राज्य आपातकालीन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को येलो अलर्ट के मद्देनजर सावधानी बरतने और संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने के निर्देश दिए
देहरादून। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने भारी बारिश को देखते हुए चेतावनी जारी की है। केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 2 सितंबर तक येलो अलर्ट के मद्देनजर सावधानी बरतने और संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन के अनुसार, आगामी 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना है, जिससे जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा, देहरादून, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को विशेष सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग, हिमालयी गंगा मंडल के आंकड़ों के अनुसार:
सौंग और गंगा नदी (देहरादून), अलकनंदा (श्रीनगर और रुद्रप्रयाग), कोसी नदी (बेतालघाट) का जल स्तर चेतावनी स्तर से ऊपर है।
रामगंगा, गौरी गंगा (बंगापानी), धौलीगंगा (कंज्योति, पिथौरागढ़) का जल स्तर चेतावनी स्तर के ऊपर पहुंचा हुआ है।
सरयू नदी (पिथौरागढ़), अगलार नदी (टिहरी गढ़वाल), अलकनंदा, भागीरथी और गंगा (पौड़ी व टिहरी गढ़वाल), अलकनंदा व मंदाकिनी (रुद्रप्रयाग) का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे स्थानीय प्रशासन और जनता को आवश्यक सावधानियों के बारे में अवगत कराएं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें।
अभ्यर्थी psc.uk.gov.in पर देख सकते हैं अपना परिणाम
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI), गुल्मनायक और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अपना रिजल्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.uk.gov.in पर देख सकते हैं। आयोग ने रिजल्ट के साथ ही कैटेगरीवार कटऑफ मार्क्स भी जारी किए हैं।
UKPSC SI Cut Off 2025: देखें कैटेगरीवार कटऑफ
पदनाम / कैटेगरी कटऑफ (Marks)
उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस)
यूआर (UR) 205.66
यूआर / यूएफ 179.23
ईडब्ल्यूएस (EWS) 201.85
ईडब्ल्यूएस / यूएफ 179.22
ओबीसी (OBC) 198.80
ओबीसी / यूएफ 175.41
एससी (SC) 174.14
एससी / यूएफ 168.55
एसटी (ST) 189.39
डीएफएफ 170.84
ईएक्सएस 151.26
उपनिरीक्षक (अभिसूचना)
यूआर (UR) 201.60
यूआर / यूएफ 182.53
ईडब्ल्यूएस (EWS) 195.24
ईडब्ल्यूएस / यूएफ 177.95
ओबीसी (OBC) 194.99
ओबीसी / यूएफ 174.65
एससी (SC) 167.78
एससी / यूएफ 162.95
एसटी (ST) 186.34
ईएक्सएस 154.06
गुल्मनायक (पुरुष – PAC/IRB)
यूआर (UR) 190.16
ईडब्ल्यूएस (EWS) 185.33
ओबीसी (OBC) 186.34
एससी (SC) 160.67
एसटी (ST) 177.45
डीएफएफ 163.46
कब हुई थी परीक्षा?
इस भर्ती के लिए शारीरिक मानक व दक्षता परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा 12 जनवरी 2025 को आयोजित हुई थी। इसके बाद 14 मई 2025 को दस्तावेज सत्यापन किया गया। अंतिम चयन सूची लिखित परीक्षा के अंकों और उम्मीदवारों की दी गई प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार की गई है।
कितने पदों पर होगी नियुक्ति?
गृह विभाग की इस भर्ती के तहत कुल 222 पदों पर चयन किया जाएगा। इनमें शामिल हैं –
सब इंस्पेक्टर (नागरिक पुलिस व अभिसूचना): 108 पद
गुल्मनायक (PAC/IRB): 89 पद
अग्निशमन द्वितीय अधिकारी (पुरुष/महिला): 25 पद
आगे की प्रक्रिया
लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों की मेडिकल परीक्षा होगी। इसमें उनकी शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। गौरतलब है कि शारीरिक माप परीक्षण और दक्षता परीक्षा पहले ही क्वालीफाइंग नेचर में हो चुकी है। अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों और मेडिकल टेस्ट में पास उम्मीदवारों के आधार पर जारी होगी।
कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग 24 घंटे से बंद, गांवों का संपर्क टूटा
चमोली। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई नेशनल हाईवे और मोटर मार्ग मलबे व बोल्डरों के कारण बाधित हो गए हैं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और गांवों का संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सिमली-ग्वालदम नेशनल हाईवे पर गौचर-कमेड़ा के पास भारी मलबा आने से एक बस फंस गई, जिसके चलते हाईवे के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। बीआरओ की टीम बोल्डरों को हटाने में जुटी हुई है, लेकिन लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण आवागमन बाधित है।
वहीं, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर भी भारी मलबे के चलते आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कनखुल तल्ला क्षेत्र में शनिवार सुबह फिर से मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया। पिछले 24 घंटे से इस मार्ग पर यातायात बाधित है, जिससे कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार से संपर्क टूट गया है।
उधर, मानसून के रुकने के अभी आसार नहीं दिख रहे। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब सितंबर मध्य तक बना रहेगा। निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, अगले पांच दिन कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है और 15 सितंबर तक मानसून जारी रहेगा। हालांकि, इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर कम हो सकता है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में मानसून की विदाई की संभावना जताई जा रही है।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।
नेशनल गेम्स व अन्य राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता सम्मानित
मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों को डीबीटी किया दो योजनाओं का पैसा
देहरादून। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में उत्तराखंड के खिलाड़ियों पर जमकर धन वर्षा हुई। शुक्रवार को परेड ग्राउंड के मल्टीपरपज हाल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेताओं को नगद इनाम धनराशि वितरित की।
इस अवसर पर 38वें राष्ट्रीय खेल, अन्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, वेटरन मास्टर प्रतियोगिता, सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को कुल मिलाकर 15 करोड़ 69 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि वितरित की गई। खिलाड़ियों के साथ कुल 320 खेल प्रशिक्षकों को भी इनामी धनराशि दी गई है।
आयोजन में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को मई से जुलाई तक 3 महीनों की धनराशि डीबीटी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेकर प्रदेश के खिलाड़ी बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की हर खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को दुगनी इनामी धनराशि देकर अपना वायदा पूरा किया है। उन्होंने कहा की भविष्य में भी प्रदेश के जो खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे उन्हें नगद इनाम धनराशि के साथ-साथ सरकारी नौकरी देने के लिए भी सरकार वचनबद्ध है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेता खिलाड़ियों से कहा कि वह अपने प्रदर्शन से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए आदर्श बन चुके हैं और नए खिलाड़ियों को सामने लाने में उन सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यदि 2036 ओलंपिक भारत में आयोजित होता है तो इसके लिए खिलाड़ियों को तैयार करने में उत्तराखंड के खेल ढांचे की बड़ी भूमिका रहने वाली है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी में अभी से जुटें और प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं का प्रतिनिधित्व ओलंपिक में होना चाहिए।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने सभी आमंत्रित खिलाड़ियों को उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में प्रतिष्ठित करने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक शक्ति सिंह, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई व अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
मलखंब और योगासन का प्रदर्शन
राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के आयोजन में मलखंब और योगासन का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया। मलखंब के खिलाड़ियों ने कई कठिन मुद्राएं बनाकर दर्शकों को चकित कर दिया।
पांडवाज बैंड ने जमाया रंग
आयोजन में पांडवाज बैंड ने संगीतमय में और सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की । कार्यक्रम की शुरुआत और अंत में विभिन्न गीत सुनकर बैंड के कलाकारों ने श्रोताओं का दिल जीता।
दो को मिली सरकारी नौकरी
समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में नौकरी के नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
देहरादून। मेजर ध्यानचंद जयंती के अवसर पर बहुउद्देश्यी क्रीड़ा हाल परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस – 2025, समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल और खेल भावना समाज को ऊर्जा, अनुशासन और प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी स्टिक के जादू से पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने हिटलर तक को ये बता दिया कि देश भक्ति आखिर क्या होती है। उन्हीं के आदर्शों पर चलकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश भी एक वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है, इसमें उत्तराखंड भी अपनी भूमिका निभाने के लिए कमर कस चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।
आज हमारे खिलाड़ी केवल किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ही नहीं खेलते बल्कि जीतने और तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ मैदान में उतरते हैं। हाल के वर्षों के उदाहरण देखें तो जहां, 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा वहीं पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक, मनु भाकर ने दो कांस्य पदक, स्वप्निल कुसले व अमन सेहरावत ने एक- एक कांस्य पदक जीतकर और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार अपना दूसरा कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हाल ही में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में ज्योति याराज्जी, गुलवीर सिंह और अविनाश सबले ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम बुलंद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल बजट तीन गुना बढ़ा दिया है।
देवभूमि बनी खेलभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने का कार्य किया। अब राज्य में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया है।
उत्तराखंड राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन करने में भी सक्षम बना है। हाल ही में देश की एकमात्र ओलंपिक स्टैण्डर्ड हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार किया गया है। जिसके फलस्वरूप इस आइस रिंक में इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जा चुकी है, जो न केवल हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का सूत्रपात करने में भी मील का पत्थर सिद्ध हुई है।
आठ शहरों में बनेगी खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही एक ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। राज्य सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित कर रही है। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और इंटरनेशनल स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं शिक्षा, तथा प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।
राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का भी काम कर रही है।
खिलाड़ियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए, मख्यमंत्री ने कहा कि खेल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कुल 250 से अधिक खिलाड़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को लगभग 16 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। सम्मानित हो रहे खिलाड़ियों में पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को 30-30 लाख रुपये की सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” के अंतर्गत 3,900 खिलाड़ियों तथा “मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना” के अंतर्गत 2,199 खिलाड़ियों को प्रतिमाह मिलने वाली उनकी छात्रवृत्ति की लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।
दो घोषणाएं की
सीएम ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, इसलिए खेल विभाग और युवा खिलाड़ियों को अभी से इसकी तैयारियों में जुटना होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक बनाने और पवेलियन फुटबाल ग्राउंड में सिंथेटिक फुटबाल टर्फ लगाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए हर क्षेत्र में मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल सुविधाओं का विकास करने में कामयाब रही है, इससे आने वाले समय में राज्य के हर घर से खिलाड़ी निकलेगा।
समारोह को सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल आशीष चौहान एवं खेल विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
पौसारी गांव में भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के पौंसारी गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। भूस्खलन के कारण एक घर में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतक महिलाएँ बसंती देवी और बछुली देवी हैं। लापता व्यक्तियों में रमेश चंद्र जोशी, गिरीश चंद्र और पूरन चंद्र शामिल हैं।
डीएम आशीष भटगाईं और विधायक सुरेश गढ़िया ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में संचार सुविधाओं की कमी से समन्वय बनाने में कठिनाई हो रही है।
क्षेत्रीय नुकसान:
बृहस्पतिवार की रात कपकोट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण जगथाना मार्ग और बैसानी से आगे सड़क पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गई है।
मालूखेत मैदान के पास सड़क का 20 मीटर से अधिक हिस्सा ध्वस्त हो गया।
चचई की पम्पिंग योजना बह गई।
ग्राम सुमटी में किसानों की जमीन धस गई और ग्राम बैसानी में प्रेम सिंह के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
कई खेत और मकान मलबे में दब गए हैं।
पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश:
पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश और मलबा आने के कारण 25 से अधिक सड़कें बंद हैं। जिलाधिकारी ने सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयों में अवकाश घोषित किया। धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के किनारे न जाने की चेतावनी दी है।
चंपावत में बारिश का कहर:
चंपावत जिले में 12 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश का आदेश दिया गया।
आपदा प्रबंधन पर सीएम धामी की उच्चस्तरीय बैठक, अधिकारियों को सड़क, बिजली और पेयजल आपूर्ति तुरंत बहाल करने के आदेश
देहरादून। जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।
मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।
पहली बार पुलिस सीसीटीवी कैमरे स्मार्ट कंट्रोल रूम से जुड़े, नियम तोड़ने वालों पर होगी पैनी नजर
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से राजधानी में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को नया आयाम मिल रहा है। देहरादून के 11 व्यस्तम जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का कार्य पूरा हो गया है। इसमें महाराणा प्रताप चौक, नालापानी चौक, मोथोरावाला चौक, आईटी पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर, प्रेमनगर चौक, सुधोवाला चौक, रांगड़वाला और सेलाकुई बाजार तिराहा शामिल हैं। वहीं धूलकोट तिराहा और डाकपत्थर तिराहा पर कार्य तेजी से प्रगति पर है।
पिछले 5 वर्षों में पहली बार पुलिस के सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया गया है, जिससे सड़कों पर सुरक्षित यातायात की निगरानी और अधिक सुदृढ़ हो गई है।
सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने पर भी प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है। साईं मंदिर जंक्शन, कुठालगेट और दिलाराम चौक का पहाड़ी शैली में सौंदर्यीकरण लगभग पूर्ण हो गया है। यहां आने वाले पर्यटक राज्य की संस्कृति और परंपरा से रूबरू हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप, कुठालगेट और साईं मंदिर पर नई स्लिप रोड व राउंड अबाउट निर्माण के साथ-साथ चौक-चौराहों को पारंपरिक शैली में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों की स्मृतियों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी प्रमुख मार्गों और चौराहों पर प्रदर्शित कराया जा रहा है, ताकि पर्यटक देहरादून की सांस्कृतिक पहचान से परिचित हो सकें।
जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर शुरू किए राहत और बचाव कार्य
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है। मलबा आने से कई क्षेत्रों में नुकसान की सूचना मिली है। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती कर दी है और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
राहत कार्यों में तेजी
प्रभावित क्षेत्रों में एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। जहां रास्ते बंद हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से अधिकारियों को तुरंत प्रभावित गांवों में भेजा गया है।
प्रारंभिक क्षति विवरण
स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बहा।
बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गांव के दोनों ओर गदेरे में मलबा व पानी भराव।
किमाणा: खेती की जमीन व सड़क पर बड़े बोल्डर और मलबा।
अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म बहा।
छेनागाड़ बाजार: बाजार क्षेत्र में मलबा भरने और वाहनों के बहने की सूचना।
छेनागाड़ डुगर गांव व जौला बड़ेथ: कुछ लोगों के गुमशुदा होने की आशंका।
प्रशासन की सक्रियता
जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और त्वरित राहत देने के लिए लगातार प्रयासरत है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है।
