देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज लोक भवन जाकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मंत्री जोशी ने राज्यपाल को राजभवन का नया नाम “लोक भवन” होने पर बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किया जाना जनता की भावना और स्थानीय संस्कृति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने राज्यपाल का भी इस निर्णय को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद प्रकट किया।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की अध्यक्ष साधना शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से कैंप कार्यालय में भेंट की थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस संबंध में एक पत्र मंत्री जोशी के माध्यम से भेजकर राजपथ की तर्ज पर ब्रिटिशकालीन ‘‘राजभवन’’ नाम को बदलने का आग्रह किया था।
देहरादून – यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को राहत नहीं मिली। सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि परीक्षा से ठीक पहले सुमन और आरोपी खालिद के बीच हुई बातचीत में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा की सुबह 7:55 बजे खालिद ने सुमन को संदेश भेजा था, जिसमें उसने कहा—
“मैडम, थोड़ा समय निकाल लीजिए, मेरी बहन का एग्जाम है, MCQ सॉल्व करा दीजिए।”
सुमन ने 8:02 बजे इसका “ओके” लिखकर जवाब दिया। सीबीआई के मुताबिक यह चैट पेपर लीक की साज़िश में सुमन की संलिप्तता को मजबूत संकेत देती है।
जांच के दायरे में आए बेरोजगार संघ के नेता बॉबी पंवार से भी सीबीआई पहले ही लगभग नौ घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। उनसे सुमन चौहान के साथ संपर्क, बातचीत और कथित पेपर उपलब्ध कराने से जुड़ी जानकारियों पर सवाल पूछे गए।
सीबीआई पहले ही 28 नवंबर को सुमन चौहान को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि इसी पेपर को बॉबी पंवार तक पहुंचाया गया था, जिसके बाद पंवार ने प्रेस कांफ्रेंस कर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा किया था।
एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
देहरादून- भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड, देहरादून के निर्देशानुसार जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल ने रायपुर ब्लॉक के आवासीय परिसर, तपोवन रोड स्थित EVM–VVPAT वेयरहाउस का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप त्रैमासिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी सभी EVM एवं VVPAT मशीनों के भौतिक सत्यापन, सुरक्षा प्रोटोकॉल, द्विस्तरीय लॉकिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा प्रबंधन तथा रख-रखाव की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या भौतिक त्रुटि पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयोजित निरीक्षण के समय राजनैतिक दलों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने निरीक्षण की पारदर्शिता एवं आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के पालन को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी / उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भी उपस्थित रहे।
देहरादून । बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के देहरादून आईएसबीटी के औचक निरीक्षण के बाद बस अड्डे की व्यवस्थाओं में काफी सुधार देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद आईएसबीटी बस अड्डें में सफाई व्यवस्था, यात्री सुविधा, टिकट काउंटर और बसों के रूट संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की बदली तस्वीर सामने आई है।
बस अड्डे पर कई व्यवस्थाएँ बेहतर हुई हैं और यात्रियों को सहुलियत मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में आईएसबीटी का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने बस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सफाई व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश दिए दिए। जिसके मद्देनजर बस स्टैंड परिसर में सफाई व्यवस्था बेहतर हुई।
वहीं, यात्री सूचना बोर्ड और अनाउंसमेंट सिस्टम को ठीक कराया गया है। पेयजल और शौचालय के बाहर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से सभी सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील कर दिए गए है।
बस अड्डे में तैनात सिक्योरिटी गार्ड नियमित रूप से प्लेटफार्म में चेकिंग करते नजर आ रहे हैं। बस स्टैंड के अंदर पार्किंग व्यवस्था को सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगी है।
आईएसबीटी में बसों और सफाई कर्मचारियों की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
आईएसबीटी को सुविधाजनक बनाने के एिल यहां पर बड़े-बड़े साइन बोर्ड, प्लेटफार्म में लगे पत्थरों का पुनर्निर्माण और परिसर में रोड निर्माण हेतु टेंडर जारी कर दिए हैं। आगामी दिनों में नये प्लेटफार्म की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी।
आईएसबीटी के स्थानीय दुकानदार सचिन रतूड़ी ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया है तब से यहां की सफाई व्यवस्था से लेकर यात्री सुविधाएं बेहतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को यहां स्वच्छ पेयजल से लेकर शौचालय में साफ सफाई की उचित व्यवस्था मिल रही है।
बस स्टेशन में आगरा से आए यात्री मोहित बघेल ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड का नाम धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। वैसे ही यहां की व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद नजर आ रही है। बस स्टेशन में भोजन, पेयजल, शौचालय एवं एटीएम की प्रॉपर सुविधा है।
आईएसबीटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर केशवानंद गुवाडी ने कहा कि मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद बस स्टेशन के अंदर परिसर की रोड का टेंडर हो चुका है। मुख्यमंत्री की स्वच्छ और शुभ यात्रा का संकल्प आईएसबीटी की बदलती तस्वीर में स्पष्ट झलक रहा है।
फरासू में लिफ्ट सिंचाई योजना का करेंगे शिलान्यास
बूंखाल-कालिंका मंदिर में आयोजित मेले में भी करेंगे प्रतिभाग
देहरादून- सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह फरासू में लिफ्ट सिंचाई योजना के कार्यों का शिलान्यास करेंगे, साथ ही स्वीत गांव में रेल लाईन परियोजना प्रभावितों को मुआवजा राशि के चैक वितरित करेंगे। डॉ. रावत प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले बूंखाल मेले में प्रतिभाग कर कालिंका मंदिर के भी दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वह विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क कर आम लोगों की समस्याओं को भी सुनेंगे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि वह 6 दिसम्बर से विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। अपने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान वह शनिवार को बूंखाल में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले मेले में प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान वह बूंखाल-कालिंका मंदिर का दर्शन कर क्षेत्रवासियों से भेंट करेंगे। इसके बाद डॉ. रावत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसम्पर्क कर आम लोगों की समस्याओं को सुनेंगे, दौरे के दौरान वह विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों व चिकित्सा इकाईयों का औचक निरीक्षण करेंगे। साथ ह ीवह क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करेंगे।
डॉ. रावत फरासू में लिफ्ट सिंचाई योजना के कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत वह फरासू व चमधार में भूस्खलन जोन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे कार्यों का जायजा लेंगे। हाल ही में डॉ. रावत के प्रयासों से दोनों भूस्खलन जोनों के ट्रीटमेंट के लिये 90 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई। इसके उपंरात डॉ. रावत स्वीत गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में रेल लाईन परियोजना के टनल निर्माण से प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवजा राशि के चैक वितरित करेंगे। इसके बाद डॉ. रावत उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में नवनिर्मित टाईप-5 आवासीय भवनों का लोकार्पण करेंगे।
देहरादून। भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (NHO) में इस वर्ष नौसेना दिवस 2025 विविध कार्यक्रमों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में मनाया गया। वर्ष 1954 में देहरादून में स्थापित यह कार्यालय भारतीय नौसेना का प्रमुख केंद्र है, जहाँ से इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट, पेपर चार्ट और समुद्री जहाजों के लिए आवश्यक सभी नौवहन प्रकाशनों का निर्माण होता है। वर्तमान में इसका नेतृत्व चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, एवीएसएम, मुख्य हाइड्रोग्राफर, भारत सरकार, कर रहे हैं। हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में नौसेना दिवस मनाती है। इस वर्ष का थीम— “Combat Ready, Cohesive, Atmanirbhar – Safeguarding Seas for a Viksit Samriddha Bharat”—नौसेना की तैयारी, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को रेखांकित करता है।
नौसेना दिवस 2025 की श्रृंखला में 2 दिसंबर को देहरादून के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने एनएचओ का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और हाइड्रोग्राफी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 3 दिसंबर को ‘संबंध’ कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में वेटरन्स ने मुख्य हाइड्रोग्राफर और स्टाफ से मुलाक़ात की। 4 दिसंबर को ‘स्मृति स्थल’ पर शहीदों के सम्मान में भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की गई।

राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजपुर रोड स्थित एनएचओ पहुँचकर नौसेना दिवस समारोह में भाग लिया। राज्यपाल ने भारतीय नौसैनिक हाइड्रोग्राफिक विभाग पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य आमजन को नौसेना की तकनीकी दक्षता और हाइड्रोग्राफी के महत्व से अवगत कराना है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त नौसैनिकों से मुलाक़ात कर उन्हें नौसेना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने वीर शहीदों और वेटरन्स को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस, समर्पण और बेजोड़ नेतृत्व ने भारत के समुद्री हितों और सुरक्षा को हमेशा मजबूत आधार दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपनी क्षमताओं को आधुनिक तकनीकों के साथ लगातार सुदृढ़ किया है। उन्होंने एआई, स्वायत्त प्रणालियों, उपग्रह दूरसंवेदन और अत्याधुनिक समुद्री सर्वेक्षण तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनएचओ द्वारा इन तकनीकों को अपनाने से भारतीय नौसेना समुद्री शक्ति के क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है।

राज्यपाल ने एनएचओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यालय भारतीय नौसेना का एक अहम अंग है, जो समुद्रों और जलमार्गों का सटीक मानचित्रण कर तटरक्षक बल, युद्धपोतों, पनडुब्बियों, बंदरगाह विकास तथा ब्लू इकॉनमी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराता है।
मुख्य समारोह में चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, ज्वाइंट चीफ हाइड्रोग्राफर रियर एडमिरल पीयूष पावसी सहित बड़ी संख्या में सेवारत और भूतपूर्व नौसेना अधिकारी उपस्थित रहे।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने शेर सिंह कार्की मेमोरियल खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
पिथौरागढ़। शुक्रवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने पिथौरागढ़ के मुवानी में शेर सिंह कार्की मेमोरियल खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में जनपद के सभी हिस्सों से ग्रामीण अंचल की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के दूर दराज के क्षेत्र में भी अब खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य यह है कि उत्तराखंड के हर गांव से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन निकलें, तभी उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने का हमारा सपना साकार हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने बहुत सारे ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा और हमारे युवा खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या कहा कि एथलेटिक्स में ज्यादातर चैंपियन ग्रामीण अंचल से ही निकलते हैं और यह प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
खेल मंत्री ने कहा कि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिली है और सरकार यह प्रयास करेगी की मेजबानी में देवभूमि उत्तराखंड की भी कुछ ना कुछ भागीदारी जरूर रहे। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, विद्यालय प्रबंधक रणजीत सिंह, सुरेश सुयाल, धीरज सिंह बिष्ट, पूर्ण चंद्र जोशी, मुकुल कांडपाल, उप जिलाधिकारी खुशबू, कुंदन सिंह पुजारा आदि उपस्थित रहे।
खेल मैदान का निरीक्षण किया
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने निर्माणाधीन खेल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कहा कि पूर्ण गुणवत्ता के साथ निश्चित समय अवधि में इस खेल मैदान को तैयार करें। यह काम इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखार कर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में यह खेल मैदान बड़ी भूमिका निभाएंगे।
नए विषयों से बढ़ेगा युवाओं का दायरा, मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवाएँ, पैरामेडिकल तथा Allied Health शिक्षा में आएगी एकरूपता, पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड गुणवत्ता–आधारित स्वास्थ्य शिक्षा और हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल बनकर उभरे- डॉ. आर. राजेश कुमार
देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक, पारदर्शी और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों और दूरदर्शी नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग अधिनियम–2021 (National Commission for Allied and Healthcare Professions Act – 2021) के तहत उत्तराखंड राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद के गठन की प्रक्रिया को तेजी देने हेतु सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।
बैठक की शुरुआत में स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और आपदा–संवेदनशील राज्य में आधुनिक, प्रशिक्षित और प्रमाणित allied health workforce का विकास अत्यंत आवश्यक है। परिषद के गठन से न केवल शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि देशभर में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभाएगा।
परिषद गठन पर विस्तृत चर्चा, चयन समिति के गठन का निर्णय
बैठक में परिषद के गठन, उसकी संरचना, भविष्य की आवश्यकताओं और कार्य प्रणालियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। यह तय किया गया कि परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए “तलाश–सह–चयन समिति” बनाई जाएगी, जो निर्धारित योग्यताओं और अनुभवों के आधार पर नामों का चयन करेगी। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिषद के सुचारू संचालन के लिए प्रारंभिक बजट, कार्यालय संरचना, तकनीकी सहायता और मानव संसाधन की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि परिषद अपने दायित्वों का निर्वहन शीघ्र आरंभ कर सके।
वर्तमान में राज्य में पैरामेडिकल शिक्षा उत्तराखंड पैरामेडिकल अधिनियम–2009 और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के माध्यम से संचालित होती है। यहाँ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 22 विषयों के पाठ्यक्रम चल रहे हैं। राष्ट्रीय अधिनियम लागू होने के बाद इन सभी पाठ्यक्रमों को और अधिक मानकीकृत, रोजगारोन्मुख, और कौशल आधारित बनाया जाएगा। नए अधिनियम में कुल 10 श्रेणियों में 56 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मान्यता दी गई है। इससे विद्यार्थियों को न सिर्फ व्यापक करियर अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग्यता को उच्च पहचान मिलेगी।
मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवाएँ
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि अधिनियम के तहत कई नए और महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे—
पोषण विज्ञान, स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन, क्लिनिकल साइकोलॉजी, डायलिसिस तकनीशियन, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन, आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन आदि।
इन विषयों के शामिल होने से राज्य के युवाओं को विस्तृत करियर विकल्प, निजी और सरकारी क्षेत्र में बेहतर प्लेसमेंट, तथा शोध और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में अवसर मिलेंगे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम उत्तराखंड को स्वास्थ्य शिक्षा और allied health services के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगा और भविष्य में राज्य एक “हेल्थ एजुकेशन हब” के रूप में स्थापित होगा।
उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सुदृढ़, सुगठित और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन हमारे लिए परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। इससे पैरामेडिकल तथा allied health शिक्षा में एकरूपता आएगी, पाठ्यक्रमों का मानकीकरण होगा और पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी बनेगी। नए अधिनियम के तहत कई उभरते विषय और विशेषज्ञताएँ शामिल होंगी, जिससे युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड गुणवत्ता–आधारित स्वास्थ्य शिक्षा और हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल राज्य बनकर उभरे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार
न्यायालय ने विवादित प्रश्न हटाकर संशोधित परिणाम व नई मेरिट सूची जारी करने का दिया आदेश
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा–2025 की प्रस्तावित मुख्य परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी है। छह और नौ दिसंबर को होने वाली यह परीक्षा, प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए गलत प्रश्नों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद स्थगित की गई है। अदालत ने लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि वह विवादित प्रश्न को हटाकर संशोधित परिणाम और नई मेरिट सूची जारी करे।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न गलत पाया गया है, इसलिए इसे प्रीलिम्स से हटाकर परिणाम दोबारा जारी किया जाए। न्यायालय ने आयोग को यह भी निर्देश दिया कि वर्ष 2022 के रेगुलेशन के अनुसार नई मेरिट सूची तैयार की जाए।
याचिका कुलदीप कुमार सहित अनेक अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नों की शुद्धता पर सवाल उठाए थे। यह परीक्षा डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, वित्त अधिकारी, सहायक आयुक्त राज्य कर सहित 120 से अधिक पदों के लिए आयोजित की गई थी। आठ अक्टूबर को जारी परिणाम में लगभग 1200 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न गलत तरीके से तैयार किया गया था, जिससे परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ। इसी बिंदु पर लोक सेवा आयोग ने भी न्यायालय में स्वीकार किया कि एक प्रश्न त्रुटिपूर्ण था और उसे हटाया जाना चाहिए। कोर्ट ने इस आधार पर मुख्य परीक्षा पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब संशोधित प्रीलिम्स परिणाम और मेरिट सूची जारी होने के बाद आगे की परीक्षा प्रक्रिया तय की जाएगी।
विवादित प्रश्नों पर हाईकोर्ट का निर्देश
याचिकाकर्ताओं ने कुल चार प्रश्नों को गलत बताया था। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रश्न संख्या 70 को सीधे हटाया जाए, जबकि अन्य तीन प्रश्नों की जांच एक विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) द्वारा की जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक विवादित प्रश्नों की जांच पूरी नहीं होती और मेरिट सूची शुद्ध तरीके से दोबारा तय नहीं की जाती, तब तक मुख्य परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं होगा।
चंपावत के शेरा घाट में हुई जीप दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोग घायल
चंपावत। गंगोलीहाट क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बारातियों से भरी जीप के खाई में गिरने से एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा शेरा घाट के पास लगभग ढाई बजे हुआ, जब पाटी चंपावत से लौट रही बाराती जीप अचानक अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत–बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों में चार को लोहाघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक की गंभीर हालत देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
