सीएम ने की उत्तराखण्ड व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भेंट..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भेंट की। इस अवसर पर यूनाइटेड दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन उत्तराखण्ड के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने टीम को ओडिशा में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता जीतने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और सम्मानित किया।
उनका कहना हैं कि दिव्यांग क्रिकेट टीम की सफलता से राज्य का मान तो बढ़ा ही, साथ ही इससे समाज में दिव्यांग जनों को प्रेरणा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए यूनाइटेड दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश शाह, उपाध्यक्ष विजय रमोला, सचिव उपेन्द्र पंवार, टीम के कप्तान धन सिंह, उपकप्तान धनवीर सिंह एवं अन्य खिलाड़ी उपस्थित रहे।
जोशीमठ भू-धंसाव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग..
सुप्रीम कोर्ट में कल सूचीबद्ध होगा मामला..
उत्तराखंड: जोशीमठ भू-धंसाव मामले में याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्पक्षेप की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अपील की है कि मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है और इस संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मामले की सुनवाई के लिए मंगलवार (10 जनवरी) को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। आपको बता दे कि जोशीमठ मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से याचिका दायर की गई थी। सोमवार को याचिकाकर्ता के वकील ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की, जिस पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद मंगलवार को फिर से याचिका उल्लेख करें। याचिका में दावा किया गया है कि यह जोशीमठ में भू-धंसाव बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के कारण हुआ है और उन्होंने उत्तराखंड के लोगों को तत्काल वित्तीय सहायता और मुआवजे की मांग की है।
15 महार रेजिमेंट के पूर्व सैन्य अधिकारियों को सीएम धामी ने किया सम्मानित..
उत्तराखंड: सीएम धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्यमंत्री सेवक सदन में 15 महार रेजिमेंट के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रेजिमेंट के पूर्व सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया। सीएम धामी का कहना हैं कि बाल्यकाल में जब वे अपने पिताजी से महार रेजिमेंट के सैनिकों की शौर्य गाथाओं को सुनते थे तो मन में उत्साह व उमंग की भावना पैदा होने लगती थी। यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें आप सभी वीर सैनिकों से मुलाकात का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर महार रेजिमेंट विविधता में एकता की भावना का बोध कराती है। वहीं इसका प्रत्येक सैनिक भारत की महान संस्कृति व गौरवशाली सैन्य परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। इस अवसर पर पूर्व सैन्य अधिकारी सु.मे. प्रद्युम्न सिंह, आ. कै. सूरज मणि, ओम नारायण, रोशन लाल, केदार सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य पूर्व सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
डेब्यू सीरीज से ही भुवन बाम ने ओटीटी पर मचाया गदर..
देश-विदेश: भुवन बाम यूट्यूब की दुनिया के बेताज बादशाह तो हैं हीं, साथ ही उन्होंने अपनी डेब्यू वेब सीरीज ‘ताजा खबर’ से ओटीटी पर भी तहलका मचा दिया है। फैंस एक बार फिर से उनकी परफॉरमेंस के कायल हो गए हैं और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। अपनी पहली ओटीटी वेब सीरीज ‘ताजा खबर’ को समय से पहले रिलीज करके वैसे ही फैंस को सरप्राइज कर दिया था और इसके बाद उनकी शानदार एक्टिंग ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। तो चलिए जानते हैं कि भुवन बाम की ‘ताजा खबर’ के बारे में क्या है जनता की राय।
पहले हम आपको बता दें कि ‘ताज खबर’ 6 जनवरी यानी आज रिलीज होने वाली थी लेकिन इसे एक दिन पहले रात में ही रिलीज कर दिया गया, जिसकी जानकारी अभिनेता ने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी। उनकी इस वेब सीरीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार था और भुवन बाम भी दर्शकों की उम्मीदों पर खरे उतरते दिख रहे हैं। तभी तो ट्विटर पर लोग जमकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं। एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “भुवन बाम, द एक्टर- ताजा खबर एक दम कड़क, कहानी भुवन बाम के साथ। श्रिया पिलगांवकर ‘गिल्टी माइंड्स’ और मिर्जापुर के बाद इसमें भी स्वीकार हैं।
दर्शकों को ‘ताजा खबर’ की दिलचस्प कहानी तो पसंद आई ही है, इसके साथ ही वसंत गावड़े के किरदार में भुवन बाम ने छक्का जड़ दिया है। खुद के यूट्यूब चैनल पर तो भुवन ने फैंस को अपना कायल बनाया ही है साथ ही इस सीरीज में भी उनकी दमदार एक्टिंग ने फैंस का दिल जीत लिया। एक यूजर ने लिखा, “तीन एपिसोड पूरे कर चुका हूं, क्या स्टोरी और स्क्रीनप्ले है, भुवन बाम भाई आप अगले सुपरस्टार हैं, मेरे शब्दों को मार्क करके रख लें।” इसी तरह से दूसरे यूजर ने भी लिखा, “भुवन बाम आपके द्वारा ऐसी परफॉर्मेंस देखने लायक है, पावर पैक ‘ताजा खबर’ वसंत गावड़े…प्यार…ऐसा अमेजिंग एक्टर..जल्द ही अभिनय और प्रतिभा का बादशाह।
एलटी और प्रवक्ता के 929 रिक्त पदों पर इस दिन शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया..
उत्तराखंड: सरकारी माध्यमिक स्कूलों में एलटी और प्रवक्ता के 929 रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट आ रहा है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। बता दे कि कैबिनेट से विधिवत मंजूरी के बाद इनकी नियुक्ति शुरू की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 4105 अतिथि शिक्षक कार्यरत है। बाकी 13 सौ पदों पर अतिथि शिक्षक की भर्ती की मंजूरी ली जा रही है। सरकार ने माध्यमिक स्कूलों में विज्ञान गणित और अंग्रेजी विषय में रिक्त पदों को देखते हुए शिक्षा विभाग को 929 पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती की मंजूरी दी है। शासन ने वर्ष 2018 में तत्कालीन सरकार ने शिक्षकों की कमी को देखते हुए 5434 अतिथि शिक्षक भर्ती का निर्णय लिया था। जिसमें अब 929 पदों पर भर्ती की प्रकिया शुरू की जा रही है।इस भर्ती के लिए शिक्षा निदेशालय ने मेरिट लिस्ट को अंतिम रूप दिया है, इस लिस्ट को सभी जिलों को भेजा जा रहा है और अगले सप्ताह से यह प्रक्रिया शुरू होगी।
इस दिन जारी होंगे उत्तराखंड वन रक्षक भर्ती परीक्षा प्रवेश-पत्र..
उत्तराखंड: लोक सेवा आयोग की वन रक्षक परीक्षा 2022 का आयोजन 22 जनवरी, 2023 को किया जाना है। वन रक्षक परीक्षा 2022 के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख की घोषणा भी कर दी है। बता दे कि उम्मीदवार वेबसाइट psc.uk.gov.in पर उपलब्ध आधिकारिक अधिसूचना देख एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। उत्तराखंड वन रक्षक भर्ती परीक्षा राज्य भर के 13 जिला केंद्रों पर होनी है। परीक्षा एक ही पारी में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित होने वाली है।
आपको बता दे कि यूकेपीएससी की ओर से वन रक्षक भर्ती परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 12 जनवरी, 2023 को जारी किया जाएगा। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वन रक्षक भर्ती 2022 अभियान का उद्देश्य उत्तराखंड वन विभाग में वन रक्षकों के लिए कुल 894 रिक्तियों को भरना है। चयनित उम्मीदवारों के लिए लेवल-3 के तहत निर्धारित वेतनमान 21,700 रुपये से 69,100 रुपये प्रति माह तक है। उत्तराखंड वन रक्षक भर्ती परीक्षा की चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, पीईटी/ पीएसटी शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन का दौर आदि शामिल होंगे।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया..
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ukpsc.net.in पर जाएं।
वन रक्षक परीक्षा -2022 के लिए एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें।
अपने लॉग इन विवरण दर्ज करें और सबमिट करें।
यूकेपीएससी वन रक्षक भर्ती परीक्षा एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रिंट आउट लें।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाई जयपुर से आ रही फ्लाइट..
उत्तराखंड: घने कोहरे के कारण जयपुर से आ रही फ्लाइट जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाई। फ्लाइट को डायवर्ट कर दिल्ली भेजा गया। एयरपोर्ट के डिप्टी जनरल मैनेजर नितिन कादियान ने बताया बृहस्पतिवार की शाम करीब 6:30 जौलीग्रांट एयरपोर्ट के आसपास घना कोहरा छा गया था। इस दौरान जयपुर से देहरादून आ रही इंडिगो की फ्लाइट लैंड नहीं कर सकी। जिसे दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया बाद में फ्लाइट रद्द हो गई। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी भागों में भी ठंड बढ़ रही है। सुबह 10 बजे तक कोहरा छाए रहने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई। हल्की धूप निकलने के बाद ही लोग घरों से बाहर निकले।
ऋषिकेश में गुरुवार को सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय के साथ ही घरों में दिनभर ठंड को दूर भगाने के लिए लोगों ने हीटर का सहारा लिया। गंगा घाट, तट, आंतरिक मार्गों पर लोग अलाव जलाते हुए दिखाई दिए। मुनि की रेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, ऋषिकेश मुख्य बाजार, त्रिवेणी घाट, आस्था पथ आदि स्थानों पर देशी, विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग गर्म कपड़ों में पैक रहे। शाम को शीतलहर चलते के कारण लोग अपने घरों के अंदर कैद हो गए। बाजार की सड़कों पर कामकाजी लोग ही नजर आए। पहाड़ों में ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदान में कोहरा छाने से शीतलहर चल रही है।
एम्स में हो सकेगी कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग, अगले महीने तक हो जाएगा सेटअप तैयार..
उत्तराखंड: अब एम्स में भी कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा मिल पाएगी। जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन मिलने के बाद एम्स में अब लैब का सेटअप तैयार किया जा रहा है। फरवरी में सेटअप पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि अगर जरूरत पड़ती है तो सेटअप तैयार होने से पहले भी एम्स में कोराना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी।
कोरोना की आशंका को देखते हुए एम्स में पिछले डेढ़ साल से जीनोम सिक्वेंसिंग लैब स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन एम्स प्रशासन को प्रयासों में सफलता नहीं मिल पा रही थी। प्रो. मीनू सिंह ने जुलाई 2022 में एम्स निदेशक का कार्यभार संभालने के बाद जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन की उपलब्धता के लिए नए सिरे से प्रयास किए। आखिरकार केंद्र से स्वीकृति मिलने के साथ एम्स पिछले साल दिसंबर 1.92 करोड़ रुपये की जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन खरीदने में सफल रहा।
एम्स निदशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि कोरोना के नए नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं। ऐसे में जीनोम सिक्वेंसिंग आज सभी बड़े चिकित्सा और शोध संस्थानों की जरूरत बन गई है। उन्होंने बताया कि एम्स में आगामी फरवरी महीने में जीनोम सिक्वेंसिंग लैब का सेटअप बनकर तैयार हो जाएगा। कहा कि कोरोना सैंपल के मामले में जरूरत पड़ने पर सेटअप तैयार होने से पहले भी जांच की जा सकेगी।
क्या है जीनोम सिक्वेंसिंग
जिस तरह इंसान का शरीर डीएनए से मिलकर बनता है, वैसे ही वायरस डीएनए या आरएनए से बनता है। कोरोना वायरस आरएनए से बना है। जीनोम सीक्वेंसिंग वो तकनीक है, जिससे वायरस की अनुवांशिक जानकारी मिलती है। जीनोम सीक्वेंसिंग से वायरस की संरचना, व्यवहार, प्रसार यानी उसके पूरे बायोडाटा की जानकारी मिल जाती है। वहीं वायरस के नए वैरिएंट के बारे में भी इसी तरह की जानकारी मिलती है।
देहरादून में हाईटेक नियो मेट्रो के लिए यहां जमीन मुहैय्या कराएगा एमडीडीए..
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में सफर आसान होने वाला है। दून में अब जल्द ही नियों मेट्रो दौड़ती नजर आएगी। पहले चरण में देहरादून में मेट्रो नियो के लिए कवायद शुरू कर दी है। मेट्रो नियो प्रोजेक्ट की राह से जमीन की अड़चन दूर हो गई है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) आईएसबीटी के पास बाजार दर अपनी जमीन देने के लिए तैयार हो गया है। करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होने वाली इस योजना के लिए देहरादून में दो कॉरिडोर बनाए जांएगे। देहरादून मेट्रो रेल प्रोजेक्ट केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है।
एमडीडीए बोर्ड बैठक में जमीन का प्रस्ताव पारित होने के बाद अपर मुख्य सचिव शहरी विकास को सहमति पत्र भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि बोर्ड बैठक में प्रोजेक्ट की उपयोगिता को देखते हुए निर्णय लिया गया कि आईएसबीटी के पास स्थित एमडीडीए की 14645.48 वर्ग मीटर भूमि बाजार दर पर मुहैया कराई जाएगी। इसमें आईएसबीटी से राजपुर और एफआरआई से रायपुर में मेट्रो नियो चलाने की योजना है। अगले पांच साल में धरातल पर ये योजना नजर आएंगी।
दो रूटों पर दौड़ेगी नियो मेट्रो
आपको बता दे कि देहरादून में नियो मेट्रो दो रूटों पर दौड़ेगी। इसमें एफआरआई से रायपुर के बीच एफआरआई, आईएमए ब्लड बैंक, दून स्कूल, कनॉट प्लेस, घंटाघर, गांधी पार्क, सीएमआई, आराघर, नेहरू कॉलोनी, अपर बद्रीश कॉलोनी, अपर नत्थनपुर, ओएफडी, हाथीखाना, रायपुर में स्टेशन बनाएं जाएगें। जबकि आईएसबीटी से गांधी पार्क के बीच आईएसबीटी, सेवलाकला, आईटीआई, लालपुल, चमनपुरी, पथरीबाग, रेलवे स्टेशन, कोर्ट में स्टेशन होंगे। इस योजना के लिए अब केंद्रीय वित्त मंत्रालय समेत अन्य विभागों से अनुमति मिलनी बाकी है। राज्य स्तर पर अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।
ऐसे होंगे कोच, जानें खासियत
बताया जा रहा कि ये मेट्रो नियो सिस्टम रेल गाइडेड सिस्टम है। इसके कोच स्टील या एल्युमिनियम के बने होंगे। मेट्रो नियो के कोच दो तरह की लंबाई के होंगे। एक कोच 12 मीटर लंबा। इसमें अधिकतम 90 यात्री सफर कर सकेेंगे। दूसरा कोच 24 से 25 मीटर लंबा होगा। इसमें 225 यात्री सफर कर सकेंगे। कोच की चौड़ाई ढाई मीटर होगी। हर स्टेशन की लंबाई 60 मीटर तक होगी। इसमें इतना पावर बैकअप होगा कि बिजली जाने पर भी ट्रेन 20 किमी चल सकेगी। इसमें ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा। टिकट का सिस्टम क्यू आर कोड या सामान्य मोबिलिटी कार्ड से होगा। इसके ट्रैक की चौड़ाई आठ मीटर होगी। जहां ट्रेन रुकेगी, वहां 1.1 मीटर का साइड प्लेटफॉर्म होगा। आईसलैंड प्लेटफॉर्म चार मीटर चौड़ाई का होगा।
पूरे प्रोजेक्ट को तैयार होने में इतना होगा खर्च..
बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार होने में करीब 1600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार लोन लेगी। जबकि एलिवेटेड मेट्रो को बनाने में प्रति किलोमीटर का खर्च 300-350 करोड़ रुपये आता है। अंडरग्राउंड में यही लागत 600-800 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। जबकि मेट्रो नियो या मेट्रो लाइट के लिए 200 करोड़ तक का ही खर्च आता है। इस मेट्रो की लागत परंपरागत मेट्रो की निर्माण लागत से 40 फीसदी तक कम आती है। साथ ही इसमें स्टेशन के लिए ज्यादा बड़ी जगह की जरूरत भी नहीं पड़ती। यह सड़क के सरफेस या एलिवेटेड कॉरिडोर पर चल सकती है। क्योंकि इसमें लागत कम आएगी, इसलिए यात्रियों के लिए सफर सुविधाजनक होने के साथ ही किफायती भी होगा।
26 जनवरी को पूरा देश देखेगा जागेश्वर धाम की झलक..
उत्तराखंड: गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के राजपथ पर होने वाली परेड में देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत भी नजर आएगी। बता दे देवभूमि की झांकी को परेड में शामिल किया जा रहा है। जिसमें इस साल ‘मानसखण्ड’ की झांकी का प्रदर्शन किया जाएगा। झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए बारहसिंघा, घुरल, हिरन, मोर तथा उत्तराखंड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों व झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मन्दिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया जायेगा
आपको बता दे कि झांकी के साथ उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य का दल सम्मिलित होगा। झांकी का थीम सांग उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति पर आधारित होगा। साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी के मॉडल में समावेश किया गया है। झांकी का निर्माण सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक/नोडल अधिकारी के.एस. चौहान के दिशानिर्देशन में राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि गणतंत्र दिवस की झांकी के लिए लगभग 27 राज्यों ने अपने प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये थे, जिसमें 16 राज्यों का ही अंतिम चयन हुआ है। झांकी के साथ उत्तराखण्ड की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य का ग्रुप 13 जनवरी, 2023 को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा। राष्ट्रीय समारोह के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक, के.एस. चौहान द्वारा झांकी का डिजाइन, थ्री-डी मॉडल तथा संगीत के संदर्भ में रक्षा मंत्रालय के अधीन गठित विशेषज्ञ समिति के सम्मुख नई दिल्ली में 7 बार प्रस्तुतिकरण करने के उपरान्त उत्तराखण्ड राज्य का अंतिम चयन हुआ है। श्री केदारनाथ व बद्रीनाथ की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक मंदिरों के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखण्ड मंदिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर मानसखण्ड पर आधारित झांकी का प्रदर्शन होगा। देश विदेश के लोग मानसखण्ड के साथ ही उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से भी परिचित होंगे।
