मौसम विभाग ने कई जिलों में बाढ़ की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान दुखद हादसा हो गया। गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी गधेरे के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से महाराष्ट्र से आए एक यात्री की मौत हो गई।
पुलिस और जिला प्रशासन की यात्रा मैनेजमेंट फोर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल यात्री को गौरीकुंड अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय परमेश्वर भीम राव खावाल, निवासी औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है।
राज्य में बाढ़ का अलर्ट
इस बीच मौसम विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन ने राज्य के कई जिलों – अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी – में बाढ़ की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, लोगों को समय-समय पर चेतावनी देने और सुरक्षा उपायों को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।
भराड़ीसैंण विधानसभा में 19 अगस्त से सुरु होगा मानसून सत्र
देहरादून। उत्तराखंड में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में आगामी 19 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विधानसभा सत्र को लेकर सरकार पूरी तरह से तैयार है।
अब तक 32 विधायकों की ओर से 547 प्रश्न विधानसभा को प्राप्त हो चुके हैं। सत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा परिसर में प्रवेश के दौरान किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बार सत्र का संचालन नेवा (नेशनल इलेक्ट्रोल वेब एप्लीकेशन) के तहत किया जाएगा। इसके लिए आईटीडीए को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। संचार कंपनियों की मदद से विधानसभा परिसर में हाई-स्पीड नेटवर्क और वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
वाहन प्रवेश पर भी सख्ती बरती जाएगी। बिना अनुमति-पत्र के किसी भी कर्मचारी का वाहन परिसर में नहीं जाएगा। मंत्रियों और विधायकों की सिफारिश पर सीमित संख्या में ही आगंतुकों को प्रवेश मिलेगा। साथ ही, सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली और पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा— अटल जी का जीवन देशभक्ति, समर्पण और सेवा का अनुपम उदाहरण है
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री “भारत रत्न” अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन देशभक्ति, समर्पण और सेवा का अनुपम उदाहरण है, जो हमें सदैव राष्ट्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
एसजीआरआर विश्वविद्यालय की कुलपति व रजिस्ट्रार ने हरी झण्डी दिखाकर 4 वाहनों को रवाना किया
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में धराली आपदा पीड़ितों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुछ कोर्सों में आपदा पीड़ित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने धराली (उत्तरकाशी) आपदा प्रभावितों के लिए राहत एवम् खा़द्य सामग्री भेजी। 2 ट्रक सहित 4 वाहनों में राहत एवम् खाद्य सामग्री लेकर विश्वविद्यालय की टीम रवाना हुई। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जब पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने धराली (उत्तरकाशी) आपदा से पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम रखने का संकल्प लिया। मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत यह पहल तब साकार हुई, जब कुलपति डॉ. कुमुद सकलानी और रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर ने राहत सामग्री से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा, “संकट की इस घड़ी में एसजीआरआर परिवार के सभी सदस्या पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर सम्भव सहयोग करें। यह हमारा धर्म है, और हमारा कर्तव्य भी है।”
धराली में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को बेघर कर दिया, उनके घर, रोजगार और सपने बहा दिए। ऐसे में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने न केवल राहत सामग्री भेजने का बीड़ा उठाया, बल्कि पीड़ितों को निःशुल्क उपचार और उनके बच्चों को कुछ चयनित पाठ्यक्रमों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का भी वचन दिया।
उत्तरकाशी जिले के बड़कोट स्थित एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के माध्यम से यह राहत सामग्री जिसमें दवाइयां, खाद्यान्न, कंबल, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, प्रभावित गांवों तक पहुंचाई जा रही है। एसजीअरआर पब्लिक स्कूल बड़कोट की प्रधानाचार्य कमला रावत और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल पुरोला के प्रधानाचार्य उत्तम सिंह चैहान ने एडीएम उत्तरकाशी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की। उत्तरकाशी जनपद के अन्तर्गत आने वाले एसजीआरआर ग्रुप के सभी संस्थानों के सभी केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत और बचाव कार्यों में हर संभव योगदान दें। यह पहल केवल एक औपचारिक मदद नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है।
धराली की ठंडी हवाओं और टूटी छतों के बीच, यह राहत सामग्री पीड़ितों के लिए केवल सामान नहीं, बल्कि एक उम्मीद की किरण है, यह भरोसा कि वे अकेले नहीं हैं, पूरा एसजीआरआर परिवार उनके साथ खड़ा है।
डीएम ने जनपद वासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
देहरादून। जनपद में 79 वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने क्लेक्ट्रेट परिसर में सुबह 9ः00 बजे ध्वजारोहण कर जनपद वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। सभी विभागों, शिक्षण संस्थाओं, गैर सरकारी कार्यालयों में भी ध्वजारोहण किया गया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महापुरुषों को नमन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देश को बडे संघर्षाे, प्रयत्नों और बलिदानों के बाद आजादी मिली है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अमूल्य बलिदान को याद कर हम सबको आजादी के महत्व को समझना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आजादी एक अधिकार के साथ एक दायित्व भी है। सभी लोग पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्मठता के साथ अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण मनोयोग से निर्वहन करेंगे और भारत के नवनिर्माण में अपनी अहम भूमिका निभांए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता को बनाए रखते हुए देश के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर काम करना होगा। विकसित राष्ट्रों की भांति हम सभी को देश के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। देश के अंतिम छोर पर खडे नागरिक तक सरकार की विकासपरक योजनाएं, मूलभूत सुविधाएं, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और सोशल सर्विसेज का सुगमता से लाभ पहुंचाना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आजादी के इस पर्व पर हम सब विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेकर चलें। ताकि हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना पूर्ण हो सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशा) जय भारत सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह सहित क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित सभी पटलों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद थे।
सीएम धामी की 6 बड़ी घोषणाएं, शिक्षा, पेयजल, मानदेय वृद्धि और आपदा प्रबंधन पर फोकस
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। सेवा के आधार पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से श्वेता चौबे, सेनानायक आईआरबी द्धितीय देहरादून, योगेश चन्द्र पुलिस उपाधीक्षक, विपिन चन्द्र पाठक, निरीक्षक नागरिक पुलिस, नरेन्द्र सिंह बिष्ट, निरीक्षक नागरिक पुलिस, राकेश चन्द्र भट्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, अजय प्रकाश सेमवाल, लीडिंग फायरमैन और सुनीत कुमार, मुख्य आरक्षी को सम्मानित किया गया।
विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से शेखर चन्द्र सुयाल , अपर पुलिस अधीक्षक, राजेन्द्र सिंह खोलिया, निरीक्षक नागरिक पुलिस, कैलाश चन्द्र भटट्, निरीक्षक नागरिक पुलिस, मनोहर सिंह रावत, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, ओमकान्त भूषण,उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, दीपक कुमार, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, गोपाल राम मुख्य आरक्षी, अमरजीत, आरक्षी और राहुल, आरक्षी को सम्मानित किया गया गया। विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों प्रिया राणा, मनीषा चौहान, राहुल सरनालिया, अमीषा चौहान विशम कश्यप, अमित बेलवाल और महक चौहान को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्यहित में 06 घोषणाएं की
1. राज्य के उन विद्यालयों में, जहाँ मिड-डे मील योजना के तहत भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ राज्य सरकार द्वारा दो गैस सिलेंडर और एक चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा।
2. राज्य के अंतर्गत उन विधानसभा क्षेत्रों में, जहाँ पेयजल आपूर्ति में कठिनाई है, वहाँ प्रत्येक क्षेत्र में 10-10 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे।
3. ग्राम चौकीदार एवं ग्राम प्रहरी के मानदेय में एक हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।
4. सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में दो हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।
5. राज्य में दूरस्थ व रोजगार मूलक उच्च शिक्षा के समग्र विकास और प्रचार-प्रसार के लिए जनपद स्तर पर राज्य सरकार द्वारा विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन व समन्वय उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
6. ’गंगोत्री ग्लेशियर सहित प्रदेश के अन्य हिमालयी ग्लेशियर एवं उनके समीपवर्ती क्षेत्रों का नियमित अध्ययन कराया जाएगा,साथ ही प्रीडेक्टिव और प्रोएक्टिव आपदा प्रबंधन हेतु आपदा प्रबंधन विभाग को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण किया और उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित हुए सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने तत्परता, समर्पण और साहस के साथ राहत एवं बचाव का कार्य किया, इसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना के साथ और तेज गति से किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 78 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा में देशवासियों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और निरन्तर परिश्रम के बल पर हमारा राष्ट्र अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, वर्ष 2047 तक भारत पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने के संकल्प के साथ, तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। रक्षा, विज्ञान, तकनीकी कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में देश तेजी से कार्य हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ाने के साथ ही देश को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरी दुनिया ने देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार विकसित उत्तराखंड के मंत्र के साथ राज्य को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को बेहतर बनाने का कार्य किया गया है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियो के द्वारा उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर राज्य में कई नई योजनाओं को लागू किया है। प्रदेश धार्मिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म ,फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्र में देश के एक विशिष्ट हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यमियों के साथ 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गये। डेढ़ वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। किच्छा खुरपिया फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप के अनुकूल इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के साथ ही 200 करोड़ के वेंचर फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। प्रदेश को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में नई योग नीति लागू की है। प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना की जा रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज ’’ ब्रांड राज्य के सभी आर्गेनिक उत्पादों को एक छत के नीचे लाने में कारगर सिद्ध हुआ है। ’’होम स्टे योजना’’ के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि उपकरण खरीदेने के लिए “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया गया है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ’स्टेट मिलेट मिशन’ और ’ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को राज्य में लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन हमारी अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ है, इसके लिए “नई पर्यटन नीति’’ बनाई गई है। केदारखंड और मानसखंड मंदिरमाला मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है। अपुणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन,1905, एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064, डिजिटल उत्तराखंड ऐप जैसी विभिन्न पारदर्शी व्यवस्थाओं के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, वंदे भारत एक्सप्रेस, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड और उड़ान योजना जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले चार वर्षो में लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार के सतत प्रयासों से राज्य की जी.एस.डी.पी. में 1.3 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 11.33 प्रतिशत बढोत्तरी हुई है। देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू करने का ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। धर्मांतरण रोधी कानून को और अधिक सख्त बनाने का निर्णय लिया है। सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। ’ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक खजानदास, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
एनएचआईडीसीएल की टीम मलबा हटाने में जुटी
चमोली। चमोली जनपद में भले ही आज मौसम सामान्य है, लेकिन बदरीनाथ हाईवे एक बार फिर अवरुद्ध हो गया है। पीपलकोटी के भनेरपाणी क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आने से मार्ग सुबह 9 बजे से बंद पड़ा है। इसके चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ओर जा रहे करीब 300 यात्री हाईवे के दोनों ओर फंसे हुए हैं और मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि भनेरपाणी क्षेत्र में हाईवे की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। यहां लगभग 30 मीटर हिस्से में लगातार भूस्खलन हो रहा है। शुक्रवार को भी भारी मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। एनएचआईडीसीएल की टीम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
देहरादून। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भव्य ध्वजारोहण किया। इस मौके पर पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का उत्साह और जोश देखने को मिला। समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
अपने ऐतिहासिक संबोधन में सीएम धामी ने राज्य की अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया और विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की। समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक, अधिकारी, पुलिसकर्मी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने शहीदों को नमन कर आपदा पीड़ितों के पुनर्वास का दिया भरोसा
देहरादून। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों और देश की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने धराली सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जान गंवाने वालों को याद करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द पुनर्वास एवं राहत कार्य पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है और राष्ट्रहित में ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी नवनिर्माण और पुनर्निर्माण के कार्य तेजी से हो रहे हैं तथा आगामी 25 वर्षों की विकास योजनाओं पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
भाजपा कार्यालय में भी मनाया गया पर्व
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बच्चों को राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएं दी। मुख्य सचिव ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और कहा कि यह देश उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, साहस और समर्पण को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमें आज़ादी का अनमोल उपहार दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, ये केवल संकल्पना नहीं हैं, बल्कि उत्तराखण्ड इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये कठोर परिश्रम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से समृद्ध और सशक्त उत्तराखण्ड की संकल्पना तेजी से साकार हो रही है। उत्तराखण्ड ने विगत वर्षाे में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है, जिसके फलस्वरुप हम सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति और युवा शक्ति की अहम् भागीदारी से हमारा प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी की ओर अग्रसर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए उत्तराखण्ड को मैन्युफैक्चरिंग हब, स्किल हब, आयुष प्रदेश और वैश्विक पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने के विजन को साकार करने के लिये हमें कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता हैं। पहाड़ी फसलें, मोटे अनाज और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से उत्तराखण्ड की आजीविका को भी बल दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए यहाँ के छोटे और मझोले किसानों को भी मजबूती देनी आवश्यक है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए गर्वनेंस के रिफॉर्म्स और प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए इसकी शुरूवात राज्य सचिवालय और जनपदों से ही किए जाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बढ़ती हुई प्राकृतिक आपदाओं के बीच शासन-प्रशासन में कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए एक अभियान चलाने की भी आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऑन-लाइन अनुश्रवण-मूल्यांकन हेतु राज्य में पी0एम0 गति शक्ति पोर्टल (स्टेट) तैयार कर परियोजनाओं यथा कैपिटल असिस्टेंस योजना, मिसिंग लिंक योजना, डैशबोर्ड, सीएम कॉन्क्लेव पीएमजी, प्रगति, ई-समीक्षा, ई-आंकलन, मुख्यमंत्री घोषणा आदि कार्यक्रमों की समीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य सम्पादित किया जा रहा है। आवास विभाग के ऑनलाईन एप्लीकेशन सिस्टम ऐप को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा स्टेट बेस्ड सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म के लिये बेस्ट प्रेक्टिस की श्रेणी में नामित किया है। उन्होंने कहा कि वाईब्रेन्ट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के बहुमुखी विकास हेतु केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के जनपद उत्तरकाशी, चमोली तथा पिथौरागढ़ के कुल 51 गांवों का चयन किया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ‘अपुणि सरकार‘ परियोजना के अपुणि सरकार पोर्टल को भारत सरकार के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग के छमेक्। फ्रेमवर्क द्वारा देशभर में बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल सरक्षण हेतु स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन ऑथोरिटी का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं नदियों का चिन्हीकरण, जल उत्सर्जन में वृद्धि, मापन एवं अनुश्रवण आदि के माध्यम से सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में हाउस ऑफ हिमालय जैसे ब्रांड को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। आज मुझे खुशी है हाउस ऑफ हिमालय और वोकल फॉर लोकल जैसे प्रयासों से ग्रामीण विकास एवं आर्थिक विकास को हासिल करने में राज्य सफल होता हुआ दिख रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, सचिवालय हमारी प्रशासनिक व्यवस्था का वह केंद्र है, जो न केवल नीतियों को आकार देता है, बल्कि देश और प्रदेश के विकास की दिशा भी निर्धारित करता है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, और समर्पण के साथ करें, ताकि हमारा प्रदेश और समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। हमारा कार्य केवल कागजों और फाइलों तक सीमित नहीं है। हमारी नीतियाँ और निर्णय इस प्रदेश के लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी हर कार्रवाई में जनता का कल्याण सर्वाेपरि हो। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र और राज्य सरकार की जनहित एवं राज्यहित की महत्त्वकांक्षी योजनाओं को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। आज हम एक ऐसे भारत में खड़े हैं, जो न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, बल्कि सामाजिक समावेशन, शिक्षा, और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
मुख्य सचिव ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपने दायित्वों को और अधिक जिम्मेदारी के साथ निभाना होगा। आइए, हम ईमानदारी, दक्षता और नवाचार की भावना के साथ काम करें, ताकि हम अपने महान राष्ट्र के सपनों को साकार कर सकें। आइए, हम मिलकर प्रयास करें, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा हर निर्णय देश की प्रगति और लोगों के कल्याण में योगदान दे।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण एवं सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
