देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच कई अहम फैसलों का गवाह बना। विपक्षी शोर-शराबे के बावजूद सदन ने 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास कर दिया और सभी नौ विधेयकों को मंजूरी दी। लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई, मगर महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए गए।
चार दिवसीय तय सत्र महज डेढ़ दिन में ही निपटा दिया गया। इस दौरान उत्तराखंड अल्पसंख्यक विधेयक पारित हुआ, जिसके तहत सभी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इस फैसले के बाद मदरसों को मान्यता मिलने का रास्ता भी साफ हो गया।
समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक भी सदन से पास हुआ, जिसमें लिव-इन-रिलेशनशिप से जुड़े मामलों पर कड़े प्रावधान किए गए हैं। साथ ही सख्त धर्मांतरण कानून में संशोधन कर जबरन धर्मांतरण पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान जोड़ा गया है।
पारित विधेयकों की सूची
1. उत्तराखंड विनियोग (Supplementary Appropriation) विधेयक, 2025
2. उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम, 1939 (संशोधन) विधेयक, 2025
3. उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि-विरुद्ध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक, 2025 – जिसे आमतौर पर अंटी-रूपांतरण बिल (Anti-conversion Bill) कहा जा सकता है।
4. उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025
5. उत्तराखंड साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक, 2025
6. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025 – Minority Educational Institutions Bill
7. समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2025 – Uniform Civil Code (Amendment)
8. उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2025
9. उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। निर्दलीय विधायक संजय डोभाल भी विपक्ष के साथ धरने में शामिल हुए। वहीं कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सदन के भीतर कागज फाड़कर हवा में उछाल दिए, जिससे माहौल और गरमा गया।
सीएम धामी बोले— हर नागरिक जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूडी भूषण ने गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधा रोपण किया।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ और प्रमुख वन संरक्षक हॉफ समीर सिन्हा ने भी इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज विधानसभा मानसून सत्र के दौरान गैरसैंण (भराड़ीसैंण) परिसर में “एक पेड़ मा के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह अभियान केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण का संकल्प भी है। मंत्री जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और वृक्षारोपण के माध्यम से जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटा जा सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाकर उसकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।
गांव के विकास कार्यों और नई मांगों पर रखी बात, सीएम ने समाधान का दिया आश्वासन
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने भेंट की। उन्होंने भराड़ीसैंण से सारकोट के लिए सड़क की स्वीकृति और कार्य शुरू होने और विगत में सारकोट में हुए विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
सारकोट की ग्राम प्रधान ने इस अवसर पर गांव में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था, गांव से जुड़ने वाले आंतरिक मार्गों की अच्छी व्यवस्था, गांव की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने, गांव के रास्तों में सोलर लाइट की व्यवस्था करने और गांव से सबसे निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करने का उन्होंने अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने सारकोट की ग्राम प्रधान को बधाई देते हुए कहा कि अवगत कराई गई सभी समस्यायों का उचित समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को इन सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य गांवों के लिए भी सारकोट आदर्श बनेगा।
इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली मौजूद थे।
दोषियों की गिरफ्तारी व कठोर सज़ा की मांग, सैनी बोले– अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
देहरादून। अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर वार्ता की। मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया ।
इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
6 अतिरिक्त बैड, एक्स-रे मशीन व समर्पित स्टाफ की स्वीकृति
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने गांधी शताब्दी चिकित्सालय स्थित विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) और आधुनिक टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एसएनसीयू में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 6 अतिरिक्त बैड, एक्स-रे मशीन, आवश्यक उपकरण व समर्पित स्टाफ की स्वीकृति दी। साथ ही अस्पताल की लिफ्ट को दुरुस्त कराने और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
डीएम को जानकारी दी गई कि नवंबर 2024 से अब तक एसएनसीयू में 286 बच्चों को भर्ती किया जा चुका है, जिनमें अगस्त माह में 9 बच्चे शामिल हैं। वर्तमान में भी 9 बच्चे उपचाराधीन हैं। उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी के प्रयासों से ही पिछले वर्ष बंद पड़े एसएनसीयू को पुनः सक्रिय किया गया था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आधुनिक टीकाकरण केंद्र की व्यवस्थाएं भी परखी। यहां प्रतिदिन 35 से 40 बच्चे और माताएं टीकाकरण के लिए आते हैं। यह केंद्र सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक और अवकाश के दिनों में भी खुला रहता है, जिससे नौकरीपेशा परिवारों को सुविधा मिल रही है।
निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनु जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग ने जिलावार बजट जारी कर अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के दिए निर्देश
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं की वजह से क्षतिग्रस्त होने वाले स्कूलों का जल्द पुनर्निर्माण किया जायेगा। इसके लिये राज्य मोचन निधि से स्वीकृत बजट में से जनपदवार 20 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। साथ ही सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों एवं अन्य परिसम्पत्तियों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कर मार्च 2026 तक उपयोगिता प्रमाण पत्र शिक्षा महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किये गये हैं।
प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त शिक्षा विभाग की विभिन्न परिसम्पत्तियों एवं विद्यालय भवनों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार ने राज्य मोचन निधि से विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिये करीब 30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। जिसमें से पुनर्निर्माण कार्यों के लिये प्रथम चरण में जनपदवार 20 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। इस सम्बंध में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर आवंटित धनराशि को योजनांतर्गत शीघ्र व्यय करने के निर्देश दिये हैं। आपदा मद के अंतर्गत टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ जनपद को 2-2 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। जबकि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, रुद्रप्रयाग, चंपावत एवं बागेश्वर जिले को 1-1 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। आवंटित धनराशि से प्राकृतिक आपदा से वास्तविक रुप से क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों, चारदीवारी, खेल मैदान, शौचालय एवं अन्य क्षतिग्रस्त परिसम्पत्ति का पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य किया जायेगा। इसके लिये मुख्य शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं, साथ ही उन्हें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का भी खास ध्यान रखने को कहा गया है। इसके अलावा अधिकारियों को योजना के अंतर्गत हुये निर्माण कार्यों की उपयोगिता प्रमाण पर मार्च 2026 तक विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।
बयान
आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों के पुनर्निर्माण को जनपदवार विद्यालयों को 20 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। सभी जनपदों के सीईओ को अपने-अपने जनपदों में आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों में शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि आपदा से ध्वस्त हुये स्कूलों का पुनर्निर्माण समय पर किया जा सके। – डॉ धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मी प्रेरणास्रोत- धामी
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार सुबह भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
सीएम धामी ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बीच कर्तव्य निभा रहे पुलिस बल का अदम्य साहस और प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विशेष रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि धराली जैसी दुर्गम परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता और सेवाभावना सराहनीय रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों ने पूरे पुलिस बल की कार्यदक्षता और विश्वसनीयता को नई पहचान दी है।
बजट में किसानों से लेकर पत्रकारों तक के लिए प्रावधान
गैरसैण। भराङीसैण (गैरसैण) में आयोजित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किये गये अनुपूरक बजट के संबंध में मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 5315 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सतत विकास, समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस राज्य की मानव पूंजी में निवेश और हर वर्ग के समावेशी विकास पर है। किसानों, श्रमिकों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं, सुरक्षा बलों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।
राज्य में विद्युत टैरिफ सब्सिडी, स्वास्थ्य योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पुलिसकर्मियों के आवास, तीमारदारों के विश्राम गृह तथा शहीद व पत्रकार कल्याण कोष के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।
हमारी सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है, ताकि ‘इकोलॉजी’ और ‘इकोनॉमी’ के बीच संतुलन बना रहे। भू-धसाव, भूकंप जोखिम, स्प्रिंग मैपिंग, और आपदा राहत हेतु प्रभावी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, कुंभ मेला अवसंरचना, तथा पर्यटन विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है।
हम ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, नन्दा राजजात यात्रा और शारदा रिवर फ्रंट जैसे सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों को भी सशक्त किया जा रहा है।
यह अनुपूरक बजट नए उत्तराखण्ड की दिशा में एक और मजबूत कदम है। मैं राज्य की जनता से आह्वान करता हूं कि इस विकास यात्रा में हमारा साथ दें।”
गढ़वाल – कुमाऊं को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित सिंगटाली पुल पर जल्द शुरु होगा काम
देहरादून। गढ़वाल और कुमांऊ को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित सिंगटाली पुल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 57 करोड़ की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे पुल निर्माण जल्द प्रारंभ होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूर्व की घोषणा के क्रम में पौड़ी जिले की यमकेश्वर विधानसभा में प्रस्तावित इस पुल के लिए अहम वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। मंगलवार को शासन द्वारा प्रमुख अभियंता लोनिवि को इस बारे में विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं। कौडियाला- व्यासघाट मोटर मार्ग के किमी 01 में गंगानदी पर प्रस्तावित सिंगटाली पुल की कुल लंबाई 150 मीटर है, इस पर कुल लागत 57 करोड़ 5 लाख 25 हजार की लागत आनी है। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित व्यय – वित्त समिति पहले ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुकी है। इस तरह इस बहुप्रतीक्षित पुल के निर्माण की सभी बाधाएं अब दूर हो चुकी है, जिससे शीघ्र पुल निर्माण प्रांरभ हो सकेगा।
सिंगटाली पुल की मांग जनता लंबे समय से कर रही थी। इस पुल के निर्माण से गढ़वाल- कुमांऊ के मध्य सड़क सम्पर्क और मजबूत हो सकेगा। अब तेजी से निमार्ण कार्य प्रारंभ करते हुए, तय समय में इसे पूरा किया जाएगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
