शिक्षकों ने विभिन्न मांगें रखीं, सीएम ने समाधान का दिया आश्वासन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में सचिव शिक्षा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा तथा राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक सप्ताह के अन्दर बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय शिक्षक संघ के मांग पत्र के नियमों के आलोक में अग्रेतर कार्यवाही कार्यवाही की जाए।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री रमेश पैन्यूली, उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
दो को सुरक्षित निकाला गया, राहत-बचाव दल मौके पर तैनात
चमोली। चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। नगर पंचायत नंदानगर के कुन्तरि लगाफाली वार्ड में मलबे की चपेट में आने से छह मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। हादसे के बाद सात लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राहत और बचाव दल मौके पर जुटे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच गई है। वहीं, एनडीआरएफ भी गोचर से रवाना कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन एम्बुलेंस और मेडिकल टीम भी मौके पर भेजी गई हैं।
इसी दौरान नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी मूसलाधार बारिश से चार से पांच मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, यहां जनहानि की कोई सूचना नहीं है। उधर, मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इधर, देहरादून जिले में लगातार भारी बारिश के चलते एहतियातन गुरुवार को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने 11 शिल्पियों को दिया ‘उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार’
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हस्तशिल्प आधारित विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और 11 शिल्पियों को उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।
सम्मानित शिल्पियों में उत्तरकाशी से जानकी देवी, भागीरथी देवी और महिमानन्द तिवारी, बागेश्वर से इन्द्र सिंह, अल्मोड़ा से लक्ष्मण सिंह एवं भूपेन्द्र सिंह बिष्ट, हल्द्वानी (नैनीताल) से जीवन चन्द्र जोशी एवं मोहन चन्द्र जोशी, नैनीताल (नारायण नगर मल्लीताल) से जानकी बिष्ट, क्वालिटी कॉलोनी हल्दूचौड़ हल्द्वानी से जगदीश पाण्डेय तथा चमोली से प्रदीप कुमार व गुड्डी देवी शामिल हैं।
“वोकल फॉर लोकल से शिल्पियों को नई पहचान” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बुनाई और हस्तशिल्प कला अपनी विविधता, परंपरागत डिज़ाइन और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने शिल्पियों और बुनकरों को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का संवाहक बताते हुए कहा कि हर्षिल की ऊनी शाल, मुनस्यारी-धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी और पिछौड़े के डिज़ाइन उत्तराखंड को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक बाजार तक पहचान दिला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भांग एवं बांस के रेशों से बने वस्त्रों की मांग देशभर में तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलें शिल्पियों और बुनकरों के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिल्पी पेंशन योजना, शिल्प रत्न पुरस्कार, बुनकर क्लस्टर सशक्तिकरण, कौशल विकास प्रशिक्षण, मेलों-प्रदर्शनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने जनता से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगा और शिल्पियों, कारीगरों तथा किसानों को नई ऊर्जा देगा।
इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष वीरेंद्र दत्त सेमवाल, विधायक सरिता आर्य, सुरेश गड़िया, अध्यक्ष बाल आयोग डॉ. गीता खन्ना, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार सहित प्रदेशभर से आए शिल्पी उपस्थित रहे।
लोक निर्माण विभाग के 62 मार्गों व 08 सेतु हुए हैं क्षतिग्रस्त
देहरादून-मसूरी रोड़ पर बैली ब्रिज बनाने का युद्ध स्तर पर चल रहा है काम
देहरादून। भारी वर्षा, भूस्खलन एवं बादल फटने के कारण जनपद में लोक निर्माण विभाग के 62 मार्ग एवं 08 सेतु क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बूद्धवार को देहरादून जनपद के भारी वर्षा, भूस्खलन एवं बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों केशरवाला-मालदेवता, कुमाल्डा-कद्दूखाल, खैरी मानसिंह मार्गों सहित देहरादून-मसूरी मार्ग पर शिव मंदिर के समीप क्षतिग्रस्त सेतु का स्थलीय निरीक्षण कर लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त 8 सेतुओं में से 05 सेतुओं पर स्थाई रूप से कार्य करवा कर यातायात हेतु चालू करवा दिया गया है, जबकि शेष 03 सेतु में से क्षतिग्रस्त देहरादून-मसूरी मोटर मार्ग में शिव मंदिर की पास क्षतिग्रस्त सेतु पर बैली ब्रिज निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही यातायात हेतु खोल दिया जायेगा।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, झाझरा सेतु के समीप हयूम पाईप वायर क्रेट डायवर्जन तथा कार्लीगाड मझाडा़ मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त सेतु पर गैबियन लगाकर फिलिंग करके अस्थाई कार्य प्रारम्भ करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि 35 मार्गो पर यातायात बहाल कर दिया गया है जबकि से 27 मार्गो पर यातायात बहाल करने के लिए लगातार कार्य चल रहा है।

लोक निर्माण मंत्री महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मालदेवता-केशरवाला में 300 मीटर क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग को खोलने का काम लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि नदियों का चैनेलाइजेशन होना अति आवश्यक है। इसके लिए सिंचाई, आपदा एवं खनन विभाग आपस में मिलकर काम करें ताकि नदियों का पानी रिहायसी क्षेत्र में ना घुसने पाए। लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह नदी-नालों के निकट निर्माण कार्य न करें।
भारी वर्षा, भूस्खलन एवं बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा क्षति रायपुर, कुमाल्डा कद्दूखाल मोटर मार्ग, केसर वाला मार्ग, खैरी मानसिंह मार्ग एवं सहस्त्रधारा तथा मसूरी क्षेत्र के आसपास के मार्गों को हुई है। यातायात हेतु अवरुद्ध मोटर मार्गो को शीघ्र सुचारू करते हुए आवश्यक सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिए गए हैं।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश कुमार शर्मा सहित लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
प्रदेश में शुरू हुआ स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान
देहरादून। बुधवार को दून मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान कार्यक्रम के साथ ही प्रदेश भर में भी महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर शुरू हो गए। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने प्रदेश की महिलाओं से मिशन मोड में इस अभियान के तहत अपनी स्वास्थ्य जांच कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश की धरती से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने देश की प्रगति के लिए महिलाओं के सशक्त होने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने देश की खुशहाली के लिए महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य को अनिवार्य बताया।
कार्यक्रम के बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस अभियान के तहत 2 अक्टूबर तक प्रदेश भर में मेडिकल शिविर चलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी किशोरियों और महिलाओं को इन शिविरों में अपने स्वास्थ्य का परीक्षण अवश्य करना चाहिए।
रेखा आर्या ने कहा कि महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ होगी तो इसे पूरे परिवार की उत्पादकता बढ़ेगी और इससे प्रदेश सशक्त बनेगा।
इसके पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों और स्टालों का निरीक्षण किया और विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने नई किस्म की नगदी फसल उगाने वाले कई किसानों से भी बातचीत की और उनका अनुभव जाना। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता की प्रशंसा कर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, सविता कपूर व अधिकारी गण मौजूद रहे।
देहरादून। उत्तराखंड की जानी-मानी सहकारिता नेता, समाजसेवी और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक शिल्पी अरोड़ा हाल ही में कृभको (KRIBHCO – Krishak Bharati Cooperative Limited) के निदेशक पद पर निर्वाचित हुई हैं। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है क्योंकि वे उत्तराखंड से पहली महिला निदेशक बनी हैं।
कृभको देश की अग्रणी बहु-राज्य सहकारी संस्था है, जो किसानों को खाद, बीज और कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ सहकारिता आंदोलन को मजबूती देती है। इसके निदेशक मंडल में पूरे देश से 11 निदेशक चुने जाते हैं, जिससे यह संस्था राष्ट्रीय स्तर पर किसानों और सहकारिता की आवाज़ बनती है।
शिल्पी अरोड़ा पिछले दो दशकों से किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई थी और कृभको व नेफेड जैसे बड़े सहकारी संस्थानों से किसानों के हित में लगातार कार्य करती रही हैं। वे FICCI FLO उत्तराखंड की संस्थापक चेयरपर्सन और पंजाबी महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी महिलाओं की उन्नति और सामाजिक कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभा चुकी हैं।
नव-नियुक्त अध्यक्ष सुधाकर चौधरी और उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल यादव को शुभकामनाएं देते हुए, श्रीमती शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ संस्था व किसानों के हित में कार्य करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने दी पीएम मोदी को शुभकामनाएं, कहा– उत्तराखंड से है विशेष लगाव
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर बुधवार को उत्तराखंड के चारों धामों के साथ ही प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में विशेष हवन का आयोजन किया गया, जिसमें पुरोहितों ने भगवान बदरी विशाल से प्रधानमंत्री के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। वहीं केदारनाथ धाम में महारुद्राभिषेक कर बाबा केदार से देश के नेतृत्वकर्ता के लिए आशीर्वाद मांगा गया।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और चार धामों में हुए विकास कार्य उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और राज्य के लोग भी उनके प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान रखते हैं।
‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ का सपना साकार करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ‘स्वच्छ उत्सव-2025’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। साथ ही प्रदेशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ भी दीं।
मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा एवं स्वच्छता से संबंधित नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, स्वच्छता की शपथ दिलाई, पौधारोपण किया तथा स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पर्यावरण मित्रों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता आंदोलन ने देश को नई दिशा दी है। ‘स्वच्छ उत्सव-2025’ इसी संकल्प का हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य देने का वचन है। उन्होंने कहा कि ‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ का सपना साकार करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सीएम धामी ने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय वायु कार्यक्रम के अंतर्गत घोषित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नगर निगम देहरादून को देश में 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम ने 62वाँ स्थान हासिल किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। राज्य में अब तक छह लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। देहरादून नगर निगम ने सफाई संबंधी समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की है तथा कूड़ा उठान, सीसीटीवी निगरानी और नियमित सफाई व्यवस्था से शहर को नई दिशा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली और संस्कारों का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से घर, मोहल्ले और गाँव-शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल दिया और कहा कि पौधारोपण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का माध्यम है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, सुरेश गड़िया, सचिव नीतेश झा, नगर आयुक्त नमामि बंसल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिवृष्टि से निपटने को CM धामी सक्रिय, SEOC पहुँचकर राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
देहरादून। प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राजधानी देहरादून सहित सभी प्रभावित जिलों में हुए नुकसान की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने लापता लोगों की तलाश और फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सीएम धामी ने SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कार्यशैली की सराहना करते हुए टीमों से समन्वित रूप से कार्य करने की अपील की।
सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को भी आपदा के बाद संभावित बीमारियों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर बातचीत कर उत्तराखंड की स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले तीन दिनों में सभी जिलों में पूरी सतर्कता बरती जाए और मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन, NDRF-SDRF अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देहरादून। परेड ग्राउंड स्थित बहुउद्देश्यीय हॉल में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल जिलों की कुल 14 बाल देखरेख संस्थाओं (5 राजकीय एवं 9 स्वैच्छिक) से लगभग 250 बच्चों ने भाग लिया। यह आयोजन मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष में किया गया था लेकिन आपदा जैसे हालात को देखते हुए इसे बहुत सादगी के साथ आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि विभागीय कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों को खेल को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाने पर बल देते हुए कहा कि खेल से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। साथ ही बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्होंने खेल के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य निर्माण करने का आह्वान किया।

बच्चों ने खो-खो, कबड्डी, रस्साकसी, पिट्ठू सहित विभिन्न इंडोर खेलों जैसे नींबू-चम्मच दौड़, बोरी दौड़ में हिस्सा लिया। इसके साथ ही रंगोली, चित्रकला और योग जैसे रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल करने वाले विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। सभी प्रतिभागी बच्चों को बैग भी भेंट किए गए। इसके अतिरिक्त ‘‘पोषण माह‘‘ (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर, 2025) के अंतर्गत 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 50 किशोरियों को पोषण किट वितरित की गई।
इस अवसर पर विभागीय सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक बीएल राणा, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, राजीव नयन सहित विभागीय अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।
