देहरादून। उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून स्थित अपने आवास पर पूर्व सांसद एवं भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री जोशी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया और उनके साथ विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने सम्मान स्वरूप गणेश जी की मूर्ति भेंट की।
मंत्री जोशी ने कहा कि बृजभूषण सिंह का अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने प्रदेश के विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर निरंतर मार्गदर्शन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

इस दौरान मंत्री जोशी की धर्मपत्नी निर्मला जोशी, भाजपा के प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, प्रदीप रावत, विष्णु गुप्ता, ज्योति कोटिया, निरंजन डोभाल, डॉ बबीता सहोत्रा, कमली भट्ट, सुरेन्द्र राणा, समीर डोभाल, सिकंदर सिंह सहित मंडल महामंत्रियों और पार्षदों ने भी पूर्व सांसद का स्वागत किया।
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तीन और चार नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन नवंबर को सुबह 11 बजे सदन को संबोधित करेंगी। यह राज्य के इतिहास में दूसरी बार होगा जब किसी राष्ट्रपति का संबोधन विधानसभा में होगा।
इससे पहले वर्ष 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति स्व. प्रणव मुखर्जी ने विशेष सत्र में उपस्थित होकर सदन को संबोधित किया था। अब लगभग एक दशक बाद, एक बार फिर यह गौरवपूर्ण अवसर उत्तराखंड को मिलने जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रही हैं। दो नवंबर को वह हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगी, इसके बाद देहरादून में विधानसभा सत्र के विशेष अभिभाषण में शामिल होंगी। राष्ट्रपति का अभिभाषण समाप्त होने के पश्चात वह नैनीताल के लिए रवाना होंगी।
विधानसभा सचिवालय ने विशेष सत्र की तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि रजत जयंती वर्ष का यह सत्र राज्य के विकास और भविष्य की दिशा पर मंथन का अवसर बनेगा। इस दौरान सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों राज्य की यात्रा और उपलब्धियों की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा, जबकि दूसरे दिन राज्य के विकास के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस विशेष सत्र में कोई विधायी कार्य नहीं होगा, बल्कि इसे पूरी तरह राज्य के गौरव और विकास की दिशा को समर्पित किया गया है।
सीएम धामी ने ‘सांसद खेल महोत्सव’ का किया शुभारंभ, बोले– खेलों से बनेगा ‘फिट इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’
नवोदय विद्यालय तपोवन में वालीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए सांसद निधि से धनराशि दी जाएगी – राज्यसभा सांसद नरेश बंसल
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून सोमवार को राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में ‘‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित हो रहा ’’सांसद खेल महोत्सव’’, खेल प्रतिभाओं को गाँव से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का बड़ा अभियान है। उत्तराखंड में खेल महोत्सव तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ’’फिट इंडिया-स्पोर्ट्स इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’’ के संदेश को गाँव-गाँव तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया। आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। ’’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ के अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित किया जा रहा है। राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया गया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और कौशल को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए अनेक कार्यक्रमों सांसद खेल प्रतियोगिता, फिट इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। आज भारत वैश्विक स्तर पर खेलों में सराहनीय प्रदर्शन कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए वे अपनी सांसद निधि से धनराशि देंगे। विद्यालय में मेस में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए भी उन्होंने अपनी सांसद निधि से धनराशि देने की बात कही।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, मेयर सौरभ थपलियाल, सीडीओ अभिनव शाह एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।
देहरादून। जनपद देहरादून के 28 प्रगतिशील सब्जी उत्पादक कृषकों के समूह को प्रदेश के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने आज गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में पांच दिवसीय संरक्षित खेती पर प्रशिक्षण हेतु बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि पॉलीहाउस के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस प्रकार के व्यवहारिक प्रशिक्षण से कृषक नई तकनीकों से परिचित होकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती राज्य के कृषकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही है।
इस प्रशिक्षण दल का नेतृत्व तहसीन खान एवं नूतन राणा, सहायक विकास अधिकारी, देहरादून द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में नाबार्ड योजनान्तर्गत 50 से 500 वर्गमीटर पॉलीहाउस हेतु कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें अब तक 300 कृषकों द्वारा 20 प्रतिशत कृषकांश जमा किया जा चुका है। प्रशिक्षण दल में देहरादून से 8, सहसपुर से 2, डोईवाला से 3, रायवाला से 4, विकासनगर से 2, कालसी से 3 तथा सहिया, त्यूनी, कोटी कनासर, चकराता, लांघा व थानों से एक-एक कृषक शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान कैन्ट विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड ऑर्गेनिक बोर्ड के सदस्य निरंजन डोभाल, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी सहित अनेक काश्तकार उपस्थित रहे।
रजत जयंती पर पूरे प्रदेश की महिलाओं पर केंद्रित एक विशेष आयोजन की तैयारी
2047 के विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका पर होगी तैयारी
देहरादून । प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की महिलाओं ने क्या उपलब्धियां हासिल की, उनके सामने अभी भी क्या चुनौतियां हैं और भविष्य का विकसित भारत बनाने में उनकी क्या भूमिका होगी, इस पर मंथन के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सोमवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने रजत जयंती के अवसर पर होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह आयोजन 8 नवंबर को हल्द्वानी के गौलापार स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दो हिस्से होंगे जिसमें पहले हिस्से में टॉक शो, ग्रुप डिस्कशन और महिलाओं के लिए भविष्य के विजन पर चर्चा होगी। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में झौड़ा, सांस्कृतिक नृत्य, गायन जैसे कार्यक्रम होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आयोजन में शामिल होने वाली हजारों महिलाएं अपने-अपने पारंपरिक परिधान में सुसज्जित होकर आएंगी।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट काम करने वाली महिलाओं से विचार विमर्श कर एक विजन डॉक्युमेंट तैयार करने की योजना है। कार्यक्रम में विशेष कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारी को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला सशक्तिकरण विभाग के निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह अनुसचिव प्रभा आर्या, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा आदि उपस्थित रहे।
देहरादून | जौलीग्रांट थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब कालूसिद्ध मंदिर के पीछे सौंग नदी से एक सड़ा-गला शव बरामद हुआ। स्थानीय लोग जब नदी किनारे लकड़ियां बीनने पहुंचे तो तेज दुर्गंध आने पर उन्होंने आसपास देखा, जहां उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला।
सूचना मिलते ही वन विभाग और थाना जौलीग्रांट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव के आसपास का क्षेत्र घेरा गया और जांच शुरू की गई। प्राथमिक जांच में पता चला कि शव काफी पुराना है और कई दिन से पानी में पड़ा हुआ था।
स्थानीय प्रतिनिधि बीडीसी सदस्य पंकज रावत ने बताया कि शव की हालत देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सितंबर माह में आई बाढ़ के दौरान बहकर यहां आ गया होगा। गौरतलब है कि 15-16 सितंबर को सौंग नदी में उफान आने से कई जगहों पर आपदा जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।
शव किसी बुजुर्ग व्यक्ति का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा ताकि मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट्स की जांच शुरू कर दी है ताकि मृतक की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हल्द्वानी। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को पंतनगर से हल्द्वानी पहुंचेंगे। उनके दौरे को देखते हुए हल्द्वानी और नैनीताल पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 27 और 28 अक्तूबर को वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कई मार्गों पर अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।
सीओ ट्रैफिक नितिन लोहनी ने बताया कि सोमवार को सुबह 11 बजे तक पूर्व राष्ट्रपति के काफिले के हल्द्वानी पार करने तक सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पंतनगर से हल्द्वानी की ओर आने वाले मार्गों पर फ्लीट मूवमेंट के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस के अनुसार—
फ्लीट के गुजरने के समय लालकुआं की ओर आने वाले वाहनों को लालकुआं ओवरब्रिज से पहले डिवाइडर के पास रोका जाएगा।
हल्द्वानी से नैनीताल या ज्योलीकोट जाने वाले वाहनों को भीमताल तिराहा, काठगोदाम से भीमताल मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
फ्लीट के मोतीनगर पहुँचने पर हल्द्वानी से लालकुआं की ओर जाने वाले वाहनों को पुराना तीनपानी तिराहा पर रोका जाएगा।
जैसे ही काफिला तीनपानी तिराहा (डिबेर कट) पार करेगा, इंदिरानगर कट, गौलापुल, कुंवरपुर कट और खेड़ा चौकी से आने वाला ट्रैफिक अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
भीमताल की ओर से हल्द्वानी आने वाले वाहन भीमताल मोड़ काठगोदाम से पहले पुल पर रोके जाएंगे।
पुलिस ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति के कैंची धाम से प्रस्थान से 15 मिनट पहले “जीरो जोन” लागू किया जाएगा, जिसके दौरान आम यातायात को रोककर केवल फ्लीट को प्राथमिकता दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित डायवर्जन का पालन करें और अनावश्यक रूप से वीवीआईपी रूट पर न जाएं ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
बदरीनाथ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में पहुँचे| इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव का संचालन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगी। आर्मी द्वारा प्रदर्शित उपकरणों, मॉडल्स और सूचना सामग्री की उन्होंने विशेष सराहना की।
महोत्सव में स्कूली बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि गढ़वाली लोक संस्कृति की ये झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को दर्शाती हैं। गढ़वाली बैंड, स्थानीय कलाकारों व कारीगरों के प्रदर्शन ने भी सभी का मन मोह लिया।
स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करवाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन, रिवर्स पलायन को बढ़ावा और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सैन्य अधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
देहरादून। छठ पूजा के दौरान इस बार श्रद्धालु घाटों पर डीजे बजाने या आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं होगी। भीड़भाड़ और संभावित भगदड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही 27 और 28 अक्तूबर को होने वाली पूजा के लिए विस्तृत ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था भी जारी कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, गलत स्थान पर वाहन पार्क करने पर 1200 रुपये का चालान किया जाएगा और वाहन को क्रेन से टो किया जाएगा। इसके लिए दो क्रेन की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनज़र घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, अधिकारी, एसडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की जा रही है।
देहरादून में प्रेमनगर, मालदेवता, चंद्रबनी, नेहरू कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में छठ पूजा के मुख्य आयोजन होंगे। पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष मार्ग और पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं—
सहसपुर-विकासनगर रूट: दून से जाने वाले वाहन रांघडवाला तिराहा, दरू चौक, बडोवाला, सिंघनीवाला तिराहा और धुलकोट मार्ग से होकर जाएंगे।
नंदा की चौकी मार्ग: दून शहर से छठ पूजा में शामिल होने वाले श्रद्धालु रांघडवाला तिराहा, प्रेमनगर चौक से नंदा की चौकी तक पहुंचेंगे।
भाऊवाला–प्रेमनगर रूट: सुद्धोवाला चौक, बालाजी धाम कट, ठाकुरपुर रोड होते हुए प्रेमनगर पहुंचा जा सकेगा।
बिधोली–प्रेमनगर रूट: नंदा की चौकी, सुद्धोवाला चौक, बालाजी धाम कट, ठाकुरपुर रोड से होकर आवागमन होगा।
प्रेमनगर से झाझरा-बिधोली दिशा: वाहनों को ठाकुरपुर रोड, बालाजी धाम मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
धूलकोट तिराहा: भारी वाहनों को सिंघनीवाला की ओर मोड़कर बडोवाला मार्ग से भेजा जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था:
सुभारती कॉलेज, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, नंदा की चौकी पेट्रोल पंप के पास, और आसन नदी के किनारे अस्थायी पार्किंग बनाई गई है।
सेलाकुई क्षेत्र में नदी किनारे खाली स्थलों को पार्किंग के रूप में उपयोग किया जाएगा।
मालदेवता, रायपुर और बालावाला से आने वालों के लिए मालदेवता रोड पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
आईएसबीटी, क्लेमेंटटाउन और मोहब्बेवाला क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए चंद्रबनी हाट बाजार मैदान में पार्किंग रहेगी।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें ताकि यातायात सुचारू बना रहे और घाटों पर भीड़ का दबाव कम हो।
मुख्यमंत्री ने किया वीर नारियों व शहीद परिजनों को सम्मानित, पौड़ी के दूरस्थ क्षेत्र से सुनी मन की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिखणीखाल से दी शहीदों को श्रद्धांजलि, सौंपे विकास के नए अध्याय
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से संबंधित 11 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की लागत की 06 योजनाओं का लोकार्पण तथा 46.24 करोड़ रुपये की लागत की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा पहाड़ी परंपरा के अनुरूप ओखली में धान की कुटाई, सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड का अवलोकन किया और मधुर धुन प्रस्तुत करने के लिए बैंड के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री सहित उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना।
कार्यक्रम के संयोजक एवं स्थानीय विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक गदा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, शहीदों के परिजनों एवं पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का क्षण है। उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता को गर्वित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है। राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को रूपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 50 लाख कर दिया गया है। साथ ही परमवीर चक्र तथा अन्य पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की गयी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। सैनिकों को भूमि खरीद पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी के रूप में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को सरकारी सेवा में संयोजन के तहत 28 परिजनों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है तथा 13 मामलों की प्रक्रिया प्रचलित है। पूर्व में आवेदन हेतु 02 वर्ष का समय सीमा थी, जिसे बढ़ाकर 05 वर्ष कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट व जूते जैसी सुविधाएँ सैनिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहा भव्य सैन्य धाम शीघ्र ही लोकार्पित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा व पूर्व सीडीएस बिपिन रावत पार्क का निर्माण हो चुका है तथा पौराणिक चारधाम पैदल मार्ग पुनः संचालन, ट्राइडेंट पार्क, पूर्व कलेक्ट्रेट भवन का हेरिटेज निर्माण, सतपुली झील निर्माण तथा धारी देवी पैदल मार्ग पुनः निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने लैंड जिहाद, धर्मांतरण, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिससे राज्य में सुशासन की स्थापना हो रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम श्री गुणानंद के नाम पर रखने की घोषणा, विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक का मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में प्रेक्षागृह का निर्माण, विकास खण्ड रिखणीखाल में लो०नि०वि० अतिथि गृह व हैलीपैड निर्माण कार्य, विकास खण्ड जयहरीखाल में न्याय पंचायत मेरूड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना, विकास खण्ड रिखणीखाल के मंदाल नदी से नौदानू में पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड जयहरीखाल में पशु सेवा केन्द्र सिलवाड़, जयहरीखाल पशु चिकित्सालय का उच्चीकरण एवं पशु सेवा केन्द्र ढौंटियाल पशुधन प्रसार अधिकारी पद सहित ग्राम सत्तीचौड़ में स्थापना, विधान सभा लैन्सडौन के अन्तर्गत विकास खण्ड रिखणीखाल में मन्दाल नदी पर बाढ सुरक्षा कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में चौलूडांडा पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के भौन में पम्पिंग योजना का निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के अन्तर्गत दिगोलीखाल पम्पिंग योजना का निर्माण, विकासखंड द्वारीखाल में सिमडी कंडली मोटर मार्ग के प्रथम बैंड से सेरा फरसैंगाल तक मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखंड रिखणीखाल में कठवाडा खनसुली खनेताखाल मोटर मार्ग से ढाबखाल बुलेखा मोटर मार्ग तक मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में लेकुल नाड़ मज्याड़ी मोटरमार्ग का निर्माण कार्य, रिखणीखाल कोटडीसैंण के समीप ग्राम पैयागड़ी रजवी मल्ला विटे मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखण्ड रिखणीखाल में किल्यौखाल से सुन्द्रोली तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में नावे तल्ली में भाग दो का कार्य, देवियोखाल बाजार से मैवणी तक सम्पर्क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य, विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत पाणीसैंण डबराड़ बूथानगर मोटर मार्ग का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में डॉक्टरों नियुक्ति तथा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय मोटर मार्गों के नाम करने की घोषणा की।
कार्यक्रम के संयोजक एवं स्थानीय विधायक महंत दिलीप रावत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। शहीदों के आंगन की पावन मिट्टी सैन्य धाम के लिए ले जाने हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि से हमें सदैव प्रेरणा मिलती है। उन्होंने शहीदों, वीर नारियों, गौरव सेनानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का हार्दिक अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने अपील की कि किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजन गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेणु रावत, प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अध्यक्ष भाजपा कोटद्वार राज गौरव नौटियाल, कैप्टन मनवर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र रावत सहित बड़ी संख्या में शहीद परिजन, सैनिक, अधिकारी-कर्मचारी एवं आमजन उपस्थित रहे।
