देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ की जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश की आज़ादी के लिए आंदोलनरत निहत्थी जनता पर गोली चलाने के आदेश को अस्वीकार कर अद्वितीय देशभक्ति, साहस एवं नैतिक दृढ़ता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आज़ादी के संघर्ष में ‘पेशावर कांड’ एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में यह घटना मील का पत्थर सिद्ध हुई, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और क्रांतिकारी आधार प्रदान किया।
अब तक प्रदेशभर में आयोजित 113 शिविरों में 56 हजार से अधिक लोग कर चुके हैं भागीदारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अभियान को जनता से सीधे जुड़ने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेशभर में आयोजित 113 शिविरों में 56 हजार से अधिक लोग भागीदारी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाना है। यह अभियान त्वरित समाधान, संवेदनशील प्रशासन और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के आयोजन में यदि कहीं बजट की समस्या हो तो उसे तुरंत संज्ञान में लाया जाए, ताकि कार्यक्रम की गति प्रभावित न हो।

सीएम धामी ने विशेष रूप से दिव्यांगजन और कमजोर वर्गों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिविर केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तव में आम जनता के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हों। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे निरीक्षण की भूमिका से आगे बढ़कर सेवा और सहभागिता की भावना के साथ मैदान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और दायित्वधारी मौजूद रहे।
2026 में कुल 28 सरकारी छुट्टियां, पांच दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 25 ही मान्य
देहरादून। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस बार अवकाश कैलेंडर में कोई नया अवकाश नहीं जोड़ा गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2026 में कुल 28 सार्वजनिक अवकाश रहेंगे। हालांकि, जिन कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है—जैसे सचिवालय और विधानसभा—वहां केवल 25 अवकाश ही मान्य होंगे। कैलेंडर के मुताबिक दो अवकाश रविवार और दो शनिवार को पड़ रहे हैं, जबकि बैंक और कोषागार संस्थानों में कुल 23 अवकाश ही अनुमन्य होंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में स्थानीय महत्व के अवसरों पर वर्ष में अधिकतम तीन स्थानीय अवकाश घोषित कर सकते हैं। इन स्थानीय अवकाशों के दौरान सचिवालय और विधानसभा के कार्य सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
वर्ष 2026 के घोषित सार्वजनिक अवकाश इस प्रकार हैं—
गणतंत्र दिवस: 26 जनवरी
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी
होलिका दहन: 3 मार्च
होली: 4 मार्च
ईद-उल-फितर: 21 मार्च
रामनवमी: 26 मार्च
महावीर जयंती: 31 मार्च
गुड फ्राइडे: 3 अप्रैल
डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती: 14 अप्रैल
बुद्ध पूर्णिमा: 1 मई
ईद-उल-अजहा: 27 मई
मोहर्रम: 26 जून
हरेला: 16 जुलाई
स्वतंत्रता दिवस: 15 अगस्त
ईद-उल-मिलाद: 26 अगस्त
रक्षाबंधन: 28 अगस्त
जन्माष्टमी: 4 सितंबर
महात्मा गांधी जयंती: 2 अक्टूबर
दशहरा: 20 अक्टूबर
महर्षि वाल्मीकि जयंती: 26 अक्टूबर
दीपावली: 8 नवंबर
गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर
ईगास-बग्वाल: 20 नवंबर
गुरु नानक जयंती: 24 नवंबर
क्रिसमस: 25 दिसंबर
शासन का कहना है कि अवकाश कैलेंडर जारी होने से कर्मचारियों और आमजन को पहले से अपनी योजनाएं बनाने में सुविधा मिलेगी।
सचिवालय व विधानसभा को छोड़ प्रदेश में इन दिनों भी रहेगा अवकाश
चेटीचंद – 19 मार्च
विश्वकर्मा पूजा – 17 सितंबर
गुरु तेगबहादुर शहीद दिवस- 24 नवंबर
बिना स्वीकृति विकसित कॉलोनियों पर सख्ती, एमडीडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। एमडीडीए का स्पष्ट संदेश है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माण और भूमि उपयोग परिवर्तन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई शहर की सुव्यवस्थित योजना, पर्यावरण संरक्षण और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। प्राधिकरण की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। एमडीडीए का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाकर नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
इसी क्रम में पवन, अमित, गोविन्द एवं अन्य द्वारा सेरगढ़ माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड, डोईवाला, देहरादून क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के सड़कें काटने, भूखण्डों का विभाजन करने और प्लॉटिंग विकसित करने की गतिविधियां पाई गईं, जिस पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों और संरचनाओं को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता प्रवेश नौटियाल, सुपरवाइजर स्वती दीपक नौटियाल तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से संपन्न हुई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति और लेआउट अप्रूवल के की जा रही प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई लगातार की जा रही है। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पूर्व उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। एमडीडीए की स्वीकृति के बिना विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश न करें, अन्यथा नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं की होगी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
1. राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संवर्द्धन एवं वर्तमान परिदृश्य में हरित (Green) तथा स्वच्छ (Clean) ऊर्जा की अवधारणा लागू होने के कारण राज्य की विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं के अन्तर्गत प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किये जाने को प्राथमिकता दिये जाने एवं कर संवर्द्धन की सम्भावना के दृष्टिगत् राज्य में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत कर की दर को घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है।
2. आपदा से प्रभावित धराली / आसपास के क्षेत्र (उत्तरकाशी) के रॉयल डिलीशियस सेब का ₹ 51 / प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब का ₹ 45 / प्रति किलोग्राम की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपार्जन करने तथा इसकी धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।
3. उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन बढ़ाने का कैबिनेट ने लिया निर्णय।
प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों तथा लेखकों को वृद्धावस्था में जीवीकोपार्जन हेतु वर्ष 2010 में मासिक पेंशन की धनराशि ₹ 3000 निर्धारित करते हुए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010 प्रख्यापित की गयी थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की अपेक्षा मंहगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन ₹ 3000 से बढ़ाकर ₹ 6000 किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
4. भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में संशोधन किये जाने की व्यवस्था का कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।
भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन, जो भवन निम्न जोखिम वाले हैं (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसाय भवन ), उन भावनो को इंपैनल आर्किटेक्चर द्वारा स्वप्रमाणित करते हुए नक्शा पास कराए जा सकते हैं।
भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन जिनमें जोखिम की सम्भावना कम है, में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किए जाने के संबंध में की गई व्यवस्था का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत सम्बन्धित निर्माणकर्ता द्वारा भवन का निर्माण/पुनर्निर्माण के आवेदन के साथ SC-1, SC-2 Form सहित समस्त अभिलेख सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अनुमोदन हेतु सूचना प्रस्तुत करेगा कि भवन प्लान न्यून जोखिम श्रेणी के भवन के रूप में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किया गया है। जिसमें सभी प्रकार के शुल्क भी देय होंगे।
05. उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के निर्णय का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।
कंप्लायंस बर्डन को कम करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा इसे और अधिक स्पष्ट करने के लिए औद्योगिक भूखण्डों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन विलोपन और परिवर्द्धन के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संसोधन) विनियम-2022 यथासंशोधित, 2024 में संशोधन किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत एम.एस.एम.ई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिटों के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है
6 . उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् की परियोजनायें एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत क्रियान्वित की जानी होती है। इसमें बदलती परिस्थितियों में विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है तथा इसके ढांचे में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकृति के पद के 13 स्थाई पद पूर्व से सृजित हैं। जिन्हें खुले बाजार या आउटसोर्स पर रखे जाने की आवश्यकता को देखते हुए 13 पदों का संशोधित ढांचा स्वीकृत किया गया है।
7. सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किये जाने का कैबिनेट में लिया निर्णय।
8. राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड को संचालित किए जाने पर ₹ 5 लाख से कम के क्लेम इंश्योरेंस मोड एवं 5 लाख से ऊपर का क्लेम ट्रस्ट मोड में किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड का बकाए करीब 125 करोड़ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
9. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
इसके अंतर्गत प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के उम्र को बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 62 कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज एवं नए NMC के नियमों के अनुसार सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी डिपार्टमेंट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए 4 पदों का सृजन किया गया है।
10. राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किए जाने का प्रकरण कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजा ।
11. पी०एम०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय/दुर्गम/अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें दिये जाने हेतु तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने हेतु 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता अनुमन्य किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें देने तथा वहां ठहराव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता (वेतन मैट्रिक्स लेवल में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) अनुमन्य किए जाने का फैसला लिया गया है। उक्त भत्तें को सेवानिवृत्ति के उपरान्त पेंशनरी लाभों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा। उक्त भत्ता पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्र के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों ही अनुमन्य होगा। उक्त चिकित्सकों को शासनादेश दिनांक 19.9.2014 के द्वारा मूल वेतन (ग्रेड पे को छोड़कर) का 20 प्रतिशत् अतिरिक्त अनुमन्य रूप से प्राप्त देय भत्ता समाप्त माना जायेगा। राज्य के पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों में सम्बद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उक्त भत्ता देय नहीं होगा।
इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून में परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिये भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त प्रेस क्लब का भवन नजूल भूमि पर स्थित है। जिस वजह से उक्त भूमि पर नक्शा पास करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सूचना विभाग भूमि हस्तांतरण के बाद प्रेस क्लब की बिल्डिंग बना कर देगा।
वीर बाल दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में होनहार बच्चे सम्मानित
देहरादून। वीर बाल दिवस के उपलक्ष में बुधवार को आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया था। देश के हर बच्चे के लिए ऐसे महान साहिबजादे आदर्श बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इतिहास की ऐसी महान प्रेरक घटनाओं को उचित सम्मान दिया गया जो हमेशा नेपथ्य में रखी गई थी।
उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे हमेशा सच्चाई और न्याय के साथ खड़े होना सीखें और जिस तरह चार साहिबजादों ने अपने समय की आवश्यकता के अनुसार लड़ाई लड़ी, उसी तरह आज के दौर में भी बच्चे इस वक्त की जरूरत के मुताबिक साहस और हिम्मत से परिस्थितियों का सामना करें। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शूटिंग, टेबल टेनिस लेखन, योग व अन्य खेल स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, हेमकुंड साहिब अध्यक्ष नरेन्द्र जीत सिंह, पूर्व बाल आयोग सदस्य विनोद कपल्वाण, सचिव शिव कुमार बर्नवाल, सीडीओ अभिनव शाह आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य निर्माण के लिए इंद्रमणि बडोनी का त्याग, संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व सदैव स्मरणीय रहेगा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर उत्कृष्ट समाजसेवी एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता श्रद्धेय इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए इंद्रमणि बडोनी का त्याग, संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने प्रदेश की अस्मिता, अधिकारों और जनसेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया, जो आज भी जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धेय बडोनी ने उत्तराखंड आंदोलन को नई दिशा दी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। उनका जीवन और विचार उत्तराखंड के विकास, सामाजिक चेतना और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
डॉ. धन सिंह रावत व डॉ. नरेश बंसल ने किया सांसद खेल महोत्सव का उद्घाटन
देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद के तत्वाधान में खेल, शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सांसद खेल महोत्सव के तहत जनपद एवं संसदीय क्षेत्र स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताएं हाकी ग्राउंड और पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में संपन्न हुईं, जिनमें जिले भर से चयनित खिलाड़ी और टीमें शामिल रहीं।
कार्यक्रम का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल एवं विधायक खजानदास ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर वॉलीबॉल, हॉकी, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, पिट्ठू तथा एथलेटिक्स की 100, 200 और 400 मीटर दौड़ सहित विभिन्न जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन मुकाबलों में ब्लॉक स्तर पर विजेता रही टीमों और खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य खिलाड़ियों को नई उड़ान देना और उनकी प्रतिभा को निखारना है। यह आयोजन प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया विजन से प्रेरित है, जिसके माध्यम से युवाओं को फिट, अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव गांव-गांव से खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का कार्य कर रहा है, जिससे युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण का उत्साह बढ़ता है।
राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुआ है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि पहले ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिली है। उत्तराखंड सरकार द्वारा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण देकर बड़ा प्रोत्साहन दिया गया है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडे, अपर परियोजना निदेशक सोनम गुप्ता, जिला क्रीड़ा अधिकारी रविंद्र भंडारी सहित अधिकारी, कोच और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।
प्राधिकरण क्षेत्र में जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी– बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शिमला बाई-पास क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माणों पर सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। एमडीडीए का स्पष्ट कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत मुकेश द्वारा शिमला बाई-पास रोड, एस0आर0 पैट्रोल पम्प के निकट, नया गांव देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। जांच में पाया गया कि उक्त निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त संग्राम सिंह द्वारा रतनपुर, शिमला बाई-पास रोड देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण न केवल नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि यातायात, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसी कारण प्राधिकरण द्वारा ऐसे निर्माणों के विरुद्ध लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह पूरी कार्रवाई संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान सहायक अभियन्ता शशांक सक्सेना, अवर अभियन्ता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं नियमानुसार संपन्न किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। बिना स्वीकृति किए जा रहे व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे निर्माणों से आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों के अनुरूप ही किए जाएं। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। एमडीडीए ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के निर्माण से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य लें।
सीएम ने सुनी आमजन की समस्याएं
रानीखेत। विकासखंड ताड़ीखेत की न्याय पंचायत जैनोली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के स्टालों का एक-एक कर निरीक्षण किया ।
मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए प्राप्त शिकायतों पर एक-एक कर चर्चा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सेवाएं आमजन को उनके द्वार पर उपलब्ध हों, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से दौड़-भाग न करनी पड़े। अधिकारी स्वयं गांव में आकर जनता के कार्य करेंगे और उनकी परेशानियों का समाधान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी विभाग एक ही मंच पर जनता के द्वार पर उपस्थित हैं और आमजन को इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनता की सुविधा के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविर के दौरान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली के जर्जर भवन को लेकर प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन गाँव की ओर अभियान शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जिससे जनसमस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा , जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।
