स्वच्छंद घूमने वाली गायों के लिए बनेगा आश्रय स्थल
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया शिलान्यास
अल्मोड़ा/दौलाघट। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाघट में प्रदेश के पहले कान्हावन का शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री एवं सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रही।
उन्होंने कहा कि यह कान्हावन योजना क्षेत्र की स्वच्छंद घूमने वाली गौमाताओं को आवास, पोषण तथा सुरक्षा प्रदान करेगी। इसके साथ-साथ बायोगैस संयंत्र और गोमूत्र व गोबर से बनने वाले उत्पादों के जरिये स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जो पशु आमतौर पर फसलों के लिए हानिकारक माने जाते थे, वे गौमाताएं भविष्य में रोजगार का नया माध्यम बनेंगी।
रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश की पहली कान्हावन योजना का शुभारंभ उनके विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर से होना गौरव की बात है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग हिमानी, ग्राम प्रधान रमणा सोनी पांडे, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, एनडी जोशी, ललित तिवारी, भुवन चंद्र पांडे, नवीन चंद्र, हरीश रौतेला, गणेश पांडे, विजय बिष्ट, महेंद्र लाल, मुकुल पांडे, ख्याली पांडे, संतोष जोशी, मुकेश जोशी, हरीश उपाध्याय, महेश डांगी, भरत भूषण उपस्थित रहे।
दिव्यांग भाई और विधवा मां की जिम्मेदारी निभा रही प्रियंका के जीवन में लौटी उम्मीद की किरण
देहरादून। आर्थिक संकट से जूझ रही चन्द्रबनी निवासी होनहार इंजीनियर प्रियंका कुकरेती को जिला प्रशासन की पहल पर एक प्रतिष्ठित निजी शैक्षिक संस्थान में लैब ऑफिसर के रूप में नियुक्ति मिली है। पिता के वर्ष 2021 में देहांत और दिव्यांग भाई की जिम्मेदारी के कारण परिवार की परिस्थितियाँ अत्यंत कमजोर हो गई थीं।
बीते अक्टूबर में प्रियंका अपनी माता के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल से मिली थीं तथा आर्थिक स्थिति और रोजगार की आवश्यकता से अवगत कराया था। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल राहत देते हुए रायफल फंड से ₹25,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की थी और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रियंका को निजी शैक्षणिक संस्थान में लैब ऑफिसर के पद पर नियुक्त करवाया। साथ ही, प्रियंका की आगे की उच्च शिक्षा में बाधा न आए, इसके लिए डीएम ने उन्हीं के संस्थान में अगले सत्र में एम.टेक. कार्यक्रम में प्रवेश सुनिश्चित कराने का भी वचन दिया है।
नौकरी मिलने के बाद प्रियंका अपनी माता के साथ जिलाधिकारी को धन्यवाद देने कलेक्ट्रेट पहुँचीं। प्रियंका ने कहा कि प्रशासनिक सहयोग ने उनके जीवन में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रतिभाशाली बेटियों की शिक्षा और रोजगार किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दिए जाएंगे। जिला प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
सोमेश्वर में रन फॉर यूनिटी में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
सोमेश्वर। लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रविवार को सोमेश्वर में ‘रन फॉर यूनिटी’ पैदल यात्रा का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या अपने निजी आवास से शहीद स्मारक तक आयोजित इस यात्रा में सम्मिलित हुई।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक धागे में पिरोने का महान कार्य किया था।
उन्होंने कहा कि हम राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
रन फॉर यूनिटी में भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, मंडल अध्यक्ष सोमेश्वर सुंदर सिंह राणा, मंडल अध्यक्ष ताकुला जगदीश डंगवाल, मंडल अध्यक्ष स्याहीदेवी गणेश जलाल, मंडल अध्यक्ष मजखाली दीपक बोरा, मंडल अध्यक्ष कंडारकुआं हरीश परिहार, मोहन दोसाद, देवेंद्र नयाल, अंजलि जोशी, महेश्वर सिंह, संजीव श्रीवास्तव, खड़क सिंह नेगी, जयंत सिंह कैड़ा, प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी पीतांबर प्रसाद सहित कई स्कूलों के बच्चे, शिक्षक और समाजसेवी मौजूद रहे।

पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष
ताकुला ब्लॉक के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेर सिंह बिष्ट ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने अपने साथियों समेत कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के समक्ष भाजपा की सदस्यता ली। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बचीकुची कांग्रेस पार्टी जल्द ही नेता विहीनता की स्थिति की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकारों की नीतियों के चलते जनता का जो रुझान है, उसे देखते हुए अब हर कोई भाजपा के साथ आना चाहता है। इस अवसर पर पिंकी आर्या, दीवान राम, ग्राम प्रधान लोद हिमांशु मैनाली, उप प्रधान लोद हेमंत रमोला, ग्राम प्रधान लद्यूडा पंकज पांडे, गांव लोक से सामाजिक कार्यकर्ता मनोज रमोला, ग्राम प्रधान उत्तरौडा घुड़दौड़ा मोहन राम, पूर्व आईबी निदेशक राजेंद्र पांडे, ग्राम प्रधान बंगसर जगदीश तिवारी, ग्राम प्रधान पड़ौलिया मनोज कुमार, गांव गुरा से राकेश जोशी, ग्राम प्रधान डौनी बिशन राम, गांव बचुराडी से कुंवर सिंह रावत ने भी भाजपा की सदस्य ग्रहण की।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अजमेर स्थित अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम, तीर्थराज पुष्कर के द्वितीय तल का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी, स्थानीय नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सर्वप्रथम वे तीर्थराज पुष्कर की पवित्र भूमि पर विराजमान सृष्टि के आदि रचयिता, वेदों के प्रणेता भगवान ब्रह्माजी को साष्टांग प्रणाम करते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर की इस तपोमय भूमि पर उपस्थित होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य एवं प्रसन्नता का विषय है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक ग्रंथों में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, गया और प्रयाग को पंचतीर्थ के रूप में वर्णित किया गया है। इनमें भी ब्रह्माजी की यज्ञस्थली पुष्कर को समस्त तीर्थों का गुरु कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की अनश्वर ज्योति है जो मानवता को सदैव धर्म, तप, त्याग और सद्गुणों के पथ पर चलने की प्रेरणा देती रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा का पुण्य तभी पूर्ण माना जाता है जब तीर्थराज पुष्कर के पावन सरोवर में स्नान किया जाए। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए बताया कि संभवतः इसी आध्यात्मिक महिमा और आभा से प्रेरित होकर उनके माता-पिता ने उनका नाम ‘पुष्कर’ रखा।
मुख्यमंत्री धामी ने आयोजन समिति और प्रवासी उत्तराखंडियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे राजस्थान में नहीं बल्कि देवभूमि के अपने परिजनों के बीच होने का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह धर्मशाला आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बनने के साथ-साथ उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति विश्व पटल पर नई पहचान बना रही है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ-बद्रीनाथ धामों के पुनर्निर्माण जैसे कार्यों ने भारतीय आध्यात्मिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी पीएम मोदी के मार्गदर्शन में केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट, हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांस्कृतिक स्वरूप व सामाजिक सौहार्द की रक्षा हेतु कठोर कदम
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत की आस्था और संस्कृति का केंद्र है। इस पवित्र भूमि के मूल स्वरूप की रक्षा हेतु राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं | जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून लागू किया गया। लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दंगारोधी कानून लागू कर दंगाइयों से ही क्षति की भरपाई की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हरा–नीला–पीला कपड़ा लगाकर सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को मुक्त कराया गया। देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई, जिससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित हुई। प्रदेश में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया और सभी विद्यालयों में सरकारी बोर्ड मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया। 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया। “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत धार्मिक स्थलों पर भेष बदलकर पाखंड फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य देवभूमि में अलगाववादी सोच नहीं बल्कि ज्ञान और संस्कार के मंदिर स्थापित करना है।
प्रवासी उत्तराखंडियों से आग्रह
मुख्यमंत्री ने उपस्थित उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे जहाँ भी रहें, अपने राज्य की संस्कृति, पहचान और पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा को सदैव गर्व के साथ आगे बढ़ाएं।उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाएं। ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और इसमें प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी निष्ठा एवं परिश्रम के साथ योगदान देगा।”
आश्रम निर्माण में सहयोग हेतु आभार
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि आश्रम के निर्माण हेतु उत्तराखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि प्रदान की गई थी, जिसके लिए मुख्यमंत्री धामी का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में ओंकार सिंह लखावत, अध्यक्ष – राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण एवं वरिष्ठ भाजपा नेता, सुरेश सिंह रावत, विधायक एवं मंत्री – राजस्थान सरकार, लोकबंधु, जिलाधिकारी – अजमेर,
एस. एस. तड़ागी, अध्यक्ष – अखिल भारतीय उत्तराखंड आश्रम, राजेंद्र व्यास व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे |
अल्मोड़ा- जिले के सल्ट क्षेत्र में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभरा के परिसर में बड़ी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूल परिसर की झाड़ियों से 161 जिलेटिन जैसी विस्फोटक रॉड बरामद होने के बाद पुलिस व सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गईं और मामले को गंभीरता से जांचने में जुट गई हैं। घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या ये सामग्री किसी वैध निर्माण कार्य के लिए लाई गई थी या फिर इसे किसी असामान्य उद्देश्य से यहाँ रखा गया था।
हाल ही में जिले के विभिन्न हिस्सों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहे हैं, जिनमें नियंत्रित विस्फोटक सामग्री का उपयोग आम है। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन का जंगलनुमा क्षेत्र में बिना सुरक्षा प्रबंध के मिलना अधिकारियों के संदेह को और गहरा कर रहा है। नियमों के अनुसार विस्फोटक सामग्री को लाइसेंस, परमिट और सुरक्षित भंडारण स्थल में ही रखा जा सकता है।
एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने बताया कि जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह विस्फोटक सामग्री आसपास के किसी निर्माण परियोजना से जुड़ी थी या किसी संवेदनशील गतिविधि के लिए इकट्ठी की गई थी।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड, थाना पुलिस, एलआईयू तथा आईआरबी टीमों की मदद से पूरे क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाया। स्थानीय निवासियों से पूछताछ की गई और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की गई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से बचने की भी सलाह दी।
घटना का खुलासा तब हुआ जब स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य सुभाष सिंह ने झाड़ियों में संदिग्ध पैकेट देखे और तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र को घेरकर तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से कुल 161 बेलनाकार पैकेट बरामद किए गए। उधमसिंह नगर और नैनीताल की बम डिस्पोज़ल टीमें तथा डॉग स्क्वाड (मौली और रैम्बो) ने आइटम की पहचान और खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बम निरोधक दस्ते ने सभी पैकेटों को सुरक्षित तरीके से एकत्र किया और सील पैक कर सुरक्षित स्थान पर रखा। टीम ने पुष्टि की कि ये जिलेटिन रॉड प्रकार की विस्फोटक सामग्री है, जिसे सुरक्षा कारणों से नियमानुसार नष्ट किया जाएगा। पूरे अभियान की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(क) एवं 288 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी संवेदनशील सामग्री स्कूल परिसर तक पहुँची कैसे और इसे वहाँ किसने छिपाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तेजी से प्रगति हो रही है और जल्द पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमेश्वर विधानसभा के ताकुला मंडल अंतर्गत झिझाड़, किरडा और नाईढौल गांवों में आयोजित जन मिलन कार्यक्रमों में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए कई घोषणाएं कीं।
झिझाड़ गांव में उन्होंने शिल्पकार बस्ती में पेयजल योजना के लिए विधायक निधि से तीन लाख रुपये तथा मां भगवती मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए दो लाख रुपये देने की घोषणा की। ग्रामीणों द्वारा मुख्य मार्ग से गांव तक लिंक रोड न होने की समस्या उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि यदि गांव के लोग निजी भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं तो सड़क स्वीकृति के लिए शासन स्तर पर गंभीरता से प्रयास किया जाएगा।
किरडा गांव में रेखा आर्या ने दोनों हरज्यू मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही कार्यक्रम में आई एक विधवा महिला की मदद के लिए उसकी विधवा पेंशन शुरू कराने और समाज कल्याण विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश दिए।
नाईढौल गांव में आयोजित जन मिलन कार्यक्रम में मंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर हरज्यू मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु विधायक निधि से दो लाख रुपये स्वीकृत किए। गांव में बनाए गए खेल मैदान में सुविधाओं के अभाव पर उन्होंने कहा कि भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद खेल विभाग उसे उच्चस्तरीय सुविधाओं से युक्त मैदान के रूप में विकसित करेगा।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आम जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रमों में मंडल अध्यक्ष जगदीश डंगवाल, मंडल महामंत्री भूधर सिंह भाकुनी, वीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राहुल कुमार, जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप नगरकोटी, ग्राम प्रधान झिझाड़ मदन सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान किरडा बालम सिंह, पूर्व प्रधान बहादुर सिंह बिष्ट, जयपाल सिंह, निर्मल नयाल, आशीष ठाकुर, आनंद भोज, पूरन सिंह बिष्ट, संजय आर्य, गिरीश, रमेश आर्य, तारा नगरकोटी, जगदीश गुसाई, भरत सिंह, नंदन सिंह नयाल, प्रकाश राम, रघुवर सिंह और देवेंद्र भंडारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कर्मचारी हमारे परिवार के सदस्य, सरकार एवं संगठन उनके हितों के लिए प्रतिबद्ध : भट्ट
मुलाकात में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने सीएम से शीघ्र वार्ता का दिया भरोसा
देहरादून । उपनल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट से मुलाकात की है। जिसमें भट्ट ने विश्वास दिलाया कि सरकार और पार्टी कर्मचारी हितों को लेकर पूर्णतया कटिबद्ध है, लिहाजा शीघ्र ही सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा।
उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई यह मुलाकात यमुना कॉलोनी स्थित प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर हुई है। इस दौरान उपनल प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और उसके समाधान के बिंदुओं की विस्तार से भट्ट के साथ चर्चा की। प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके मुद्दों को लेकर वार्ता करने का भरोसा दिया। साथ उन्होंने सुझाव देते हुए कहा, सभी मुद्दों का समाधान संवाद से ही संभव है, इसलिए सरकार और उपनल संविदा कर्मचारी संघ दोनों को वार्ता की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़नी चाहिए। सभी हमारे ही परिवार के सदस्य हैं, लिहाजा पार्टी उनके हितों को लेकर पूरी तरह सजग है। उनकी मांगों और सुझावों को संगठन की तरफ से सरकार के समक्ष रखा जाएगा। पार्टी कर्मियों के हितों को प्राथमिकता देने वाले सकारत्मक समाधान हेतु हर संभव प्रयास करेगी। अभी तक की बातचीत और मुख्यमंत्री की गंभीरता बताती है कि बहुत शीघ्र आप सबकी समस्या का पूर्णतया समाधान हो जायेगा।
बायोमेट्रिक केवाईसी के अभाव में राशन वितरण न रोकने के निर्देश
ई केवाईसी के 30 नवंबर तक है समय सीमा
देहरादून। अंगूठे के निशान स्कैन ना होने या फिर आंखों का रेटिना स्कैन ना होने के कारण अगर आपकी ई केवाईसी अभी तक नहीं हो पाई है तब भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है । आपका राशन मिलता रहेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर विभाग ने शनिवार को इससे संबंधित आदेश सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को दिया है।
प्रदेश के सभी जनपदों में राशन कार्ड धारकों की ई केवाईसी करने का काम चल रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 30 नवंबर को अंतिम तारीख घोषित किया है, लेकिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अभी बड़ी संख्या में ई केवाईसी नहीं हो पाई है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जन मिलन के कार्यक्रमों में उन्हें कई बार इसकी शिकायत मिली कि अंगूठा स्कैन ना होने के कारण या रेटिना स्कैन ना होने के कारण या फिर घर के मुखिया के रोजगार के चलते बाहर होने के कारण उनकी ई केवाईसी अभी तक नहीं हो पाई है। कुछ अत्यंत बुजुर्ग और असाध्याय रोगों से पीड़ित लोगों की भी केवाईसी नहीं हो पाई है। ऐसे राशन कार्ड धारकों को यह चिंता थी कि नवंबर के बाद उन्हें राशन मिल पाएगा या नहीं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को इन कारणों के चलते ई केवाईसी न हो पाने पर राशन वितरण व्यवस्था में शिथिलता बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद खाद्य आयुक्त की ओर से सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामलों में राशन वितरण नहीं रोका जाएगा। ऐसे परिवारों की ई केवाईसी करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
इसके साथ ही राशन विक्रेताओं के बकाया लाभांश का भुगतान 3 दिन के भीतर करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह ने स्वास्थ्य निगरानी मंच का उद्घाटन किया
रुड़की। अमेरिका स्थित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी स्टार्टअप आरोग्यटेक ने अपने प्रमुख स्वास्थ्य निगरानी मंच-जिसमें प्राण सहायता उपकरण और सहयोगी सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग प्राण कम्पेनियन और प्राण गाइड शामिल हैं-को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की को दान करने की घोषणा की है। यह पहल डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और छात्रों की भागीदारी को सशक्त बनाने का प्रयास करती है।
यह दान हर्षा एच और हासू पी शाह फैमिली फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। प्रसिद्ध परोपकारी और उद्यमी हसू पी. शाह, हर्षा हॉस्पिटैलिटी ग्रुप के संस्थापक, जो प्रौद्योगिकी-संचालित सामाजिक प्रभाव के लिए एक मजबूत अधिवक्ता रहे हैं। शाह ने कहा, “हालांकि मेरा करियर आतिथ्य उद्योग में रहा है, लेकिन प्रौद्योगिकी, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के लिए मेरे जुनून ने हमेशा मेरी यात्रा का मार्गदर्शन किया है। “आरोग्यटेक डॉक्टरों और इंजीनियरों की एक युवा और प्रतिभाशाली टीम को एक साथ लाता है जो दुनिया की कुछ सबसे अधिक दबाव वाली स्वास्थ्य चुनौतियों को हल करने के लिए उत्साहपूर्वक काम कर रहे हैं। मुझे उनके दृष्टिकोण में निवेश करने और उनके मिशन का समर्थन करने पर गर्व है।
आरोग्यटेक के सह-संस्थापक और मुख्य उत्पाद और प्रौद्योगिकी अधिकारी, अजय विक्रम सिंह, जो 1999 की कक्षा में आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र थे, ने अपने अल्मा मेटर को वापस देने की पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, “आईआईटी रुड़की ने एक इंजीनियर और नवप्रवर्तक के रूप में मेरी नींव को आकार दिया। यह योगदान स्वास्थ्य सेवा नवोन्मेषकों की अगली पीढ़ी को पोषित करने की दिशा में एक छोटा कदम है जो वास्तविक दुनिया की चिकित्सा जरूरतों के साथ उन्नत तकनीक को पूरा कर सकते हैं।
प्राण प्लेटफॉर्म हर घर में उन्नत कल्याण और नैदानिक क्षमताओं को लाने के लिए आरोग्यटेक के मिशन का प्रतीक है। यह एक निर्बाध डिजिटल और हार्डवेयर पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से बुद्धिमान निगरानी, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और दूरस्थ नैदानिक सहयोग को एकीकृत करता है। एक व्यापक स्वास्थ्य और कल्याण मंच के रूप में परिकल्पित, इस प्रणाली को रक्त शर्करा जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों की गैर-आक्रामक निगरानी को सक्षम करने, कैंसर की शीघ्र जांच की सुविधा प्रदान करने और सामुदायिक स्तर के जीनोमिक परीक्षण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के के पंत ने कहा, “आईआईटी रुड़की, आरोग्यटेक, एवी सिंह और हर्षा एच और हासू पी शाह फैमिली फाउंडेशन के इस योगदान को बहुत महत्व देता है। इस तरह के सहयोग स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी और डेटा-संचालित चिकित्सा जैसे उभरते अंतःविषय क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने के हमारे मिशन को बढ़ाते हैं।
आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह ने स्वास्थ्य निगरानी मंच का उद्घाटन किया और कहा, “यह एक उल्लेखनीय योगदान है जो वास्तव में हमारे संस्थान के कद को बढ़ाता है। इस तरह की पहल आईआईटी रुड़की को आगे बढ़ने और नवाचार और उत्कृष्टता में अग्रणी के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने में मदद करती है।
“हम संस्थान के मिशन को आगे बढ़ाने में अपने पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों की निरंतर भागीदारी की गहराई से सराहना करते हैं। इस तरह के योगदान एक बेहतर, स्वस्थ भविष्य को आकार देने में आईआईटीआर समुदाय की शक्ति को उजागर करते हैं, “प्रो. आर. डी. गर्ग, डीन ऑफ रिसोर्सेज एंड एलुमनी अफेयर्स, आईआईटीआर ने कहा।
इस तरह की पहल हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक मूल्यवान अतिरिक्त होगी, जो उन्नत नैदानिक और निगरानी क्षमताओं को सक्षम बनाएगी। यह नैदानिक अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोग और प्रौद्योगिकी एकीकरण के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में भी काम करेगा “, प्रो. अंकिक कुमार गिरि, अध्यक्ष, अस्पताल सलाहकार समिति, आईआईटीआर ने सराहना की।
यह दान एक साझा दृष्टिकोण को रेखांकित करता है-जहां शिक्षाविदों, प्रौद्योगिकी और परोपकार का तालमेल दुनिया भर के समुदायों के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवा नवाचार में तेजी ला सकता है।
प्रशासन को गति, पारदर्शिता और जन-केंद्रित कार्यशैली अपनाने पर मुख्यमंत्री का जोर
“यह नौकरी नहीं, समाज सेवा का संकल्प है”— IAS अधिकारियों को सीएम धामी का संदेश
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ एवं युवा IAS अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसी औपचारिक संबोधन का अवसर नहीं है, बल्कि उनकी प्रशासन के लिए संवेदनशील और आत्मीय भावनाओं को साझा करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में अनेक चुनौतियों का सामना किया है और इन उपलब्धियों के पीछे राज्य के प्रशासनिक तंत्र की कड़ी मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शिता का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि—
“आप सभी ने कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील प्रशासन का परिचय दिया है। इसके लिए मैं आप सभी को हृदय से साधुवाद देता हूँ।”
ये समय रुकने का नहीं, आगे बढ़ने का है—मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय अधिक गति, अधिक दृढ़ता और अधिक संकल्प के साथ काम करने का है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्द—
“ये दशक उत्तराखंड का दशक है”
का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प को साकार करना उत्तराखंड के प्रशासन का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्ष उत्तराखंड के लिए निर्णायक होंगे और हमें राज्य को ऐसे मोड़ पर लेकर जाना है, जहाँ हर नागरिक यह महसूस करे कि राज्य निर्णायक और सकारात्मक परिवर्तन से गुजर रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि—प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। हर योजना और निर्णय लक्ष्य-आधारित और जन-केंद्रित होना चाहिए। व्यवस्था ऐसी बने कि फाइलों का निस्तारण समयबद्ध हो। योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर तुरंत दिखाई दे |हर प्रक्रिया में जवाबदेही स्पष्ट हो।
ये केवल नौकरी नहीं, समाज सेवा का दायित्व है”—मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी मूल भावना का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने यह सेवा धन, पद या सुरक्षा के लिए नहीं चुनी होगी, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के लिए कुछ करने की भावना से चुनी होगी।
उन्होंने कहा कि: “आपके निर्णय सीधे लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं। इसलिए संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और तथ्यपरक सोच अत्यंत आवश्यक है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को आहत करती हैं। लालफीताशाही, शिकायत न सुने जाने और फाइलों में अनावश्यक देरी जैसी बातें व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में सूर्यप्रताप सिंह, टी. एन. शेषन, नृपेंद्र मिश्र जैसे अनेक अधिकारी ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी ईमानदारी, संकल्प और जनसेवा के माध्यम से समाज में स्थायी छाप छोड़ी।
मुख्यमंत्री ने कहा—“पद की प्रतिष्ठा आपके कार्यकाल तक है, लेकिन आपके कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का पवित्र अवसर समझें।
उदासीनता की कोई जगह नहीं”—मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के ‘नए भारत’ में उदासीन कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाती। उन्होंने निर्देश दिए कि—कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।निर्णय तेजी और सूझबूझ से लिए जाएं। सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता से पहुँचे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मासिक समीक्षा, निरंतर मॉनिटरिंग, और साइट निरीक्षण को सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IAS अधिकारी अपनी निष्ठा, मेहनत और संकल्प के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने वर्तमान में चल रहे प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के अनुभव साझा किए।
