हरीश रावत और हरक सिंह रावत की होटल में मुलाकात से विधानसभा चुनाव से पहले अटकलों को लगे पंख..
उत्तराखंड: हाल ही में कैबिनेट बैठक में इस्तीफे की घोषणा कर चुके मंत्री कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की वजह से फिर भाजपा की धड़कनें बढ़ गईं। पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ दून के एक होटल में हरक की मुलाकात की चर्चाओं ने सियासी पारा गरमा दिया। सोशल मीडिया पर चली चर्चाओं से नौबत यहां तक आ गई कि खुफिया विभाग के कर्मचारी भी होटल में खबर सूंघने पहुंच गए।
हरक ने हरीश के साथ एक ही वक्त एक ही होटल परिसर में होने की बात तो स्वीकार की लेकिन रावत से मुलाकात की बात को खारिज कर दिया। हरक सिंह रावत ने कहा कि मैं होटल में था कुछ समय बाद वहां हरीश भाई भी आ गये। होटल सार्वजनिक स्थान है कोई भी आ जा सकता है। मैं कुछ समय बाद वहां से लौट आया था। मेरी रावत जी से कोई मुलाकात नहीं हुई
इस रेल परियोजना के चल रहे कार्य से ग्रामीणों के घरों में आई दरारें..
उत्तराखंड: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना पर चल रहे कार्य ने ग्रामीणों के लिए एक मुसीबत खड़ी कर दी है। उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में ऋषिकेश में मैदानी इलाकों को पहाड़ियों से जोड़ने के लिए तैयार है। वही इस परियोजना मार्ग पर स्थित मरोरा गांव में स्थित घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। लगभग 40 घरों में दरारें आ गई हैं और कुछ घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस क्षेत्र के कुछ घरों और खेतों ने पहले ही खुदाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों को मुआवजा देने में हुए सहमत..
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मनुज गोयल का कहना हैं कि रेलवे ग्रामीणों की सहमति के बाद उनका पुनर्वास करने की प्रक्रिया में है। लगभग 19-20 परिवारों को रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा पुनर्वासित किया गया है, जबकि शेष की प्रक्रिया चल रही है। वे ग्रामीणों की सहमति से मुआवजा देने पर सहमत हुए हैं।
125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन केंद्र की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 16,000 करोड़ रुपये है। यह तलहटी में ऋषिकेश को गढ़वाल पहाड़ियों पर कर्णप्रयाग से जोड़ेगा। इसमें देवप्रयाग और लछमोली के बीच देश की सबसे लंबी 15 किलोमीटर लंबी सुरंग भी होगी।
दूसरे स्थान पर जाने को कह रहा है आरवीएनएल..
गाँव की अधिकांश ज़मीन का अधिग्रहण कर लिया गया है और अब हमारे पास कुछ घर और गौशालाएँ बची हैं। अब, आरवीएनएल हमें यह कहते हुए दूसरे स्थान पर जाने के लिए कह रहा है कि वे हमारा किराया देंगे। हालांकि, हमारे आजीवन सामान, पशुधन आदि के साथ किराए के कमरे या घर में ले जाना असुविधाजनक है। यह एक व्यवहार्य विकल्प नहीं है।
ग्रामीण नौकरी के साथ-साथ पूर्ण पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरवीएनएल ने उनकी जमीन अधिग्रहण करने से पहले उपरोक्त सभी का वादा किया था। “हम चाहते हैं कि प्रोजेक्ट कंपनी हमें एक अलग जमीन पर घर दे, साथ ही प्रत्येक घर से एक परिवार के सदस्य को रोजगार दे, जैसा कि उन्होंने वादा किया था।
पुलिस कर्मियाें के परिवार का सीएम आवास कूच..
उत्तराखंड: ग्रेड पे दिए जाने की मांग को लेकर पुलिसकर्मियों के परिवार के लोगों ने राजधानी देहरादून में फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ी संख्या में एकत्र हुई महिलाओं ने पहले गांधी पार्क गेट पर धरना दिया। आंदोलनकारियों ने 4600 ग्रेड पे दिए जाने की मांग को लेकर सचिवालय कूच किया।
पुलिस कल्याण संस्था समस्त पुलिस परिवार (एसपीपी) के सदस्यों ने पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे की मांग को लेकर सोमवार को देहरादून में सीएम आवास तक विरोध मार्च निकाला। उन्हें सुरक्षा बैरिकेड्स पर रोक दिया गया जहां कुछ सदस्य पुलिस के साथ हाथापाई कर रहे थे। उनमें से कुछ को हिरासत में भी लिया गया था। प्रदर्शनकारी अपने बच्चों के साथ मार्च के लिए पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास के सामने रोका गया। जिससे गुस्साए प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स के पास धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों के परिजनों को समझाया भी, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस और पुलिसकर्मी के परिवार वालों के बीच हाथापाई हो गई।
वहीं, सोमवार को गिरफ्तारी के दौरान महिला निरीक्षक व महिला पुलिस परिवार के सदस्यों ने एक दूसरे का कॉलर पकड़ लिया। पूर्व में पुलिसकर्मियों के परिजन अपनी मांग को लेकर हाथीबरकला बैरियर पर 11 घंटे तक अड़े रहे। बता दें कि 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों को 4600 ग्रेड पे देने की घोषणा की थी।
क्या है मामला
साल 2001 में पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कांस्टेबलों को 4600 ग्रेड पे देने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद से पुलिसकर्मियों के परिवारों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद करीब 1500 जवानों को इसका फायदा मिलने वाला है। अभी तक इस मामले में कोई सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है। जिससे पुलिसकर्मियों के परिजनों में रोष है।
कुमाऊं में पीएम मोदी करेंगे एम्स का शिलान्यास- मुख्यमंत्री धामी..
उत्तराखंड: 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हल्द्वानी दौरे पर रहेंगे। अपने हल्द्वानी दौरे में प्रधानमंत्री एम्स का शिलान्यास भी करेंगे। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दी। मुख्यमंत्री ने गंगोलीहाट में 21 करोड़ 57 लाख 7 हजार की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री का कहना हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री से ऋषिकेश की तरह ही कुमाऊं मंडल के लिए एम्स का आग्रह किया था। जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने सहमति दी और अब 30 दिसंबर को हल्द्वानी आगमन पर प्रधानमंत्री कुमाऊं में एम्स का शिलान्यास करेंगे।
आपको बता दे कि जीआईसी गंगोलीहाट मैदान में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सड़कों के डामरीकरण सुधारीकरण का लोकार्पण और जीआईसी कांडा किरोली में अतिरिक्त कक्ष, नगर पंचायत बेरीनाग का भवन, जीआईसी दसाईथल में अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास किया। अपने 37 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी का गुणगान करते नजर आए। उनका कहना हैं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी, अयोध्या, मथुरा, बद्रीनाथ और केदारनाथ आदि मंदिरों का निर्माण व पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
नाम बदलने की लगी होड़, जोशीमठ का नाम बदलकर कर दिया ज्योतिर्मठ..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपनी सरकार के फैसले की घोषणा करते हुए जोशीमठ का नाम बदलकर ‘ज्योतिर्मठ’ कर दिया। आपको बता दे कि राज्य सरकार ने हाल ही में चमोली जिले के घाट ब्लॉक का नाम बदलकर नंदननगर कर दिया था। जोशीमठ बद्रीनाथ देवता की शीतकालीन सीट है और आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार ‘मठों’ में से एक है, अन्य तीन श्रृंगेरी, पुरी और द्वारका में हैं।
सीएम धामी ने चमोली जिले में 56 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा, ”हमारा लक्ष्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक ले जाना है और इसे हासिल करने के लिए हम दिन-रात काम कर रहे हैं।
पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार भी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले नाम बदलने की होड़ में है। सीएम धामी ने नंदनगर में आयोजित भाजपा की विजय संकल्प रैली में कहा कि मोदी के निर्देशन में और राज्य के मुख्य सेवक के रूप में हमारा संकल्प है कि जब हम राज्य की स्थापना का 25वां स्थापना दिवस मनाएंगे, तो हमारे राज्य की गणना की जानी चाहिए. भारत के सर्वश्रेष्ठ और अग्रणी राज्य में से एक है।
प्रगति की ऊर्जा का पावर हाउस है डबल इंजन की सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व पीएम और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर भाषण की शुरुआत की थी। उनका कहना है कि आज वाजपेयी जयंती है जिन्होंने पीएम रहते हुए हमें उत्तराखंड दिया और आज पीएम मोदी के भावपूर्ण लगाव से उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे ले जाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों को डबल इंजन की सरकार बताते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रगति की ऊर्जा का पावर हाउस है।
इसके साथ ही उन्होंने विजय संकल्प रैली में मौजूद राज्य के पूर्व सीएम और गढ़वाल के सांसद तीरथ सिंह रावत की जमकर तारीफ की। बैठक और रैली में मौजूद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कार्य और दूरदृष्टि की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री का कहना हैं कि पीएम के नेतृत्व में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल मार्ग का कार्य प्रगति पर है।
दिल्ली से वापस आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी..
उत्तराखंड: प्रदेश के पूर्व सीएम और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर माफी मांगी है। उनका कहना है कि उनसे प्रेस वार्ता में थोड़ी गलती हो गई, मेरे नेतृत्व शब्द से अहंकार झलकता है। चुनाव मेरे नेतृत्व में नहीं, बल्कि मेरी अगुवाई में लड़ा जाएगा। मैं अपने उस घमंडपूर्ण उद्बोधन के लिए क्षमा चाहता हूं, मेरे मुंह से वह शब्द शोभा जनक नहीं है।
आपको बता दे कि हरीश रावत ने दिल्ली से लौटने पर देहरादून में प्रेस वार्ता की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इसी को लेकर रावत ने रविवार को माफी मांगी। शनिवार को दिल्ली से देहरादून पहुंचने पर पूर्व सीएम और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत का कांग्रेस मुख्यालय भवन में ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया गया था।
इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया था कि 2022 का विधानसभा चुनाव उनके नेेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और सभी इसमें सहयोग करेंगे। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय नेेतृत्व का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
उत्तराखंड में नई एसओपी जारी,ओमिक्रॉन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जाहिर की..
उत्तराखंड: प्रदेश में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश में राज्य सरकार की ओर से नई एसओपी जारी की गई है। इसके तहत राज्य में सामाजिक दूरी के साथ तमाम नियमों का सख्ती के साथ पालन करने को कहा गया है।आपको बता दे कि मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधूू की ओर से जारी नई एसओपी में कहा गया है कि कोविड-19 के का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जाहिर की है।
यह बहुत तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। देशभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को अलर्ट किया जाता है कि वह कोविड गाइड लाइन का सख्ती के साथ पालन कराएं।
बचाव के लिए प्रत्येक जिले में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जायेगा। इसके साथ ही नियमों का पालन न करने वाले लोगों के साथ सख्ती से निपटा जायेगा। इसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई किए जाने का भी प्राविधान है, जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी।
एसओपी में सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का पालन करने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, गुटखा, तंबाकू इत्यादि का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, गर्भवती और स्तनपाल कराने वाली महिलाओं और दस वर्ष से कम आयु के बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में कोरोना के ओमिक्रॉन व डेल्टा वैरिएंट का संक्रमण बढ़ने के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए जहां तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों में चार हजार ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था कर ली गई है। वहीं स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश पर जिला अस्पताल के अलावा सभी उपजिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अगले तीन माह के लिए दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती का कहना हैं कि अब जबकि एक बार फिर कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है और डेल्टा वैरिएंट के साथ ओमिक्रॉन भी लोगों को संक्रमित कर रहा है तो इसके मद्देनजर तमाम एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए पूरे जिले में चार हजार ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था कर ली गई है।
पार्टी शीर्ष नेतृत्व की बैठक में आज शामिल होंगे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत..
उत्तराखंड: कांग्रेस में मचा घमासान अब दिल्ली तक पहुंच चुका है। हरीश रावत के ट्वीट के बाद कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुटी हुई है। इसी क्रम में पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने हरीश रावत से बात भी की है। जिसके बाद आज हरीश रावत दिल्ली में एक पूर्व निर्धारित बैठक में शामिल होंगे। राज्य के और भी सीनियर कांग्रेस नेता दिल्ली पहुंच गए हैं।
आपको बता दे कि हरीश रावत के साथ पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली तलब किया गया है। जिसके बाद राहुल गांधी सभी नेताओं के साथ बैठकर बातचीत के बाद इस इस मामले पर बात करके समाधान निकालेंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस बीच प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर आज और कल होने वाली पार्टी स्तर की सभी बैठकें और कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए हैं।
बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है..
हरीश रावत ने ट्वीट कर कहा था कि, ‘है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!
पत्रकारों के सवाल पर गीत गाकर बोले हरीश रावत – कदम-कदम बढ़ाए जा, कांग्रेस के गीत गाए जा.
उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गुरुवार की शाम किसान दिवस पर हरिद्वार पहुंचे। वीआईपी घाट (किसान घाट) पर हरीश रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की। ट्वीट और कांग्रेस की अंदरूनी उठापटक में भूचाल लाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से बचते बचाते हरीश रावत ने कदम-कदम बढ़ाए जा कांग्रेस के गीत गाए जा और जिंदगी को उत्तराखंडियत पर लुटाए जा.. गीत सुनाकर तमाम कयासों को विराम लगा दिया।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को एक ट्वीट किया था। जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गए। गुरुवार को हरिद्वार पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ट्वीट को लेकर गीतों की चंद लाइनों में अपने विरोधियों को मुंह बंद और अपनी सियासी चाल का सार बता दिया। देहरादून से हरिद्वार पहुंचे हरीश रावत का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के आश्रम में स्वागत किया। कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने फूल माला पहनाकर हरीश रावत जिंदाबाद, आला रे आला हरीश रावत आला नारे लगाए।
हरीश रावत का काफिला वीआईपी घाट पर पहुंचा। जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बस इतना ही कहा कि कदम-कदम बढ़ाए जा, कांग्रेस के गीत गाए जा। जिदंगी को उत्तराखंडियत पर लुटाए जा। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं। इसके बाद उनका काफिला दिल्ली के लिए निकल गया।
जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं- हरीश रावत
उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट से कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है। रावत के कुछ ऐसे ट्वीट सामने आए हैं जिससे पार्टी आलाकमान से उनकी नाराजगी दिख रही हैं। अपने ट्वीट में अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस आलाकमान के रवैये पर अंगुली उठाते हुए कुछ ऐसा भी लिख दिया है जिसे कुछ लोग उनके रिटायरमेंट से जोड़कर देख रहे हैं। इन सबके बीच हरीश रावत के सलाहकार सुरिंदर अग्रवाल का भी बयान सामने आया हैं। जिसमें उनका कहना है कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। अगर देवेंद्र यादव की मौजूदगी में राहुल गांधी की रैली से उनके पोस्टर हटा दिए जाते हैं तो उनकी भूमिका संदेह में आ जाती है। इसके बाद उन्होंने कहा कि संभावना है कि देवेंद्र यादव साजिश में शामिल हों।
सुरिंदर अग्रवाल का कहना है कि भाजपा ने हमारे किसी सदस्य को धमकाने के लिए ईडी या सीबीआई का इस्तेमाल किया होगा। उन्होंने हरीश रावत और हमारे सदस्यों के बीच मतभेद पैदा करने के अपने मकसद को पूरा करने के लिए हमारे किसी सहयोगी को गुमराह किया होगा। भाजपा ने पहले भी ऐसा किया है और यह उनके लिए एक छोटा सा काम है।
आपको बता दे कि हरीश रावत ने ट्वीट कर लिखा, ‘है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!
बड़ी उहापोह की स्थिति में हूंं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे..
इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है “न दैन्यं न पलायनम्” बड़ी उहापोह की स्थिति में हूंं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवना केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।
