समीक्षा बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही प्रदेश में स्पोर्ट्स स्कूल खिलाड़ियों को तैयार करते दिखाई देंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभाग को इस कॉन्सेप्ट पर तेजी से काम करने की निर्देश दिए हैं ताकि छोटी उम्र से बच्चों को खेल पर फोकस कराया जा सके।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए यह जरूरी है कि छोटी उम्र से बच्चों को खेल का विशेष प्रशिक्षण मिले। उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास 14 स्पोर्ट्स हॉस्टल हैं लेकिन यह पुराना कॉन्सेप्ट आज की जरूरत के हिसाब से उतना कारगर नहीं है। इसलिए इन स्पोर्ट्स हॉस्टल को स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित किया जाए, जहां 6 साल की उम्र से बच्चे खेल के मैदान में रच बस सकें।
बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को भी इस तरह के स्कूल शुरू करने के लिए सरकारी मदद कैसे दी जाएगी, इसका प्रस्ताव तैयार करें । साथ ही स्पोर्ट्स नर्सरी बनाने का प्रस्ताव भी अधिकारी जल्द तैयार करें।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि “एक जनपद एक खेल” परिकल्पना के तहत हर जिले में ज्यादा प्रचलित खेल को उस जनपद की पहचान के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए भी प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फिट उत्तराखंड ऐप पर अभी तक प्रदेश के हर उम्र के 1 लाख 22 हजार से ज्यादा एथलीट रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस ऐप पर यह लोग अपनी खेल गतिविधियों के जो वीडियो अपलोड कर रहे हैं, इन वीडियो का विश्लेषण कर इन्हें ऑनलाइन कोचिंग देने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि अग्नि वीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र या ओपन जिम के लिए स्कूल कॉलेज के ग्राउंड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी के खेल विश्वविद्यालय में इसी जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी की जाए।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा प्रबंधन पर व्यापक चर्चा, पुलिस प्रशासन ने साझा की रणनीति
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ‘अतिथि देवो भवः’ के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियों शुरू
प्रशासन का संकल्पः श्रद्धालुओं को मिले सरल, सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सोमवार को ट्रांजिट कैम्प, ऋषिकेश में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को प्रस्तुत किया। बैठक में गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी मौजूद थे।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प ‘अतिथि देवो भवः’ के अनुरूप चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 तथा श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
आयुक्त ने कहा कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों द्वारा उठाई गई व्यवहारिक समस्याओं के समाधान हेतु अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुतियाँ प्राप्त होते ही एक-दो दिवस के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
होटल एसोसिएशन की मांग पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, यद्यपि प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने हेतु न्यूनतम पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन की मांग पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को ही प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से किराए पर सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकृत वाहन संचालकों के हितों की रक्षा हो तथा यात्रियों की सुरक्षा एवं व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। डंडी-कंडी संचालकों के साथ हुई वार्ता में आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उनके पंजीकरण, सत्यापन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान होटल एसोसिएशन द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को समय पर प्रारंभ करने, चारों धाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देने, होटल बुकिंग कराने वाले यात्रियों को वरीयता प्रदान करने तथा पंजीकरण प्रणाली को अधिक सुगम बनाने के सुझाव दिए गए। वहीं टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन ने बाहरी ट्रेवल एजेंसियों के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने एवं निजी वाहनों द्वारा सवारी ढोने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
गढ़वाल आयुक्त ने सभी स्टेक होल्डर्स को आश्वस्त किया कि उनके महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाकर चारधाम यात्रा को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाएगा तथा यात्रा के सफल संचालन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अपर आयुक्त प्रशासन उत्तम सिंह चौहान, सभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून संदीप सैनी, उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, नियंत्रक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मन महोन सिंह रावत, अध्यक्ष चारधाम एशोसिएशन राजेश मेहता, शैलेन्द्र मठूडा, शैलेश ध्यानी, सचिव होटल एशोसिएशन मनोज सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, बीपी नैथानी, सुभाष सिंह, धीरज सेमवाल, अनिल कुमार, विनोद डिमरी, अमर बेलवाल सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं होटल एशोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स व डंडी-कडी संचालकों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा
देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
मीता राजीव लोचन ने बताया कि उत्तराखंड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि उपयोग, होम स्टे, उद्यमिता और श्रम सुधार के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फेज-2 के तहत राज्य के लिए भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति हेतु सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण और पर्यटन क्षेत्र में नवाचार सहित कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। इनका उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों से संबंधित प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृति देने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू कर निवेश को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने बताया कि राज्य का विनिर्माण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में 26 प्रतिशत योगदान दे रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस क्षेत्र का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किया जा रहा है। कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, बेहतर जीवन गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण के कारण उत्तराखंड निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। निवेश बढ़ाने के लिए नियमों को निवेशकों के अनुकूल बनाया जा रहा है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का समयबद्ध और समन्वित ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे राज्य में निवेश का माहौल और अधिक सरल और अनुकूल बनाया जा सके।
बैठक में केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अदांकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
“दो चालक–एक गोल्फ कार्ट” मॉडल से सुरक्षित रहेगी रिक्शा चालकों की आजीविका
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर जल्द ही आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का विस्तार होने जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर माल रोड में कुल 54 गोल्फ कार्ट संचालित की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को सुविधाजनक आवागमन मिलेगा और स्थानीय रिक्शा चालकों की आजीविका भी सुरक्षित रहेगी।
“दो चालक–एक गोल्फ कार्ट” मॉडल लागू
जिला प्रशासन ने रिक्शा चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए “दो चालकों पर एक गोल्फ कार्ट” मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। इससे परंपरागत रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और चालक आधुनिक परिवहन व्यवस्था से भी जुड़ सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह मॉडल रोजगार सुरक्षा और तकनीकी विकास के बीच संतुलन स्थापित करेगा।
14 से बढ़कर 54 होगी गोल्फ कार्ट की संख्या
वर्ष 2024 में इस योजना की शुरुआत केवल चार गोल्फ कार्ट के साथ की गई थी। वर्तमान में 14 गोल्फ कार्ट संचालित हो रही हैं, जबकि अब 40 नई गोल्फ कार्ट शामिल किए जाने से इनकी कुल संख्या 54 हो जाएगी। इससे पर्यटकों को सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
सीएसआर से मिली 3.36 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी द्वारा इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया था। लगभग नौ महीने की प्रक्रिया और कई दौर की बैठकों के बाद भारत सरकार की संस्था आरईसी लिमिटेड से सीएसआर मद में 3.36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।
बिना सरकारी खर्च के साकार हुई योजना
जिला प्रशासन के अनुसार, इस योजना से राज्य सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। गोल्फ कार्ट संचालन से जहां मसूरी में आधुनिक और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली विकसित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय चालकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
प्रशासन का कहना है कि यह पहल मसूरी को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
सैन्य धाम शहीदों के सम्मान और सैन्य परंपरा का प्रतीक- गणेश जोशी
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्य धाम के अंतिम चरण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने लोकार्पण से पूर्व सभी निर्माण कार्यों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि सैन्य धाम केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि वीर शहीदों के सम्मान और प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा का प्रतीक है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सैनिक कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि लोकार्पण कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को समर्पित है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनेगा। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल (UPNL) के अधिकारियों को विदेशों में रोजगार के अवसरों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं के तहत 50 प्रतिशत पद पूर्व सैनिकों तथा शेष 50 प्रतिशत पदों पर गैर-सैनिक युवाओं को अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि दोनों वर्गों को समान रूप से लाभ मिल सके।
इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव सैनिक कल्याण श्याम सिंह, उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनिदेशक विंग कमांडर निधि बधानी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इन जिलों में बदल सकता है मौसम
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं।
मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार हैं।
मैदानी इलाकों में रहेगा साफ मौसम
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 18 फरवरी को भी पहाड़ी जिलों में इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है, जबकि 19 से 21 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव का तापमान पर बहुत अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है।
धूप से बढ़ा तापमान
रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली तेज धूप ने गर्मी का अहसास करा दिया। राजधानी देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक बढ़कर 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री ऊपर 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई।
दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
ऋषिकेश। शहर के चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बर्तन की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। तेज धमाके के साथ दुकान से आग की ऊंची लपटें और घना धुआं उठने लगा, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय हुए जोरदार धमाके से आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकानदार को सूचना दी और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग को मौके पर बुलाया गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा बर्तनों का पूरा सामान जलकर राख हो चुका था, जिससे दुकानदार को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
गनीमत यह रही कि घटना के समय दुकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बड़ा हादसा टलने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
1857 की क्रांति के महान नायक तात्या टोपे की जयंती पर मुख्यमंत्री धामी ने किया याद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1857 की क्रांति के महान नायक तात्या टोपे की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद तात्या टोपे का जीवन अदम्य साहस, असाधारण रणनीतिक कौशल और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद तात्या टोपे ने अंग्रेजी हुकूमत को कड़ी चुनौती दी और अपनी सैन्य सूझबूझ से स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि तात्या टोपे का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
पास कराने के बदले मांगते थे 10 लाख रुपये
देहरादून। देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में, परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने संगठित नकल गिरोहों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत पहले ही दे दिए थे।
इसी क्रम में उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तरप्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कर्मचारी चयन आयोग की एसएससी मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) भर्ती परीक्षा के दौरान एक हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ठगी और नकल कराए जाने की सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। 13 फरवरी 2026 को प्राप्त पुख्ता इनपुट के आधार पर देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में दबिश दी गई।
कार्रवाई के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में 24×24 इंच का एक गुप्त अंडरग्राउंड चैंबर मिला, जिसमें दो लैपटॉप और राउटर सक्रिय अवस्था में पाए गए। जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे। एसटीएफ टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सील कर कब्जे में लिया।
इस मामले में दो आरोपियों—नीतिश कुमार (निवासी देवरिया, वर्तमान दिल्ली) और भास्कर नैथानी (निवासी देहरादून)—को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले करीब 10 लाख रुपये की मांग करता था और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकल कराई जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश और छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।
महिला सुरक्षा, लॉ एण्ड आर्डर तथा यातायात सुधार की दिशा में और अधिक ठोस प्रयासों को बताया अपनी प्रार्थमिकता
पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा रखते हुए कार्यक्षमता को बढाने पर रहेगा फोकस
सामजिक सौहार्द बिगाडने का प्रयास करने वालों के विरूद्ध जीरो टालरेंस का दिया संदेश, होगी सख्त वैधानिक कार्यवाही
देहरादून। प्रमेन्द्र डोभाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के पद का औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता कर जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने कहा कि महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में जल्द ही सख्त और परिणामोन्मुखी कार्ययोजनाएं लागू की जाएंगी।
एसएसपी डोभाल ने पुलिस बल के मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि आम जनता को और अधिक प्रभावी पुलिसिंग का लाभ मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने साम्प्रदायिक सौहार्द और धार्मिक समरसता को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
