नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव और सदस्यों के कथित अपहरण मामले की सुनवाई को लेकर सोमवार को नैनीताल फिर से पुलिस छावनी में बदल गया। सुरक्षा के मद्देनज़र उच्च न्यायालय परिसर से 500 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गई है।
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में आज जिला पंचायत अध्यक्ष नैनीताल के चुनाव संबंधी याचिका पर सुनवाई होनी है। बड़ी संख्या में याचिकाकर्ताओं और उनके समर्थकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अदालत परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात किया है।
एसपी प्रकाश चंद ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के हाईकोर्ट के 500 मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के कार्यों में बाधा डालने वाले या असामाजिक व उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार रात्रि को राजपुर रोड देहरादून स्थित होटल में समाचार चैनल चढ़ दी कला द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया तथा विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यालय से निर्देश जारी करने से ज्यादा जरूरी है ग्राउंड जीरो पर रहना – सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धराली आपदा हो या सिल्कयारा का संकट, मात्र कार्यालय से निर्देश जारी करने की बजाय वे ग्राउंड जीरो पर रहकर कार्य करने पर विश्वास करते हैं। शासन के उच्च अधिकारियों को भी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में कैंप कर करके स्थिति पर सीधी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे।
यूसीसी राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक महत्व का विषय – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर समेत संविधान सभा के सभी सदस्यों को अपनी भावांजलि दी हैं। सीएम ने कहा कि यूसीसी लागू होने के साथ ही उत्तराखंड के सभी निवासियों के अधिकार एक समान हो गए हैं | सभी धर्म की महिलाओं के लिए अब एक पूरा कानून है । यह किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है। यह समाज में समानता लाने का कानूनी प्रयास है। इसमें किसी प्रथा को नहीं बदला गया है बल्कि कुप्रथा को खत्म किया गया है ।
देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओ में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू है । पूरे हिंदुस्तान का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून कहीं लागू हुआ है तो वो उत्तराखंड में हुआ है। उन्होंने कहा कि आज पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हो रही हैं | गत चार वर्षो में 25000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। राज्य की युवाओं में नया आत्मविश्वास आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का भी नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प उत्तराखण्ड के विकसित होने से और उत्तराखण्ड के विकसित होने का संकल्प यहां के समाज, नागरिकों और प्रत्येक क्षेत्र के विकसित होने से ही साकार होगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल , अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
26 मार्च 2020 के बाद हुए विवाह पंजीकरण की समयसीमा छह माह से बढ़ाकर एक साल
देहरादून। राज्य सरकार मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 विधानसभा में लाने जा रही है। इस विधेयक के माध्यम से विवाह पंजीकरण की अनिवार्य समयसीमा को बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि सरकार ने जुलाई माह में अध्यादेश जारी कर यह प्रावधान पहले ही लागू कर दिया था। अब इस अध्यादेश को कानून का रूप देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
कैबिनेट ने संशोधन विधेयक को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी दे दी है। नए प्रावधान के तहत 26 मार्च 2020 से अधिनियम लागू होने के बाद पंजीकृत विवाहों की समयसीमा छह माह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई है। तय अवधि के बाद पंजीकरण न कराने पर दंड और जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सब-रजिस्ट्रार के समक्ष अपील, शुल्क निर्धारण और संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया गया है।
संशोधित विधेयक में समान नागरिक संहिता समिति की सिफारिशों को शामिल कर कई व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान किया गया है। इसके तहत दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) का उल्लेख होगा। साथ ही, जहां-जहां ‘शुल्क’ शब्द लिखा गया था, उसे सुधारकर ‘पेनल्टी’ लिखा जाएगा ताकि कानूनी प्रावधान और स्पष्ट हो सकें।
सेवाभाव और समर्पण का दिया मूल मंत्र
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य सशक्तिकरण अभियान के तहत 220 नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए इस क्षण को उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। कहा कि आप मात्र चिकित्सक नहीं बल्कि देवभूमि के आरोग्य प्रहरी भी हैं। इसीलिए आप सभी को प्रदेश की चिकित्सा को सस्ती, जनसुलभ और नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूर्ण समर्पण और सेवाभाव से कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 11 लाख से अधिक पेशेंट्स को 21 करोड़ से अधिक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त हो चुकी है। श्रीनगर में कार्डियो और न्यूरोलॉजी तथा हल्द्वानी में कैंसर से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। कहा कि आपात स्थिति में सुदूरवर्ती क्षेत्रों से हेली के माध्यम से भी स्वास्थ्य सेवाएं जीवनदायिनी का काम कर रही हैं। अभी हाल ही में धराली में आई आपदा के दौरान भी इसको देखा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और टेलीमेडिसिन सेवा के विस्तार से राज्य में चिकित्सा सेवाओं को नया आयाम मिला है।
उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक जनपद में एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक तरह से उत्तराखंड नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प उत्तराखंड के विकसित होने से और उत्तराखंड के विकसित होने का संकल्प यहां के समाज, नागरिकों और प्रत्येक क्षेत्र के विकसित होने से ही साकार होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि 220 चिकित्सकों में 04 दिव्यांग कोटे के चिकित्सकों को छोड़कर शेष सभी चिकित्सक दुरस्त क्षेत्रों में तैनाती देंगे। कहा कि विभाग शीघ्र ही और चिकित्सकों, नर्सेज और सपोर्टिंग स्टाफ की भी भर्ती करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य के 220 स्थानों पर बड़े अभियान के तौर पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएंगे तथा प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 25 लाख से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों के साथ-साथ सपोर्टिंग स्टाफ की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित होने से अधिकतर चिकित्सक इन क्षेत्रों में भी अपने आप सेवाएं देने के लिए प्रेरित होंगे।
मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, राजकुमार पोरी, व सरिता कपूर, राज्य स्तरीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुरेश भट्ट, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य सुनीता टम्टा सहित संबंधित चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने दिए स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में चिकित्सा प्रबंधन समिति (जिला चिकित्सालय कोरोनेशन संचालन मंडल) की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने कहा कि “ मुख्यमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप हमारे सरकारी अस्पतालों की सुविधाएं निजी अस्पतालों से कम नहीं होनी चाहिए।”
जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय को सशक्त बनाने हेतु प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को मौके पर ही मंजूरी प्रदान की। इनमें एसएनसीयू के लिए 6 अतिरिक्त बेड, एक्सरे मशीन, फोटोथेरेपी उपकरण, डिफिब्रिलेटर, जनरेटर, अतिरिक्त मैनपॉवर और सुरक्षा हेतु भूतपूर्व सैनिक गार्ड रखने की स्वीकृति दी गई। साथ ही चिकित्सालय में ऑटोमेटेड पार्किंग, महिला हिलांस कैंटीन और ब्लड बैंक की व्यवस्था को भी हरी झंडी मिली।
डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार के लिए प्रतिबद्ध है ताकि आमजन को महंगे इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने ब्लड बैंक निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए और स्वयं निरीक्षण करने की बात कही।
दिव्यांगजनों को मिलेगा एक ही स्थान पर संपूर्ण सहयोग
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) देहरादून के गांधी शताब्दी अस्पताल में स्थापित किया जा रहा है। यहां दिव्यांगजनों को प्रमाणपत्र, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, सहायक उपकरण वितरण, विशेष शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी।
इस केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़कर शिक्षा व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य विभाग उप जिलाधिकारी हरिगिरि, सीएमएस डॉ मन्नु जैन, डॉ जेपी नौटियाल, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, डॉ शालिनी डिमरी, डॉ नीतू तोमर, प्रमोद कुमार राजीव सब्बरवाल, इन्दू शर्मा, सुशिला पंवार, राजेश आरती आदि उपस्थित थे।
सीओ भवाली पर भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
नैनीताल। बेतालघाट में पंचायत चुनाव के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में बेतालघाट थानाध्यक्ष अनीश अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, भवाली के पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद शाह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
क्या है पूरा मामला
14 अगस्त को नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख चुनाव से ठीक पहले फायरिंग की वारदात हुई थी। इस दौरान एक ग्रामीण को गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए सीएचसी बेतालघाट में भर्ती कराया गया। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष ने चुनावी प्रक्रिया बाधित करने के उद्देश्य से गोली चलाई थी।
UCC शादी रजिस्ट्रेशन की समयसीमा जनवरी 2026 तक बढ़ी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कुल पांच प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है। यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन के टाइम को बढ़ा दिया गया है कैबिनेट ने आज यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन खासतौर से शादी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को बढ़ा दिया है। जिस तरह से अब यूसीसी के नियम के तहत जनवरी 2026 तक रजिस्ट्रेशन लोग कर सकते हैं। उस पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है साथ ही उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा कल्याण बोर्ड के गठन के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है आज की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया कि अगर उत्तराखंड में ईसाई या अन्य अल्पसंख्यक अपनी शिक्षण संस्थान (स्कूल) खोलते हैं तो उसके लिए अब बोर्ड से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।यानी एजुकेशन अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है।
19 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में आने वाले कई प्रस्ताव को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की गई है। जिसमें विधेयक भी शामिल है इसी तरह से आज की कैबिनेट की बैठक में सेवा नियमावली से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी है। आज की कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई है। वही UCC के रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाने को लेकर भी फैसला लिया गया है। इसके साथ ही कई विधेयक को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है जो विधानसभा सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने हैं।
उत्तराखंड कैबिनेट ने आज एक निर्णय लिया है। इसमें यह तय किया गया है कि आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम, 2025 लाया जाएगा। अभी तक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था। प्रस्तावित विधेयक के अंतर्गत अब अन्य अल्पसंख्यक समुदायों जैसे- सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी। यह देश का पहला ऐसा अधिनियम होगा जिसका उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करने हेतु पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करना है, साथ ही शिक्षा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है।
अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ
1 – प्राधिकरण का गठन राज्य में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा प्रदान करेगा।
2 – अनिवार्य मान्यता – मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी समुदाय द्वारा स्थापित किसी भी शैक्षिक संस्थान को अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा पाने हेतु प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
3 – संस्थागत अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता बनी रहे।
4 – अनिवार्य शर्तें – मान्यता प्राप्त करने हेतु शैक्षिक संस्थान का सोसाइटी एक्ट, ट्रस्ट एक्ट या कंपनी एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण होना आवश्यक है। भूमि, बैंक खाते एवं अन्य संपत्तियाँ संस्थान के नाम पर होनी चाहिए। वित्तीय गड़बड़ी, पारदर्शिता की कमी या धार्मिक एवं सामाजिक सद्भावना के विरुद्ध गतिविधियों की स्थिति में मान्यता वापस ली जा सकती है।
5 – निगरानी एवं परीक्षा – प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार दी जाए और विद्यार्थियों का मूल्यांकन निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो।
अधिनियम का प्रभाव
राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को अब पारदर्शी प्रक्रिय के माध्यम से मान्यता मिलेगी। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। राज्य सरकार के पास संस्थानों के संचालन की निगरानी करने और समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी करने की शक्ति होगी।
देहरादून में पहली बार होगा एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2025 का आयोजन
देहरादून। भारत पहली बार शीतकालीन खेलों का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन करने जा रहा है। एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2025 का आयोजन 20 से 23 अगस्त तक राजधानी देहरादून में होगा। ISAI के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा ने कहा इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में एशिया के 11 देश चीन, जापान, हांगकांग, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, चीनी ताइपे, वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस और भारत हिस्सा लेंगे। खिलाड़ी 222 मीटर स्प्रिंट से लेकर 5000 मीटर रिले तक की 9 अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में दमखम दिखाएंगे।
ISAI के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा ने कहा देहरादून स्तिथ महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हिमाद्री आइस रिंक, जो देश की इकलौती ओलंपिक साइज आइस रिंक है, इस आयोजन का केंद्र होगा। लंबे समय से बंद रही यह रिंक अब पूरी तरह तैयार है और हाल ही में राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेज़बानी भी कर चुकी है। इस टूर्नामेंट में 190 से अधिक स्केटर्स उतरेंगे, जिनमें भारत की ओर से 90 स्केटर्स की टीम भी शामिल होगी। खास बात यह है कि राष्ट्रीय चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों को कोरिया से आए अंतरराष्ट्रीय कोच प्रशिक्षण देंगे। यह आयोजन भारत में शीतकालीन खेलों की तस्वीर बदलने जा रहा है। आइस स्केटिंग अब पहाड़ी इलाकों से निकलकर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक तक पहुँच चुकी है। इस साल हार्बिन (चीन) में हुए एशियन विंटर गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी एकलव्य जगल, सोहन टरकर, साई सहाना, सुयोग तापकीर, डेशियल कॉन्सेसाओ, नॉयल सी. चेरियन और अन्य भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा होंगे। यानी, देहरादून में होने वाला यह टूर्नामेंट सिर्फ मेडल की जंग नहीं, बल्कि भारत में विंटर स्पोर्ट्स के नए युग की शुरुआत है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने 14.39 करोड़ की धनराशि जारी की
देहरादून। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके विद्यालयों का कायाकल्प किया जायेगा। इसके लिये विभागीय स्तर पर जनपदवार क्षतिग्रस्त विद्यालयों को ए,बी,सी व डी श्रेणी में चिन्हित किया गया है। ‘सी’ श्रेणी में चिन्हित चार जनपदों के 10 विद्यालयों में निर्माण एवं मरम्मत आदि कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था नामित कर कुल 14 करोड़ 39 लाख की धनराशि के आगणन को विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा ‘डी’ श्रेणी में चिन्हित 6 विद्यालयों के लिये भी कार्यदायी संस्था का चयन कर दिया गया है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग में मरम्मत योग्य विद्यालयों का सरकार द्वारा जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके लिये क्षतिग्रस्त विद्यालयों को चार श्रेणियों में बंटा गया है। इसके लिये खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखण्ड के अंतर्गत ऐसे विद्यालयों का चिन्हिकरण कर प्रस्ताव शिक्षा महानिदेशायल को उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्व में जारी किये गये थे। इसी क्रम में टिहरी, पौड़ी, देहरादून व ऊधमसिंह नगर जनपद के अंतर्गत ‘सी’ श्रेणी में चिन्हित 10 क्षतिग्रस्त विद्यालयों में भवन निर्माण एवं अन्य अवस्थापना कार्य हेतु कार्यदायी संस्था नामित कर दी गई है। साथ ही विभगाय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इन विद्यालयों में निर्माण कार्यों हेतु 14 करोड़ 39 लाख की धनराशि के आगणन को अनुमोदित कर दिया है। जिसमें जनपद टिहरी के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज नकुर्ची, जौनपुर हेतु 2 करोड़ 77 लाख, राजकीय इंटर कॉलेज न्यूली अकरी 1 करोड़ 59 लाख, राजकीय इंटर कॉलेज लम्बगांव 2 करोड़ 53 लाख तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पिन्सवाड़ हेतु 2 करोड़ 35 लाख की धनराशि का आगणन किया गया है। इसी प्रकार देहरादून के राजकीय इंटर कॉलेज जस्सोवाला में निर्माण व मरम्मत कार्ये हेतु 3 करोड़, ऊधमसिंह नगर के राजकीय इंटर कॉलेज बरहैनी हेतु 96 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पूरनपुर 59 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जगदीशपुर, गदरपुर 15 लाख तथा पौड़ी जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज सिलोगी, द्वारीखाल में विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु 43 लाख की धनराशि का आगणन किया गया है। इन चारों जनपदों टिहरी व देहरादून में सिंचाई विभाग तथा ऊधमसिंह नगर व पौड़ी में ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। सी श्रेणी के अंतर्गत चयनित इन विद्यालयों में कक्षा-कक्ष, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, वैकल्पिक विषय कक्ष, प्रधानाचार्य कक्ष, कार्यालय कक्ष, स्टॉफ कक्ष, पुस्तकालय, कम्प्यूटर कक्ष, विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं, एमडीएम किचन, शौचालय निर्माण सहित वृहद व पुराने भवनों की मरम्मत की जायेगी।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत हरिद्वार, अल्मोड़ा व नैनीताल जनपद के अंतर्गत ‘डी’ श्रेणी में चिन्हित 6 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त विद्यालयों में निर्माण कार्य हेतु कार्यदायी संस्था नामित कर दी है, जिसका अनुमोदन विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने दे दिया है। जिसके तहत हरिद्वार जनपद में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गुलाबशाहपीर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भगवानपुर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानकचौक, नारसन तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानकपुर आदमपुर तथा नैनीताल के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हेतु कृषि मंडी जबकि अल्मोड़ा जनपद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जाख में निर्माण कार्य हो ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था के तौर पर नामित किया गया है।
प्रार्थिनी ने पुलिस व पड़ोसियों पर अभद्रता और मारपीट का लगाया आरोप
देहरादून। राजधानी देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र में बिजली के पोल से केबल डालने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्ती दिखाते हुए गंभीर जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, एक परिवार के घर में बिजली की समस्या आने पर विद्युत कर्मियों को बुलाया गया था। इसी दौरान पड़ोसियों के साथ विवाद हो गया। शिकायतकर्ता ने महिला आयोग में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया कि दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस कर्मियों और पड़ोसी उनके घर के पास बिजली के तार डालने लगे। आपत्ति जताने पर प्रार्थिनी और उनकी बेटी से अभद्र व्यवहार किया गया और धमकियां दी गईं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शाम करीब 4 बजे पुलिस वाहन और अन्य गाड़ियों से 8-10 लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान प्रार्थिनी और उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई, फोन छीन लिए गए और उन्हें घसीटकर नीचे लाया गया। शिकायत के मुताबिक, महिला पुलिस भी मौके पर पहुंची और प्रार्थिनी को जबरन गाड़ी में बैठा लिया, जबकि बेटी को पीटकर घायल कर दिया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी और वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत निंदनीय घटना है और मामले की गंभीर व निष्पक्ष जांच की जाएगी। आयोग ने दोनों पक्षों को सोमवार को तलब किया है।
कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून समाज की सुरक्षा के लिए है और उसका दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
