शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पड़े 2364 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इन सभी पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। कार्मिकों की शीघ्र तैनाती के लिये विभागीय अधिकारियों भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दे दिये गये हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि राज्य सरकार शिक्षा विभाग में बुनियादी ढ़ांचे के साथ ही मानव संसाधन उपलब्ध कराने में जुटी है। इसी कड़ी में सरकार ने विभाग के विभिन्न कार्यालयों व विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों (मृत संवर्ग) को आउटसोर्स के पदों में परिवर्तित करने की मंजूरी दे दी है, जिसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। जिसके तहत महानिदेशालय कार्यालय, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा एवं अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सहित एससीईआरटी, बोर्ड कार्यालय रामनगर, मण्डलीय अपर निदेशक कार्यालय माध्यमिक/प्राथमिक (गढ़वाल व कुमाऊं), समस्त डायट, मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी मध्यमिक व बेसिक कार्यालय में कुल 334 चतुर्थ श्रेणी के पदों को आउटसोर्स में परिवर्तित कर दिया है।
इसी प्रकार 1000 छात्र संख्या से अधिक प्रत्येक इंटर कॉलेज में परिचारक के 2, स्वच्छक/सह चौकीदार के 1 पद को आउटसोर्स के पदों में परिवर्तित किया गया है। जबकि 500 से 1000 छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेजों में 1-1 परिचारक व चौकीदार, 500 छात्र संख्या से नीचे इंटर कॉलेजों व हाईस्कूलों में 1-1 चौकीदार के पद आटसोर्स के लिये स्वीकृत किये गये हैं। जबकि ऐसे नवीन उच्चीकृत विद्यालय जिनमें चतुर्थ श्रेणी व स्वच्छक के पद सृजित नहीं है वहां भी चौकीदार का 1 पद आउटसोर्स के तहत स्वीकृत किया गया है। इस प्रकार राजकीय विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के 2023 पदों को आउटसोर्सिंग के पदों में परिवर्तित कर दिया गया है। विभगाय मंत्री ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के कुल 2364 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगा। आउटसोर्स से तैनात कार्मिकों को प्रत्येक माह 15,000 रूपये मानदेय दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की नियुक्ति में राज्य में प्रचलित आरक्षण नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।
पीएनबी में खाते खुलते ही उपनल कर्मियों को मिलेंगी अतिरिक्त बैंकिंग सुविधाएं
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को अब 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। इस सुविधा के लिए उपनल और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बीच हुए समझौते के तहत सभी कर्मचारियों के वेतन खाते पीएनबी में खोले जा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों को बीमा के साथ-साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।
पिछले साल सितंबर में हुए इस अनुबंध के अनुसार, उपनल कर्मचारियों के पीएनबी खाते में वेतन आने पर उन्हें दुर्घटना बीमा समेत विभिन्न लाभ दिए जाएंगे। किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को बीमा की पूरी राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, खातेधारक कर्मचारियों को सालाना 40 से 100 तक चेक लीफ नि:शुल्क मिलेंगी। साथ ही, वे सालभर में 2 से 5 आरटीजीएस, एनईएफटी या डिमांड ड्राफ्ट निशुल्क करवा सकेंगे। मकान, वाहन या पर्सनल लोन पर बैंक प्रोसेसिंग शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट और विशेष ऑफरों के तहत 100 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी।
खाते पीएनबी में खुलने के बाद कर्मचारियों को नियमित रूप से माहवार वेतन मिलेगा। हालांकि, अगर लगातार दो महीने से अधिक वेतन अग्रिम दिया गया तो तीसरे माह से कर्मचारी बीमा जैसी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। वहीं, उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को भी पेंशन खाते पीएनबी में स्थानांतरित कराने पर ‘रक्षक प्लस योजना’ के तहत पेंशन बीमा लाभ मिलेगा।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि उपनल के पत्र के आधार पर यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
कर्मचारियों का वेतन आधारित श्रेणीकरण:
10,000 से 25,000 रुपये वेतन वाले: सिल्वर-25 श्रेणी
25,001 से 50,000 रुपये वेतन वाले: गोल्ड-50 श्रेणी
50,001 से 1,00,000 रुपये वेतन वाले: प्रीमियम-100 श्रेणी
1,00,001 से 2,00,000 रुपये वेतन वाले: प्लेटिनम-200 श्रेणी
2,00,001 रुपये से अधिक वेतन वाले: टाइटेनियम श्रेणी
सभी श्रेणियों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा, जबकि बैंकिंग सुविधाओं का वितरण वेतन श्रेणी के अनुसार तय किया गया है।
15 सितंबर से नई दरों पर होगी सेवा
देहरादून। केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा से यात्रा अब पहले से महंगी हो गई है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने हेलिकॉप्टर सेवाओं के किराये में करीब 46 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 15 सितंबर से लागू होंगी और इसके लिए टिकट बुकिंग 10 सितंबर से आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू होगी।
इस साल 2 मई से हेली सेवा की शुरुआत हुई थी, लेकिन शुरुआती चरण में उत्तरकाशी और केदार घाटी में हुई दुर्घटनाओं के कारण सेवाएं रोकनी पड़ी थीं। अब दूसरे चरण में 15 सितंबर से सेवाएं नई एसओपी के तहत दोबारा शुरू की जा रही हैं। गृह सचिव शैलेष बगौली की अध्यक्षता में गठित 10 सदस्यीय समिति ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संचालन के दिशा-निर्देश तय किए हैं।
यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान के अनुसार, गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से केदारनाथ के लिए चलने वाली हेली सेवाओं में सीटों और शटल उड़ानों की संख्या सीमित होने के चलते किराये में इजाफा किया गया है।
नई किराया दरें (रुपये में):
गुप्तकाशी से केदारनाथ: पहले 8,532 → अब 12,444
फाटा से केदारनाथ: पहले 6,062 → अब 8,842
सिरसी से केदारनाथ: पहले 6,060 → अब 8,839
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संभाली कमान, प्रदेशभर में स्वास्थ्य पखवाड़े की तैयारियों की समीक्षा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के स्पष्ट निर्देशों पर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में “स्वास्थ्य पखवाड़ा” आयोजित करने की व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है। स्वास्थ्य पखवाड़े के दौरान प्रदेशभर में मेडिकल कॉलेजों, जिला व उप जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप केन्द्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मरीजों को जांच, परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही जगह-जगह वृहद रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे, जिनमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। “स्वास्थ्य पखवाड़ा” इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना है, बल्कि लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करना और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य पखवाड़े को सफल बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और प्रत्येक स्तर पर उसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समाज का हर वर्ग इससे लाभान्वित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों, विधायकों, महापौरों, पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान में सुनिश्चित की जाए।
प्रदेशभर में लगेंगे 4604 शिविर
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कुल 4604 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें—
अल्मोड़ा – 522
बागेश्वर – 109
चमोली – 206
चम्पावत – 120
देहरादून – 425
हरिद्वार – 367
नैनीताल – 367
पिथौरागढ़ – 679
पौड़ी – 573
रुद्रप्रयाग – 239
टिहरी – 533
ऊधमसिंह नगर– 256
उत्तरकाशी – 208
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को भी विशेष परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जाएगी।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
1. ब्लड डोनेशन कैंप –
राज्य के प्रत्येक स्वास्थ्य शिविर में वृहद रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों की फोटोग्राफी और रिपोर्ट शासन को अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी, ताकि इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
2. मेडिकल कॉलेज स्तर पर आयोजन –
सभी मेडिकल कॉलेजों में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा ताकि युवाओं में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके।
3. हेल्थ डेस्क की स्थापना –
प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और जिला अस्पतालों में हेल्थ डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यहां आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य पखवाड़े से संबंधित जानकारी, सरकारी योजनाओं की जानकारी और नि:शुल्क परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
4. एसओपी तैयार करना –
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीघ्र ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी। इसके तहत सभी जिलों और इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि अभियान के दौरान कोई भ्रम या अव्यवस्था न हो।
5. विशेषज्ञ शिविर –
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर तक विशेषज्ञ शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें हृदय रोग, मधुमेह, श्वसन संबंधी रोग, प्रसूति व स्त्री रोग, बाल रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
6. अन्य विभागों से समन्वय –
अभियान को सफल बनाने के लिए अन्य विभागों को भी शामिल किया जाएगा। उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां तय कर दी जाएंगी, ताकि एक समन्वित प्रयास के माध्यम से स्वास्थ्य पखवाड़े का प्रभाव और अधिक बढ़ सके।
7. फूड एवं ड्रग कंट्रोलर विभाग का सहयोग –
फूड सेफ्टी और ड्रग कंट्रोलर विभाग के सहयोग से दवाओं और अन्य आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
8. प्राइवेट मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज का सहयोग –
निजी मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को भी इस अभियान में जोड़ा जाएगा। उनके संसाधनों और मानव बल का उपयोग जनहित में किया जाएगा।
9. विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी –
मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को स्वास्थ्य शिविरों में ड्यूटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ परामर्श और उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
10. निक्षय मित्र पहल –
जनप्रतिनिधियों को “निक्षय मित्र” बनाने की पहल की जाएगी। इसके तहत वे न केवल शिविरों का हिस्सा बनेंगे, बल्कि लोगों को अधिक से अधिक संख्या में स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगे।
अंत में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं दिन-ब-दिन मजबूत हो रही हैं। “स्वास्थ्य पखवाड़ा” प्रदेश की जनता के लिए न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का अवसर है, बल्कि एक जनजागरण अभियान भी साबित होगा, जो समाज को स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में आगे बढ़ाएगा। समीक्षा बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल, उपसचिव जसबिन्दर कौर, डॉ जेएस चुफाल, डॉ अमित शुक्ला, डॉ कुलदीप मार्तोलिया, डॉ सौरभ सिंह सिंह मौजूद रहे।
काशीपुर प्रबुद्धजन सम्मेलन में बोले सीएम धामी — “विकसित भारत@2047 के अग्रदूत हैं प्रबुद्ध नागरिक”
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद स्थापित किया और राज्य सरकार की उपलब्धियों व विकास कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षाविद, अधिवक्ता, उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजन प्रधानमंत्री के “विकसित भारत@2047” के संकल्प को साकार करने वाले अग्रदूत हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति के साथ नई ऊंचाइयां छू रहा है। भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों से वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड भी निवेश और औद्योगिक विकास में अग्रणी बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौतों में से लगभग 1 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। राज्य में नई औद्योगिक नीति, स्टार्टअप नीति और मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी से निवेशकों को बेहतर माहौल मिला है।
उन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन” और नई पर्यटन नीति जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और अवैध धर्मांतरण व लैंड जिहाद पर कार्रवाई को राज्यहित में ऐतिहासिक निर्णय बताया।
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब विश्वविद्यालय के परिसरों और संबद्ध महाविद्यालयों में बिना सीयूईटी (CUET) स्कोर के भी दाखिला मिल सकेगा। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्रों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर प्रवेश दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू
विश्वविद्यालय की ओर से आवेदन प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 11 सितंबर इसकी अंतिम तिथि तय की गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रो. ओपी गुसाईं ने बताया कि सामान्य श्रेणी के छात्रों को निर्धारित शुल्क देना होगा, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांगजन वर्ग के लिए क्रमशः 400 और 200 रुपये का पंजीकरण शुल्क रखा गया है।

किन पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश
बीए एलएलबी, एलएलबी, एलएलएम, बीएड, एमएड, बीपीएड और एमपीएड को छोड़कर स्नातक एवं स्नातकोत्तर के सभी अन्य कार्यक्रमों की रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
दून के प्रमुख कॉलेज भी शामिल
गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध दून के प्रमुख महाविद्यालय जैसे डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस पीजी कॉलेज, एमकेपी पीजी कॉलेज और एसजीआरआर पीजी कॉलेज में भी छात्र-छात्राएं इस प्रक्रिया के जरिए दाखिला ले सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगा जो किसी कारणवश सीयूईटी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। अब मेरिट आधारित प्रवेश प्रक्रिया से उन्हें भी उच्च शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर है, ऐसे में इच्छुक छात्र जल्द से जल्द पंजीकरण कर सकते हैं।
बरसात के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, पुनर्निर्माण कार्यों, पर्यटन एवं जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में शासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को त्वरित राहत, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात समाप्त होते ही पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए तथा आपदा प्रभावितों को मानकानुसार त्वरित सहायता दी जाए।
उन्होंने कहा कि नदी-नालों के किनारे निर्माण पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाए, उल्लंघन पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिलाधिकारी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संदिग्ध व्यक्तियों, अनधिकृत आधार कार्ड और वोटर आईडी जारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग बढ़ाई जाए और गौवंश संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
चारधाम यात्रा के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद यात्रा को सतर्कता के साथ सुचारु कराया जाए और यात्रियों को मौसम संबंधी सूचनाएं समय पर उपलब्ध हों। सेवा पखवाड़ा और स्वच्छता अभियान को लेकर उन्होंने जिलाधिकारियों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए। प्रत्येक जिले में साप्ताहिक स्वच्छता अभियान चलाने और क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढा मुक्त करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 और एंटी करप्शन नंबर 1064 की कार्यवाही निरंतर जारी रखी जाए। साथ ही डिजास्टर वॉलंटियर, संकट मोचन दल और मॉक ड्रिल के जरिए आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जनता को सेवा के अधिकार के तहत प्रमाणपत्र उसी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) में दिए जाएं, जिसमें वे मांगते हैं। नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
छात्र-छात्राओं ने पोस्टर, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से फिजियोथेरेपी का महत्व बताया
देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में सोमवार को वल्र्ड फिजियोथेरेपी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामैडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़कर भागीदारी की। इस वर्ष वल्र्ड फिजियोथेरेपी दिवस की थीम हेल्थ एजिंग (स्वस्थ बुढ़ापा) रही। इसी कड़ी में पैरामैडिकल छात्र-छात्राओं ने पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से यह संदेश दिया कि नियमित फिजियोथेरेपी से स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन संभव है। पोस्टर प्रदर्शनी में दर्शकों को उम्र के हर पड़ाव पर फिट रहने के उपायों से अवगत कराया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में बीपीटी के शोहेब नेे प्रथम, बीपीटी की निधि ने द्वितीय और सान्या ने तृतीय पुरस्कार जीता। पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम आयोजकों को आशीर्वाद एवम् शुभकामनाएं दीं।

सोमवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ऑडिटोरियम में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के को-ऑर्डिनेटर डॉ. आर.पी. सिंह, अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ अजय पंडिता, डीन डॉ. कीर्ति सिंह और फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. शारदा शर्मा व डाॅ नीरज कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एमपीटी तृतीय वर्ष की छात्राओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। बीपीटी प्रथम वर्ष की छात्रा दिव्या ने कविता के माध्यम से फिजियोथेरेपी की महत्ता को हृदयस्पर्शी शब्दों में रखा। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने स्वस्थ बुढ़ापा विषय का मार्मिक चित्रण किया। फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राओं ने हिमाचली, गढ़वाली, पंजाबी व भोजपुरी गीतों से देश के विभिन्न राज्यों की कला एवम् संस्कृति की मनमोहक झलक पेश की। बाॅलीवुड गीतों पर छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने युवा धड़कनों को और तेज कर दिया।
फिजियोथेरेपी विभाग ने केक काटकर दिवस को और खास बना दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. शारदा शर्मा ने कहा कि “फिजियोथेरेपी केवल रोगों के इलाज का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का विज्ञान है। बढ़ती उम्र में यह हमारी सबसे बड़ी संबल बन सकती है।” ज्ञात हो कि वल्र्ड फिजियोथेरेपी दिवस हर वर्ष 08 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन विश्व भर के फिजियोथेरेपिस्टों को एकजुट होकर लोगों में स्वास्थ्य-जागरूकता फैलाने और फिजियोथेरेपी की अहमियत बताने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डाॅ संदीप कुमार, डाॅ शमा परवीन, डाॅ तबस्सुम, डाॅ सुरभी, डाॅ रविन्द्र, डाॅ आकांक्षा, डाॅ अभिषेक, डाॅ सुशांत, डाॅ विशाल व डाॅ जयदेव का विशेष सहयोग रहा।
दानपात्र तोड़ा, नकदी लेकर फरार, मंदिर का ताला टूटा मिला
देहरादून। शहर में चोरों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं। रविवार को चंद्रहण के कारण माजरीमाफी स्थित प्रख्यात माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्तिपीठ बंद रहा। इसी का फायदा उठाते हुए चोरों ने मंदिर के दानपात्र को तोड़कर नकदी चोरी कर ली।
मंदिर की मान्यता और घटना का खुलासा
माजरीमाफी का यह मंदिर क्षेत्र का एक प्रख्यात शक्तिपीठ माना जाता है। सोमवार सुबह जब मंदिर के कपाट खोले गए तो चोरी का पता चला। मंदिर के मुख्य गेट का ताला टूटा मिला, जबकि अन्य वस्तुएँ सुरक्षित रहीं।
मुख्य पुजारी का बयान
मंदिर के मुख्य पुजारी और प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश नौटियाल ने बताया कि दानपात्र को तोड़कर चोर नकदी ले गए हैं। फिलहाल चोरी का आकलन किया जा रहा है। चूंकि रविवार को सूतक लगने के कारण मंदिर बंद था, इसलिए रात को चोरों ने घटना को अंजाम दिया।
जोगीवाला पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।
