देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के तहत जन सुविधाओं के विकास, आपदा न्यूनीकरण के प्रयासों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ पार्किंग, सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास आदि के लिए 44.64 करोड़ की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा नेशनल लैंडस्लाइड रिस्क मिटीगेशन प्रोग्राम (एनएलआरएमपी) विषयक कार्यशाला में एनडीएमए द्वारा सम्भावित जोखिम संवेदनशील भू-स्खलन क्षेत्रों के न्यूनीकरण हेतु प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के राजकीय औद्योगिक आस्थानों की मरम्मत/सुदृढीकरण कार्य हेतु एम०एस०एम०ई० अवस्थापना विकास मद के अन्तर्गत कुल धनराशि ₹ 1.99 करोड़, राजकीय जनजाति छात्रावास खटीमा, ऊधम सिंह नगर में विभिन्न (02) मरम्मत एवं निर्माण कार्यों हेतु ₹ 46.14 लाख एवं राजकीय जनजाति छात्रावास काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में विभिन्न (02) मरम्मत एवं निर्माण कार्य हेतु ₹ 37.71 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के अन्तर्गत गोर्खासंध धर्मशाला, चन्द्रबनी के जीर्णाेद्धार एवं पार्किंग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 38.97 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के गुनियाल गांव सामुदायिक भवन का जीर्णाेद्धार व सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 65.93 लाख के साथ ही जिला कारागार, सितारगंज के विस्तारीकरण संबंधी कार्य हेतु ₹ 38.15 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में स्थानीय शासनों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र हेतु संस्तुत अनुदान के अन्तर्गत ब्लॉक स्तर पर लोक स्वास्थ्य इकाईयों की वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु अनुमोदित कार्ययोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 मे ₹ 1.62 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
विधानसभा में उठा गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा
भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के चतुर्थ दिवस की द्वितीय पाली (भोजनावकाश के उपरांत) में विपक्ष द्वारा प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा सदन में उठाया गया।
इस पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने पीठ से कहा कि “गैस एक बहुत एसेंशियल कमोडिटी है इसलिए सरकार और प्रशासन को किसी प्रकार की जमाखोरी , डायवर्जन और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए, इसका सरकार ध्यान रखें।”
अध्यक्ष ने कहा कि आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए इस विषय पर विशेष सतर्कता बरती जाए।
कहा प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को जानती है
गैरसैंण। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) पर उनके बयान को लेकर लेकर विपक्ष जानबूझ कर हो हल्ला कर रहा है। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण से मेरा आशय यह था कि भराड़ीसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है लेकिन लेकिन उससे नीचे गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने के लिए पर्यटन डेस्टिनेशन के साथ-साथ अन्य अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण किया जाये। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सकें।
महाराज ने कहा कि गैरसैंण के विकास को लेकर उनके द्वारा दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया। जबकि उनका बयान ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के अलावा गैरसैंण के पूरे क्षेत्र के समग्र विकास के दृष्टिगत रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को आरोप लगाने से पूर्व इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन को बनवाने में मेरी क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को अनावश्यक तूल देकर कांग्रेस गैरसैंण के विकास में अवरोध उत्पन्न कर अपना राजनीति उल्लू सीधा करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) के विकास को लेकर वह लंबे समय से अपना विचार रखते आये हैं। उनके प्रयासों से ही 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गैरसैंण में विधानसभा भवन का शिलान्यास किया था। इसलिए मेरे बयान को को तोड़-मरोड़कर पेश करके कांग्रेस जनता को बर्गलाने की कतई कोशिश न करें क्योंकि प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को भली-भांति जानती है।
गौरतलब है कि गैरसैंण को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने सम्बन्धी बयान पर महाराज पर विपक्ष ने खूब हमला बोला। साथ ही सोशल मीडिया पर भी महाराज बहुत ट्रोल हो रहे हैं।
जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित
बहुउद्देशीय शिविर में 29 शिकायतें दर्ज, 02 का मौके पर निस्तारण, 09 ग्रामीणों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र हेतु भरवाए गए आवेदन
पौड़ी। राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत विकासखंड यमकेश्वर की न्याय पंचायत बड़ोलीबड़ी के अंतर्गत विकास खंड सभागार में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता तहसीलदार वैभव जोशी ने की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन पर जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने 29 शिकायतें दर्ज कीं, जिनमें से 02 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 106 लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया जबकि 09 ग्रामीणों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु आवेदन पत्र भरवाए गए।
तहसीलदार ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से विभाग जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। विभागीय स्टॉलों के जरिये लोगों को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त हुई शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी/पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, जिला सहकारिता, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, खाद्य पूर्ति, राजस्व विभाग सहित 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। जिनमें विभिन्न योजनाओं से 106 लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान, जिला पंचायत सदस्य बचन सिंह बिष्ट, कविता डबराल, खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल, खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
बीपीटी और एमपीटी छात्र-छात्राओं को जाॅब स्कोप पर दी गई महत्वपूर्णं जानकारियां
एक दिवसीय कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने जाना कैंसे करें सही स्ट्रीम का चुनाव
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा बीपीटी एवं एमपीटी के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर इंटर्न्स को फिजियोथेरेपी की विभिन्न स्ट्रीमों की जानकारी देकर उन्हें अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही स्ट्रीम का चयन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन, कुलसचिव डॉ. लोकश गंभीर तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता विश्व प्रसिद्ध डॉ. अली ईरानी (भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट) रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, स्पेशलाइजेशन और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. ईरानी ने छात्रों को आधुनिक और उन्नत तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी, जिनकी मदद से मरीजों को दर्द से शीघ्र राहत प्रदान की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, न्यूरो फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी, कार्डियो-पल्मोनरी फिजियोथेरेपी सहित कई विशेषज्ञताएं उपलब्ध हैं। छात्र यदि अपनी रुचि, कौशल और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर सही स्ट्रीम का चयन करें, तो इस क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक प्रो. (डॉ.) कीर्ति सिंह, आयोजक प्रो. (डॉ.) नीरज कुमार एवं डॉ. शारदा शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. सोनिया गंभीर और डॉ. मालविका कांडपाल भी उपस्थित रहीं। साथ ही फिजियोथेरेपी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल तथा स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज की समस्त फैकल्टी भी मौजूद रही।
खेल विश्वविद्यालय की ओर बढ़ते कदम- रेखा आर्या
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी के गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी खेल अवसंरचना परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 8 करोड़ 57 लाख 13 हजार 171 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन की ओर से जारी आदेश में यह धनराशि खेल विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वन विभाग की भूमि की आवश्यकता थी, जिसे केंद्र सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वन भूमि के उपयोग के बदले नियमानुसार राज्य सरकार को प्रतिपूरक व्यवस्था करनी होती है। इसके तहत जिन पेड़ों का नुकसान होगा, उनकी भरपाई के लिए अन्य स्थानों पर नए वृक्ष लगाए जाने और उसके लिए आवश्यक भूमि तथा धनराशि उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इसी प्रतिपूरक वृक्षारोपण और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने यह धनराशि स्वीकृत की है। आदेश के अनुसार स्वीकृत राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण, परामर्श और अन्य प्रक्रियात्मक कार्यों के साथ-साथ प्रतिपूरक वृक्षारोपण से संबंधित व्यवस्थाओं पर किया जाएगा।
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस आदेश के जारी होने के बाद खेल विश्वविद्यालय परियोजना से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है और अब मैदान स्तर पर व्यावहारिक कार्य शुरू होने की प्रक्रिया तेज होगी।
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे निम्न स्तर पर थी तब भाजपा सरकार ने सस्ता पेट्रोल-डीजल करके जनता को क्यों नहीं दी?
ज्योति रौतेला ने कहा कि जब समूचा विपक्ष संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की मांग कर रहा है। तब भी मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार कर रही है। सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है। उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधि ये कह रहे है कि भारत को 30 दिन की अनुमति है रूस से तेल खरीदने की तो हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने सामने आकर इस बात का खंडन क्यों नहीं किया कि हमे किसी देश से अनुमति की जरूरत नहीं है। इसका खंडन ना करके भाजपा सरकार ने ये बता दिया कि वो ट्रम्प के अनुसार चल रहे हैं। उन्हें देश की 140 करोड़ जनता से कोई मतलब नहीं है।
प्रदेश महिला अध्यक्ष ने कहा कि आज जब देश में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा है, तब सरकार सूत्रों के हवाले से क्यों बयानबाजी कर रही है? प्रधानमंत्री जिन्हें बोलने का बहुत शौक है वो सामने आकर क्यों नहीं देश की जनता से संवाद कर रहे हैं? प्रधानमंत्री का सामने आकर संवाद ना करना स्पष्ट बता रहा है कि समस्या बहुत गंभीर है। समस्या इतनी गंभीर है कि दिल्ली हाईकोर्ट में किचन बंद हो गयी है। कर्नाटक में होटल एसोसिएशन ने पत्र लिखकर सिलेंडर ना होने की वजह से होटल बंद करने का ऐलान कर दिया है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री प्रचार मंत्री बनकर केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दामों में हो रही भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पिछले 12 सालों से रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि देश और प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार अपने चरम पर है तथा भाजपा साम्प्रदायिक मुद्दों की ओर जनता का ध्यान भटका रही है। जहां एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 तक पहुंचाकर गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 12 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 700 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत रहा है। मोदी सरकार एक ओर महंगाई को नियंत्रित करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। रसोई गैस के बढ़ते दामों के कारण गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत की सभी चीजें फल, सब्जी, दालें दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के बेतहाशा बढ़ते दाम आम आदमी का जीना दूभर कर रहे हैं। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारें महंगाई पर काबू पाने में असफल साबित हुई हैं। रसोई गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ चुके हैं कि गरीब आदमी के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपनी सभी चुनावी जनसभाओं में महंगाई कम करने का ढिंढोरा पीटते थे परन्तु उनके 12 साल के कार्यकाल में मंहगाई अपने चरम पर पहुंच गई है तथा आम आदमी उसके बोझ को सहन करने में असमर्थ हो गया है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा ढौंडियाल, उपाध्यक्ष चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवाडी आदि उपस्थित थे।
अभियान के दौरान पहचान संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज न दिखा पाने वाले 49 व्यक्तियों को पुलिस ने लिया हिरासत में
देहरादून। अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत देहरादून पुलिस ने शहर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाहरी जनपदों और राज्यों से आकर रह रहे लोगों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के लिए पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
अभियान के तहत 12 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में कोतवाली नगर क्षेत्र की चौकी लक्ष्मण चौक के अंतर्गत गांधी ग्राम, न्यू पार्क रोड, गुरुद्वारा रोड और मालवीय नगर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने क्षेत्र में रहने वाले कुल 469 लोगों का सत्यापन किया।
जांच में पाया गया कि कई मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था। इस पर पुलिस ने 92 मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए 9 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा क्षेत्र में संदिग्ध रूप से रह रहे 49 लोगों को बीएनएसएस की धारा 172 के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने लाया गया। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 49 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान कर 12,250 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद भर में सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा और किरायेदारों व बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन न कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार
देहरादून। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से उत्तराखंड राज्य को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत लगभग 55 अपूर्ण कार्यों को पूरा करने का वित्तीय भार राज्य सरकार को वहन करना प्रस्तावित था। अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद यह राशि केंद्र व राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में वहन की जाएगी, जिससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय भार काफी कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और विकास को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
यह डेलीगेशन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत PIB भुवनेश्वर द्वारा आयोजित उत्तराखंड के चार दिन के दौरे पर है
देवभूमि उत्तराखंड में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए, गवर्नर ने राज्य की आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक तरक्की और विकास की पहल पर अहम जानकारियां दी
देहरादून। देहरादून के लोक भवन में ओडिशा के एक मीडिया डेलीगेशन ने उत्तराखंड के गवर्नर, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रि.) से बातचीत की। यह डेलीगेशन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) भुवनेश्वर द्वारा आयोजित उत्तराखंड के चार दिन के प्रेस टूर पर है।
देवभूमि उत्तराखंड में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए, गवर्नर ने राज्य की आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक तरक्की और विकास की पहल पर अहम जानकारियां साझा की। उन्होंने ओडिशा और उत्तराखंड के बीच समानताओं, खासकर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति उनकी कमज़ोरी पर ज़ोर दिया, और साइक्लोन फानी के बाद ओडिशा के अपने दौरे को याद करते हुए लोगों की हिम्मत की तारीफ़ की।
ओडिशा की तारीफ़ करते हुए, गवर्नर ने कहा कि देश खुशकिस्मत है कि राज्य ने देश को एक महिला राष्ट्रपति दी है, जो महिलाओं के एम्पावरमेंट के लिए भारत के कमिटमेंट को दिखाता है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, “ब्रह्मांड के भगवान” के प्रति अपने आध्यात्मिक झुकाव के बारे में भी बात की, और पुरी के आध्यात्मिक महत्व पर ज़ोर दिया। “PURI” शब्द का मतलब बताते हुए, उन्होंने इसे “U – You और I – I” के रूप में समझाया, जो भगवान और भक्तों के बीच आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं की भी तारीफ़ की और राज्य के लोगों को सीधा-सादा और मिलनसार बताया।
उत्तराखंड के राष्ट्रीय महत्व पर ज़ोर देते हुए, गवर्नर ने बताया कि राज्य में भारत सरकार के 82 इंस्टिट्यूशन हैं, जिनमें मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA), देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA), फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI) और सर्वे ऑफ़ इंडिया जैसे खास इंस्टिट्यूशन शामिल हैं।
इस दौरे के दौरान, मीडिया डेलीगेशन ने देहरादून में सौर्य स्थल वॉर मेमोरियल, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) और फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI) सहित कई ज़रूरी इंस्टिट्यूशन का भी दौरा किया।
शौर्य स्थल वॉर मेमोरियल पर, डेलीगेशन ने देश की सेवा में सबसे बड़ा बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इंडियन आर्मी द्वारा बनाया गया यह मेमोरियल उन सैनिकों के साहस और बहादुरी की याद दिलाता है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान दे दी। शौर्य स्थल वॉर मेमोरियल और RIMC के दौरे में कर्नल मनीष श्रीवास्तव, PRO डिफेंस भी साथ थे, जिन्होंने डेलीगेशन को इंस्टिट्यूशन के महत्व और इंडियन आर्म्ड फ़ोर्स की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
बाद में डेलीगेशन ने मशहूर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) का दौरा किया, जहाँ RIMC के कमांडेंट राहुल अग्रवाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 1922 में बना यह इंस्टीट्यूशन, इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ में करियर के लिए युवा कैडेट्स को तैयार करने वाले देश के सबसे बड़े इंस्टीट्यूशन्स में से एक है। अधिकारियों ने पत्रकारों को इंस्टीट्यूशन की विरासत और ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के बारे में बताया, जिसका मकसद भविष्य के डिसिप्लिन्ड लीडर्स को तैयार करना है।
ओडिशा मीडिया डेलीगेशन ने फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूशन (FRI), देहरादून का भी दौरा किया और इसकी रिसर्च एक्टिविटीज़ और प्रोग्राम्स को समझने के लिए साइंटिस्ट्स से बातचीत की। डॉ. डी.पी. खली, GCR/हेड, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स डिवीज़न और साइंटिस्ट-G, ने डेलीगेशन को फॉरेस्ट्री साइंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में इंस्टीट्यूशन के योगदान के बारे में बताया। डेलीगेशन ने FRI के कई म्यूज़ियम्स का भी दौरा किया, जहाँ फॉरेस्ट्री, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स, पैथोलॉजी, एंटोमोलॉजी और टिम्बर टेक्नोलॉजी से जुड़े कलेक्शन दिखाए गए, जिससे भारत की फॉरेस्ट वेल्थ और बायोडायवर्सिटी के बारे में जानकारी मिली।
मीडिया डेलीगेशन में ओडिशा के नौ सीनियर जर्नलिस्ट शामिल हैं और उनके साथ PIB भुवनेश्वर के असिस्टेंट डायरेक्टर महेंद्र जेना और इन्फॉर्मेशन असिस्टेंट विकास रंजन दलाई भी हैं। बातचीत के दौरान PIB देहरादून के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीव सुंदरियाल भी मौजूद रहे।
