एकल महिला स्वरोजगार योजना का पैसा जनवरी में होगा जारी
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर पदों पर प्रमोशन के लिए विज्ञप्ति अगले सप्ताह
देहरादून। नए वित्तीय वर्ष से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रिटायरमेंट पर न्यूनतम ₹100000 की सहायता राशि मिलेगी। इस निर्णय पर सहमति बनने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को इसके निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री की सचिवालय स्थित एचआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक में कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रिटायरमेंट के समय अभी 35 से 40 हजार रुपए मिलते है। इसे बढ़ाने के लिए विभाग काफी समय से प्रयासरत था। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के भी ₹300 प्रतिमाह योगदान की आवश्यकता थी, इसलिए उनकी सहमति लेना भी आवश्यक था। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठनों की सहमति मिलने के बाद उन्होंने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। अगले साल 1 अप्रैल से जो भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री रिटायर होगी उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक छह जनपदों के कुल 504 प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है । अन्य जनपदों के आवेदनों पर अभी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत 504 आवेदकों को धनराशि जारी करने के लिए जनवरी प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस साल नंदा गौरा योजना के लिए आए आवेदनों की भी बैठक में समीक्षा की गई। इस वर्ष इस योजना के तहत अभी तक 45000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जो कि अब तक की सर्वाधिक संख्या है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आवेदन की तारीख 20 दिसंबर तक है इसलिए अभी आवेदन की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने बैठक में 15 जनवरी के आसपास पात्र अभ्यर्थियों को पैसा जारी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
इसके अलावा बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन के विषय पर भी चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस श्रेणी के तहत रिक्त 88 पदों पर प्रमोशन के लिए विज्ञप्ति एक सप्ताह के भीतर जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश के दूरस्थ के इलाकों की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक संबल देने के लिए एक योजना अगले साल लॉन्च की जानी है। इसके लिए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया। इस योजना के लिए अभी 8 करोड रुपए का फंड उपलब्ध है।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव, महिला सशक्तिकरण निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, नीतू फुलेरा आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन की कामना की
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल-हरिद्वार में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दुग्धाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य ढंग से आयोजित करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं साधु-संतो से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला का आयोजन प्रदेश के लिए बहुत बड़ा सुअवसर है। देश व दुनिया में कुंभ मेला एवं कुंभ नगरी हरिद्वार का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य सरकार कुंभ मेला के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए ठोस कार्य कर रही है। कुंभ मेला क्षेत्र को विस्तार देने तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। ताकि देश-दुनिया से आने वोल लोग यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौट सकें। मुख्यमंत्री ने साधु-संतो से प्रदेश सरकार को मिल रहे आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी कुंभ मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु सांधु-संतों और स्थानीय लोगों से निरंतर समर्थन व सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।
इस अवसर पर पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने संस्कृति के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, दिगंबर अखाड़े के वैष्णो दास, निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत मुरलीदास, निर्मल अखाड़े के कोठारी जसविंदर सिंह, बड़ा उदासीन अखाड़े के राघवेंद्र दास, नया अखाड़े से जगतार मुनि, अटल अखाड़े के सत्य गिरी, मनोज गिरी सहित अनेक साधु-संत मौजूद रहे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।
इस दौरान विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी सुनील सैनी, ओमप्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
एक छत, कई सेवाएंः शिविर में बनेंगे आयुष्मान से श्रमिक कार्ड तक
शिविर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि वितरण व नेत्र परीक्षण, चश्में भी मिलेंगे
आय, जाति, चरित्र, निवास प्रमाण पत्र व पेंशन मामलों का होगा त्वरित निस्तारण
देहरादून। जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बुधवार, 17 दिसंबर, 2025 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड चकराता स्थित ग्राम क्वासी इंटर कॉलेज प्रांगण में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।
बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।
ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।
लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।
कठिन मौसम और बर्फीली चुनौती के बीच कविता चंद की ऐतिहासिक फतह
देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के धारा नौला क्षेत्र की बेटी कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। कविता ने माउंट विंसन के शिखर पर पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में मुंबई में निवास कर रहीं कविता की इस सफलता को लेकर उत्तराखंड में खासा उत्साह और गर्व का माहौल है।
माउंट विंसन फतह करना कविता चंद के प्रतिष्ठित ‘सेवन समिट्स’ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसके तहत दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई का लक्ष्य रखा जाता है। इससे पहले कविता यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं।
कठिन परिस्थितियों में हासिल की सफलता
अंटार्कटिका की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में शामिल माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंड, तेज हवाएं, एकांत और अनिश्चित मौसम पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती होते हैं। कविता का यह अभियान 3 दिसंबर को भारत से प्रस्थान के साथ शुरू हुआ। वह 4 दिसंबर को चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर होते हुए विंसन बेस कैंप तक पहुंचीं। लगभग 2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप तक का अंतिम सफर स्की-सुसज्जित विमान से तय किया गया।
अनुभवी टीम का मिला साथ
इस अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड गाइड मिंग्मा डेविड शेरपा ने किया। भारतीय दल को पर्वतारोही भरत थम्मिनेनी और उनकी एक्सपेडिशन कंपनी ‘बूट्स एंड क्रैम्पन’ का सहयोग प्राप्त रहा। नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने बेहतर योजना, अनुकूलन प्रक्रिया और मजबूत तालमेल के साथ अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में शिखर तक सफल चढ़ाई की।
उपलब्धि पर जताई खुशी
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कविता चंद ने कहा कि माउंट विंसन के शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराना उनके लिए अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पेशेवर जीवन और फिटनेस के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा देती है।
फिटनेस और साहस की मिसाल
पर्वतारोहण के साथ-साथ कविता चंद एंड्योरेंस रनिंग में भी पहचान बना चुकी हैं। वह एक समर्पित मैराथन धावक हैं और दिल्ली व मुंबई हाइरॉक्स 2025 प्रतियोगिताओं में अपनी आयु वर्ग में विजेता रह चुकी हैं। इसके अलावा वह एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की छह में से तीन मैराथन पूरी कर चुकी हैं।
पूर्व में मीडिया क्षेत्र से जुड़ी रहीं कविता ने 2024 में कॉरपोरेट करियर छोड़कर पूरी तरह फिटनेस को अपनाया। मां बनने के बाद गंभीर फिटनेस और पर्वतारोहण की राह चुनने वाली कविता आज देशभर के युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं।
उनके इस सफर में पति दीपक चंद ठाकुर, जो एनपीएसटी के सीईओ और सह-संस्थापक हैं, का सहयोग भी अहम रहा है।
अंटार्कटिका की बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराकर कविता चंद ने न केवल अपने ‘सेवन समिट्स’ लक्ष्य को मजबूती दी है, बल्कि उत्तराखंड की पर्वतीय पहचान को भी वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।
वाहन सवार पांचों लोग सुरक्षित, प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल भेजे गए
टिहरी गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल के ब्यासी क्षेत्र में देर रात एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। गुल्लर के समीप एक थार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 70 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी पांच लोगों को सुरक्षित खाई से बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू के बाद घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद एम्बुलेंस की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
सीएम धामी बोले—सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखंड भारत के शिल्पकार, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘भारत रत्न’ लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्रनिष्ठ सोच और अदम्य साहस के बल पर देश की अनेक रियासतों का एकीकरण कर अखंड एवं सशक्त भारत की नींव रखी। राष्ट्रहित के प्रति उनका अटल संकल्प, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और समरसता के लिए सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
फसल नुकसान के दावे सबसे ज्यादा
देहरादून। राज्य में वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मुआवजा प्रकरणों के निस्तारण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। लंबे समय से लंबित चल रहे मामलों में अब पीड़ितों को मुआवजा मिल सकेगा।
वन विभाग के पास मानव मृत्यु, घायल होने, फसल नुकसान, पशुधन हानि और भवन क्षति से जुड़े करीब 18 करोड़ रुपये के दावे लंबित थे। पर्याप्त बजट न होने के कारण इन मामलों में भुगतान अटका हुआ था। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने आपदा मोचन निधि से सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध आपदा प्रबंधन विभाग से किया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
फसल नुकसान के दावे सबसे अधिक
लंबित मुआवजा मामलों में सबसे बड़ी संख्या फसल क्षति से जुड़े प्रकरणों की है। हाथी सहित अन्य वन्यजीवों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया, जिसके लिए लगभग 13 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रस्तावित है। इसके अलावा पशु हानि और मकानों को हुए नुकसान के मामले भी सूची में शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मानव मृत्यु से जुड़े पांच मामलों में भी अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाना है। अब स्वीकृत धनराशि मिलने के बाद वन विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से सभी लंबित मुआवजा प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।
देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका- डॉ. निशंक
स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी रविवार को सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, सुशासन और सामाजिक उत्थान को रहा समर्पित
देहरादून/मदनपल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में देश के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, सुशासन और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा। उन्होंने अपने सशक्त नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा के माध्यम से भारत की राजनीति को नई दिशा दी। अटल जी के विचार और आदर्श आज भी देश को प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पीवीएन माधव, आंध्र प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्य कुमार वाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
आरोपी हाशिम के पैर में लगी गोली
खटीमा। तुषार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी हाशिम को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी झनकट क्षेत्र में छिपा हुआ था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
झनकट क्षेत्र में हुई मुठभेड़
पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड का आरोपी झनकट इलाके में छिपा है। देर रात करीब एक बजे झनकट ईंट भट्ठे के पास पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे काबू में ले लिया गया। सीओ खटीमा विमल रावत ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
विवाद से शुरू हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे रहने वाला तुषार शर्मा (24) बस स्टॉप के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद था। उसके साथ अभय और सलमान भी थे। इसी दौरान कुछ युवकों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस झगड़े के दौरान तीनों युवकों पर चाकुओं से हमला किया गया।
अस्पताल में हुई तुषार की मौत
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को खटीमा उप जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने तुषार शर्मा को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद शहर में तनाव
शनिवार सुबह युवक की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए। इस दौरान एक चाय की दुकान में आगजनी और आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। सूचना पर पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। हालात को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।
