देहरादून। जिला प्रशासन ने शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात प्रबंधन की दिशा में एक और पहल की है। परेडग्राउंड स्थित ऑटोमेटेड पार्किंग प्रोजेक्ट के तहत आज ‘‘फ्री सखी कैब’’ सेवा की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर विधायक खजानदास, महापौर सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने दो नई ईवी सखी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित राज्य की यह पहली ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधा है। परेडग्राउंड पार्किंग से शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों—पल्टन बाजार, राजपुर रोड, सचिवालय आदि—तक अब फ्री शटल सेवा मिलेगी। पार्किंग से प्रतिदिन करीब ₹29,120 की आय हो रही है, जो सखी कैब के संचालन से और बढ़ने की उम्मीद है।
डीएम सविन बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में निर्मित यह पार्किंग परंपरागत पार्किंग की तुलना में तीन गुना सस्ती और कम समय में तैयार हुई है। फ्री सखी कैब सेवा का उद्देश्य जनमानस को सुविधाजनक यात्रा विकल्प देना है। फिलहाल दो वाहन शुरू किए गए हैं, जबकि छह और ईवी वाहन जल्द जोड़े जाएंगे।
शहर के लिए पांच रूट चिन्हित किए गए हैं—परेडग्राउंड से पल्टन बाजार, गांधी पार्क, घंटाघर, राजपुर रोड, कांग्रेस भवन, क्रॉसरोड मॉल, होटल बुलेवार्ड और सचिवालय तक शटल स्टॉप बनाए जा रहे हैं।
विधायक खजानदास ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शहर को जाम से निजात दिलाने की दिशा में यह प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा।
परेडग्राउंड, तिब्बती मार्केट और कोरोनेशन हॉस्पिटल परिसर में 261 वाहनों की क्षमता वाली तीन ऑटोमेटेड पार्किंग तैयार की गई हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द जनता को समर्पित करेंगे।
अब फ्री सखी कैब सेवा के शुरू होने के बाद सुभाष रोड, गांधी पार्क, घंटाघर और तिब्बती मार्केट रोड पर अवैध रूप से खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए एक समर्पित क्रेन भी तैनात कर दी है।
इस अवसर पर महापौर सौरभ थपलियाल, एसएसपी अजय सिंह, सीडीओ अभिनव शाह, एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह, डीवीओ दीपक सैनी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और कृष्णा महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
देहरादून / हरिद्वार। दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज जैसे त्योहारों के दौरान हरिद्वार में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस ने आठ दिन का विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। यह योजना 17 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस दौरान शहर में नो-एंट्री, वन-वे और विशेष पार्किंग व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सभी थाना प्रभारियों को ट्रैफिक प्लान का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित रूट और पार्किंग नियमों का पालन करें, ताकि त्योहारों के दौरान यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।
नो-एंट्री व्यवस्था (सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक)
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ज्वालापुर क्षेत्र: जटवाड़ा पुल से दुर्गा चौक, रेलचौकी और सेक्टर-2 से भगतसिंह चौक तक भारी व लोडिंग वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
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नगर कोतवाली क्षेत्र: सूखनदी तिराहा से भीमगोड़ा बैरियर और पंतद्वीप से भीमगोड़ा बैरियर तक कमर्शियल वाहनों की नो-एंट्री रहेगी।
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कनखल क्षेत्र: सिंहद्वार से जगजीतपुर चौकी तक लोडिंग वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा।
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रानीपुर क्षेत्र: चिन्मय चौक से शिवालिकनगर चौक और सलेमपुर चौक तक भारी व छोटे लोडिंग वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
पार्किंग की व्यवस्था
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ज्वालापुर: ज्वालापुर इंटर कॉलेज, रेलवे स्टेशन पार्किंग, भगतसिंह चौक से सेक्टर-2 के बीच खाली स्थल, भाईचारा होटल के पास व डॉ. चंदेला अस्पताल के सामने पार्किंग।
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नगर कोतवाली: दूधाधारी व करपात्री चौक से आने वाले वाहनों के लिए ऋषिकुल मैदान पार्किंग स्थल निर्धारित।
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कनखल: कृष्णानगर पुलिया से प्रेमनगर चौक तक नहर पटरी मार्ग के किनारे पार्किंग।
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रानीपुर: चिन्मय डिग्री कॉलेज और सीआईएसएफ गेट के पास पार्किंग स्थल।
ट्रैफिक नियंत्रण व डायवर्जन
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प्रमुख चौराहों — दुर्गा चौक, श्रीराम चौक, रेलवे अंडरपास, रामलीला ग्राउंड और घासमंडी चौक — पर पुलिस की विशेष तैनाती रहेगी। भीमगोड़ा बैरियर, वेदनिकेतन तिराहा और पंतद्वीप प्रवेश द्वार पर चेकिंग होगी। ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर वाहनों को टिबड़ी मार्ग, शंकर आश्रम, जहान्वी डेल व रामदेव पुलिया मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
पुलिस की अपील
पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दोपहिया वाहन का उपयोग प्राथमिकता से करें। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने पर टोइंग कार्रवाई की जाएगी। साथ ही व्यापारियों से अपील की गई है कि वे ग्राहकों को निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
देहरादून। उत्तराखंड में लंबे समय से शुष्क मौसम के बाद आज फिर से बदलाव के आसार हैं। पहाड़ों में ठंडी हवाओं के चलते तापमान लगातार गिर रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 5 पहाड़ी जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गर्जन के साथ बारिश की संभावना जताई है।
बीते कुछ दिनों से धूप खिलने के बावजूद तापमान में गिरावट जारी है। देहरादून में पिछले दो दिनों में 2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। वहीं, चारधाम यात्रा भी मौसम साफ रहने से रफ्तार पकड़ चुकी है – अब तक 17 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज राजधानी देहरादून में आसमान मुख्यतः साफ से लेकर आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। आज अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 18°C के आसपास रहने का अनुमान है।
तापमान की स्थिति
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देहरादून: अधिकतम 30.7°C | न्यूनतम 17.8°C
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नई टिहरी: अधिकतम 21.5°C | न्यूनतम 10.7°C
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पंतनगर: अधिकतम 30.8°C | न्यूनतम 17.5°C
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मुक्तेश्वर: अधिकतम 20.5°C | न्यूनतम 10.3°C
गुप्तकाशी (रुद्रप्रयाग)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों में विकास और सेवाओं के विस्तार के लिए सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन करेगी। इसके साथ ही सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षण हेतु नवाचार केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बुधवार को गुप्तकाशी में आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं और सेवाएं देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। नवाचार केंद्रों के माध्यम से आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण का प्रसार किया जाएगा।
धामी ने विभिन्न जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं ऊर्जा संरक्षण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव सीमांत क्षेत्रों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
मुख्यमंत्री बोले—हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चंपावत जिले के विकास के लिए ₹115.23 करोड़ की लागत से 43 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जीजीआईसी चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ₹51.37 करोड़ की 22 योजनाओं का लोकार्पण और ₹63.86 करोड़ की 21 योजनाओं का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी योजनाएं आदर्श चंपावत के स्वप्न को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि चंपावत जिला उत्तराखंड की आत्मा है और सरकार इसे राज्य का “मॉडल जिला” बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हर क्षेत्र में संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनका कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय की छात्राओं के साथ भोजन किया, उनसे बातचीत की और पढ़ाई से संबंधित फीडबैक लिया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जीजीआईसी ऑडिटोरियम में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत “आत्मनिर्भर भारत, नशामुक्त समाज, स्वच्छता, जल संरक्षण और आदर्श चंपावत निर्माण” के लिए डिजिटल हस्ताक्षर भी किए।
इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। प्रदेश के राशन विक्रेताओं के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को राशन विक्रेताओं के बकाया लाभांश और भाड़े के भुगतान के लिए 27 करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश को यह धनराशि प्राप्त हो चुकी है और विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इसमें राज्य का हिस्सा जोड़कर शीघ्र ही राशन विक्रेताओं को भुगतान किया जाए।
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एक सप्ताह पहले विधानसभा भवन स्थित सभागार में राशन विक्रेताओं के संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान मैंने उन्हें भरोसा दिलाया था कि दिवाली से पहले उनके बकाया लाभांश का भुगतान प्रारंभ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग बाकी बकाया राशि और भाड़े के भुगतान के लिए केंद्र सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए है।
उन्होंने सभी राशन विक्रेताओं को दीपावली एवं अन्य पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
नैनीताल। भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में बुधवार को आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के विधानसभा सम्मेलन में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में रेखा आर्या ने कहा कि जिस प्रकार स्वदेशी के विचार ने एक समय हमें अंग्रेजों से आज़ादी दिलाई थी, उसी मंत्र के सहारे अब हमें देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है और भारत को विश्व महाशक्ति बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के ज़रिए ही हम 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूर्ण कर सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि केवल खादी पहनने या मिट्टी के दीए जलाने से स्वदेशी का अर्थ पूरा नहीं होता। हमें हर स्तर श घर के सामान, कपड़े, मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की खरीद में यह सुनिश्चित करना होगा कि हम स्वदेशी उत्पादों को ही प्राथमिकता दें।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रदेश सह कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी प्रदीप जनौटी, कार्यक्रम जिला सह-संयोजक भुवन जोशी, जिला मंत्री प्रताप रैकवाल व विनीत अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, मंडल अध्यक्ष मधुकर श्रोत्रिय और नीरज बिष्ट सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
2.50 लाख से अधिक कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक डीए का भुगतान किया जाएगा
देहरादून। प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले 2.50 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए खुशखबरी दी है। सरकार ने 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने के आदेश दे दिए हैं। यह भत्ता 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2025 तक का नकद भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा अराजपत्रित कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ मिलेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से कर्मचारियों का लंबे समय से इंतजार खत्म हो गया।
केंद्र सरकार ने हाल ही में महंगाई भत्ते की दर को संशोधित कर 55% से बढ़ाकर 58% करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने इसी के अनुरूप दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस और डीए का तोहफा देने का निर्णय लिया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दीपावली से पहले बोनस और डीए जारी करने की मांग की थी। इसके बाद वित्त विभाग की ओर से प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देकर आज कर्मचारियों को बोनस और महंगाई भत्ता जारी करने का एलान कर दिया गया।
अब तक 17 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किए केदारनाथ धाम के दर्शन
रुद्रप्रयाग। बरसात के बाद अब केदारनाथ धाम की दूसरे चरण की तीर्थयात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार अब तक 17 लाख से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। अधिकतर श्रद्धालु जत्थों के साथ यात्रा पर निकल रहे हैं।
धाम में इन दिनों मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे श्रद्धालु दर्शन के साथ-साथ हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी ले रहे हैं। बरसात के महीनों में जहां यात्रा की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई थी और प्रतिदिन मुश्किल से 5 हजार यात्री ही दर्शन कर पा रहे थे, वहीं अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है।
अगस्त माह में अतिवृष्टि और गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन के कारण यात्रा कुछ समय के लिए बाधित करनी पड़ी थी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से रोकी भी थी। अब जब मौसम खुल गया है, तो श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।
स्थानीय व्यापारी विनोद सेमवाल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में रौनक लौट आई है। बरसात के बाद पहाड़ियों की तलहटी में उगी हरी घास और बुग्यालों का सौंदर्य तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर रहा है। श्रद्धालु अब प्रकृति के बीच आस्था और अध्यात्म का संगम महसूस कर रहे हैं।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति अब उस मुकाम पर पहुँच चुकी है, जहाँ विपक्षी बयानबाज़ी से ज़्यादा खतरनाक है “अर्बन नक्सल गैंग” की सक्रियता-और इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब खुलकर हमला बोला है।
मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक मंच से दो टूक कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड तेज़ी से विकास की राह पर हैं, लेकिन कुछ ‘अर्बन नक्सल गैंग’ के लोग प्रदेश में जिहादी मानसिकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान केवल चेतावनी नहीं था-यह घोषणा थी। घोषणा इस बात की कि अब सरकार न तो बख्शेगी, न चुप रहेगी, और न ही इन छिपे चेहरों को खुला मैदान देगी।
सीएम धामी का लहजा इस बार पहले से कहीं ज़्यादा सख्त और निर्णायक था। उन्होंने साफ़ कहा सरकार ऐसे लोगों के मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी, चाहे उसके लिए हमें कितनी भी सख़्ती क्यों न करनी पड़े। दरअसल, यह बयान ऐसे दौर में आया है जब उत्तराखंड तेज़ विकास, ईमानदार शासन और निर्णायक फैसलों की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। लेकिन इसी विकास के बीच, भ्रम का कारोबार और विचारधारात्मक नक्सलियत फिर सिर उठाने लगी है-वो गिरोह जो विकास नहीं, अविश्वास को बढ़ावा देता है।
मुख्यमंत्री के शब्दों में छिपा संदेश बिल्कुल साफ़ है- उत्तराखंड की शांत फिज़ा में विचारधारा की आग लगाने वालों की पहचान हो चुकी है, और अब सरकार ने खामोशी तोड़कर जवाब देने का ऐलान कर दिया है।
सीएम धामी ने साफ़ कर दिया है कि अब राज्य में न भ्रम चलेगा, न भड़काव, न किसी एजेंडे की राजनीति। यह केवल बयान नहीं, मुख्यमंत्री की रणनीतिक घोषणा है उत्तराखंड अब भ्रम नहीं, भरोसे का चेहरा बनेगा। ‘अर्बन नक्सल’ एजेंडा यहाँ टिकेगा नहीं- यह धामी का इरादा है।
