सड़कों की तत्काल मरम्मत के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड और किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों की तत्काल मरम्मत कर यातायात सामान्य बनाया जाए और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग एवं राहत शिविर स्थापित किए जाएं।
सीएम ने कहा कि सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर प्रभावित परिवारों को आपदा मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, डीएम देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए
देहरादून। मालदेवता क्षेत्र के किसनपुरी बांडावाली में नदी का रुख बदलने और अनधिकृत निर्माण के कारण करीब 150 मीटर सड़क पूरी तरह बह गई। इससे छह करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ। जिलाधिकारी सविन बंसल ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच कराने और लोक निर्माण विभाग को नदी को चैनलाइज कर सड़क निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने मालदेवता, खैरी धनौला, किसनपुरी बांडावाली और कोठालगेट के पुलों व सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत कर यातायात शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए।
कोठालगेट के पास क्षतिग्रस्त मोटर पुल के कारण मसूरी का संपर्क कट गया था, लेकिन प्रशासन की तत्परता से वैली ब्रिज रातों-रात तैयार कर हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे मसूरी क्षेत्र की जनता को राहत मिली। मालदेवता और केशरवाला में वॉशआउट सड़कों की मरम्मत और नदी चैनलाइजेशन का काम तेजी से जारी है।
चमोली के घायल मरीजों को एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। उन्होंने चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्यों को और गति देने के निर्देश दिए।
सीएम ने चमोली डीएम संदीप तिवारी से स्थिति की जानकारी लेकर गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र बहाल करने, आश्रय-भोजन-चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और हर परिवार तक राहत सामग्री पहुंचाने को कहा।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रत्येक होटल में कर्मचारियों की तैनाती, प्रभावितों की समस्याओं का हो रहा समाधान
देहरादून। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाले गए 168 लोगों को प्रशासन ने अस्थायी राहत के रूप में विभिन्न होटलों में ठहराया है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पांच होटलों को अधिग्रहित कर इन्हें राहत शिविर का स्वरूप दिया है। यहां प्रभावितों के लिए भोजन, राशन और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था की गई है। साथ ही, समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए होटलवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मजाड़ और कालीगाड जैसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में सर्च व रेस्क्यू अभियान अब भी जारी है। अब तक खतरनाक इलाकों से 70 लोगों को बचाया गया था, जिसके बाद कार्लीगाड गांव से 60 प्रभावितों को हिमालयन व्यू होटल, सेरा गांव से 32 लोगों को ईरा रिजॉर्ट और कुल्हान से 76 लोगों को हिल व्यू होटल पहुंचाया गया। पहले इन लोगों को अस्थायी रूप से स्कूल भवनों में ठहराया गया था।
प्रत्येक होटल में दो-दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके। वहीं, जिला पर्यटन विकास अधिकारी को नोडल अफसर और रायपुर के सहायक खंड विकास अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। होटल परिसरों में सफाईकर्मियों की भी तैनाती की गई है ताकि प्रभावित लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। प्रशासन लगातार उनके नुकसान और आवश्यकताओं का ब्यौरा एकत्र कर रहा है, जिससे आगे मदद और पुनर्वास की दिशा में योजनाएं बनाई जा सकें।
सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल, किसानों को मिलेगा ब्याजमुक्त ऋण
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भारतीय सहकारी समिति लिमिटेड और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के मध्य समझौता ज्ञापन हुआ। इस समझौते ज्ञापन के माध्यम से न केवल बीज उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी बल्कि राज्य सहकारी समितियों और किसानों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। दूसरा समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ जो राज्य के कृषि उत्पादकों सहकारी समितियों और किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दो नवीन योजनाओं, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक की ऋण नीति एवं वाणिज्यिक अचल संपत्ति- आवासीय गृण ऋण नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जसपुर की फीकापार एमपैक्स को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला सहकारी बैंक लि0 मुख्य शाखा देहरादून को भी सम्मानित किया गया। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण भी किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का आंदोलन है। इसमें सभी का लाभ, सभी की भागीदारी और सभी की जिम्मेदारी निहित रहती है। भारतीय संस्कृति की इस धरा पर सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग है। सहकारिता एक ऐसी क्रांति है, जो हमें सामाजिक-आर्थिक समृद्धि की दहलीज तक ले आई है और मुझे विश्वास है कि यह क्रांति बहुत शीघ्र साकार होगी।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ का भाव सहकारिता की आत्मा है। इसका अर्थ है- सम्पूर्ण विश्व को परिवार मानकर सभी के हित में काम करना। आज जब संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, तब यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय परंपराएँ इस वैश्विक दृष्टिकोण की आधारशिला रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे ‘महिला स्वयं सहायता समूह’ न केवल परिवार की आर्थिक रीढ़ बने हैं, बल्कि उद्यमिता में भी नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। युवा भी अब स्टार्टअप, ऑर्गेनिक उत्पाद मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर सहकारिता आंदोलन को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सहकारी समितियाँ सेना, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों को खाद्यान्न, डेयरी और अन्य आवश्यक वस्तुएँ आपूर्ति कर रही हैं। यह न केवल राज्य की सहकारिता की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा में योगदान का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता, मानव समाज का सबसे पुराना और कीमती सिद्धांत है। सहकारिता केवल संगठनात्मक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य स्पर्धा नहीं अपितु आपसी सहयोग की भावना से आगे बढ़ना है। इसका उद्देश्य एक-दूसरे को स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के कार्य की शुरुआत उत्तराखण्ड से हुई है। प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। 13 जिलों की कुल 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है। जिससे पारदर्शिता आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 5 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने ‘लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में भारत में वैश्विक सहकारी सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री ने सहकारिता को भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन पद्धति बताया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने सहकार से समृद्धि को साकार करने के लिए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन किया। उन्होंने कहा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण शून्य ब्याज पर प्रदान करने की योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2 लाख लखपति दीदी बनी हैं, जिन्हें वर्ष 2026 तक 4 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रावत ने कहा कि यह देश का पहला राज्य है जिसने सहकारिता में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।
निदेशक सहकारिता (केंद्र सरकार) कपिल मीणा ने केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। सचिव सहकारिता डॉ. बी.वी.आर सी पुरुषोत्तम ने राज्य सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक आनन्द शुक्ला, ईरा उप्रेती एवं मंगला प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल सहित सहकारिता विभाग एवं सहकारी बैंकों के अन्य अधिकारीगण तथा विभिन्न जिलों से आयी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और अन्य लोग उपस्थित।
शिक्षकों ने विभिन्न मांगें रखीं, सीएम ने समाधान का दिया आश्वासन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में सचिव शिक्षा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा तथा राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक सप्ताह के अन्दर बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय शिक्षक संघ के मांग पत्र के नियमों के आलोक में अग्रेतर कार्यवाही कार्यवाही की जाए।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री रमेश पैन्यूली, उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
दो को सुरक्षित निकाला गया, राहत-बचाव दल मौके पर तैनात
चमोली। चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। नगर पंचायत नंदानगर के कुन्तरि लगाफाली वार्ड में मलबे की चपेट में आने से छह मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। हादसे के बाद सात लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राहत और बचाव दल मौके पर जुटे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच गई है। वहीं, एनडीआरएफ भी गोचर से रवाना कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन एम्बुलेंस और मेडिकल टीम भी मौके पर भेजी गई हैं।
इसी दौरान नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी मूसलाधार बारिश से चार से पांच मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, यहां जनहानि की कोई सूचना नहीं है। उधर, मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इधर, देहरादून जिले में लगातार भारी बारिश के चलते एहतियातन गुरुवार को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने 11 शिल्पियों को दिया ‘उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार’
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हस्तशिल्प आधारित विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और 11 शिल्पियों को उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।
सम्मानित शिल्पियों में उत्तरकाशी से जानकी देवी, भागीरथी देवी और महिमानन्द तिवारी, बागेश्वर से इन्द्र सिंह, अल्मोड़ा से लक्ष्मण सिंह एवं भूपेन्द्र सिंह बिष्ट, हल्द्वानी (नैनीताल) से जीवन चन्द्र जोशी एवं मोहन चन्द्र जोशी, नैनीताल (नारायण नगर मल्लीताल) से जानकी बिष्ट, क्वालिटी कॉलोनी हल्दूचौड़ हल्द्वानी से जगदीश पाण्डेय तथा चमोली से प्रदीप कुमार व गुड्डी देवी शामिल हैं।
“वोकल फॉर लोकल से शिल्पियों को नई पहचान” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बुनाई और हस्तशिल्प कला अपनी विविधता, परंपरागत डिज़ाइन और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने शिल्पियों और बुनकरों को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का संवाहक बताते हुए कहा कि हर्षिल की ऊनी शाल, मुनस्यारी-धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी और पिछौड़े के डिज़ाइन उत्तराखंड को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक बाजार तक पहचान दिला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भांग एवं बांस के रेशों से बने वस्त्रों की मांग देशभर में तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलें शिल्पियों और बुनकरों के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिल्पी पेंशन योजना, शिल्प रत्न पुरस्कार, बुनकर क्लस्टर सशक्तिकरण, कौशल विकास प्रशिक्षण, मेलों-प्रदर्शनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने जनता से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगा और शिल्पियों, कारीगरों तथा किसानों को नई ऊर्जा देगा।
इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष वीरेंद्र दत्त सेमवाल, विधायक सरिता आर्य, सुरेश गड़िया, अध्यक्ष बाल आयोग डॉ. गीता खन्ना, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार सहित प्रदेशभर से आए शिल्पी उपस्थित रहे।
लोक निर्माण विभाग के 62 मार्गों व 08 सेतु हुए हैं क्षतिग्रस्त
देहरादून-मसूरी रोड़ पर बैली ब्रिज बनाने का युद्ध स्तर पर चल रहा है काम
देहरादून। भारी वर्षा, भूस्खलन एवं बादल फटने के कारण जनपद में लोक निर्माण विभाग के 62 मार्ग एवं 08 सेतु क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बूद्धवार को देहरादून जनपद के भारी वर्षा, भूस्खलन एवं बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों केशरवाला-मालदेवता, कुमाल्डा-कद्दूखाल, खैरी मानसिंह मार्गों सहित देहरादून-मसूरी मार्ग पर शिव मंदिर के समीप क्षतिग्रस्त सेतु का स्थलीय निरीक्षण कर लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त 8 सेतुओं में से 05 सेतुओं पर स्थाई रूप से कार्य करवा कर यातायात हेतु चालू करवा दिया गया है, जबकि शेष 03 सेतु में से क्षतिग्रस्त देहरादून-मसूरी मोटर मार्ग में शिव मंदिर की पास क्षतिग्रस्त सेतु पर बैली ब्रिज निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही यातायात हेतु खोल दिया जायेगा।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, झाझरा सेतु के समीप हयूम पाईप वायर क्रेट डायवर्जन तथा कार्लीगाड मझाडा़ मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त सेतु पर गैबियन लगाकर फिलिंग करके अस्थाई कार्य प्रारम्भ करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि 35 मार्गो पर यातायात बहाल कर दिया गया है जबकि से 27 मार्गो पर यातायात बहाल करने के लिए लगातार कार्य चल रहा है।

लोक निर्माण मंत्री महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मालदेवता-केशरवाला में 300 मीटर क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग को खोलने का काम लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि नदियों का चैनेलाइजेशन होना अति आवश्यक है। इसके लिए सिंचाई, आपदा एवं खनन विभाग आपस में मिलकर काम करें ताकि नदियों का पानी रिहायसी क्षेत्र में ना घुसने पाए। लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह नदी-नालों के निकट निर्माण कार्य न करें।
भारी वर्षा, भूस्खलन एवं बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा क्षति रायपुर, कुमाल्डा कद्दूखाल मोटर मार्ग, केसर वाला मार्ग, खैरी मानसिंह मार्ग एवं सहस्त्रधारा तथा मसूरी क्षेत्र के आसपास के मार्गों को हुई है। यातायात हेतु अवरुद्ध मोटर मार्गो को शीघ्र सुचारू करते हुए आवश्यक सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिए गए हैं।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश कुमार शर्मा सहित लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
प्रदेश में शुरू हुआ स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान
देहरादून। बुधवार को दून मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान कार्यक्रम के साथ ही प्रदेश भर में भी महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर शुरू हो गए। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने प्रदेश की महिलाओं से मिशन मोड में इस अभियान के तहत अपनी स्वास्थ्य जांच कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश की धरती से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने देश की प्रगति के लिए महिलाओं के सशक्त होने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने देश की खुशहाली के लिए महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य को अनिवार्य बताया।
कार्यक्रम के बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस अभियान के तहत 2 अक्टूबर तक प्रदेश भर में मेडिकल शिविर चलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी किशोरियों और महिलाओं को इन शिविरों में अपने स्वास्थ्य का परीक्षण अवश्य करना चाहिए।
रेखा आर्या ने कहा कि महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ होगी तो इसे पूरे परिवार की उत्पादकता बढ़ेगी और इससे प्रदेश सशक्त बनेगा।
इसके पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों और स्टालों का निरीक्षण किया और विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने नई किस्म की नगदी फसल उगाने वाले कई किसानों से भी बातचीत की और उनका अनुभव जाना। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता की प्रशंसा कर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, सविता कपूर व अधिकारी गण मौजूद रहे।
