बिना मानचित्र निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़े तो टूटेगा निर्माण, एमडीडीए का साफ संदेश
देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत हो रहे अवैध निर्माणों एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें सील एवं ध्वस्त किया गया। एमडीडीए की टीम द्वारा कुलदीप द्वारा पैसिफिक गोल्फ, कुल्हान, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के क्रम में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सुश्री विदिता कुमारी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में सम्पन्न की गई।
इसके अतिरिक्त भावेश जोशी एवं अन्य द्वारा वीरभद्र रोड, वीरभद्र शिव मंदिर के समीप, ऋषिकेश क्षेत्र में किए गए अवैध आवासीय भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता सुश्री पूनम सकलानी तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

वहीं मकबूल इरफान, अरविंद मनोडी एवं अन्य द्वारा आरकेडिया ग्रांट, देहरादून क्षेत्र में की जा रही 16 बिघा अवैध प्लॉटिंग पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल एवं सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।
एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा।
उपाध्यक्ष, एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर की आधारभूत संरचना, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर चेतावनी दिए जाने के बावजूद यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। एमडीडीए पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
सचिव, एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण द्वारा की जा रही सभी कार्रवाई पूर्णतः नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अवैध निर्माणों को पहले चिन्हित कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जाते हैं, इसके उपरांत आवश्यक होने पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। एमडीडीए का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि नियोजित विकास को प्रोत्साहित करना है। सभी नागरिकों से अपेक्षा है कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि शहर का सुव्यवस्थित और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।
भेंट के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नितिन नबीन के कुशल नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाइयों को छूएगी और संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने पार्टी के संगठित और मजबूत भविष्य के लिए अपने आश्वासन और समर्थन को भी व्यक्त किया।
संयुक्त निदेशक पद पर 5 तो उप निदेशक पद पर 4 अधिकारी पदोन्नत
विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को दी मंजूरी
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग में उप निदेशक के पद पर कार्यरत पांच अधिकारियों को पदोन्नति के उपरांत संयुक्त निदेशक पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार खण्ड शिक्षा अधिकारी से पदोन्नत हुये चार अधिकारियों को उप निदेशक पद पर नई तैनाती दी गई है। जबकि विभन्न जनपदों में तैनात संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को विभिन्न रिक्त पदों के सापेक्ष अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस संबंध में शासन के तैनाती प्रस्ताव पर विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने संस्तुति दे दी है।
शिक्षा विभाग में पिछले दिनों उप निदेशक स्तर के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को डीपीसी के उपंरात पदोन्नति दी गई थी। जिनमें अत्रेश सयाना, आशुतोष भण्डरी, नागेन्द्र बत्र्वाल, कमला बड़वाल, हरक राम कोहली शामिल थे। पदोन्नति के बाद शासन ने सभी को नई तैनाती दे दी है। जिसमें अत्रेय सयाना को मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी, अशुतोष भण्डारी व नागेन्द्र बत्र्वाल को संयुक्त निदेशक (प्राथमिक) शिक्षा निदेशालय, कमला बड़वाल को मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी व हरक राम कोहली को मुख्य शिक्षा अधिकारी अल्मोड़ा की जिम्मेदारी दी है। जबकि प्राचार्य डायट गोपेश्वर आकाश श्रीवास्तव को मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार प्राचार्य डायट रूद्रप्रयाग सी.पी. रतू़ड़ी को सचिव उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर, तरूण पंत जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पिथौरागढ़ को मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़ व अमित कोठियाल जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) उत्तरकाशी को मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वहीं खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद से पदोन्नत चार अधिकारियों को उप निदेशक पद पर नई तैनाती दी गई है। जिसके तहत नरेश कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरिद्वार के पद पर तैनाती के साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। जबकि अमित कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) हरिद्वार, हिमांशु नौगांई को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) पिथौरागढ़, तथा अंशुल बिष्ट को जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पौड़ी का दायित्व सौंपा गया है। विभागीय मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शासन द्वारा प्रस्तुत अधिकारियों के तैनाती प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है साथ ही उन्होंने तैनाती आदेश शीघ्र जारी कर के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।
बयान-
शिक्षा विभाग में अधिकारियों एवं शिक्षकों को ससमय पदोन्नति देने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके तहत हाल ही में सम्पन्न डीपीसी के उपरांत आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों की तैनाती से विभागीय कार्यों को गति मिलने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखण्ड।
मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी में विजेताओं को प्रदान किए मेडल
देहरादून। मंगलवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने युवा केंद्र आमवाला में आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में जूडो के विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पहले समय में खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव था लेकिन अब प्रदेश में बहुत अच्छे स्तर का खेल ढांचा विकसित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब युवा खिलाड़ी अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत करें तो वह वैश्विक स्तर पर बड़ी सफलताएं प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के जो युवा खेलों के क्षेत्र में गंभीरता से लगे हुए हैं उनका भविष्य सुरक्षित है । खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अभी से 2030 के राष्ट्रमंडल खेल और 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी में जुट जाना चाहिए। क्योंकि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ऐसी प्रतियोगिताओं में प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को शामिल करना है।
इस अवसर पर उन्होंने जूडो अंडर-19 के 55 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल विजेता सार्थक ममगाई, सिल्वर विजेता मोहसिन और ब्रांज मेडल विजेता दीपक पटवाल व विवान शर्मा को सम्मानित किया।
इनके अतिरिक्त अंडर 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक विजेता हिमांशु, सिल्वर पदक विजेता शिवराज, कांस्य पदक विजेता आयुष भट्ट और प्रियांशु मेहता को मेडल पहनाए।
कार्यक्रम में उपनिदेशक एसके जयराज, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, शक्ति सिंह व अन्य उपस्थित रहे।
हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 22 जनवरी को हरिद्वार के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह एक के बाद एक तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। गृह मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
अपने दौरे की शुरुआत में सुबह अमित शाह पतंजलि योगपीठ परिसर पहुंचेंगे, जहां वह इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह शांतिकुंज स्थित गायत्री तीर्थ जाएंगे और वहां अखंड ज्योति के दर्शन करेंगे। इसके बाद गृह मंत्री बैरागी द्वीप में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य आयोजन किया जाएगा। गायत्री परिवार की ओर से आयोजित इस महोत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना है।
अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगे।
देहरादून। प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में मिलिट्री हॉस्पिटल (एम.एच.) देहरादून के कमाण्डेंट ब्रिगेडियर प्रफुल्ल मोहन ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर कमाण्डेंट ब्रिगेडियर प्रफुल्ल मोहन ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का कुछ माह पूर्व सेना अस्पताल देहरादून को गोल्फ कार्ट प्रदान करने के लिए आभार जताया। साथ ही सैन्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में आगे भी राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा की। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दीपक गोस्वामी द्वारा लिखित “सुकून भरे पन्ने”पुस्तक का भी विमोचन किया।
भेंट वार्ता दौरान पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलिट्री हॉस्पिटल के माध्यम से दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के संबंध में अनौपचारिक चर्चा भी हुई। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सैन्य अस्पताल द्वारा दी जा रही सेवाओं की भी सराहना की।
नवंबर से सूना आसमान, खेतों में थमी फसलों की बढ़वार
बसंत पंचमी पर टिकी किसानों की उम्मीदें, नहीं बदला मौसम तो बढ़ेगा नुकसान
चमोली। चमोली जिले में इस सर्दी मौसम की बेरुखी किसानों और पर्यटन कारोबारियों दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के चलते जहां खेतों में रबी की फसलें मुरझाने लगी हैं, वहीं पहाड़ों की चोटियां सूनी पड़ी हैं और शीतकालीन पर्यटन भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
नवंबर के बाद से जिले में न तो पर्याप्त बारिश हुई और न ही सामान्य बर्फबारी। इसका सीधा असर गेहूं और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार इन फसलों को अब तक 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है। खेतों में नमी की कमी के कारण गेहूं की बढ़वार रुक गई है, जबकि सरसों की फसल समय से पहले पीली पड़ने लगी है। काश्तकारों को डर है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो मसूर और जौ की फसल भी प्रभावित हो सकती है और हालात सूखे जैसे बन सकते हैं।
नंदानगर के सैंती गांव के मथुरा प्रसाद त्रिपाठी, लांखी के मोहन सिंह दानू, बंगाली के दिनेश सिंह नेगी और भेंटी के सूरी कठैत का कहना है कि मौसम की मार से फसलें चौपट होने की कगार पर हैं। किसानों ने बताया कि आमतौर पर बसंत पंचमी के आसपास बारिश राहत लेकर आती है और इस बार भी सभी की निगाहें उसी पर टिकी हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी चमोली जेपी तिवारी के अनुसार, जिले में अब तक बारिश न होने से गेहूं और सरसों की फसल को 20 से 25 प्रतिशत तक क्षति पहुंच चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले कुछ दिनों में मौसम नहीं बदला तो जौ और मसूर की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
खेती के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन भी इस साल फीका पड़ा हुआ है। औली, नीती घाटी, उर्गम घाटी सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर बर्फ न पड़ने से पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम है। आमतौर पर सर्दियों में बर्फबारी के बाद इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां तेज हो जाती हैं, लेकिन इस बार बर्फ के इंतजार में पूरा सीजन ही प्रभावित होता नजर आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी संकट गहराने लगा है।
आज कपकोट पहुंचेगा शहीद जवान का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
देहरादून। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान उत्तराखंड के कपकोट निवासी एक जवान ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहादत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक क्षेत्र कपकोट लाया जाएगा।
कपकोट के बीथी गांव निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया (43) टू-पैरा कमांडो में तैनात थे। रविवार को वह किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र अंतर्गत सुदूर सिंहपोरा में चल रहे संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन त्राशी’ का हिस्सा थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहीद जवान अपने पीछे पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंद्रा देवी, पत्नी लीला गढ़िया, दो पुत्र राहुल और धीरज तथा छोटे भाई किशोर गढ़िया को छोड़ गए हैं। परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों के अनुसार शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर के माध्यम से मंगलवार को केदारेश्वर मैदान लाया जाएगा। इसके बाद सरयू-खीरगंगा नदी के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहादत की सूचना मिलते ही पत्नी लीला गढ़िया देहरादून से गांव पहुंचीं। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें हेलीकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड लाया गया, जहां से व्हीलचेयर की मदद से उन्हें वाहन तक पहुंचाया गया। जवान के बलिदान की खबर मिलते ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से प्राप्त की थी। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज कपकोट से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की और स्नातक प्रथम वर्ष के दौरान वर्ष 2004 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। देश सेवा के प्रति उनका समर्पण और साहस हमेशा याद किया जाएगा।
सीएम धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्यभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत और बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हवलदार गढ़िया जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
सीएम धामी ने शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
नशे में मारपीट और धमकियों से परेशान मां की गुहार पर जिला प्रशासन सख्त
देहरादून। बंजारावाला क्षेत्र में बेटों द्वारा प्रताड़ित एक लाचार विधवा मां के लिए जिला प्रशासन ढाल बनकर सामने आया। नशे में धुत बेटों की मारपीट, पैसों की मांग और जान से मारने की धमकियों से भयभीत विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से शिकायत की, जिस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बयानों से विधवा मां के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोनों बेटों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
कानूनी कार्रवाई के बाद बेटों को पहली बार अपनी मां के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों का अहसास हुआ। न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगते हुए नशा छोड़ने और किसी भी प्रकार की हिंसा न करने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानून के डर से उनके व्यवहार में सुधार देखने को मिला, जिसके आधार पर न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
इस मामले पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं, विधवाओं और निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अनियोजित विकास एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के क्रम में, पूर्णतः वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। जांच में पाया गया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्डों की बिक्री की जा रही थी।
प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम द्वारा घमंडपुर, रानीपोखरी, देहरादून क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह एवं राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खण्डों का सीमांकन तथा कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित सड़कों, पिलरों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।
थानों क्षेत्र में कार्रवाई
इसी क्रम में थानों, देहरादून क्षेत्र में सोनिका नेगी एवं विशाल द्वारा लगभग 07 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आम जनता को भू-खण्डों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। प्राधिकरण द्वारा मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों एवं प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं प्राधिकरण की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समय-समय पर जनता से अपील करता रहा है कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अनियोजित विकास के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आज की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। संबंधित स्थलों पर पूर्व में निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे, इसके उपरांत नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी भूमि अथवा भू-खण्ड में निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
