नंदानगर। खेतों में चारा लेने गई एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया, जिसमें महिला की मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
तांगला गांव की 50 वर्षीय बसंती देवी पत्नी जगत सिंह अपनी सहेली के साथ घटबगड़ तोक क्षेत्र में घास लेने गई थीं। इसी दौरान झाड़ी में दो बच्चों के साथ मौजूद भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। साथ मौजूद दूसरी महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया, जिससे भालू अपने बच्चों के साथ जंगल की ओर भाग गया।
घायल महिला को ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया था। नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद गांव के लोग सहमे हुए हैं।
भोजन भत्ते की दर बढ़ाने का आदेश जारी, अभी तक मिलते थे प्रतिदिन ढाई सौ रुपए
देहरादून। प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक अच्छी खबर है। राष्ट्रीय व इससे उच्च स्तर की खेल प्रतियोगिताओं से पहले आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविरों के दौरान खिलाड़ियों को मिलने वाला दैनिक भोजन भत्ता ₹250 से बढ़ाकर ₹400 कर दिया गया है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने पिछले दिनों विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस बारे में अधिकारियों को निर्देश जारी किया था। उनका कहना था कि खिलाड़ियों के लिए ₹250 दैनिक भोजन भत्ता पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे साई जैसी संस्थाओं द्वारा वर्तमान में दिए जा रहे भत्ते के समकक्ष करना जरूरी है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर व इससे उच्च स्तर की खेल प्रतियोगिताओं से पहले आयोजित होने वाले खेल प्रशिक्षण शिविरों में भी खिलाड़ियों को नई बढ़ी हुई दर से भोजन भत्ता दिया जाएगा। प्रशिक्षण शिविरों के दौरान खिलाड़ियों के अलावा कोच और अन्य सहयोगी स्टाफ को भी बढ़ी हुई दर से भोजन भत्ता मिलेगा।
खेल मंत्री ने कहा कि भोजन भत्ता बढ़ने से अब खिलाड़ियों को ज्यादा पौष्टिक आहार उपलब्ध हो सकेगा और इससे उनके प्रदर्शन में गुणात्मक सुधार आएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए सभी प्रयास कर रही है और यह भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड़ पर, प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा
चमोली। नंदानगर के बैंड बाजार क्षेत्र में भू-धंसाव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रविवार रात कुंवर कॉलोनी में नरेंद्र सिंह और गोविंद सिंह के मकान भी धंसकर क्षतिग्रस्त हो गए। अब तक सात भवन पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 16 अन्य भवन खतरे की जद में बताए जा रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्र से पानी की निकासी के लिए जल संस्थान और तहसील प्रशासन की टीम ने चार इंच के रबड़ पाइप से लगभग 400 मीटर दूरी तक अस्थायी लाइन डाली है। जल संस्थान के जेई यशपाल नेगी के अनुसार जमीन से करीब दो इंच पानी का रिसाव लगातार हो रहा था, जो अब साफ नज़र आ रहा है।
प्रशासन ने दो बरातघरों को राहत शिविर में तब्दील किया है, हालांकि कई परिवार अपने सामान के साथ वहां टिक नहीं पा रहे। ऐसे में 18 परिवार किराये के मकानों में चले गए हैं। पांच पर्यावरण मित्र राहत शिविर में तैनात किए गए हैं। नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि प्रभावितों को पशुओं के लिए टिन की चादर, तिरपाल और चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर
एसपी सर्वेश पंवार और सीओ मदन सिंह बिष्ट ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और भारी बारिश की स्थिति में लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए।
मुआवजे की घोषणा
थराली विधायक भूपाल राम टम्टा ने भरोसा दिलाया कि नंदानगर के आपदा प्रभावितों को भी थराली की तर्ज पर मुआवजा मिलेगा। इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री से बात हो चुकी है। विधायक ने बताया कि थराली में नौ आपदा प्रभावित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। नंदानगर के प्रभावित परिवारों को भी इसी तर्ज पर राहत दी जाएगी।
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आईआईटी कानपुर के सहयोग से हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खटीमा में ‘‘साथी केंद्र’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने कहा कि आज इस नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के समस्त विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में साथी प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से, आज आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर ऑनलाइन क्लासेज द्वारा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। आज यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, रेलवे और क्लैट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों और निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों सहित अन्य सभी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में 80 छात्रों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा का सीधा लाभ खटीमा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 15 लाख से अधिक विद्यार्थी “प्रोजेक्ट साथी” से लाभान्वित हो चुके हैं। हमारे राज्य में भी अब तक लगभग 29 हजार विद्यार्थी इस पहल का हिस्सा बन चुके हैं और पिछले वर्ष 500 से अधिक विद्यार्थियों ने इस प्लेटफॉर्म की मदद से विभिन्न परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित करने की पहल की जा रही है। साइंस सिटी, एस्ट्रो पार्क आदि का निर्माण कर राज्य में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। “मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना“ के माध्यम से, राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बी. एन. खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ बी0 एन0 खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद थे।
भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी के चलते प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिया निर्णय
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को 5 सितंबर 2025 तक स्थगित कर दिया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए फिलहाल यात्रा स्थगित की गई है। कमिश्नर ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा पर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
गढ़वाल कमिश्नर ने यह भी बताया कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्राएं पुनः प्रारम्भ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य बनाए रखें और यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क करते रहें।
शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को किया सम्मानित
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुए आन्दोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर उन्होंने शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और उनके आश्रित्रों तथा राज्य आन्दोलनकारियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों भगवान सिंह सिरौला , प्रताप सिंह , रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानन्द भट्ट और परमजीत सिंह को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर नागरिक इन सभी वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा। राज्य आन्दोलन के अपने अनुभवों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस घटना ने लोगों को उत्तराखंड के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। हम सभी मिलकर उनके सपनों के उत्तराखंड का निर्माण करें, यही उनके लिए हमारी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3 हजार रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी शुरू की है, साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये और सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। नए कानून के अंतर्गत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आंदोलन में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, उन्होंने आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया। राज्य निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को देखते हुए ही राज्य सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। राज्य के समग्र विकास के साथ ही प्रदेश के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू किया है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।
सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों लागू किया गया है। 7 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को हिमालय बचाओ अभियान की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हिमालय के पर्यावरण की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक भुवन कापड़ी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री डॉ.अनिल कपूर डब्बू, सुभाष बर्थवाल, फरजाना बेगम, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, दान सिंह रावत, नंदन सिंह खड़ायत, जीवन सिंह धामी, गोपाल सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, डीएफओ हिमांशु बागरी, एडीएम पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी एवं जनता मौजूद थी।
16 साल की लंबी जद्दोजहद के बाद 50 हजार से अधिक अर्द्धसैनिक बल कर्मियों को मिलेगा स्वास्थ्य लाभ
हल्द्वानी। लंबे इंतजार के बाद कुमाऊं के अर्द्धसैनिक बलों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। हल्द्वानी और नैनीताल में जल्द ही सीजीएचएस (केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना) केंद्र शुरू होंगे। इससे क्षेत्र के करीब 50 हजार सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पिछले 16 वर्षों से पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत था। संगठन की पहल पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर में 22 नए सीजीएचएस केंद्र खोलने का निर्णय लिया है, जिनमें हल्द्वानी और नैनीताल भी शामिल हैं। इसके लिए 286 नए पद सृजित किए गए हैं।
नैनीताल के अर्द्धसैनिक बल जिलाध्यक्ष और सेनि. डिप्टी कमांडेंट दरवान सिंह बोहरा ने हाल ही में मंत्रालय को पत्र भेजा था, जिस पर 27 अगस्त को सकारात्मक जवाब मिला। मंत्रालय ने बताया कि भवन का निरीक्षण हो चुका है और जल्द ही दोनों जगह सीजीएचएस केंद्र शुरू किए जाएंगे।
नए अस्पताल में चार डॉक्टर और 13 स्टाफ सदस्य तैनात होंगे। यहां सामान्य से लेकर गंभीर रोगों तक का उपचार मिलेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को सीजीएचएस से संबद्ध बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जहां कार्डधारकों को कैशलेस और नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी।
सीजीएचएस क्या है?
यह केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसमें कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को ओपीडी, इनडोर उपचार, विशेषज्ञ परामर्श, दवाओं की प्रतिपूर्ति और परिवार कल्याण सेवाओं का लाभ मिलता है।
कार्ड शुल्क (एकमुश्त राशि):
सिपाही व हवलदार : ₹30,000
सब इंस्पेक्टर : ₹54,000
इंस्पेक्टर से डिप्टी कमांडेंट : ₹78,000
डिप्टी कमांडेंट से ऊपर अधिकारी : ₹1,20,000
अभी तक कुमाऊं के हजारों जवानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। हल्द्वानी और नैनीताल में केंद्र खुलने से पूरे क्षेत्र को राहत मिलेगी। संगठन अब कोशिश कर रहा है कि भविष्य में यह सुविधा दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक भी पहुंचाई जा सके।
लगातार तीसरी बार स्यानाचट्टी में बनी झील जैसी स्थिति
उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे एक बार फिर खतरे की जद में आ गया है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके चलते बड़े-बड़े पेड़ बहकर हाईवे पुल पर फंस गए और नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इस दौरान स्यानाचट्टी के होटलों व आवासीय इलाकों में पानी घुसने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
लगातार बारिश से स्यानाचट्टी में झील जैसी स्थिति तीसरी बार बनी है और खतरा लगातार बढ़ रहा है। यहां झील का जलस्तर इतना बढ़ गया कि होटलों की दूसरी मंजिल तक पानी पहुंच गया। स्थानीय लोग दहशत में हैं और हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
सिंचाई विभाग की तीन मशीनें कुपड़ाखड्ड का मलबा हटाकर जलस्तर नियंत्रित करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश से स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं एनएच विभाग भी पुल पर फंसे पेड़ों और मलबे को हटाने का प्रयास कर रहा है ताकि नदी का बहाव सामान्य रह सके, हालांकि संकट पूरी तरह टला नहीं है।
इस बीच पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। रावत का कहना है कि अगर झील के निर्माण के दौरान तकनीकी और वैज्ञानिक उपाय अपनाए गए होते तो यह संकट खड़ा नहीं होता। उन्होंने स्यानाचट्टी के दोनों ओर बहने वाले खड्डों पर सुरक्षात्मक कार्य और वरुणावत की तर्ज पर पहाड़ियों के ट्रीटमेंट की मांग भी की है।
घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश जनजीवन पर कहर बनकर टूट रही है। पहाड़ों से लगातार बोल्डर और मलबा गिरने से सड़कें बाधित हो रही हैं और हादसों का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर मुनकटिया में एक यात्री वाहन पर बड़ा बोल्डर गिर गया, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक, सोनप्रयाग से गौरीकुंड की ओर जा रहा वाहन अचानक भूस्खलन क्षेत्र में फंस गया और ऊपर से भारी चट्टान सीधे वाहन पर आ गिरी। हादसे के वक्त वाहन में कुल 11 लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को सोनप्रयाग अस्पताल पहुंचाया गया। दो घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
मृतक:
रीता (30), पत्नी उदय सिंह, निवासी सियालब, जिला उत्तरकाशी
चंद्र सिंह (50), पुत्र कलम सिंह, निवासी सियालब, जिला उत्तरकाशी
गंभीर रूप से घायल:
नवीन सिंह रावत (35), पुत्र जयेंद्र सिंह, निवासी सियालब, जिला उत्तरकाशी – रेफर
ममता (29), पत्नी चैन सिंह पवार, निवासी सियालब, जिला उत्तरकाशी – रेफर
प्रतिभा (25), पुत्री गिरवर सिंह, निवासी सियालब, जिला उत्तरकाशी
प्रदेशभर में भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। स्थिति को देखते हुए प्रदेशभर के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि फिलहाल मानसून अपने चरम पर है और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को अंबेडकर नगर मंडल के अंतर्गत इंद्रेश नगर स्थित सामुदायिक भवन में मन की बात का 125 वां सुना। उन्होंने कहा कि इस बार का मन की बात एपिसोड खिलाड़ियों के लिए बहुत प्रेरणादायक रहा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह 30 मिनट के एपिसोड में लगभग एक तिहाई समय सिर्फ खेल और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया, वह भारत को खेल जगत में महाशक्ति बनाने के उनके विजन को दिखाता है। उन्होंने न सिर्फ विजेता खिलाड़ियों से फोन पर बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया, साथ ही इन खिलाड़ियों को विषम परिस्थितियों में समर्थन देकर आगे बढ़ने का मौका देने के लिए उनके अभिभावकों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस खेल प्रेम से उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में प्रतिष्ठित करने का हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यूपीएससी में मामूली अंतर से पीछे रह जाने वाले हज़ारों युवाओं के लिए “प्रतिभा सेतु पोर्टल” बनाकर उद्योग जगत में उन्हें लाखों रुपए पैकेज की नौकरी का मार्ग प्रशस्त करना प्रधानमंत्री के विजन के एक और आयाम दिखता है।

रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया, जो अमेरिका के औचित्यहीन टैरिफ लगाने के कारण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष पंकज शर्मा, पार्षद मनोज जाटव, मंडल महामंत्री अक्कू जैन, नरेश जाटव, रानी आर्या, अजय मित्तल, विवेक बिरला, सविता, निखिल, लेखराज जाटव आदि उपस्थित रहे।
