धर्मनगरी हरिद्वार में श्री गंगा सभा की देव दीपावली आज, जलाए जाएंगे 11 हजार दीए..
उत्तराखंड: कार्तिक के पवित्र माह में आयोजित होने वाला देव दीपावली का पर्व आज गुरुवार को धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित किया जाएगा। यह पर्व श्री गंगा सभा के तत्वावधान में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ का कहना हैं कि ब्रह्मकुंड हरकी पैड़ी पर हजारों दीए प्रज्ज्वलित कर भगवान विष्णु और समस्त देवताओं का पूजन किया जाएगा।
प्रज्ज्वलित किए जाएंगे ग्यारह हजार दीये..
प्रतिवर्ष तीर्थ पुरोहित हरकी पैड़ी पर हजारों दीए प्रज्ज्वलित कर देव दीपावली का उत्सव मनाते हैं। इस वर्ष ग्यारह हजार दीये प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी भी तीर्थ पुरोहितों के साथ आयोजन में मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
आपको बता दे कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष (निरंजनी) श्रीमहंत रविंद्र पुरी और श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने इस मौके पर स्थानीय निवासियों और धर्मनगरी आए श्रद्धालुओं से नजदीक के सभी गंगाघाटों पर पांच-पांच दीपक जलाने का आह्वान किया है। महामंत्री तन्मय वशिष्ठ का कहना हैं कि ब्रह्मकुंड हरकी पैड़ी पर यह आयोजन गुरुवार की शाम धूमधाम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने किया ‘अपणि सरकार’ पोर्टल का उद्घाटन, अब एक क्लिक पर मिलेगी 75 सेवाएँ..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में उन्नति पोर्टल और अपणी सरकार कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में किया। अपणी सरकार कार्यक्रम के तहत अब 72 सेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता को समर्पित यह पोर्टल सभी के लिए लाभकारी होंगे। इसमें नौ विभागों की 75 सेवाएं जैसे चरित्र, आय, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी। सभी प्रमाणपत्र डीजी लॉकर में रहेंगे।
अपणि सरकार पोर्टल के जरिए अब एक क्लिक पर 09 विभागों की 75 सेवाओं का लाभ आमजन ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ले सकते हैं। सुशासन की दिशा में यह बड़ा प्रयास है। प्रदेशवासियों को वे सेवाएं घर बैठे मिल सकेंगी जिनके लिए उन्हें ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ऑनलाईन सेवाओं के शुरू होने से लोगों को आवश्यक प्रमाण पत्र सुगमता से प्राप्त होंगे। समय और खर्चे की भी बचत होगी।
सभी प्रमाण पत्र डिजी लॉकर में एकीकृत एवं संग्रहित होंगे। मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा का कहना हैं कि जिन दो पोर्टल का मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया है। इससे जनसुविधाएं सुलभ होंगी। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने अन्त्योदय का जो संदेश दिया, इस दिशा में यह सराहनीय प्रयास है।
विभागों में समन्वय के लिए भी ये पोर्टल बहुत कारगर साबित होंगे। उन्नति पोर्टल के माध्यम से सभी विभागों की परियोजना, उसकी निगरानी एवं वर्तमान परियोजना की स्थिति की जानकारी को प्राप्त की जा सकती है।
बद्रीनाथ जा रहा वाहन अलकनंदा नदी में गिरा, एक घायल एक लापता..
उत्तराखंड: श्रीनगर में बुधवार देर रात एक हादसा हो गया। यहां बद्रीनाथ जा रहा एक वाहन अलकनंदा नदी में समा गया। हादसा देर रात करीब एक बजे के आसपास हुआ। जानकारी के अनुसार श्रीनगर में श्रीयंत्र टापू के पास एक वाहन अलकनंदा नदी में गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही फायर सर्विस यूनिट श्रीनगर तुरंत घटना स्थल पहुंची। राहत-बचाव टीम हादसे वाली जगह पहुंची तो देखा कि एक आदमी नदी के बीच पत्थर को पकड़े हुए है।
फायर सर्विस यूनिट ने उक्त आदमी को रस्सों में बांधकर नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस के द्वारा उसे नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया। वहीं कार सवार दूसरा व्यक्ति अभी भी लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। घायल का कहना हैं कि कार में दो लोग सवार थे। दोनों हरिद्वार जिले के नारसन कला के रहने वाले हैं और बद्रीनाथ जा रहे थे।
सीएम धामी ने हरीश रावत पर साधा निशाना..
उत्तराखंड: रोजगार के आंकड़ों को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को निशाने पर लिया। उनका कहना हैं कि सरकार ने आंकड़े रख दिए हैं। अब हरीश रावत से पूछिए कि वह संन्यास लेंगे या नहीं। सहस्त्रधारा हेलिपैड पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के स्वागत के लिए पहुंचे सीएम से इस दौरान रोजगार के आंकड़ों के संबंध में पूछा गया। मुख्यमंत्री का कहना हैं कि प्रदेश सरकार की ओर से रोजगार के आकंड़े रख दिए गए हैं। हमारे पास जो आंकड़े हैं, वह अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के हैं। आंकड़े उसके पोर्टल पर भी होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह संन्यास ले लेंगे। उनसे यह पूछिये कि वह संन्यास लेंगे कि नहीं। यह पूछने पर कि हरीश रावत कह रहे हैं कि आंकड़े सही नहीं हैं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरीश रावत जी ने अपने समय में नारा दिया था कि खाता न बही जो मैं कहूं, वही सही। वे उसी पर अडिग हैं तो उसमें मैं क्या कह सकता हूं।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल से सरकार चल रही है। सरकार ने कई विकास कार्य किए। कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का विस्तार किया। पार्टी की ओर से सेवा ही संगठन अभियान चलाया गया। उनका कहना हैं कि कुछ लोगों का काम ही राजनीतिक बयानबाजी करना है। चुनाव हैं इसलिए इस तरह के बयान आ रहे हैं। आज वह बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, लेकिन जब मुख्यमंत्री थे तो कोई काम नहीं कर पाए। हमेशा तुष्टिकरण का काम किया। हम उत्तराखंड के लिए जो जरूरी है, वह काम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय नेताओं के दौरों से काम करने की शक्ति बढ़ेगी..
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नेताओं के दौरों पर कहा कि उनके आने से संगठन के लोगों के काम करने की शक्ति बढ़ती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के दौरे पर उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने सैन्य धाम घोषित किया है। सैन्यधाम के लिए प्रत्येक शहीद सैनिक के गांव की माटी लाई जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्मान यात्रा का शुभारंभ करने आए हैं।
कमलेश्वर महादेव में बैकुंठ चतुर्दशी के पर्व पर आज शाम से खड़ा दीया अनुष्ठान शुरू हो जाएगा..
उत्तराखंड: श्रीनगर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार को बैकुंठ चतुर्दशी पर्व शुरू हो गया है। आज यहां परंपरा के अनुसार लोग भगवान शिव को रुई की 365 बाती चढ़ाते हैं। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं इसके बाद कमलेश्वर महादेव में बैकुंठ चतुर्दशी के पर्व पर आज शाम से खड़ा दीया अनुष्ठान शुरू हो जाएगा।
अनुष्ठान में 182 दंपती संतान कामना के लिए खड़ा दीया करेंगे। मंदिर के महंत आशुतोष पुरी का कहना हैं कि 182 दंपतियों ने खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए पंजीकरण करवाया है। दंपतियों को गोधुलि वेला में पूजा करने के बाद दीपक दिए जाएंगे। 18 नवंबर की तड़के स्नान और पूजा के पश्चात श्रीसंवाद दिया जाएगा।
बैकुंठ चतुर्दशी बुधवार सुबह नौ बजे से गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक रहेगी। इस दौरान पूजाएं होंगी। मंदिर में परिवार की खुशहाली के लिए रुई की बत्तियां भी भगवान शिव को अर्पित की जाएगी। इसमें पूरे साल के हिसाब से 356 बत्तियां चढ़ाई जाती हैं। हर साल सरकार और पालिका की ओर से मंदिर को सजाया जाता है। लेकिन इस बार कोई मदद नहीं की गई है। जिससे भक्तगण निराश हैं।
रुद्रपुर में सिलेंडर फटने से पिता और मासूम बेटे की मौत,पत्नी अस्पताल में भर्ती..
उत्तराखंड: रुद्रपुर में सिलिंडर में भड़की आग की चपेट में आकर पिता पुत्र की मौत हो गई। सोमवार रात करीब दस बजे ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के ठाकुरनगर स्थित एक मकान में खाना बनाते समय सिलिंडर में आग लग गई।
इससे कमरे में मौजूद 30 वर्षीय केदार सिंह और पास ही सो रहा दो साल का बेटा वंश आग की चपेट में आ गए। जबकि कमरे से बाहर आई मृतक की पत्नी बच गई। हालांकि, पति और मासूम बेटे की मौत से महिला बेसुध है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
केदार की पत्नी नेहा किसी काम से कमरे से बाहर आ गई थी जिससे वह बच गई। कमरे में भड़की आग देख नेहा चीखने चिल्लाने लगी और पति और बेटे को आग की लपटों से घिरा देख बेसुध हो गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और ट्रांजिट थाने की पुलिस व अग्निशमन विभाग को हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलते ही दरोगा विजय सिंह व कौशल भाकुनी मय पुलिस बल और दमकल कर्मी भी मय वाहन के आग बुझाने पहुंचे। पुलिस और दमकल कर्मियों ने मशक्कत कर आग पर तो काबू पा लिया लेकिन केदार सिंह और उनके मासूम बेटे की आग से झुलसकर मौत हो गई।
प्रदेश में सेवा चयन आयोग शुरू करने जा रहा नई भर्तियां..
उत्तराखंड: प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए जल्द तीन नई भर्तियां शुरू होने जा रही हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले 15 दिनों में यह पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
आपको बता दे कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जल्द ही अग्निशमन विभाग में हेड कांस्टेबल के करीब 200 पदों पर भर्ती शुरू की जाएगी। इसके अलावा सांख्यिकी विभाग में करीब 100 पदों पर भर्ती भी निकाली जाएगी। साथ ही विभिन्न विभागों में जूनियर इंजीनियर के करीब 50 पदों पर भर्ती निकलने जा रही है। इन तीनों भर्तियों की सिफारिश (अधियाचन) आयोग को प्राप्त हो चुकीं हैं। आयोग के सचिव संतोष बडोनी का कहना हैं कि इसी महीने भर्तियों की आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। राज्य सरकार ने समूह-ग की सभी भर्तियों के आवेदन का शुल्क माफ किया है, इसलिए इन भर्तियों के लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पर्यटन विभाग में 51 पदों पर होगी भर्ती..
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में विभिन्न श्रेणियों के खाली पदों पर भर्ती के लिए विभाग ने प्रस्ताव आयोगों को भेज दिया है। जल्द ही इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परिषद में कनिष्ठ सहायक, सहायक लेखाकार समेत अन्य पदों का प्रस्ताव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की बोर्ड बैठक में 51 पदों पर भर्ती करने की अनुमति दी गई।
पर्यटकों के लिए आज से खुला राजाजी पार्क,वरिष्ठ नागरिकों और स्कूली बच्चों को टिकट में छूट..
उत्तराखंड: राजाजी टाइगर रिजर्व का मोतीचूर व चीला रेंज का प्रवेश द्वार आज से सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। राजाजी में वरिष्ठ नागरिकों, स्कूली बच्चों और अवयस्कों को टिकट शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
मोतीचूर रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी का कहना हैं कि हर साल 15 नवंबर को सैलानियों के लिए प्रवेश द्वार खोले जाते हैं। सैलानियों के स्वागत के लिए पार्क प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। पर्यटक रेंज के भीतर जंगल सफारी का आनंद उठा पाएंगे साथ ही हाथी, मोर, हिरण, पक्षियों आदि के दीदार कर सकेंगे।
आपको बता दे कि कोरोना काल के चलते प्रवेश शुल्क और जंगल सफारी वाहन के किराए में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। सैलानियों के लिए 150 रुपये प्रतिव्यक्ति टिकट रखा गया है। वहीं 250 रुपये जंगल सफारी वाहन शुल्क निर्धारित किया गया है। महेंद्र गिरि ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, स्कूली बच्चों और अवयस्कों को टिकट शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है।
आज खुलेगा कॉर्बेट का ढिकाला जोन
वही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का ढिकाला जोन 15 नवंबर से खुल गया है। दिसंबर तक ढिकाला जोन में बुकिंग फुल हो चुकी है। जोन खुलने के बाद पर्यटक रात्रि विश्राम और दिन की सफारी कर सकेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए कॉर्बेट प्रशासन ने सड़कों की मरम्मत और ढिकाला जोन में गेस्ट हाउसों की सफाई करा दी है। ढिकाला जोन में 15 नवंबर को 80 पर्यटक नाइट स्टे करेंगे। डे विजिट सफारी में 127 पर्यटक ही ढिकाला जोन में भ्रमण पर जा पाएंगे। ढिकाला जोन में पर्यटकों को डे विजिट के लिए चार वाहन सुबह और चार वाहन शाम को सफारी पर लेकर जाते हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिवर्ज से जल्द राजाजी टाइगर रिजर्व में दो बाघों को लाने की योजना इसी माह परवान चढ़ने वाली है। राजाजी के मोतीचूर रेंज में दो बाघों के आने से इनकी संख्या चार हो जाएगी। पार्क प्रशासन बाघों के स्वागत के लिए बेताब है। राज्य के दूसरे सबसे बड़े नेशनल पार्क राजाजी में जल्द बाघों की संख्या में इजाफा होने वाला है।
आपको बता दे कि राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में इसी माह कॉर्बेट नेशनल पार्क से दो बाघों को लाया जाना है। जिसके लिए पार्क प्रशासन ने तैयारी ली है। कोरोना काल और उसके बाद बारिश के चलमे मोतीचूर रेंज में बाघों को शिफ्ट करने में दिक्कतें आ रही थी। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी का कहना हैं कि नवंबर माह के अंत तक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से बाघों को शिफ्ट कर लिया जाएगा।
उत्तराखण्ड के लोकपर्व ‘इगास’ पर होगा राजकीय अवकाश- मुख्यमंत्री धामी..
उत्तराखंड: ये तो सभी जानते हैं कि छठ के दिन उत्तराखंड सरकार ने सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया था जिसके बाद इगास बग्वाल में भी अवकाश घोषित करने की लोगों ने मांग की थी जिसका सीएम ने संज्ञान लिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि इगास पर छुट्टी रहेगी।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर पहाड़ी अंदाज में इसकी जानकारी दी। जिसमे उन्होंने लिखा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति कु प्रतीक लोकपर्व ‘इगास’ पर अब छुट्टी रालि। हमारू उद्देश्य च कि हम सब्बि ये त्यौहार तै बड़ा धूमधाम सै मनौ, अर हमारि नई पीढी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ।
आपको बता दे कि छठ पर्व का अवकाश घोषित होन के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग इगास पर भी अवकाश घोषित करने की मांग करता रहा। चुनावों को देखते हुए सरकारकिसी भी वर्ग को नाराज नहीं करना चाहती शायद इसलिए इगास पर भी फैसला लिया गया। बता दे कि पहाड़ में दीपावली यानी बग्वाल पर्व के 11 दिन बाद इगास पर्व या बूढ़ी दीपावली मनाने की परंपरा है। इगास को पहाड़ की संस्कृति के साथ साथ ऐतिहासिक तथ्यों से भी जोड़ा जाता है।
इगास-बग्वाल, घुघुतिया त्यौहार पर राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग..
देहरादून- उत्तराखंड क्रांति दल ने पर्वतीय पर्व इगास-बग्वाल और घुघुतिया में राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन भेजा है। कलेक्ट्रेट में डीएम के माध्यम से ये ज्ञापन दिया गया। यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय का कहना हैं कि उत्तराखंड में अपनी संस्कृति और विरासत को समेटे हुए दो प्रमुख त्योहार इगास बग्वाल और घुघुतिया बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते हैं ।
यह त्यौहार देवभूमि की पहचान है। इगास का त्यौहार उत्तराखंडियों की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ-साथ समृद्ध लोक संस्कृति का बड़ा प्रतीक है। वीर माधो सिंह भंडारी जब लड़ाई जीत कर घर लौटे तो उनके इंतजार में बैचेन पूरे इलाके ने जमकर खुशियां मनाई।
यह त्यौहार वीरता, शौर्य एवं अपनी प्रदेश के लिए त्याग का त्योहार है वहीं मकर सक्रांति पर मनाए जाने वाला घुघुतिया त्यौहार मुख्य रूप से प्रकृति से प्रेम का त्योहार है। इस दिन हम पक्षियों के प्रति अपने प्रेम का इजहार करते हैं और उनके लिए भी पकवान बनाते हैं।
उनको भी पकवान खाने के लिए आमंत्रित करते हैं ऐसी लोकप्रिय संस्कृति उत्तराखंड के अलावा कहीं और देखने को भी नहीं मिलता हैं। फिर भी हम इसका प्रचार एवं संरक्षण करने में असफल हो रहे हैं। इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं। लिहाजा यूकेडी ने सरकार से मांग की हैं। कि वह इन दोनों त्योहारों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर इसके प्रचार एवं प्रसार के लिए कार्यक्रम आयोजित करे।
