स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच- किसान, कारीगर और महिला समूह अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगे
देहरादून। प्रदेश में 3 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक सहकारिता विभाग द्वारा विशेष थीम आधारित वृहद सहकारिता मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और ग्रामीण आर्थिकी को नई दिशा प्रदान करना है।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि मेलों में किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित व विक्रय करने के लिए सीधा मंच मिलेगा। साथ ही विभागीय एवं अंतर्विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी इन मेलों के जरिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अलग-अलग थीम पर मेला आयोजित होगा। अल्मोड़ा में हस्तशिल्प संरक्षण, पौड़ी में ग्रामीण सशक्तिकरण, बागेश्वर में पर्वतीय कृषि, रुद्रप्रयाग में धार्मिक पर्यटन, पिथौरागढ़ में सीमांत समृद्धि, चमोली में पर्यावरण संरक्षण व ईको टूरिज्म, चंपावत में सीमांत विकास, उत्तरकाशी में जैव संसाधन व साहसिक पर्यटन, ऊधमसिंहनगर में औद्योगिक कृषि, हरिद्वार में आध्यात्मिक समृद्धि, नैनीताल में पर्यटन विकास, टिहरी में पर्यावरण संरक्षण और देहरादून में शहरी-ग्रामीण एकता थीम पर मेले होंगे।
मेलों में सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक मेले की नियमित मॉनिटरिंग होगी और जिलास्तरीय समिति रोजाना राज्य स्तरीय समिति को रिपोर्ट भेजेगी। इसके अलावा मेले के समापन के 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इन मेलों में न सिर्फ उत्पाद प्रदर्शन होंगे बल्कि छात्र-छात्राओं को भी सहकारिता आंदोलन से जोड़ा जाएगा। कला, वाद-विवाद, क्विज प्रतियोगिताओं के साथ ही तकनीकी सत्र, स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल साक्षरता, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सहकारिता जैसे विषयों पर चर्चा भी आयोजित की जाएगी।
नकली दवाओं और ड्रग्स पर ज़ीरो टॉलरेंस – स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का FDA मुख्यालय में औचक निरीक्षण
450 से अधिक मेडिकल स्टोरों और 65 मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स पर छापेमारी, प्रवर्तन कार्यों में तेज़ी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर “ड्रग फ्री उत्तराखंड – 2025” अभियान को नई गति देने के लिए स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) डॉ. आर. राजेश कुमार ने FDA मुख्यालय का औचक निरीक्षण कर विभागीय कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों पर विस्तृत प्रेज़ेंटेशन दिया। सचिव ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के मिशन को युद्धस्तर पर चलाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “ड्रग फ्री उत्तराखंड – 2025” मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केवल नारा नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर चल रहा ठोस अभियान है, जिसका लक्ष्य सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण है।
तेज हुई कार्रवाई, ठोस परिणाम
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड – 2025’ के सपने को साकार करने के लिए विभाग युद्धस्तर पर जुटा है। क्विक रिस्पॉन्स टीम के गठन के बाद निरीक्षण और छापामारी में तेजी आई है। अब तक 450 से अधिक मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की कार्रवाई की जा चुकी है, 65 मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स पर छापेमारी की गई है और बाकी की कार्रवाई गतिमान है। नेपाल बॉर्डर वाले इलाकों में सर्विलांस की कार्रवाई और तेज़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नारकोटिक्स और नकली दवाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग एसटीएफ, पुलिस और अन्य विभागों के साथ समन्वय को और तेज़ कर रहा है।
नकली दवाओं और ड्रग्स पर ज़ीरो टॉलरेंस
डॉ. आर. राजेश कुमार नकली दवाओं और नशीले पदार्थों के मामलों पर बेहद सख़्त नज़र आए। उन्होंने निर्देश दिया कि छापामार कार्रवाइयों की गति और दायरा दोनों बढ़ाए जाएं ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता न केवल स्वास्थ्य का बल्कि समाज के भरोसे का विषय है, इसलिए बाज़ार में बिक रही हर दवा सुरक्षित और वैज्ञानिक मानकों पर खरी उतरनी चाहिए।
लैब और मोबाइल वैन से बढ़ी टेस्टिंग क्षमता
निरीक्षण के दौरान डॉ. आर. राजेश कुमार ने फूड और कॉस्मेटिक लैब का भी जायज़ा लिया। उन्होंने सैंपलों की जांच, कार्रवाई और रिपोर्टिंग की व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि हर स्तर पर पारदर्शिता और सख्ती बरती जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग के पास तीन मोबाइल वैन हैं, जिनके ज़रिए सभी जगह सैंपल भरे जा रहे हैं। अगले दो से तीन माह में 10 और आधुनिक मोबाइल वैन मिलने वाली हैं। भारत सरकार से स्वीकृत मिल चुकी है। जल्द ही देहरादून स्थित लैव में आधुनिक उपकरण लग जायेगें। जिससे जांचों में और तेजी आयेगी। देहरादून में नई लैब खुलने से गढ़वाल क्षेत्र के सैंपलों की जांच में पहले से ही तेजी आई है।
प्रवर्तन कार्यों को मजबूत करने के लिए नए कदम
बैठक में विभागीय कार्यों को मज़बूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें नवनियुक्त 18 औषधि निरीक्षकों को प्रवर्तन कार्यों के स्पष्ट लक्ष्य देना, अभिलेखों के रख-रखाव में एकरूपता लाना, न्यायालयों में लंबित वादों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करना, वाद तैयार करने व विश्लेषण और दस्तावेजीकरण के लिए कार्यशाला आयोजित करना शामिल है। साथ ही विभागीय प्रवर्तन कार्यों पर Digital Repository और Coffee Table Book तैयार करने, repeated offenders की प्रभावी ट्रेसिंग की व्यवस्था बनाने और सीमांत जनपदों — चमोली, पिथौरागढ़ व चम्पावत — में सर्विलांस बढ़ाकर प्रवर्तन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
भविष्य की योजना
सचिव ने कहा कि अगले तीन महीने विभाग के लिए निर्णायक होंगे। 18 नए ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती के बाद फील्ड कार्यों में तेजी आई है। अंतर्राज्यीय समन्वय को और मज़बूत किया जाएगा और औषधि विक्रेताओं के distribution network की जांच कर उसका डेटा तैयार किया जाएगा। अगले दो–तीन महीनों में आधुनिक उपकरणों से लैस लैब के आने से दवा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया और तेज़ एवं पारदर्शी होगी।
पोकलेन और कम्प्रेशर मशीन से चट्टानें तोड़ने का कार्य जारी, शाम तक खोलने की उम्मीद
उत्तरकाशी। लगातार भूस्खलन और बोल्डरों के कारण यमुनोत्री हाईवे 19वें दिन भी पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका है। सड़क बाधित होने से धाम और आसपास के गांवों में जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन खच्चरों के माध्यम से गैस सिलेंडर और आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाने में जुटा है, जबकि एनएच विभाग भारी मशीनरी लगाकर मार्ग खोलने का प्रयास कर रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर जंगलचट्टी और बनास के बीच अब तक सुचारू यातायात बहाल नहीं हो पाया है। खरसाली गांव सहित गीठ पट्टी के ग्रामीणों को आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन को खच्चरों का सहारा लेना पड़ा। गुरुवार को यहां 82 रसोई गैस सिलेंडर और 34 पैकेट खाद्य सामग्री भेजी गई।
एनएच विभाग की टीम बनास और नारायणचट्टी के पास मार्ग पर आए बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने के लिए पोकलेन और कम्प्रेशर मशीन का इस्तेमाल कर रही है। विभाग के ईई मनोज रावत ने बताया कि बनास क्षेत्र में विशाल चट्टानों के कारण दिक्कत आ रही थी, लेकिन मशीनरी पहुंचने के बाद तेजी से काम हो रहा है। उम्मीद है कि शुक्रवार शाम तक हाईवे आंशिक रूप से खोल दिया जाएगा।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पी.डी. सौंदाण ने बताया कि हनुमानचट्टी से खच्चरों के जरिए खरसाली गांव में 82 गैस सिलेंडर और 34 पैकेट रसद भेजी गई है। इसके अलावा बनास गांव के ग्रामीणों को हनुमानचट्टी में ही 109 पैकेट सामग्री वितरित की गई। नारायणपुरी के लिए सामग्री भेजने की तैयारी है।
ग्रामीणों ने रोते हुए सुनाई 5 अगस्त की तबाही की दास्तान
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट स्थित राज्य अतिथि गृह में धराली गांव के आपदा पीड़ितों से मुलाकात बेहद भावुक क्षणों का गवाह बनी। 5 अगस्त को आई भीषण आपदा में सब कुछ गंवा चुके ग्रामीण जब प्रधानमंत्री के सामने पहुंचे, तो अपने दर्द को रोक नहीं पाए।
धराली गांव की कामेश्वरी देवी अपने जवान बेटे को खोने के बाद गहरे सदमे में थीं। मुलाकात के दौरान उनकी आंखों से आंसू लगातार बहते रहे। टूटे हुए स्वर में वह केवल इतना कह सकीं कि “आपदा ने हमारा सब कुछ छीन लिया, परिवार का सहारा भी चला गया।” इस मुलाकात में ग्राम प्रधान अजय नेगी, बीडीसी प्रतिनिधि सुशील पंवार, महिला मंगल दल अध्यक्ष सुनीता देवी और कामेश्वरी देवी शामिल थे। सबने नम आंखों के साथ प्रधानमंत्री को उस रात की भयावह तस्वीर सुनाई, जब पलभर में घर, बगीचे और जीवन भर की कमाई मलबे में बदल गई।
प्रधान अजय नेगी ने अपने चचेरे भाई को खोने की पीड़ा साझा की, वहीं सुशील पंवार ने बताया कि इस आपदा में उनके छोटे भाई समेत पूरा परिवार खत्म हो गया। सुनीता देवी का घर, होमस्टे और बगीचे सब कुछ तबाह हो गया। अब तक सिर्फ कामेश्वरी देवी के बेटे आकाश का शव ही बरामद हुआ है, बाकी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला।
प्रधान अजय नेगी ने प्रधानमंत्री को गांव की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी और पुनर्वास, रोजगार की व्यवस्था और कृषि ऋण माफी की मांग रखी। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और जीवन पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव कदम उठाएंगी।
यह मुलाकात साफ दर्शाती है कि आपदा ने सिर्फ घर-बार और संपत्ति नहीं छीनी, बल्कि लोगों के दिलों पर गहरे जख्म भी छोड़ दिए हैं।
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर लगातार कार्रवाई, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले– नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ सख़्त अभियान चला रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नियोजित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध व्यवसायिक और आवासीय निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सहस्त्रधारा रोड, एकता विहार और वन विहार में कार्रवाई
प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत सहस्त्रधारा रोड, एकता विहार कैलाशपुर, वन विहार आदि विभिन्न स्थानों पर किए जा रहे अवैध व्यवसायिक/आवासीय भवनों पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। टमित पाल द्वारा सौन्धोवाली मानसिंह निकट एमडीडीए आमवाला तरला आवासीय योजना सहस्त्रधारा रोड में पृथक–पृथक 3 आवासीय भवन स्वीकृत कराए गए थे, जिन्हें जोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा था। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर इन भवनों को सील किया गया। संजीव द्वारा ओर्चिड पार्क कॉलोनी, हैलीपैड रोड देहरादून में बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
महमूद हसन द्वारा गंगोत्री विहार वेस्ट कैनाल रोड (इलेक्ट्रिक टावर के सामने) में अवैध रूप से निर्मित दो दुकानों को संयुक्त सचिव के आदेशों पर सील किया गया। मो. इंतज़ार द्वारा एकता विहार कैलाशपुर रोड देहरादून में किए जा रहे अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। स्मीर हुसैल द्वारा वन विहार नियर सपना हॉस्टल देहरादून में बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील किया गया। इन कार्रवाइयों में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत व उनकी टीम, सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता जितेंद्र सिंह और सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।
नियम विरुद्ध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, “मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में नियोजनहीन और अवैध निर्माण को रोकने के लिए सख़्त कार्रवाई की जाए। एमडीडीए की टीमें निरंतर फ़ील्ड में काम कर रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”
यमुनोत्री धाम की राह फिर बाधित, फूलचट्टी से जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क का 200 मीटर हिस्सा ध्वस्त
सुरक्षित और सुगम यात्रा मानसून के बाद भी बनी चुनौती
उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए रास्ता एक बार फिर मुश्किलों से घिर गया है। फूलचट्टी से जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क पर यमुना नदी के तेज कटाव से करीब 200 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया है। इससे धाम की यात्रा पर संशय गहराता जा रहा है। इससे पहले जंगलचट्टी क्षेत्र में सड़क को सुचारू हुए भी 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्थिति अब तक सामान्य नहीं हो पाई है।
बाडिया और सिलाई बैंड के पास भी लगातार सड़क के बंद और खुलने का सिलसिला जारी है। ऐसे में शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मानसून के बाद यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हनुमान चट्टी से फूलचट्टी और सिलाई बैंड-बाडिया के बीच हाईवे की कई जगहों पर हालात खतरनाक बने हुए हैं।
लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी वाली सड़क पर भी हालात बेहद खराब हैं। फूलचट्टी से जानकीचट्टी तक 200 मीटर से अधिक हिस्सा नदी के कटाव में बह चुका है, कई जगहों पर सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। ऐसे में यात्रा के सफल संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एनएच के एई धीरज गुप्ता का कहना है कि अगर सब कुछ अनुकूल रहा तो अगले दो दिन में फूलचट्टी तक हाईवे दुरुस्त कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। वहीं, लोनिवि के ईई तनुज कम्बोज ने जानकारी दी कि ध्वस्त सड़क की मरम्मत के प्रयास जारी हैं और जल्द ही इस मार्ग को एनएच को हस्तांतरित किया जाएगा।
25-26 सितंबर को मुख्य परीक्षा, प्रत्येक सत्र के लिए अलग समय निर्धारित
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने राज्य निर्वाचन आयोग समीक्षा अधिकारी भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत के अनुसार, परीक्षा 25 और 26 सितंबर को आयोग के मुख्य परीक्षा भवन में आयोजित होगी।
परीक्षा का शेड्यूल:
25 सितंबर: सुबह 9 बजे से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन और दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हिंदी संरचना की परीक्षा।
26 सितंबर: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निबंध परीक्षा।
परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे 25 सितंबर को सुबह 7:30 बजे और 26 सितंबर को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुँच जाएँ। आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं, जिन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
सचिव दीपक कुमार ने ग्रामीण संस्कृत प्रशिक्षण और ज्ञान परंपरा संवर्धन के प्रयासों की जानकारी दी
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सचिव ने राज्यपाल को विभाग द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्कृत ग्रामों में ग्रामीणों को संस्कृत संभाषण के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने इन कार्यों की सराहना करते हुए कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के अंतर्गत ‘मेरी योजना’ पुस्तक के अगले संस्करण पर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
बारिश-भूस्खलन से प्रदेश की 187 सड़कें अब भी बंद
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने सभी पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी बारिश के आसार जताए गए हैं।
मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत समेत कई पर्वतीय इलाकों में बारिश का प्रभाव ज्यादा हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के बाद राजधानी देहरादून में तापमान बढ़ा है। बुधवार को दून का अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 24.5 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को भी लगभग इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
सड़कें बंद, लोगों को हो रही परेशानी
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश की कुल 288 बंद सड़कों में से बुधवार तक सिर्फ 101 मार्ग ही खोले जा सके हैं, जबकि 187 अब भी बंद पड़े हैं। इनमें टिहरी में 20, चमोली 31, रुद्रप्रयाग 23, पौड़ी 18, उत्तरकाशी 22, देहरादून 14, हरिद्वार एक, पिथौरागढ़ 22, अल्मोड़ा 23, बागेश्वर सात और नैनीताल में छह मार्ग शामिल हैं।
चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में फिलहाल कोई भी सड़क बंद नहीं है। बंद रास्तों के कारण पहाड़ी जिलों में आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने बंद मार्गों को खोलने के लिए 671 जेसीबी मशीनें तैनात की हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री निशंक बोले – पंत जी का जीवन त्याग, जनसेवा और राष्ट्रभक्ति की गाथा
देहरादून। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का 138वां जन्मदिवस देहरादून के आई.आर.डी.टी. सभागार में आयोजित किया गया इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कुलपति मुक्त विश्वविद्यालय प्रो नवीन चन्द्र लोहनी, उपाध्यक्ष उत्तरांचल विश्वविद्यालय अंकिता जोशी एवं कार्यक्रम संयोजक राकेश डोभाल ने संयुक्त रूप से पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन व पुष्पांजली कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के विचार आज भी प्रासंगिक हैं उनका विराट व्यक्तित्व आजादी के कालखण्ड से ही प्रेरक रहा है वास्तव में उस हिमालय पुत्र को नमन करते हुए गौरवान्वित हो रहे हैं कि उत्तराखंड के सुदूर अल्मोड़ा के खूंट से निकल कर राष्ट्रीय फलक पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया उन्होंने कहा कि गोविन्द बल्लभ पन्त पर शिक्षा विभाग निबंध प्रतियोगिता एवं क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन कर युवाओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से भली भांति परिचित हो सके यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम सेनानी, भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जी द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, हिंदी भाषा के उत्थान एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में किये गये अद्वितीय योगदान को भारत सदा सर्वदा याद रखेगा।
उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम में सम्मिलित डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पंत जी का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, वह जनसेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की जीवंत गाथा थे। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक और भाषायी स्वरूप को भी स्थायित्व प्रदान किया। हिंदी को राजभाषा का गौरव दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान युगांतकारी है। वे भलीभांति समझते थे कि “भाषा केवल संप्रेषण का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का संवाहक है। हिंदी के उत्थान और राष्ट्र की एकता के लिए उनका अथक परिश्रम हमें स्मरण कराता है कि अपनी जड़ों से जुड़े बिना कोई भी राष्ट्र विश्व में अपनी सशक्त पहचान नहीं बना सकता।

कुलपति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो नवीन चन्द्र लोहनी ने पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के द्वारा समाज सेवा में किये गये कार्यों को लेकर याद किया जाएगा
उन्होंने कहा कि प्रखर वक्ता, उच्च कोटि के अधिवक्ता कुशल नेतृत्व के धनी उत्तराखंड के गौरव को आज युवा पीढ़ी को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
उत्तरांचल यूनीवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट अंकिता जोशी ने कहा कि देश के यशस्वी नेता के रूप में पं. गोविन्द बल्लभ पन्त को सदा याद किया जाएगा उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को महामानव के इतिहास से संकल्पित होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया कलावृक्ष प्रदर्शन कला संस्थान द्वारा कत्थक नृत्य,निर्वाणा योगशाला द्वारा योग प्रदर्शन, प्रतिभा डांस अकादमी द्वारा नृत्य प्रस्तुति एवं शिवालिक इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर उत्तराखंड के स्तंभ विशिष्ट कार्य हेतु मीरा रावत,ललित बड़ाकोटी, रामचंद्र भट्ट, डॉ सुशील कुमार कोटनाला,मनमोहन भट्ट एवं डॉ दिनेश जोशी को अतिथियों द्वारा विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राज्यमंत्री रमेश गडिया उपाध्यक्ष जलागम परिषद,कार्यक्रम सह संयोजक प्रदीप कुमार, हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्था सचिव डॉ भावना बोरा, साक्षीशंकर, सुधाकर भट्ट,श्याम सिंह भण्डारी, डॉ भान सिंह, डॉ अनुज रतूड़ी,प्रभात कुमार,जसमीन, डॉ दीपक भट्ट, बृजपाल सिंह,संकेत नौटियाल, अवधेश तिवारी, हिमांशु,शिवम् जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ नवीन चन्द्र पन्त ने किया।
