रॉयल डिलीशियस सेब ₹51 प्रति किलो, रेड डिलीशियस व अन्य ₹45 प्रति किलो में होगी खरीद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली गांव सहित इसके आस-पास के क्षेत्रों के सेब की सरकार द्वारा खरीद किए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार धराली व इसके आसपास के क्षेत्र का रॉयल डिलीशियस सेब रू. 51/- प्रति किग्रा. तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब रू. 45/- प्रति किग्रा. की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान विभाग के माध्यम से खरीदा जाएगा। इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था मुख्यमंत्री घोषणा मद से की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस संबंध में जारी एक परिपत्र में सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग को तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित कर वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति का शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री को उक्त घोषणा के अनुपालन की वस्तुस्थिति से भी अविलंब अवगत कराए जाने की अपेक्षा की गई है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लगातार किसानों के हित में निर्णय ले रहे हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हर्षिल घाटी का सेब विश्वभर में अपनी गुणवत्ता के लिए पहचान रखता है। लेकिन हाल ही में धराली क्षेत्र में आई आपदा ने स्थानीय किसानों को बड़ी क्षति पहुँचाई है। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। कृषि मंत्री जोशी ने बताया कि किसानों की ओर से लगातार सेब खरीद की मांग उठाई जा रही थी।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पूर्व बैठकों में सेब का एमएसपी तय करने के निर्देश दिए थे, जिसका परिणाम अब किसानों को राहत के रूप में मिला है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जानकारी दी कि हाल ही में हुई अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं प्राकृतिक आपदाओं से औद्यानिक एवं कृषि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि औद्यानिक फसलों की क्षति का कुल क्षेत्रफल 12,549.52 हैक्टेयर दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 5,054.65 हैक्टेयर है, जिसमें सिंचित क्षेत्र 1,454.99 हैक्टेयर और असिंचित क्षेत्र 3,600.66 हैक्टेयर शामिल हैं। इसी प्रकार, कृषि क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 136.50 हैक्टेयर दर्ज किया गया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से कुल 6,873 कृषक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रभावित किसानों को शीघ्र ही मानकों के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का दो टूक संदेश, नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत
सुनियोजित विकास और जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता, अवैध निर्माण पर अभियान जारी रहेगा- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अवैध निर्माण व अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार सख़्त कार्रवाई कर रहा है। अब तक 200 से अधिक अवैध निर्माणों व प्लॉटिंग पर कार्यवाही की जा चुकी है। इसके साथ ही नियम विरुद्ध निर्माण कर रहे बहुमंज़िला भवनों को भी बड़ी संख्या में सील किया जा रहा है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियमों के विपरीत काम करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और उन पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। जो लोग प्राधिकरण के नियमानुसार निर्माण कर रहे हैं, उनके हित सुरक्षित हैं, लेकिन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ यह अभियान बिना किसी दबाव के आगे भी जारी रहेगा।
हर्बटपुर में ध्वस्तीकरण
इसी कड़ी में आज मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत हर्बटपुर, विकासनगर और अन्य स्थानों पर आज भी एमडीडीए की संयुक्त टीम द्वारा अवैध प्लाटिंग व व्यवसायिक निर्माणों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एटनबाग, हर्बटपुर में प्रशान्त द्वारा लगभग 5 बिघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं हर्बटपुर में अमर सिंह द्वारा अवैध रूप से निर्मित दो मंजिला व्यवसायिक भवन को सील कर दिया गया।
विकासनगर और डाकपत्थर में सीलिंग
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत मुख्य चकराता रोड, बाबूगढ (हेरिटेज वैडिंग प्वाइंट) विकासनगर में भरत सिंह नेगी द्वारा किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया।
निकट गुरुद्वारा चौक, विकासनगर में नीरज गुप्ता व मनोज कुमार द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों को सील कर दिया गया।
तेलपुर मार्ग निकट दुर्गा मंदिर, विकासनगर में रामशाह द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही हुई।
जीवनगढ, डाकपत्थर में रविन्द्र चौहान, शाहिल एवं आशु आदि द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माणों को भी सील किया गया।
सेलाकोई में क्रीड़ा मैदान पर भी कार्रवाई
आज मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत बहादुरपुर रोड, सेलाकोई में सुनील थापा द्वारा लगभग 2.5 बिघा भूमि पर कॉलम की सहायता से निर्माणाधीन क्रीड़ा मैदान पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
संयुक्त टीम और पुलिस बल की मौजूदगी
इस कार्यवाही में सेक्टर सहायक अभिषेक भारद्वाज, प्राधिकरण द्वारा गठित संयुक्त टीम तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
अवैध निर्माण पर सख़्त रुख
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण व अवैध प्लाटिंग को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की सुरक्षा और शहरी विकास की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई आगे भी की जाती रहेगी।
1300 विद्यालयों में होगा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
देहरादून। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और समावेशी बनाने के दृष्टिगत विद्यालयी शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा के तहत आगामी 23 सितम्बर से ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम की शुरूआत करेगा। इस अभिनव कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिये विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां एवं प्रेरक व्यक्ति छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित कर अपने अनुभव साझा करेंगे, साथ ही छात्र-छात्राएं अपने सवाल भी उनसे पूछ सकेंगे। ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम का प्रदेशभर के 1300 विद्यालयों में सजीव प्रसारण किया जायेगा।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ व ‘मन की बात’ कार्यक्रम की तर्ज पर प्रदेश में ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया जायेगा। जिसका शुभारम्भ आगामी 23 तारीख को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह द्वारा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देहरादून में स्थापित केन्द्रीय वर्चुअल स्टूडियो से किया जायेगा। इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण प्रदेशभर के 1300 विद्यालयों में किया जायेगा। जिसमें 500 वर्चुअल क्लास व 800 हाईब्रिड मोड़ क्लास वाले विद्यालय शामिल हैं। डॉ. रावत ने बताया कि यह कार्यक्रम उत्तराखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को प्रेरक व्यक्तित्वों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। ‘शिक्षा की बात’ की श्रंखला में प्रख्यात साहित्यकारों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, रंगकर्मियों, पर्यावरणविदों, संस्कृति संवाहकों, वैज्ञानिकों, सैन्य अधिकारियों एवं व्यवसायियों सहित विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करेंगे और भविष्य के प्रति उन्हें प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर छात्र-छात्राएं अपनी जिज्ञासाओं, अपेक्षाओं एवं सीखने-सिखाने की प्रक्रिया पर संवाद भी कर सकेंगे।
डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं, कैरियर संबंधी समझ एवं उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी की रवांई संस्कृति से लेकर सीमांत जनपद पिथौरागढ़, चमोली एवं उत्तरकाशी के जनजातीय समुदायों तक और हरिद्वार-देहरादून जैसे सुविधा-संपन्न क्षेत्रों तक, विभिन्न भौगोलिक पृष्ठभूमियों के छात्र-छात्रायें इस कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे।
मलबे में दबे कुंवर सिंह 16 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाले गए, लेकिन उनका परिवार नहीं बच सका
नंदानगर। चमोली के नंदानगर में बादल फटने से हुई तबाही ने एक पूरे परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। मलबे में दबे कुंवर सिंह को 16 घंटे बाद तो बचा लिया गया, लेकिन उनकी पत्नी और जुड़वा बच्चों की जान नहीं बच पाई। गांव में इस दर्दनाक मंजर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर के कुंतरी फाली गांव में बृहस्पतिवार तड़के बादल फटने से भारी तबाही हुई। मलबे में दबे लोगों की तलाश में राहत और बचाव अभियान जारी है। कुंवर सिंह का परिवार इस आपदा में सबसे अधिक प्रभावित हुआ। घर में सो रहे उनकी पत्नी कांती देवी और 10 वर्षीय जुड़वा बेटे विकास व विशाल मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। जब बचावकर्मियों ने मलबा हटाया तो कुंवर सिंह की आवाज सुनाई दी और 16 घंटे बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
फाली लगा कुंतरी के बलवंत सिंह का बेटा परिवार के साथ दूसरे शहर में रहता है, जबकि कुंवर सिंह और उनके परिवार ने गांव में ही मजदूरी करके अपना घर बनाया था। दोनों बच्चे सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ते थे। गांववासियों ने मलबे में दबे परिवार के शव और कुंवर सिंह को देखकर भारी दुःख व्यक्त किया। प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है और लापता लोगों की खोज जारी है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अधिकारी तैनात
देहरादून। लगातार भारी वर्षा से तहसील सदर देहरादून के फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, सरौना और चामासारी क्षेत्र में दैवीय आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मकानों, गौशालाओं, पशुधन, कृषि भूमि, सड़कों, सिंचाई गूलों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 34 व 72 के तहत आदेश जारी कर विशेष तहसीलदार, बीडीओ और अन्य विभागीय अधिकारियों को अग्रिम आदेश तक प्रभावित क्षेत्रों में प्रवास हेतु तैनात कर दिया है।
डीएम बंसल स्वयं दुर्गम गाड़-गदेरे और ढंगार पार कर हेली सेवा का विकल्प छोड़ प्रभावित गांवों तक पहुंचे और करीब चार हजार की आबादी का हाल जाना। उन्होंने प्रभावितों को राहत पहुंचाने और मुआवजे की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के लिए अधिकारियों को मौके पर ही रहने के निर्देश दिए। लोनिवि को भवन क्षति की तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने, पीएमजीएसवाई को खाले व पैदल मार्ग तत्काल खोलने, और शिक्षा विभाग को विद्यालयों की समस्याओं पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
डीएम ने साफ चेतावनी दी है कि राहत व पुनर्वास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जनजीवन सामान्य बनाने के प्रयासों में जुटा है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और राहत कार्यों की स्थिति का लिया जायजा
चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नंदानगर के आपदा प्रभावित कुंतरी गांव का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका हालचाल जाना और आपदा में हुए नुकसान तथा राहत कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की भी जानकारी दी।
मंत्री जोशी ने प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित पुनर्निर्माण के दिए निर्देश
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हाल ही में आई आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा की। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में बहाल किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र के कई स्थानों पर आपदा के चलते नालों, पुलों, सड़क किनारे सुरक्षा दीवारों इत्यादि के कार्यों का त्वरित पुनर्निर्माण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय जनता को राहत पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए विभागीय अधिकारी बिना किसी देरी के कार्ययोजना तैयार कर उसे क्रियान्वित करें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रभावित स्थलों का मौके पर सर्वे करने और शीघ्र विस्तृत इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस्टीमेट तैयार होने के बाद शासन स्तर पर आवश्यक बजट की स्वीकृति दिलाकर पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किए जाएंगे। मंत्री जोशी ने यह भी कहा कि आपदा के चलते प्रभावित ग्रामीणों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
25 सितंबर तक प्रदेशभर में हल्की बारिश होने के आसार
देहरादून। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आज भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जनपदों के कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अन्य जिलों में भी रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि 25 सितंबर तक प्रदेशभर में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को 3 दिन में सूची तैयार करने के निर्देश दिए
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षकों की वरिष्ठता प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में वरिष्ठता सूची तीन दिन के भीतर न्यायालय को सौंप दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिये गये हैं है। इसके अलावा विभाग में अधिकारियों के लम्बित पदोन्नति के प्रकरण पर भी शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।
सूबे विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर उच्च न्यायालय में चल रहे शिक्षकों की वरिष्ठता, पदोन्नति एवं स्थानांतरण प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें निर्णय लिया गया है कि उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के क्रम माध्यमिक शिक्षा के करीब 3300 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची अगली सुनवाई से पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत कर दी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र सूची तैयार कर अगली सुनवाई की तिथि 23 सितम्बर से पूर्व न्यायालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा विभाग में अधिकारियों की शीघ्र डीपीसी करा कर रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति करने के भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को धारा-27 के तहत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव मांगने के भी निर्देश दिये, जिसके तहत स्वयं गंभीर रोग से ग्रसित शिक्षक एवं कार्मिक, उनके माता-पिता, पति-पत्नी एवं बच्चे शामिल है।
इसके अलावा स्वयं दिव्यांग शिक्षक एवं कार्मिक व उनके माता-पिता, पति-पत्नी एवं बच्चे तथा विधवा, विधुर, तलाकशुदा, परित्यागता, सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों में तैनात शिक्षकों के पति एवं पत्नी शामिल है। इसके अलावा बैठक में डायट एवं आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये निकटतम विकासखण्ड/जनपद के अधिकारियों को प्राचार्यों के रिक्त पदों का अतिरिक्त प्रभार देने को कहा। विभागीय मंत्री ने आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को आपदा मोचन निधि के तहत स्वीकृत धनराशि का नियत समय पर उपयोग करने के निर्देश दिये। साथ ही आपदा संबंधित कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने को भी कहा।
बैठक में अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरू, एम.एम. सेमवाल, उप सचिव अनिल कुमार पाण्डेय, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक अजय नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव, प्रेम सिंह राणा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
एसडीआरएफ-एनडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी, राहत कार्य तेज
देहरादून। देहरादून में आपदा का कहर जारी है। अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को चौथे दिन राहत-बचाव कार्य के दौरान मजाडा से झारखंड निवासी विरेंद्र सिंह का शव बरामद हुआ। वहीं, मसांदावाला कैंट से लापता प्रीतम सिंह का शव सहारनपुर से और पुष्पेंद्र का शव यमुनानगर से मिला।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रशासन को राहत कार्य और तेज करने के निर्देश दिए। इससे पहले जिलाधिकारी सविन बंसल ने भी पैदल दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।
आपदा में सबसे बड़ी घटना परवल में हुई थी। यहां से लापता हुए 14 लोगों में से 12 के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 2 की तलाश अब भी जारी है। वहीं, फुलेत गांव में छह लोग लापता हुए थे, जिनमें से तीन के शव मिल चुके हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि कई मार्गों पर वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई है। मसूरी मार्ग को शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रखा जाएगा। प्रेमनगर में टोंस नदी पर पुल टूटने के बाद डायवर्जन मार्ग से यातायात कराया जा रहा है। मालदेवता क्षेत्र में अस्थायी कच्ची सड़क बनाकर आपातकालीन वाहनों की आवाजाही शुरू की गई है।
