ्यावेदन प्राधिकरण में प्राप्त हो रहे हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड इंजीनियर्स एवं आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन में प्रारूप महायोजना में भौगोलिक स्तर पर पाई जा रही विषमताओं का उल्लेख किया गया है। बोर्ड ने इस पर विचार करते हुए निर्णय लिया कि प्राप्त सभी आपत्तियों की सुनवाई शीघ्र उपाध्यक्ष एमडीडीए के समक्ष कराई जाए तथा प्राप्त निष्कर्षों से शासन को अवगत कराया जाए, ताकि महायोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और व्यवहारिकता सुनिश्चित की जा सके।
हुडको से ₹50 करोड़ ऋण लेने का प्रस्ताव शासन द्वारा स्वीकृत
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की धौलास आवासीय परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। परियोजना की संशोधित लागत ₹102.74 करोड़ (जीएसटी एवं समस्त करों सहित) निर्धारित की गई है। इसके वित्त पोषण के लिए ₹50 करोड़ का ऋण हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) से लेने का प्रस्ताव शासन द्वारा सशर्त स्वीकृत कर दिया गया है। प्रमुख सचिव, आवास अनुभाग-02 द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऋण की प्रतिपूर्ति की जिम्मेदारी शासन की नहीं होगी और इस प्रस्ताव पर प्राधिकरण बोर्ड का अनुमोदन अनिवार्य रहेगा। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि बोर्ड की स्वीकृति के बाद अब परियोजना के अवशेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धौलास आवासीय परियोजना देहरादून में आधुनिक आवासीय सुविधाओं को नया आयाम देगी।
अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय का बयान
आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं एमडीडीए अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा एमडीडीए राजधानी देहरादून के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए कार्य कर रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास परियोजनाएं पारदर्शी ढंग से, नियमों के अनुरूप और आम नागरिकों के हित में क्रियान्वित हों। देहरादून महायोजना-2041 से संबंधित सभी आपत्तियों की निष्पक्ष सुनवाई होगी ताकि शहर का विकास वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनहित के अनुरूप हो सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में पारित निर्णय राजधानी के विकास को गति देंगे और नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर शहर को एक सस्टेनेबल अर्बन मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में सहायक सिद्ध होंगे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा प्राधिकरण का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को सुविधा देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। ईको-रिज़ॉर्ट, होटल और आवासीय प्रोजेक्ट जैसे प्रस्ताव न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मज़बूती देंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि एमडीडीए की टीम शहर के सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी कर रही है।
जनसहभागिता और पारदर्शिता पर बल
बोर्ड बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विकास योजनाओं में जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा। ऑनलाइन माध्यमों से आवेदन और अनुमोदन प्रक्रिया को सशक्त करने पर भी बल दिया गया, ताकि नागरिकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवा मिल सके।
बैठक में रहे ये सदस्य उपस्थित
बैठक में विजय कुमार (संयुक्त सचिव वित्त, नामित प्रतिनिधि), कृष्ण कुमार मिश्र (एडीएम, एफआर), धीरेन्द्र कुमार सिंह (संयुक्त सचिव, आवास), संतोष कुमार पांडेय (उपनगर अधिकारी, नगर निगम देहरादून), एस.एम. वास्तव (मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, उत्तराखंड), मोहन सिंह बर्निया (सचिव एमडीडीए), गौरव चटवाल (संयुक्त सचिव एमडीडीए), संजीव कुमार सिंह (वित्त नियंत्रक एमडीडीए), एच.सी.एस. राणा (मुख्य अभियंता एमडीडीए),
सुनील कुमार (अधिशासी अभियंता), तथा अजय कुमार मलिक (सहायक अभियंता) सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय राजधानी देहरादून के संतुलित, हरित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
