ईओआइ के तहत अब उत्तराखंड में निजी जमीनों पर भी बना सकते हैं हेलीपैड और हेलीपोर्ट..
उत्तराखंड: प्रदेश में हवाई सेवाओं को बेहतर करने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में शासन ने जहां राज्य में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए उत्तराखंड हेलीपैड व हेलीपोर्ट नीति को मंजूरी दी तो वहीं अब उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) निजी क्षेत्र से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआइ) आमंत्रित करने जा रहा है। जिसके तहत निजि भूमि पर लोग हेलीपैड बनवा सकते है। इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।
आपको बता दे कि राज्य सरकार के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही आपातकाल की स्थिति में चिकित्सा और रेस्क्यू का काम आसानी से किए जाने के लिए हेलीपैड बनाने के लिए यह नीति बनाई है. इसके तहत हेलीपैड बनाने के लिए अब निजी जमीन को लीज पर दे सकते हैं या फिर खुद अपना बना सकते हैं। बताया जा रहा है कि निजी जमीन पर खुद से हेलीपैड बनाने पर सरकार उन्हें 50% की सब्सिडी देगी। अब इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ये हेलीपैड कहां बनने हैं, इसके लिए जल्द ही इसके तहत यूकाडा बताएगा कि किन क्षेत्रों में हेलीपैड बनाने की जरूरत है। यूकाडा जगह तय कर आवेदन आमंत्रित करेगा।इसके लिए इच्छुक व्यक्तियों स्वयं अथवा सरकार के सहयोग से हेलीपैड बनाने के आवेदन दे सकेंगे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में अधिकांश जगहों पर हेलीपैड की व्यवस्था नहीं है. जिससे कई बार वीआईपी लोगों के आने या फिर किसी बड़ी घटना के हो जाने पर हेलीपैड बनाने में बड़ा वक्त गुजर जाता है। अब इसको लेकर उत्तराखंड सरकार ने फैसला किया था कि निजी लोग भी अपनी जमीनों पर हेलीपैड बना सकते हैं। इसके साथ ही यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि कोई स्वयं हेलीपैड अथवा हेलीपोर्ट बनाने में सक्षम नहीं है तो वह सरकार को यह भूमि 15 वर्ष की लीज पर दे सकता है। इसके लिए उसे वार्षिक शुल्क के साथ ही इससे होने वाले लाभ का एक हिस्सा भी दिया जाएगा। ऐसे में अगले माह स्थानों की सूची जारी कर ईओआई आमंत्रित किए जाएंगे।
उत्तराखंड में नए साल का आगाज होगा कड़ाके की ठंड के साथ..
उत्तराखंड: नए साल पर उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने 30-31 दिसंबर और एक जनवरी को पांच पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जबकि प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरा छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के कार्यवाहक निदेशक डॉ. रोहित थपलियाल का कहना है कि उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर 30 दिसंबर से दिखाई देगा। जिसकी वजह से 31 और एक जनवरी तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेग। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके साथ ही इन जिलों के तीन हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। जहां एक ओर पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरा छाया रहने की संभावना जताई गई है। रिद्वार और यूएसनगर जनपदों में सुबह-शाम कोहरा छाया रहेगा। तीन दिनों तक दोनों जिलों में ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को किए गए आवास आवंटित..
उत्तराखंड: विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में आवास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एएचपी) के अर्न्तगत पांच आवासीय परियोजनाओं के तहत लाभार्थियों को आवास आवंटन किये। मंत्री का कहना हैं कि आवास विभाग द्वारा कुल 20 परियोजनाओं में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कह कि मंगलौर रूडकी आवासीय परियोजना, हरिद्वार के तहत 542, अनेकीहेत्तमपुर आवासीय परियोजना, हरिद्वार के तहत 845, महुवाखेड़ागंज आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के तहत 98, मानपुर आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के तहत 108 तथा उमेधपुर-रामनगर आवासीय परियोजना, नैनीताल के तहत 390 कुल 1983 लाभार्थियों को आवास आवंटित किये गये हैं।
आवास मंत्री का कहना हैं कि आवास आवंटन की प्रक्रिया को पूर्णतया पारदर्शी बनाये जाने हेतु ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटन किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास आवंटन के समय वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए भूतल में आवास आवंटन किये जा रहे हैं।
उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद द्वारा अब तक आवासीय परियोजनाओं के प्रथम चरण में कुल लगभग 6463 आवासों का आवंटन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शेष परियोजनाओं के आवंटन हेतु आवेदन पत्र लेकर आवास हेतु सत्यापन की कार्यवाही गतिमान है एवं शीघ्र ही इनका आवेदन भी सुनिश्चित कर लिया जायेगा।
आवास मंत्री ने बताया कि उक्त परियोजनाओं में रू0 6.00 लाख प्रति आवास की दर से निजी विकासकों द्वारा आवास मय भूमि परिषद् को उपलब्ध करायी जा रही है, जिसमें से रू0 1.50 लाख भारत सरकार द्वारा अनुदान के रूप में तथा रू0 1.00 लाख राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जा रही है। शेष रू0 3.50 लाख लाभार्थियों द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकासकों को यह धनराशि उसके द्वारा किये गये निर्माण की मात्रात्मक एवं गुणात्मक जांचोपरान्त कार्य की प्रगति के अनुसार समय-समय पर निर्गत की जा रही है। महिला सशक्तिकरण को ध्यान रखते हुए आवास आवंटन हेतु महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है अन्यथा की स्थिति में महिला एवं पुरूष को संयुक्त रूप से आवास आवंटन किये जा रहे हैं।इस अवसर पर विधायक, रानीपुर आदेश चौहान एवं विधायक, रामनगर, दिवान सिंह बिष्ट, अपर आवास आयुक्त, प्रकाश चन्द्र दुम्का, अधिशासी अभियन्ता, आनन्द राम तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं परियोजना के लाभार्थी उपस्थित रहे।
त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी के लिए छह महीने पहले से ही बुकिंग शुरू..
उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेडिंग डेस्टिनेशन उत्तराखंड पर जोर दिए जाने के बाद अब इस दिशा में लोगों का रुझान बढ़ने लगा है। वर्तमान स्थिति ये है कि जहां पहले त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी के लिए कुछ समय पहले ही बुकिंग होती थी तो वहीं अब तीन से छह महीने पहले ही गेस्ट हाउस की बुकिंग शुरू हो गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा से वेडिंग डेस्टिनेशन लिए तमाम क़्वेरी भी आ रही हैं। जिसके चलते गढ़वाल मंडल विकास निगम ने गढ़वाल क्षेत्र में मुख्य रूप से पांच ऐसे जगह को चिन्हित किया है जिसे वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
वेडिंग इन उत्तराखंड के लिए बढ़ रहा है लोगों का क्रेज..
डेस्टिनेशन उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर देहरादून के एफआरआई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट का शुभारंभ किया। उस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने वेडिंग डेस्टिनेशन उत्तराखंड पर जोर दिया था। इसके साथ ही कहा था कि जो अरबपति है और अपने परिवार की शादियां विदेशों में करते है अगर वो अपने परिवार से जुड़ी एक शादी उत्तराखंड में करते है तो इससे उत्तराखंड को बड़ा फायदा पहुंचेगा। साथ ही प्रदेश की न सिर्फ आर्थिकी इससे बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगो को रोजगार भी मिल सकेगा।
वेडिंग डेस्टिनेशन से जुड़ी जानकारी ले रहे लोग..
पीएम मोदी के “वेडिंग इन उत्तराखंड” के वक्तव्य का असर देखने को मिलने लगा है। जहां एक ओर शासन और प्रशासन स्तर पर वेडिंग डेस्टिनेशन पर जोर दिया जा रहा है। तो वहीं उत्तराखंड में शादी करने के लिए लोगो में काफी उत्साह भी देखा गया जा रहा है। क्योंकि, खासकर उत्तरप्रदेश और हरियाणा से लोग कॉल करके वेडिंग डेस्टिनेशन से जुड़ी तमाम जानकारियां ले रहे है। अभी तक सैकड़ों लोग कॉल कर के जानकारी ले चुके हैं। मुख्यरूप से अधिकांश लोग त्रियुगी नारायण मंदिर में शादी के लिए इच्छा जाता रहे है। इसके लिए जीएमवीएन के गेस्ट हाउस के बुकिंग की जानकारी ले रहे है।
जीएमवीएन ने पांच डेस्टिनेशन किए चिंन्हित..
जीएमवीएन के एमडी विनोद गोस्वामी ने बताया कि निगम की ओर से वेडिंग डेस्टिनेशन को प्रमोट किया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्य रूप से पांच मेजर डेस्टिनेशन चिन्हित किए गए है। जिन जगहों पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस और ओपन स्पेस है जहा वेडिंग डेस्टिनेशन को प्रमोट किया जा रहा है। जिसके तहत विश्व प्रसिद्ध त्रियुगी नारायण मंदिर जहा भगवान शंकर और मां पार्वती का विवाह हुआ था वो पहले से ही वेडिंग डेस्टिनेशन है लेकिन इसे और अधिक विकसित किया जाना है। दूसरा मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित तिलवाड़ा गेस्ट हाउस में वेडिंग डेस्टिनेश को और अधिक विस्तार देने पर काम किया जाएगा।
गंगा रिसॉर्ट जो मां गंगा के किनारे बना हुआ है उस जगह पर और यमुना घाटी में डाक पत्थर में मौजूद गेस्ट हाउस में वेडिंग के लिए प्रमोट कर रहे है। इसके साथ ही अलकनंदा नदी के किनारे मौजूद गेस्ट हाउस के समीप खुली जगह है जिसे वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। फोकस इस बात पर लिया जा रहा है कि बारात घर के साथ ही आने वाले सभी गेस्ट को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।
त्रियुगी नारायण में छह महीने के लिए हुई बुकिंग..
एमडी विनोद का कहना हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद क़्वेरीआने लगी है। साथ ही त्रियुगी नारायण मंदिर में अगले छह महीने बाद होने वाली शादियों की बुकिंग होने लग गई है। जबकि पहले एक दो महीने पहले ही बुकिंग होती थी। साथ ही कहा की त्रियुगी नारायण मंदिर के समीप ज्यादा खुली जगह नहीं है और ना ही ज्यादा होटल वहां मौजूद हैं। जिसके चलते लोग छह महीना पहले से ही बुकिंग करने लग गए हैं।
जो लोग बुकिंग कर रहे हैं उसमें उत्तराखंड राज्य से बाहर के लोगों के साथ ही उत्तराखंड के लोग भी शामिल हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लोगों का भी रुझान त्रियुगी नारायण मंदिर में शादी के लिए देखा जा रहा है। मौजूदा समय में सबसे अधिक बुकिंग उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य के लोगों की ओर से की गई है।
उत्तराखंड में नए साल पर 24 घंटे खुलेंगे होटल-रेस्टोरेंट और ढाबे, आदेश जारी..
उत्तराखंड: नए साल पर प्रदेशभर में सभी होटल, रेस्टोरेंट व ढाबे 24 घंटे खुलेंगे। श्रम विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि पर्यटकों की सुविधा के लिए यह अहम कदम साबित होगा। एक ओर जहां मौसम विभाग ने प्रदेश में कई स्थानों पर बर्फबारी होने का अनुमान जताया है, तो वहीं प्रदेशभर में कई पर्यटन स्थलों, शहरों में पर्यटक नए साल का जश्न मनाने को पहुंचते हैं। चूंकि, सभी होटल, ढाबों के बंद होने का समय तय है। ऐसे में कई पर्यटकों को परेशानी हो सकती है।
सचिव श्रम आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियम एवं सेवा शर्त) अधिनियम 2017 के तहत पर्यटकों की आवाजाही के मद्देनजर सभी होटल, रेस्टोरेंट व ढाबे 24 घंटे खुलेंगे। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों का दिन व रात्रि पाली में नियमों के हिसाब से काम करने की अनुमति भी दी है। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों के मालिकों से आह्वान किया कि वे इस सीजन के दौरान अपने प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रखें।
यूपी के डिप्टी सीएम बोले-सनातन पर हमला करने वाले मिट गए..
उत्तराखंड: हरिहर आश्रम में चल रहे दिव्या आध्यात्मिक महोत्सव के तीसरे दिन यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन पर हमला करने वाले मिट गए, लेकिन सनातन की पताका आज विश्वभर में फहरा रही है। कहा कि उन लोगों का भी आज पता नहीं है, जो लोग नो मन जनेऊं इकट्ठा करने के बाद भी भोजन करते थे। जो लोग आज सनातन पर अपशब्द का प्रयोग कर रहे हैं, मैं उन अराजक तत्वों की घोर निंदा करता हूं।
कहा कि कोरोना कल में सनातन ने दुनिया को दिखा दिया कि वह सबसे आगे है, क्योंकि कोरोना काल में दुनिया के लोग जब प्राणों लिए तड़फ रहे थे, तब भारत ने वैक्सीन तैयार कर न केवल देश के लोगों कोरोना से बचाया, बल्कि दुनिया भर के 100 से अधिक देशों को वैक्सीन देकर बता दिया कि सनातन वासुदेव कुटुंब की भावना से कार्य करता है।
नए साल पर पहाड़ों में बर्फबारी के आसार, मैदानी इलाकों में पड़ेगी कड़ाके की ठंड..
उत्तराखंड: प्रदेश में नए साल पर मौसम का मिजाज बदलेगा। पहाड़ों पर बर्फबारी होने के साथ ही मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। बारिश और बर्फबारी होने के कारण प्रदेश में ठंड में इजाफा होगा। नए साल के जश्न के लिए प्रदेश में देशभर से सैलानी आ रहे हैं। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक पहाड़ों का रूख कर रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने बारिश और बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक नए साल में प्रदेश भर के मौसम का मिजाज बदलेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सुबह घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। जबकि आने वाले कुछ दिनों में मौसम करवट लेगा। नए साल पर पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के आसार हैं। जबकि इसका सीधा असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलगा। शीतलहर चलने से प्रदेश भर में ठंड बढ़ेगी और तापमान में भी गिावट दर्ज की जाएगी। आपको बता दें कि 31 दिसंबर की रात को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। जिसके कारण नए साल की शुरुआत में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से वातावरण में नमी बननी शुरू हो गई है। दिन का तापमान भी अब इस वजह से कम होने लगा है।
अब सर्दियों की छुट्टियों में भी स्कूलों में बोर्ड परीक्षा की कराई जाएगी तैयारी..
उत्तराखंड: प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में एक जनवरी से सर्दियों की छुट्टियां शुरू हो रही हैं, लेकिन इस दौरान उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से विंटर कैंप आयोजित होंगे। समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक डाॅ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया कि एक से 14 जनवरी तक विंटर कैंप का आयोजन छात्रहित में लिया गया है। इससे बोर्ड परीक्षाफल में सुधार होगा। ऐसे हर स्कूल में जहां वर्चुअल कक्षाएं स्थापित हैं। इस अवधि में कक्षाएं खुली रहेंगी।
जिनमें 12वीं के छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान विषय पढ़ाया जाएगा, जबकि 10वीं के विद्यार्थियों के विज्ञान, गणित व अंग्रेजी के प्रश्नपत्र विशेषज्ञों के सहयोग से हल कराए जाएंगे। ऐसे शिक्षकों को छुट्टी में किए गए कार्य के बदले नियमानुसार अवकाश दिया जाएगा। स्थान की उपलब्धता को देखते हुए अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी इसमें प्रतिभाग का अवसर दिया जा सकता है।
अब घर बैठे ऐसे बनवाएं बच्चों का आधार कार्ड..
उत्तराखंड: अगर आपको आधार कार्ड बनवाना है तो आपके लिए काम की खबर है। अब आधार बनाने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेगे। बताया जा रहा है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड अब घर पर ही आसानी से बन जाएंगे। जिसके लिए डाक विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। विभाग की टीम आपकी सूचना पर घर पहुंचेगी और निःशुल्क आधार संबंधी प्रक्रिया पूरी करेगी। ये सुविधा शुरू हो गई है।
आपको बता दे कि डाक विभाग की ओर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के घर बैठे आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। आधार कार्ड बनाने के लिए स्वजन को अपने मोबाइल पर डाक विभाग का पोस्ट इन्फो एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन पूछी गई जानकारी जैसे नाम, पता आदि देनी होगी। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभाग की टीम बच्चे का आधार कार्ड बनाने घर पहुंचेगी। ये प्रक्रिया निः शुल्क होगी। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक कराता है, तो उन्हें 50 रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा विभाग की ओर से सभी डाक केंद्रों में आधार कार्ड बनाने के सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
गौरतलब है कि आधार कार्ड भारतीयों का वो कागज है जो हर काम में जरूरी है। बच्चों से लेकर बड़े तक के लिए आधार कार्ड बहुत जरूरी होता है। अब इसी आधार कार्ड को बनाने के लिए बड़ी पहल की गई है। बताया जा रहा है कि घर पर आधार कार्ड बनाने को लेकर तकरीबन 80 पोस्ट मास्टरों को प्रशिक्षित किया गया है। हर दिन बनने वाले आधार कार्ड की मॉनिटरिंग विभाग के अधिकारी करेंगे। बच्चों के आधार कार्ड का विभाग कोई शुल्क नहीं लेगा।
कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में एक बार प्रमोशन के मानकों में छूट..
उत्तराखंड: प्रदेश मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में एक बार के लिए प्रमोशन के मानकों में छूट देने का फैसला किया है। इसके लिए कार्मिक विभाग को अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण (संशोधन) नियमावली को एक जुलाई से 2023 से 30 जून तक के लिए प्रभावी कर दिया गया है। कैबिनेट के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों की मुराद होने जा रही है। वे लंबे समय से प्रमोशन में शिथिलीकरण की मांग कर रहे थे। कर्मचारी संगठनों के स्तर पर ये मांग उठाई जा रही थी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने मंत्रिमंडल के फैसले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट किया है।
उनका कहना हैं कि सरकार के इस फैसले को यदि प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो करीब 10 हजार कर्मचारियों की प्रमोशन की मुराद पूरी हो जाएगी। बता दें कि विभागों में बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारी हैं जिनकी अगली पदोन्नति के पद खाली हैं, लेकिन मौजूदा पद पर प्रमोशन के जितने वर्ष की सेवा उन्हें पूरी करनी है, वह अभी बाकी है। अब उन्हें प्रमोशन के लिए मानकों में छूट मिल जाएगी।
धन्यवाद पर लाभ मिलना मुश्किल होगा- नौटियाल..
मिनिस्टीरियल फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद नौटियाल ने भी सीएम का भार जताया, लेकिन साथ ही यह आशंका भी जताई कि जून 2024 तक इसे लागू करने पर कर्मचारियों को इसका लाभ मिल पाना मुश्किल होगा। पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होते ही लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाएगी। इससे पदोन्नति के लिए कम समय मिलेगा। सरकार को इसे जून 2025 तक लागू करे।
