“किताबें समाज निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती हैं” — ऋतु खण्डूडी
कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में विद्यार्थियों और युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए एक नए पुस्तकालय का शुभारंभ किया। यह पुस्तकालय कोटद्वार के माल गोदाम रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में स्थापित किया गया है।
अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस पुस्तकालय को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की स्मृति को समर्पित किया और कहा कि यह पुस्तकालय आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, प्रेरणा और अनुशासन का केंद्र बनेगा।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तकालय की स्थापना करने की प्रेरणा मुझे मेरी मां से मिली। वे हमेशा कहती थीं कि किताबें केवल ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि एक सुंदर और सशक्त समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती हैं। आज के दौर में जब युवा सोशल मीडिया की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं और घंटों का समय स्क्रीन पर व्यर्थ कर रहे हैं, ऐसे में यह पुस्तकालय विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक उपयुक्त वातावरण और बेहतर विकल्प प्रदान करेगा।”
अध्यक्ष ने बताया कि इस पुस्तकालय में पारंपरिक किताबों के साथ-साथ ई-लाइब्रेरी की भी व्यवस्था होगी, जिससे कोटद्वार क्षेत्र के विद्यार्थी और युवा नि:शुल्क लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इस पुस्तकालय के संचालन और प्रबंधन के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा जिसमें विधायक, महापौर, उपजिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, शहर के प्रमुख उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य जिम्मेदार लोग शामिल होंगे।
पुस्तकालय का उद्घाटन पूर्व प्रधानाचार्य सत्यप्रकाश थपलियाल के द्वारा हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तक जीवन का आधार है। हमें अपनी नई पीढ़ी में पुस्तकों को पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी। कोटद्वार में विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण द्वारा पुस्तकालय खोलना निश्चित रूप से सराहनीय पहल है।”
महापौर शैलेंद्र रावत ने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तकालय खोलने की यह पहल कोटद्वार के लिए ऐतिहासिक कदम है। इसके लिए स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण बधाई की पात्र हैं। विधायक ने कोटद्वार में विकास की गंगा बहाई है। आज कोटद्वार में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, और सांस्कृतिक धरोहर हर दिशा में विकास के कार्य हो रहे हैं।”
पूर्व सैनिक गोपाल किशन बड़थ्वाल ने कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय शुरू करवाने और पुस्तकालय की स्थापना के लिए विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऋतु खण्डूडी भूषण के प्रयासों से कोटद्वार लगातार प्रगति कर रहा है।
वरिष्ठ कार्यकर्ता संग्राम सिंह भंडारी ने कहा कि “पुस्तकालय को स्व. सीडीएस बिपिन रावत के नाम से समर्पित करना अत्यंत गौरव की बात है। वे न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और स्थानीय गणमान्यों ने अपने-अपने संबोधन में स्व. सीडीएस बिपिन रावत जी के व्यक्तित्व और योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि यह गढ़वाल की भूमि का सौभाग्य है कि देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में प्रधानमंत्री ने गढ़वाल के लाल बिपिन रावत को यह जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही यह भी गर्व की बात है कि देश के दूसरे सीडीएस भी यहीं की धरती से आए। इस पर सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव की बात है।
इस अवसर पर, राज्य मंत्री ऋषि कंडवाल, एस डी एम सोहन सिंह सैनी, बी ई ओ अमित चंद, डॉ. बी.एस. रावत, उमेश त्रिपाठी, सुमन कोटनाला, मण्डल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, आशीष रावत, प्रेमा खंतवाल, हरीश बेरानी, आशा डबराल, सेवक राम मनुजा, नगर के पार्षदगण, समाजसेवी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की बैठक में बिजनेस डेवलपमेंट प्लान पर जोर
देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में द्वीप नगर स्थित यूसीएफ सदन में उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन संचालक मंडल की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत यूनियन के नवनिर्मित मुख्यालय कार्यालय के विधिवत उद्घाटन से हुई, जिसे सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा एवं संचालक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट कहा कि
“यूनियन को 100 दिनों के भीतर अपने काम का ठोस परिणाम दिखाना होगा। बिजनेस डेवलपमेंट प्लान पर विशेष फोकस रहे और इसका लाभ सीधे सहकारी संस्थाओं तक पहुँचे।”
बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई—
सहकारी शिक्षा निधि की अद्यतन स्थिति एवं निधि को सुदृढ़ बनाने के उपाय।
अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
सहकारी प्रशिक्षण केन्द्र Uttarakhand Institute of Cooperative and Corporate Rural Management (UICCRM) की स्थापना।
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड पीसीयू के मध्य परिसंपत्तियों (आई.सी.एम. राजपुर एवं रानीखेत भूमि) का विभाजन।
त्रैमासिक सहकारी पत्रिका एवं साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन तथा RNI पंजीकरण।
राज्य की सभी सहकारी संस्थाओं का डाटाबेस तैयार करना।
पीसीयू के माध्यम से प्रदेश के राज्य और जिला सहकारी बैंक में स्टेशनरी की उपलब्धता।
धान खरीद सत्र 2025-26 हेतु मूल्य समर्थन योजना में भागीदारी।
कृभको के माध्यम से उर्वरक व्यवसाय।
गंगाजल प्रोजेक्ट की समीक्षा।
सरकारी कार्यालयों में सोलर कार्य प्रारम्भ करने की नई परियोजनाएँ।
बैठक में उपस्थित निदेशकों से मंत्री ने सुझाव भी प्राप्त किए और कहा कि सहकारिता की गतिविधियाँ तेजी से धरातल पर उतारी जाएँ, ताकि अगले 100 दिनों में ठोस उपलब्धियाँ सामने आएं।
इस अवसर पर अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा, प्रबंध निदेशक मंगल त्रिपाठी, संचालक मंडल सदस्य प्रदीप चौधरी, सुभाष चंद्र रमोला, श्रीमती शांति देवी, सुरेंद्र सिंह, सार्थक त्रिपाठी सहित प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के कार्मिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने दुकानदारों और नागरिकों से की स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की अपील
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुँआवाला बाजार में “स्वदेशी अपनाओ” और जीएसटी की नई दरों के प्रचार-प्रसार हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बाजार भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर स्वदेशी उत्पादों के लाभ एवं नई कर दरों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम है। इससे स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता घटाएँ।
उन्होंने बताया कि कर दरों में किए गए संशोधन का उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना और व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना है। पारदर्शी व सरल कर प्रणाली से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही “स्वदेशी अपनाओ” अभियान सफल होगा और राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
इस अवसर पर भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला भी उपस्थित रहे।
दूध, मिठाई और मसालों की गुणवत्ता की होगी सघन जांच
देहरादून। त्योहारी सीजन के मौके पर उत्तराखंड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में मिलावटखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत सभी जिलों में विभागीय टीम खाद्य वस्तुओं के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करेगी।
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि दूध, घी, मिठाई, मसाले, आटा, मैदा, बेसन, सूखे मेवे और कुट्टू का आटा जैसे प्रमुख उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। निर्माण इकाइयों, थोक और रिटेल विक्रेताओं से लिए गए नमूनों की जांच सरकारी प्रयोगशालाओं में कराई जाएगी।
डॉ. कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित छापेमारी कर संदिग्ध उत्पादों के नमूने भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई उत्पाद असुरक्षित पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी खाद्य बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज करने और उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, सभी राज्य मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से हर सप्ताह जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता हेल्पलाइन और व्हाट्सएप पर खाद्य वस्तुओं की शिकायत कर सकते हैं। जांच दिल्ली स्थित एफएसएसएआई और उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी और हर सप्ताह सार्वजनिक की जाएगी।
सुबह तड़के उठी लपटों ने पूरे गोदाम को घेरा, आसपास के घर भी आये चपेट में
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। भूरारानी क्षेत्र स्थित एक पाइप गोदाम में तड़के भीषण आग लग गई। लाखों का सामान जलकर हुआ खाक। सुबह करीब 5 बजे उठी लपटों ने कुछ ही देर में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि आस-पास के घरों तक फैल गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घर खाली कर बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की चपेट में आने से कई घरों में रखा सामान भी नष्ट हो गया।
आग की सूचना मिलते ही रुद्रपुर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति को काबू में करने के लिए किच्छा, पंतनगर और सिडकुल से अतिरिक्त टैंकर भी बुलाए गए। अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया ने खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की।
फिलहाल आग लगने के कारणों और कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
13 अक्टूबर तक जवाब मांगा
देहरादून। चुनाव आयोग ने उत्तराखंड के दो पंजीकृत लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन दलों ने पिछले छह वर्षों के दौरान चुनाव लड़े, लेकिन निर्धारित समय सीमा में अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और चुनावी व्यय विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए। नियमों के अनुसार विधानसभा चुनाव के 75 दिन और लोकसभा चुनाव के 90 दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य है।
आयोग ने इन दलों को 13 अक्तूबर तक जवाब देने का समय दिया है। नोटिस भारतीय सर्वोदय पार्टी (पटेल नगर, देहरादून) और उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी (सुभाष रोड, देहरादून) को जारी किए गए हैं।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-29 के तहत पंजीकृत दलों को आयोग से कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें आयकर से छूट, चुनाव चिह्न आवंटन और स्टार प्रचारकों के नामांकन जैसी रियायतें शामिल हैं। नियमों का पालन न करने पर आयोग पहले ही 17 दलों का पंजीकरण रद्द कर चुका है।
खेल मंत्री ने किया उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन 2 का उद्घाटन
देहरादून। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उत्तराखंड प्रीमीयर लीग (यूपीएल) सीजन-2 की धूमधाम से शुरुआत हुई। इस अवसर पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं।
उन्होंने दोनों महिला टीमों की कप्तानों को टॉस के बाद शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड प्रीमीयर लीग प्रदेश में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने के साथ ही युवाओं को बड़ी पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि निकट भविष्य में इस टूर्नामेंट की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। खेल मंत्री ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से युवाओं को न सिर्फ बड़े मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश तभी सच्चे अर्थों में खेल भूमि बन सकता है जब यहां हर घर से एक खिलाड़ी निकले। इसके लिए वातावरण तैयार करने में उत्तराखंड प्रीमीयर लीग जैसे आयोजनों की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यूपीएल के आयोजकों, खेल प्रेमी दर्शकों और सहभागिता करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। धामी मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
देखें, कैबिनेट की बैठक के फैसले
01 – कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग
उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026 – 2036 का प्राख्यापन, इस नीति के तहत प्रथम चरण में 91 हजार लाभार्थियों के माध्यम से 22750 हैक्टेयर भूमि को सगंध फसलों से आच्छादित करने का लक्य्म रखा गया है। नीति के तहत किसानों को एक हैक्टेयर तक खेती पर 80 प्रतिशत और उससे उपर लागत का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा।
02 – विद्यालयी शिक्षा
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखण्ड द्वारा वर्तमान में पी एम ई विद्या कार्यक्रम के अन्तर्गत पांच फ्री शैक्षिक टीवी चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। पी एम ई विद्या कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु सुव्यवस्थित स्टूडियो स्थापित करने हेतु न्यूनतम कार्य आवश्यकता के दृष्टिगत संयुक्त निदेशक (पदेन) 01 पद, उप निदेशक (पदेन) 01 पद, सहायक निदेशक (पदेन) 01 पद, प्रवक्ता/चैनल समन्वयक (पदेन) 01 पद, स्टूडियो इंजीनियर आउटसोर्स 01 पद, स्टूडियो तकनीकी सहायक (आउटसोर्स) 01 पद, कम्प्यूटर ऑपरेटर (आउटसोर्स) 01 पद एवं MTS (Multy Task Staff) / चतुर्थ श्रेणी (आउटसोर्स) 01 पद, कुल 08 पद सृजित किए जाएंगे। उक्त कार्मिकों को मानदेय इत्यादि पर कुल वार्षिक लगभग रू0 10,56,000/- (रूपये दस लाख छप्पन हजार मात्र) व्ययभार प्रस्तावित है।
03 – आवास विभाग
प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत ग्राम बागवाला तहसील रुद्रपुर, जिला उधमसिंहनगर में जिलास्तरीय विकास प्राधिकरण द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए 1872 किफायती आवासों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के आवासों की विशिष्टियों में परिवर्तन के कारण आंकलित अतिरिक्त व्ययभार रू0 2785.07 लाख (रू० सत्ताईस करोड़ पिचासी लाख सात हजार मात्र) को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा
मा० सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में पारित निर्णयादेशों के क्रम में उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिये प्रारम्भिक शिक्षा संवर्ग के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) हेतु प्राविधान तथा सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता में सितम्बर 2017 से 31 मार्च, 2019 के मध्य एन.आई.ओ.एस. द्वारा दूरस्थ शिक्षा (ODL) के माध्यम से कराये गये सेवारत डी०एल०एड० प्रशिक्षण को सम्मिलित किया गया।
05 – समाज कल्याण
समाज कल्याण विभागान्तर्गत विभिन्न विवाह अनुदान योजनायें (यथा-अनुसूचित जाति/जनजाति की पुत्रियों की शादी व निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों की शादी, परित्यक्तता विवाहित महिला व मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति अथवा उसकी पत्नी की पुत्री के विवाह हेतु अनुदान योजना, अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कार अनुदान योजना एवं दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना) संचालित हैं।
चूंकि विभागान्तर्गत वर्तमान में दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना को छोड़कर अन्य विवाह अनुदान योजनाओं के अन्तर्गत अनुदान सहायता राशि रू0 50,000/- निर्धारित है। इसी क्रम में अन्य शादी अनुदान योजनान्तर्गत प्रदान की जाने वाली अनुदान सहायता राशि रू0 50,000/- की भाँति ही दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजनान्तर्गत दम्पति को प्रदान की जाने वाली सहायता राशि रू0 25,000/- से बढ़ाकर रू0 50,000/- कर दी गई है।
06 –कारागार प्रशासन
उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए महिला प्रधान बंदीरक्षक के दो, महिला बंदीरक्षक के 22, अपर महानिरीक्षक कारागार (सुधारात्मक विंग), रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर और वैयक्तिक सहायक के एक एक पदों को मंजूरी प्रदान की गई। कारागार मुख्यालय में स्वच्छकार, माली एवं अधीनस्थ कारागारों में नाई, स्वच्छकारों की सेवाएं आउटसोर्स के माध्यम से ली जाएगी।
धान और मंडुआ खरीद के लिए 600 करोड़ का बजट आवंटित
1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीद, विभागीय बैठक में मंत्री ने की समीक्षा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने खरीफ फसलों की खरीद के 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय स्थित देवेंद्र शास्त्री भवन में मंगलवार को आयोजित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक में खरीफ की फसलों, धान और मंडुआ की खरीद की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को आदेश दिए कि इस बार किसानों को उनकी उपज का भुगतान नियमानुसार 48 से 72 घंटे के भीतर हर हाल में किया जाए। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल और मंडुआ का 4886 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने पहले से ही 600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर दिया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि फसल भंडारण के लिए गोदाम की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और खरीद के लिए जूट के बैग की पर्याप्त उपलब्धता हर खरीद स्थल पर सुनिश्चित होगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। बैठक में एफसीआई, मंडी समिति और राइस मिल संगठन के प्रतिनिधियों की ओर से रखी गई मांगों के भी शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त चंद्रेश कुमार, एमएस बिसेन, सीएम घिल्डियाल, आरएफसी गढ़वाल अरविंद पांडे, लता मिश्रा, अपर आयुक्त पीएस पांगती, राइस मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सचिन गोयल, पंकज सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
7.50 एलएमटी है धान खरीद का लक्ष्य
बैठक के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य 7.50 लाख मीट्रिक टन और मंडुआ खरीद का लक्ष्य 5000 मीट्रिक टन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। गढ़वाल मंडल में पिछले साल 120 खरीद केंद्रों के मुकाबले इस साल 135 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे जबकि कुमाऊं मंडल में पिछले साल के 564 खरीद केंद्रों के मुकाबले इस साल 600 खरीद केंद्र बनाए जा रहे हैं।
देहरादून में अतिवृष्टि से 211 करोड़ से अधिक का अनुमानित नुकसान
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आपदा से हुई क्षति एवं पुनर्स्थापना कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। 15 सितम्बर की रात्रि को हुई अतिवृष्टि से जनपद में अब तक लगभग 211 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित क्षति आंकी गई है, हालांकि आंकलन कार्य अभी जारी है।
डीएम ने बताया कि वे स्वयं सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों के बाद अब नुकसान की गणना कराई जा रही है। उन्होंने सीडीओ, एसडीएम, अधीक्षण अभियंताओं, कृषि, पशुपालन एवं उद्यान अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क, पेयजल की त्वरित बहाली और घर, खेत व फसल के नुकसान का शीघ्र मुआवज़ा प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक प्रभावित को राहत पहुँचाना प्रशासन का दायित्व है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में वरिष्ठ QRT टीमें तैनात की गई हैं। सहस्त्रधारा, मझाड़ (कार्लीगाड), भीतरली किमाड़ी, सिरोना-फुलेत सहित अन्य क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने विभागों को निर्देशित किया कि बजट का इंतजार किए बिना प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल व्यवस्थाएं बनाई जाएं तथा शासन को शीघ्र प्रस्ताव भेजे जाएं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई को युद्धस्तर पर संपर्क विहीन गांवों की कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पेयजल, विद्युत, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली हेतु प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी विभाग संयुक्त सर्वे कर भवन, कृषि, उद्यान एवं पशु हानि का आंकलन करें और हैण्ड-टू-हैण्ड मुआवज़ा वितरण सुनिश्चित करें।
जनपद में अब तक दर्ज प्रमुख क्षति में – लोनिवि के 13 पुल व अन्य संरचनाएं (46 करोड़), एनएचआई पुल (13.46 करोड़), पेयजल निगम (18.23 करोड़), जल संस्थान (13.31 करोड़), सिंचाई विभाग (64.50 करोड़), विद्युत (10.63 करोड़), शिक्षा (4.18 करोड़), ग्रामीण विकास (4.15 करोड़), पीएमजीएसवाई (26.38 करोड़), स्वास्थ्य (35 लाख), कृषि (54 लाख), उद्यान (8.78 लाख) सहित विभिन्न विभागों को कुल 211 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एडीएम वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा सहित सिंचाई, लोनिवि, यूपीसीएल, जल संस्थान, पीएमजीएसवाई तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
