यमुनोत्री धाम की राह फिर बाधित, फूलचट्टी से जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क का 200 मीटर हिस्सा ध्वस्त
सुरक्षित और सुगम यात्रा मानसून के बाद भी बनी चुनौती
उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए रास्ता एक बार फिर मुश्किलों से घिर गया है। फूलचट्टी से जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क पर यमुना नदी के तेज कटाव से करीब 200 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया है। इससे धाम की यात्रा पर संशय गहराता जा रहा है। इससे पहले जंगलचट्टी क्षेत्र में सड़क को सुचारू हुए भी 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्थिति अब तक सामान्य नहीं हो पाई है।
बाडिया और सिलाई बैंड के पास भी लगातार सड़क के बंद और खुलने का सिलसिला जारी है। ऐसे में शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मानसून के बाद यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हनुमान चट्टी से फूलचट्टी और सिलाई बैंड-बाडिया के बीच हाईवे की कई जगहों पर हालात खतरनाक बने हुए हैं।
लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी वाली सड़क पर भी हालात बेहद खराब हैं। फूलचट्टी से जानकीचट्टी तक 200 मीटर से अधिक हिस्सा नदी के कटाव में बह चुका है, कई जगहों पर सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। ऐसे में यात्रा के सफल संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एनएच के एई धीरज गुप्ता का कहना है कि अगर सब कुछ अनुकूल रहा तो अगले दो दिन में फूलचट्टी तक हाईवे दुरुस्त कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। वहीं, लोनिवि के ईई तनुज कम्बोज ने जानकारी दी कि ध्वस्त सड़क की मरम्मत के प्रयास जारी हैं और जल्द ही इस मार्ग को एनएच को हस्तांतरित किया जाएगा।
25-26 सितंबर को मुख्य परीक्षा, प्रत्येक सत्र के लिए अलग समय निर्धारित
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने राज्य निर्वाचन आयोग समीक्षा अधिकारी भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत के अनुसार, परीक्षा 25 और 26 सितंबर को आयोग के मुख्य परीक्षा भवन में आयोजित होगी।
परीक्षा का शेड्यूल:
25 सितंबर: सुबह 9 बजे से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन और दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हिंदी संरचना की परीक्षा।
26 सितंबर: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निबंध परीक्षा।
परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे 25 सितंबर को सुबह 7:30 बजे और 26 सितंबर को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुँच जाएँ। आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं, जिन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
सचिव दीपक कुमार ने ग्रामीण संस्कृत प्रशिक्षण और ज्ञान परंपरा संवर्धन के प्रयासों की जानकारी दी
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सचिव ने राज्यपाल को विभाग द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्कृत ग्रामों में ग्रामीणों को संस्कृत संभाषण के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने इन कार्यों की सराहना करते हुए कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के अंतर्गत ‘मेरी योजना’ पुस्तक के अगले संस्करण पर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
बारिश-भूस्खलन से प्रदेश की 187 सड़कें अब भी बंद
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने सभी पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी बारिश के आसार जताए गए हैं।
मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत समेत कई पर्वतीय इलाकों में बारिश का प्रभाव ज्यादा हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के बाद राजधानी देहरादून में तापमान बढ़ा है। बुधवार को दून का अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 24.5 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को भी लगभग इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
सड़कें बंद, लोगों को हो रही परेशानी
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश की कुल 288 बंद सड़कों में से बुधवार तक सिर्फ 101 मार्ग ही खोले जा सके हैं, जबकि 187 अब भी बंद पड़े हैं। इनमें टिहरी में 20, चमोली 31, रुद्रप्रयाग 23, पौड़ी 18, उत्तरकाशी 22, देहरादून 14, हरिद्वार एक, पिथौरागढ़ 22, अल्मोड़ा 23, बागेश्वर सात और नैनीताल में छह मार्ग शामिल हैं।
चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में फिलहाल कोई भी सड़क बंद नहीं है। बंद रास्तों के कारण पहाड़ी जिलों में आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने बंद मार्गों को खोलने के लिए 671 जेसीबी मशीनें तैनात की हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री निशंक बोले – पंत जी का जीवन त्याग, जनसेवा और राष्ट्रभक्ति की गाथा
देहरादून। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का 138वां जन्मदिवस देहरादून के आई.आर.डी.टी. सभागार में आयोजित किया गया इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कुलपति मुक्त विश्वविद्यालय प्रो नवीन चन्द्र लोहनी, उपाध्यक्ष उत्तरांचल विश्वविद्यालय अंकिता जोशी एवं कार्यक्रम संयोजक राकेश डोभाल ने संयुक्त रूप से पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन व पुष्पांजली कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के विचार आज भी प्रासंगिक हैं उनका विराट व्यक्तित्व आजादी के कालखण्ड से ही प्रेरक रहा है वास्तव में उस हिमालय पुत्र को नमन करते हुए गौरवान्वित हो रहे हैं कि उत्तराखंड के सुदूर अल्मोड़ा के खूंट से निकल कर राष्ट्रीय फलक पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया उन्होंने कहा कि गोविन्द बल्लभ पन्त पर शिक्षा विभाग निबंध प्रतियोगिता एवं क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन कर युवाओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से भली भांति परिचित हो सके यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम सेनानी, भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जी द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, हिंदी भाषा के उत्थान एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में किये गये अद्वितीय योगदान को भारत सदा सर्वदा याद रखेगा।
उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम में सम्मिलित डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पंत जी का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, वह जनसेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की जीवंत गाथा थे। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक और भाषायी स्वरूप को भी स्थायित्व प्रदान किया। हिंदी को राजभाषा का गौरव दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान युगांतकारी है। वे भलीभांति समझते थे कि “भाषा केवल संप्रेषण का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का संवाहक है। हिंदी के उत्थान और राष्ट्र की एकता के लिए उनका अथक परिश्रम हमें स्मरण कराता है कि अपनी जड़ों से जुड़े बिना कोई भी राष्ट्र विश्व में अपनी सशक्त पहचान नहीं बना सकता।

कुलपति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो नवीन चन्द्र लोहनी ने पं. गोविन्द बल्लभ पन्त के द्वारा समाज सेवा में किये गये कार्यों को लेकर याद किया जाएगा
उन्होंने कहा कि प्रखर वक्ता, उच्च कोटि के अधिवक्ता कुशल नेतृत्व के धनी उत्तराखंड के गौरव को आज युवा पीढ़ी को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
उत्तरांचल यूनीवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट अंकिता जोशी ने कहा कि देश के यशस्वी नेता के रूप में पं. गोविन्द बल्लभ पन्त को सदा याद किया जाएगा उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को महामानव के इतिहास से संकल्पित होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया कलावृक्ष प्रदर्शन कला संस्थान द्वारा कत्थक नृत्य,निर्वाणा योगशाला द्वारा योग प्रदर्शन, प्रतिभा डांस अकादमी द्वारा नृत्य प्रस्तुति एवं शिवालिक इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर उत्तराखंड के स्तंभ विशिष्ट कार्य हेतु मीरा रावत,ललित बड़ाकोटी, रामचंद्र भट्ट, डॉ सुशील कुमार कोटनाला,मनमोहन भट्ट एवं डॉ दिनेश जोशी को अतिथियों द्वारा विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राज्यमंत्री रमेश गडिया उपाध्यक्ष जलागम परिषद,कार्यक्रम सह संयोजक प्रदीप कुमार, हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्था सचिव डॉ भावना बोरा, साक्षीशंकर, सुधाकर भट्ट,श्याम सिंह भण्डारी, डॉ भान सिंह, डॉ अनुज रतूड़ी,प्रभात कुमार,जसमीन, डॉ दीपक भट्ट, बृजपाल सिंह,संकेत नौटियाल, अवधेश तिवारी, हिमांशु,शिवम् जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ नवीन चन्द्र पन्त ने किया।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने जताया आभार, कहा– धामी सरकार कर्मचारी हितैषी नीतियों की मिसाल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार एक बार फिर कर्मचारी हितैषी नीतियों के लिए सुर्ख़ियों में है। कर्मचारियों के हित में लगातार संवेदनशील रहते हुए राज्य सरकार ने निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों व स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का शासनादेश जारी किया है। इस निर्णय से राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री धामी, उनकी सरकार और उद्योग सचिव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ ने इस फैसले को कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार का विशेष धन्यवाद किया है। महासंघ का कहना है कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे राज्य की कार्यप्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड की पहल पर राज्य के विभिन्न निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं स्वायतशासी संस्थाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार ने पांचवे/छठवें केन्द्रीय वेतनमान के तहत 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का शासनादेश जारी किया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ का कहना है कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। यह शासनादेश लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की मांग को पूरा करने वाला कदम है।

धामी सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए संवेदनशील- राणाकोटी
प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ते में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर्मचारियों के आर्थिक बोझ को कम करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा, यह निर्णय बताता है कि राज्य सरकार निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को भी समान अवसर व सुविधाएं देने के लिए गंभीर है। इस कदम से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे और अधिक समर्पण व उत्साह के साथ अपने कार्यों को अंजाम देंगे। राणाकोटी ने आगे कहा कि महासंघ लगातार कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाता रहा है और आगे भी यही प्रयास जारी रहेगा।
धामी सरकार कर्मचारी हितैषी- जोशी
प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी ने भी कर्मचारियों की ओर से सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने समय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया है। उन्होंने कहा यह फैसला सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाता है। निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि एक बड़ी राहत है। हमें उम्मीद है कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी। जोशी ने यह भी कहा कि महासंघ लगातार सरकार के साथ संवाद बनाए रखेगा ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम से पढ़ाई होगी और भी लचीली
देहरादून। प्रदेश में छात्रों को अब अपनी पसंद के विषय चुनने और पढ़ाई में नए अवसरों का लाभ लेने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू होगा, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार पढ़ाई जारी रख सकेंगे। सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
डॉ. रावत ने कहा कि एनईपी-2020 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और भारतीय परंपरागत शिक्षा का संतुलन उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में ईवी तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिसिस, उभरती तकनीकें और उद्यमिता जैसे नए पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित विषयों जैसे ज्योतिष विज्ञान, योग, आयुष, वास्तु, कृषि और वानिकी को भी पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, कौशल विकास, बहुविषयक विकल्प, डिजिटल इनिशिएटिव, अकादमिक शोध, ओपन डिस्टेंस लर्निंग और एकेडमिया-इंडस्ट्री सहयोग जैसे विषयों पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
देहरादून। धामी मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले किये गए।
पशुपालन विभाग
पशुपालन विभाग द्वारा 9 पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग के कुक्कुट पालकों के लिए कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना लागू जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत प्रारम्भिक वर्ष 2025-26 में ब्रायलर फार्म योजना के अन्तर्गत 816 एवं कुक्कुट वैली स्थापना योजना के अन्तर्गत 781 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत कुल आहार सब्सिडी -रूपये 2,83,85,000 (रूपये दो करोड़ तिरासी लाख पिच्चासी हजार मात्र) का आवंटन किया जाएगा।
परिवहन विभाग
देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के नाम से स्पेशल परपज व्हीकल का गठन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संचालित ई-बसों को संचालित किए जाने, प्रधान मंत्री ई-बस सेवा योजना के अन्तर्गत ई-बसों के संचालन तथा वर्तमान नगर बस सेवा का संचालन सुगठित-सुव्यवस्थित करने का कार्य करेगा।
आवास विभाग
जनपद ऊधमसिंहनगर में प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित कालोनियों एवं व्यावसायिक निर्माण हेतु ग्राम फाजलपुर महरौला, तहसील रूद्रपुर अंतर्गत कुल रकबा 9.918 हे० भूमि को वर्तमान सर्किल रेट पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधमसिंहनगर के पक्ष में आवंटन किया जाएगा।
न्याय अनुभाग
महाधिवक्ता, मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के अधिष्ठान कार्यालय में आशुलिपिक संवर्ग में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव (वेतनमान 123100-215900, लेवल-13. ग्रेड पे-8700) का 01 पद सृजन के साथ ही आशुलिपिक (वेतनमान-29200-92300, लेवल-05) का 01 पद समर्पित किया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी
एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों समेत दर्जनों निर्माण सील
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अगुवाई में मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। बीते एक माह के भीतर प्राधिकरण ने लगभग 150 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और ऋषिकेश सहित विभिन्न स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों समेत दर्जनों निर्माणों को सील किया है।
कहाँ-कहाँ हुई बड़ी कार्रवाई
डोईवाला के झाबरावाला में 18 बीघा, रानीपोखरी के डांडी गांव में 10 से 12 बीघा, भानियावाला के बक्सारवाला में 25 बीघा और देहरादून के हरिद्वार रोड (साईं मंदिर के निकट) में 40 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अतिरिक्त शीशमबाड़ा क्षेत्र में 10 बीघा और रूपनगर बद्रीपुर में 5 बीघा अवैध प्लॉटिंग को भी गिराया गया। माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड, नेहरू कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड और शिमला बाईपास हिन्दुवाला क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। सबसे बड़ी कार्रवाई ऋषिकेश में देखने को मिली, जहाँ निर्मल बाग, वीरभद्र रोड, गली नंबर 10–11, कोयल ग्रांट और प्राधिकरण क्षेत्र के अन्य हिस्सों में एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों को सील किया गया।
एमडीडीए की जीरो टॉलरेंस की नीति
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा स्पष्ट है। प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होंगे और यह कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है। उन्होंने दोहराया कि आज की कार्रवाई आख़िरी कदम नहीं है, बल्कि यह सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण हर उस जगह पहुँचेगा जहाँ मानकों के विरुद्ध ढांचा खड़ा किया गया है।
आम जनता को किया जा रहा जागरूक
प्राधिकरण आम जनता को भी लगातार जागरूक कर रहा है कि वह भू-माफियाओं के झांसे में न आएँ। किसी भी प्लॉट या निर्माण की वैधता की पुष्टि प्राधिकरण से अवश्य करें। बिना एमडीडीए से अनुमति की प्लॉटिंग या निर्माण आम जनमानस के लिए भविष्य में न केवल आर्थिक नुकसान बल्कि कानूनी संकट भी खड़ा कर सकते हैं।
योजनाबद्ध विकास पर जोर
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि उत्तराखंड की खूबसूरती और योजनाबद्ध विकास को बचाने के लिए कठोर फैसले लेना बेहद आवश्यक है। अवैध निर्माण न केवल पर्यावरण और भूगोल को नुकसान पहुँचाते हैं बल्कि प्रदेश की पहचान और भविष्य के लिए भी खतरा हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री धामी ने साफ निर्देश दिए हैं कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बुलडोज़र बना सख्ती का प्रतीक
बुलडोज़र और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इन कार्रवाइयों ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार का यह कदम सही दिशा में है क्योंकि अवैध गतिविधियों से बुनियादी ढाँचा और संसाधन बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देहरादून जनपद प्राधिकरण क्षेत्रांगर्त हुई यह कार्रवाई प्रदेशभर में यह संदेश देती है कि उत्तराखंड अब अवैध प्लॉटिंग और नियमविरुद्ध निर्माण के खिलाफ पूरी तरह एक्शन मोड में है।
सेना में तैनाती के दौरान की यादों को किया ताजा, डेल्टा कम्पनी के बैरिक और मैस पहुंचे गणेश जोशी
रिकॉर्ड कक्ष सहित हथियारों के प्रशिक्षण केंद्र भी पहुंचे सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, एके47 से चलाई गोली
लैंसडाउन। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में दो दिवसी भ्रमण के दौरान सुबे के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने वार मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने गढ़वाल राइफल्स के म्यूजियम का अवलोकन किया और वहाँ प्रदर्शित वीर सैनिकों के शौर्य एवं बलिदान की गाथाओं को नमन किया।
सैनिक कल्याण मंत्री 1976 को आर्मी में भर्ती हुए और 14वीं गढ़वाल राइफल्स की डेल्टा कम्पनी की यादों को ताजा करने के लिए उन्होंने डेल्टा कम्पनी के बैरिक और मैस का दौरा किया। जहां पर सैनिक कल्याण मंत्री ने जवानों के साथ भोजन किया और बैरिक जाकर सैन्य अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड कक्ष का निरीक्षण भी किया, जहां अपना नाम देखकर उनकी पुरानी सैन्य सेवाओं की यादें ताजा की। इसके अलावा उन्होंने हथियारों के प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने भुल्ली सशक्तिकरण केंद्र का भी दौरा किया, जहाँ सैन्य अधिकारियों और सैनिकों के परिवार द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया। इसके साथ ही सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कोटद्वार में सूबेदार मेजर शैलेन्द्र मोहन बिष्ट से भी भेंट की। इस दौरान उन्होंने कोटद्वार स्थित छावनी परिषद का भी अवलोकन किया और परिषद से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यही से उन्होंने 13 नवम्बर 1976 को एक राईफलमैन के एक रूप में भारतीय सेना में ज्वाइन हुए थे। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स का इतिहास शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का प्रतीक है। देवभूमि उत्तराखंड सदैव से देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रही है। यहाँ के वीर सैनिकों ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सैनिकों, शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री ने उपस्थित सैन्य अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि शौर्यभूमि लैंसडाउन का हर पत्थर गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली परंपरा की गाथा कहता है।
निरीक्षण के दौरान गढ़वाल राइफल रेजीमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, डेल्टा कम्पनी के कम्पनी कमांडर, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (सेनि) वीपी भट्ट सहित सेना के अधिकारी उपस्थित रहे।
