मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री ने वितरित किए तीलू रौतेली पुरस्कार
33 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार मिला
देहरादून। गुरुवार को आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार वितरित किए। प्रदेश भर से कुल 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए चुना गया है जबकि 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% आरक्षण देने का बड़ा कदम उठाया । इसके साथ ही समान नागरिक संहिता लागू करके महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाया । मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के सबसे बड़ा योगदान महिलाओं का रहेगा।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 1661 के दौर में तीलू रौतेली ने एक सशक्त महिला और वीरांगना के रूप में जैसी उपलब्धियां हासिल की, वह आज आश्चर्यजनक लगती हैं।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है और तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि को 11 हजार से तीन बार बढ़ाते हुए अब 51 हजार रुपए कर दिया गया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इसी तरह प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय भी बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि महिला सारथी योजना और एकल महिला स्वरोजगार योजना के जरिए प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी ।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना में भी यह सुनिश्चित किया गया है कि बालिका खिलाड़ियों को भी बराबर संख्या में सहायता राशि मिले।
इस अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास, विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा आदि उपस्थित रहे।
रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ ने गधेरे से निकाला शव
नैनीताल। नैनीताल जिले के बेतालघाट क्षेत्र में बरसाती नाले के तेज बहाव में बहे वन दरोगा का शव रात दो बजे एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है और मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
बेतालघाट ब्लॉक के गैरखाल निवासी 40 वर्षीय देवेंद्र सिंह, पुत्र दिलीप सिंह, वन विभाग की बेतालघाट रेंज में वन दरोगा के पद पर तैनात थे। बुधवार शाम वह खैरना बाजार से अपने साथी युवक के साथ बाइक से घर लौट रहे थे।
रातीघाट-बेतालघाट मोटर मार्ग पर डोलकोट क्षेत्र में बरसाती गधेरे को पार करने की कोशिश में वह बाइक समेत बहाव में बह गए। उनके साथ मौजूद युवक किसी तरह किनारे पर अटक गया और स्थानीय लोगों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन, बेतालघाट पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा और तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं। यहां तक कि पानी डायवर्ट करने के लिए दो लोडर मशीनों की भी मदद ली गई।
आखिरकार रात करीब दो बजे एसडीआरएफ की टीम ने गधेरे के बीच से देवेंद्र सिंह का शव बरामद कर लिया। राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेज दिया है।
पिछले वर्ष ही मृतक के छोटे भाई की करंट लगने से मौत हो गई थी। अब परिवार पर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रदेश में 520 सड़कें बंद, 779 मशीनें तैनात, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ तेजी से खोलने में जुटे
देहरादून। राज्य में लगातार जारी बारिश ने पहाड़ी जिलों में संकट गहरा दिया है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल के कई गांवों में भू-धंसाव से घरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं। खतरे के चलते कुछ लोगों ने रातोंरात अपने घर खाली कर दिए, वहीं प्रशासन ने भी कई इलाकों में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें भी धंसने लगी है।
इसी बीच प्रदेश सरकार ने सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए 15 सितंबर से गड्ढा मुक्त अभियान शुरू करने की घोषणा की है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के अनुसार, 31 अक्तूबर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। विभाग ने योजना बना ली है, लेकिन लगातार हो रही बारिश बाधा बन रही है।
वर्तमान में प्रदेश की 520 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिनमें पांच राष्ट्रीय राजमार्ग, 27 राज्य मार्ग, 17 मुख्य जिला मार्ग और 164 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। अकेले अल्मोड़ा जिले में 86 सड़कें ठप हैं, जबकि पौड़ी, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी जिले भी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
बंद रास्तों को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और बीआरओ ने 779 मशीनें तैनात की हैं। इसके बावजूद बारिश के बाद बार-बार सड़कें फिर से बंद हो रही हैं।
सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि 29 पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरकाशी जिले में सबसे ज्यादा 10 पुल प्रभावित हुए हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पुल भी शामिल हैं।
8 सितंबर को आयोग के समक्ष तलब, राष्ट्रीय महिला आयोग को भी भेजा गया पत्र
देहरादून। महिला सुरक्षा को लेकर देहरादून को असुरक्षित बताने वाली रिपोर्ट पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख़्त रुख अपनाया है। आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने वाली निजी एजेंसी पीवैल्यू एनालिटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को नोटिस जारी कर 8 सितंबर को देहरादून स्थित महिला आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग को भी इस मामले में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि “नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वूमन सेफ्टी” नाम से जारी यह रिपोर्ट पूरी तरह एक निजी कंपनी का आयोजन है। इसका केंद्र सरकार, राज्य सरकार या राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग से कोई संबंध नहीं है। रिपोर्ट में न तो आधिकारिक डेटा का इस्तेमाल हुआ है और न ही यह किसी मान्यताप्राप्त प्रक्रिया पर आधारित है। यह मात्र 31 शहरों में 12,770 महिलाओं पर किए गए सीमित सर्वे के आधार पर तैयार की गई है।
कंडवाल ने कहा कि इस रिपोर्ट को ऐसे प्रसारित किया गया, मानो इसे राष्ट्रीय महिला आयोग ने जारी किया हो, जबकि हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर भले ही उस कार्यक्रम में मौजूद थीं, लेकिन रिपोर्ट का संबंध न तो राष्ट्रीय महिला आयोग से है और न ही किसी सरकारी संस्था से।
राज्य महिला आयोग का कहना है कि इस तरह की गैर-प्रमाणिक रिपोर्ट से देहरादून और उत्तराखंड की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास हुआ है। जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है और लगातार ठोस कदम उठा रही है।
कुंभ 2027 होगा दिव्य और भव्य, मास्टर प्लान के तहत घाट, पार्किंग, टेंट सिटी और यातायात व्यवस्था पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय करते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों आगे बढ़ायें।
बुधवार को सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दवाब कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद़धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद़धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद़धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
एक ही छत के नीचे मिलेगी फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग, कृत्रिम अंग और रोजगार प्रशिक्षण की सुविधा
देहरादून। गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) शुरू हो गया। इस एकीकृत केंद्र में दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, आधार पंजीकरण व अपडेट, फिजियोथेरेपी, परामर्श, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, रोजगार प्रशिक्षण और विभिन्न चिकित्सकीय सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक खजान दास, पार्षद सुनीता मजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह उपस्थित रहे। महापौर ने इसे सशक्त समाज की दिशा में मील का पत्थर बताया। और हेल्पलाइन नंबर 8077386815 जारी किया। मौके पर दिव्यांग बच्चों को पुरस्कार और लाभार्थियों को उपकरण भी वितरित किए गए।
डीएम की पहल पर दिव्यांगजनों के लिए एकीकृत सेवाएं
डीएम सविन बंसल ने बताया कि समाज की लगभग 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है। ऐसे में उनका जीवन आसान बनाने और गरिमा के साथ जोड़ने के लिए डीडीआरसी केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने-जाने के लिए विशेष वाहन की भी व्यवस्था की गई है।
डीडीआरसी में फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, काउंसलिंग, अर्ली इंटरवेंशन, प्रमाणन, रोजगारपरक प्रशिक्षण और सहायक उपकरण वितरण की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग की देखरेख में डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। पुलिस द्वारा रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बरसात के बाद सड़कों के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अभी पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जनपदों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया और तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।
देहरादून। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने संगध पौंध केन्द्र की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि प्रदेश में महक क्रांति नीति के विस्तार के लिए वर्ष 2025 से वर्ष 2047 (विकसित भारत संकल्प) तक की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके प्रथम चरण में 22,750 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर कार्य किया जाएगा, जिससे लगभग 1,050 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 91 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
महक क्रांति नीति के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष वैली विकसित की जाएंगी। जिनमें चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज़ वैली (2000 हैक्टेयर), चम्पावत एवं नैनीताल में सिनॉमन वैली (5200 हैक्टेयर), पिथौरागढ़ में तिमूर वैली (5150 हैक्टेयर), हरिद्वार एवं पौड़ी लैमनग्रास वैली (2400 हैक्टेयर), ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार में मिन्ट वैली (8000 हैक्टेयर) सम्मिलित हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि महक क्रांति नीति प्रदेश के किसानों के लिए गेमचेंजर साबित होगी और इससे सुगंधित खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का ड्राफ्ट शीघ्र ही मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में सगंध पौध केंद्र के निदेशक डॉ0 नृपेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
नैनीताल में टूटे आठ साल पुराने बारिश के रिकॉर्ड
हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने से कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में उफान पर आई नदियाँ और नाले लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। राज्यभर में करीब 152 सड़कों पर आवागमन बाधित है।
बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज में चारपहिया वाहनों का संचालन दो दिन से बंद है। नदी का जलस्तर घटकर एक लाख क्यूसेक के नीचे जाने पर ही आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी।
नैनीताल में इस जनवरी में अब तक 2000 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। हल्द्वानी में गौला नदी के तेज बहाव के कारण नदी पुल के नीचे चेकडैम अपनी जगह छोड़ चुके हैं।
प्रदेश के देहरादून, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चंपावत और नैनीताल में बुधवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने की घोषणा की गई है।
पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियों पर इस सर्दी का पहला हिमपात भी दर्ज किया गया। व्यास, दारमा और मल्ला जोहार की चोटियां बर्फ से ढक गईं। चार दिन पहले पिथौरागढ़ में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस था, जो मंगलवार को गिरकर 21 डिग्री तक आ गया।
