प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है- बंशीधर तिवारी
सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षेत्र होगा और सुंदर, बनेगा फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग की होगी व्यवस्था- मोहन सिंह बर्निया
देहरादून। आढत बाजार तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी प्रगति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों और जनहित को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने एक अहम कदम उठाया। आढत बाजार क्षेत्र के दाहिनी ओर स्थित दो परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के पक्ष में कराई गई। साथ ही, इन परिसम्पत्तियों के प्रभावितों को लगभग कुल 5 करोड़ का मुआवजा चैक के माध्यम से प्राधिकरण द्वारा रजिस्ट्री के समय कर दिया गया। भुगतान प्रभावितों को मौके पर ही चेक के माध्यम से किया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह एमडीडीए की कोशिश है कि आढ़त बाजार शिफ्टिंग, सड़क चौड़ीकरण जैसे सार्वजनिक कार्यों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी को समय पर उचित मुआवजा मिले। सड़क चौड़ीकरण के पहले चरण में लगभग 80 प्रभावित परिसम्पत्तियाँ की रजिस्ट्री में आने वाले व्यय 25 हजार रुपये प्रति रजिस्ट्री की दर से लगभग 20 लाख रुपये की राशि प्राधिकरण द्वारा लोक निर्माण विभाग को हस्तांरिंत कर दी गई है। आढत बाजार-तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर के लिए बहुत अहम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बाजार क्षेत्र का सौंदर्य भी बढ़ेगा। प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि यह सड़क चौड़ीकरण देहरादून के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव को कम करेगा। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग, और सौंदर्यीकरण की भी योजना है। यह परियोजना देहरादून को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि नागरिकों के लिए शहर को और भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण ने प्रभावित संपत्तियों के प्रतिकरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाया गया है, ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके। उन्होंने आगे बताया कि अगले चरण में शेष प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। एमडीडीए लगातार ऐसे विकास कार्य कर रहा है जो शहर की सूरत निखारने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में मददगार हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासनिक पहल पर जताया भरोसा, समस्याओं के समाधान से प्रसन्नता व्यक्त की
सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम में जनसमस्याओं की सुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकासखण्ड जयहरीखाल के काण्डाखाल गांव में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। सोमवार को सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत काण्डा मल्ला की सड़क समस्या पर लोनिवि लैंसडाउन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को सतपुली–काण्डाखाल–सिसल्डी ग्राम पंचायत मोटर मार्ग का संयुक्त रूप से सर्वेक्षण करने के निर्देश दिये। इसी दौरान काण्डा तल्ला की भूमा देवी ने अपने जीर्ण-शीर्ण आवासीय भवन की समस्या बतायी, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को तत्काल निरीक्षण कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्रस्तावित सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गांव की महिलाओं से उनकी आजीविका को लेकर चर्चा की, जिसमें विभिन्न विकल्पों पर संवाद के दौरान महिलाओं ने सिलाई प्रशिक्षण में रुचि दिखाई। इस पर की जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को मनरेगा योजनाओं में प्रस्तावित करने हेतु ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने जनता की अन्य समस्याओं को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र काण्डाखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि आरोग्य मंदिर में जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार संभव हो सके।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक परामर्श प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है, अतः शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने हेतु व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी प्रसव असुरक्षित परिस्थितियों में न हो। जिलाधिकारी ने एएनएम को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं से संवाद बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
मौके पर जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, खण्ड विकास अधिकारी जयहरीखाल रवि सैनी, ग्राम प्रधान संजू देवी, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड @25 “रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड @25 “रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाले अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो (logo) का अनावरण एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थ्रोन आफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने नौ नवंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम में आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन रेस का विशेष उल्लेख किया था। इसके बाद अब चमोली की नीति घाटी में दूसरी अल्ट्रा मैराथन रेस आयोजित होगी।
सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैण्ट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को भी पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने राज्यभर के एस्ट्रो टूर गाइड एवं टूर मैनेजर को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने काला नाग चोटी का सफल आरोहण करने वाले पर्यटन विभाग की ओर से चयनित पर्वतारोहियों और आईटीबीपी के 13 सदस्यीय दल को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी लोगों की कड़ी मेहनत से प्रदेशभर में रजत जयंती पर्व के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा 25 वर्ष पूर्व राज्य निर्माण के बाद इस नवोदित राज्य ने तेजी से उन्नति की है। यह तरक्की आंदोलनकारियों की तपस्या का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल औऱ कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा जहाँ कभी सड़कें बनना मुश्किल था, आज उस स्थान पर ऑल-वेदर रोड का निर्माण किया जा रहा है। जहाँ कभी संचार एक सपना हुआ करता था, वहाँ अब डिजिटल उत्तराखंड आकार ले रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा गांव घरों में स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के काम प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन विभाग की अनेक योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना से हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्राप्त हुई है। पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 8 हजार से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षित प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा टूर गाइड, नैचुरलिस्ट, टूर मैनेजर, स्ट्रीट फूड वेंडर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नई पर्यटन नीति बनने के बाद राज्य में 207 से अधिक निवेशकों की ₹ 5,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जादूंग, दारमा घाटी, पंचाचुली बेस कैम्प में भी गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड, तीर्थाटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी केंद्र बन रहा है। चमोली से टिहरी झील तक, मसूरी से मुनस्यारी तक, प्रत्येक घाटी में रोमांच का नया संसार बस रहा है। पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसे रोमांचक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर खोले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड की शक्ति इसकी आध्यात्मिक शक्ति है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि धार्मिक स्थान उत्तराखंड के साथ भारत की आस्था और ऊर्जा के भी केंद्र भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में हो रही निरंतर प्रगति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2023 और 2024 में जखोल, हर्षिल, सुपी और गुंजी जैसे गाँवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया। वर्ष 2024-25 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म द्वारा, स्किल डेवलपमेंट इन रिस्पांसिबल टूरिज्म श्रेणी में उत्तराखंड को विशेष सम्मान प्राप्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उत्तराखंड को आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा हर उत्तराखंडी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान देगा तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य अवश्य बनेगा।
जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होमस्टे में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अल्मोड़ा जिले से हरेंद्र सिंह बिष्ट, बागेश्वर से मोहन चंद्र कांडपाल , चमोली से श्रीमती सरिता देवी, देहरादून से श्रीमती नीलम चौहान, हरिद्वार से श्रीमती सुनीता सिंह, चंपावत से नीरज जोशी , रुद्रप्रयाग से कैलाश पुष्पवाण, पौड़ी से त्रिभुवन उनियाल, पिथौरागढ़ से मथुरा दत्त कालोनी, नैनीताल से उमंग वासुदेव, टिहरी से जितेंद्र सिंह, उत्तरकाशी से अखिल पंत , उधम सिंह नगर से दीपक चतुर्वेदी हैं।
इस अवसर विधायक खजान दास श्रीमती सविता कपूर, बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
गैरसैंण। मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों को किया सम्मानित किया। उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और खेल, शिक्षा, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।
आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, फायर सर्विस और एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी बैंड की धुन पर आकर्षक रैतिक परेड का प्रदर्शन किया, जिसका निरीक्षण मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले सभी अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर राज्य का गौरव बढ़ाया है और 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड के मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी ने उत्तराखण्ड को नया राज्य देने के साथ विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। सारकोट गांव को गोद लेकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों व योजनाओं का नियोजन किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। विकास दर में वृद्धि, कृषकों की आय में बढ़ोतरी और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड देश में प्रथम स्थान पर है और राज्य को ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड’ भी प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू कर भू-माफियाओं पर अंकुश लगाया गया है तथा नकल विरोधी कानून से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में उत्तराखण्ड अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार करने और चौखुटिया, ज्योतिर्मठ एवं घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, भरत सिंह चौधरी, प्रमोद नैनवाल, सुरेश गड़िया, प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री रामचंद्र गौड़, हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, ब्लॉक प्रमुख दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट प्रियंका नेगी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
लच्छीवाला टोल प्लाजा व आशा रोडी बैरियर 13 घंटे तक रहे निशुल्क
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्थाएं कीं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भारी संख्या में वाहनों के आगमन को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी देहरादून ने लच्छीवाला टोल प्लाजा और आशा रोडी बैरियर को 9 नवंबर को प्रातः 5 बजे से सायं 6 बजे तक निशुल्क रखने के आदेश दिए थे। इस अवधि में किसी भी निजी, वाणिज्यिक या अन्य वाहन से टोल टैक्स नहीं वसूला गया।
जिलाधिकारी के इस निर्णय के परिणामस्वरूप राजधानी देहरादून पूरे दिन जाम मुक्त रही। सीमावर्ती और पर्वतीय जनपदों से बड़ी संख्या में बसों व निजी वाहनों के आगमन के बावजूद शहर में यातायात सुचारू बना रहा।
डीएम द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण दोनों सुनिश्चित रहे। शाम छह बजे के बाद टोल प्लाजा पर सामान्य रूप से टोल वसूली दोबारा शुरू कर दी गई।
हर जिले में बनेगी वर्चुअल लैब, कॉलेजों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
देहरादून। उत्तराखंड सरकार अब उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम को समय के अनुरूप अपडेट करने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने रजत जयंती के मौके पर ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समेत कई नए विषय छात्रों की पढ़ाई में शामिल होंगे। अधिकारियों का कहना है कि आज स्वास्थ्य, शिक्षा, शोध और डिजिटल सेक्टर में एआई तेजी से उपयोग हो रहा है, इसलिए युवा पीढ़ी को इसकी बेसिक नॉलेज दिलाना बेहद जरूरी है।
संयुक्त निदेशक आनंद सिंह उनियाल ने बताया कि कॉलेज स्तर पर छात्रों को एआई की मूल जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणाली के तहत दर्शन, विज्ञान, गणित, कला, साहित्य और आयुर्वेद जैसे पारंपरिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाएगा, ताकि छात्रों को आधुनिकता के साथ नैतिक और समग्र शिक्षा मिले। आयुर्वेद को शामिल करने का उद्देश्य छात्रों को खान-पान, प्राथमिक देखभाल और जीवनशैली के वैज्ञानिक पहलुओं से भी जोड़ना है।
हर जिले में वर्चुअल लैब
विभाग का फोकस सिर्फ विषय जोड़ने तक सीमित नहीं है। प्रत्येक जिले के एक महाविद्यालय में वर्चुअल लैब स्थापित करने की तैयारी चल रही है, ताकि शैक्षणिक एवं अकादमिक माहौल को उत्कृष्ट बनाया जा सके।
25 साल की उपलब्धियां — 25 साल का नया विज़न
राज्य गठन से लेकर अब तक की उपलब्धियों के साथ-साथ अगले 25 साल का विज़न डॉक्यूमेंट भी विभाग ने तैयार किया है। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए विषयों को शामिल करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।
“समय की मांग के अनुरूप विषयों को शामिल किया जाएगा।”
— डॉ. रंजीत सिन्हा, उच्च शिक्षा सचिव
राज्य स्थापना रजत जयंती पर पीएम मोदी का बड़ा उपहार
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज देहरादून आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड डाक परिमंडल द्वारा राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों एवं सांस्कृतिक प्रतीकों पर आधारित विशेष डाक टिकट श्रृंखला का विमोचन किया। इस विशेष डाक टिकट श्रृंखला के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की गई है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत राज्य के 28,000 से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹62 करोड़ से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जारी की। इस पहल से राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल क्षति से सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ पर आधारित एक विशेष प्रतीक चिन्ह भेंट किया
लोक संस्कृति और जनसहभागिता से गूंज उठा उत्सव, रजत जयंती समारोह बना यादगार
पौड़ी। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर जिला मुख्यालय पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पौड़ी में आयोजित मुख्य समारोह की शुरुआत स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया तथा मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत समेत पूर्व सैनिकों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा एजेंसी चौक स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर की गयी। सभी ने राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए उनके योगदान और बलिदान को याद किया।
इसके उपरांत अतिथियों ने प्रेक्षागृह पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। तत्पश्चात शहीद राज्य आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पमाला अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
समारोह में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। राज्य स्थापना की रजत जयंती पर उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को भी सुना और उनके संदेश से प्रेरणा ली।
मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन हजारों आंदोलनकारियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की परिणति है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के पीछे साधारण जनता की असाधारण भावना थी। एक ऐसा सपना, जिसमें पहाड़ का हर व्यक्ति शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान का जीवन चाहता था। विधायक ने कहा कि आज जब राज्य अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि विकास की रोशनी प्रत्येक गांव और घर तक पहुंचे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ें, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें और विकसित उत्तराखंड – सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में भागीदार बनें।
जिलाधिकारी ने राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग, संघर्ष और बलिदान ही उत्तराखंड के वर्तमान और भविष्य की नींव है। उन्हीं के साहस और समर्पण से हमें यह गौरवशाली राज्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जनपद में हमारे बीच अनेक उदाहरण ऐसे हैं, जो आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। हाल ही में बेड़ू फल को जीआई टैग मिलना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलना न केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाता है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी ऊर्जा भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक व सामाजिक प्रगति के साथ साथ भावनात्मक प्रगति भी आवश्यक है। इसलिए, विकास के साथ-साथ हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ा रहना होगा। तभी यह विकास वास्तव में सार्थक कहलाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत से अतिथियों का अभिनंदन किया। हिल्स इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों की सुंदर जागर प्रस्तुति तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों व नृत्यों से पूरा प्रांगण उत्सवमय वातावरण में सराबोर हो गया। आंदोलनकारियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नागरिकों और विद्यार्थियों की संयुक्त सहभागिता ने कार्यक्रम को एक जीवंत पर्व का रूप दे दिया। हर ओर उल्लास और उत्साह का माहौल दिखायी दिया, जिसने राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह को अविस्मरणीय बना दिया।
इस अवसर पर विकासखण्ड पौड़ी के ग्राम गहड़ के जय निरंकार स्वायत्त सहकारिता समूह व विकासखण्ड कोट के मंजोली तल्ला के मां भगवती ऑर्गेनिक फार्म स्वययत सहकारिता को कृषि विभाग के फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत 4-4 लाख के चैक वितरित किये गये। जबकि 10 कृषकों को कृषि यंत्र व मिनी बीज किट वितरित की गयी। इसके अलावा कृषि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 कृषकों को शॉल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं बाल विकास विभाग की ओर से 5 बालिकाओं को किशोरी किट व 5 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की गयी। समाज कल्याण विभाग के 11 लाभार्थियों को दिव्यांग उपकरण वितरित किये गये। इस अवसर पर उद्योग विभाग के 26 लाभार्थियों को भी ऋण स्वीकृति पत्र एवं चैक वितरित किये गये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, जसपाल नेगी सहित अन्य राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं भारी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
पीएम मोदी ने प्रदेश को आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का दिया उपहार
देहरादून। देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एफआरआई मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने प्रदेश को आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उपहार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हर स्थिति में उत्तराखंड के साथ खड़ी है और आने वाले 25 वर्ष उत्तराखंड के लिए निर्णायक होने वाले हैं। पीएम ने कहा — “इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।”
पीएम मोदी ने अपने भाषण में पहाड़ से अपने आध्यात्मिक लगाव को याद किया, शहीदों को नमन किया और हालिया आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन का उदाहरण देते हुए कहा कि पहाड़ में adventure tourism की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने राज्य के पारंपरिक उत्पादों और जड़ी-बूटी आधारित अर्थव्यवस्था पर भी विशेष फोकस रखा।
यूसीसी लागू करने पर जताई तारीफ
प्रधानमंत्री ने धामी सरकार की नीतिगत पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का साहस दिखाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने धर्मांतरण रोकने, दंगा नियंत्रण और अवैध कब्जों व डेमोग्राफी बदलाव पर भी कठोर कानून बनाकर बड़ा फैसला लिया है।
आपदा के समय की व्यवस्थाओं और त्वरित फैसलों के लिए भी पीएम मोदी ने राज्य सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा — “उत्तराखंड पूरी मजबूती से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। संस्कृति और पहचान को बचाकर आगे ले जा रहा है।”
स्थानीय बोली में भाषण — जनता से सीधा कनेक्ट
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का पहाड़ी अंदाज विशेष आकर्षण का केंद्र बना। पीएम ने भाषण में कई बार गढ़वाली-कुमाऊनी वाक्य बोले और लोक पर्व हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का उल्लेख किया। लोगों ने भी पीएम के पहाड़ी अंदाज पर विशेष उत्साह दिखाया।
₹8000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ लगभग 8000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा, खेल, तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, शहरी विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी योजनाएं शामिल हैं — जिनका सीधा लाभ जनता को मिलेगा।
भारत दर्शन यात्रा के लिए भी मिलेगा प्रोत्साहन ऋण
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 और उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती के अवसर पर संस्कृति विभाग ऑडिटोरियम, दीपनगर में उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के तत्वावधान में भव्य सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट एवं राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCTC) की सचिव डॉ. मीनू शुक्ला पाठक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद पूरे देश में सहकारिता की नई क्रांति आई है, और उत्तराखंड ने इसमें विशेष भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि मिलेट्स मिशन योजना के तहत किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा समितियों के माध्यम से ₹4800 प्रति क्विंटल की दर से मुंडवा की सीधी खरीद किसानों को बड़ा आर्थिक सहारा दे रही है।
महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से ₹21,000, ₹51,000 और ₹1,10,000 तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाएगा, जिससे महिलाएं रोजगार एवं आय सृजन से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने हेतु सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत दर्शन यात्रा के लिए ₹1 लाख, ₹2 लाख और महिला समूहों को ₹3 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाएगा।
अब स्कूली बच्चों को पढ़ाया जाएगा सहकारिता आंदोलन का पाठ
डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को कक्षा 6 से सहकारिता आंदोलन का पाठ अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। इस संबंध में निबंधक को एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर पर तैयार यह प्रस्ताव भारत सरकार को भी भेजा जाएगा ताकि केंद्रीय विद्यालयों में भी इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सके।
सूक्ष्म ऋण योजना छोटे व्यवसायियों को 5% ब्याज पर ऋण
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से अब ठेली-रेहड़ी व्यवसायियों को मात्र 5% ब्याज दर पर 3 से 5 दिन के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
जब आम व्यक्ति की आय बढ़ेगी, तभी प्रदेश और देश आत्मनिर्भर बन सकेगा,” डॉ. धन सिंह रावत ने कहा।
माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती बनी सफलता का मॉडल
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में सहकारिता मेले सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जिनमें 70,000 से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी रही। पौड़ी जनपद में बंजर भूमि पर फूलों की खेती “वेस्ट से बेस्ट” का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। आगामी दिनों में उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, उधमसिंह नगर और चंपावत में भी सहकारिता मेले आयोजित किए जाएंगे।
निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की प्रगति का आधार है। किसान यदि संपन्न होगा तो देश संपन्न होगा। हमें अभी सहकारिता समितियों (PACS) की नींव को और मजबूत करना होगा। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय ऋण वितरण योजना और मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना को माइलस्टोन बताते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
डॉ. मीनू शुक्ला पाठक ने कहा ‘सहकारिता आंदोलन है जनभागीदारी का आंदोलन’
राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद की सचिव डॉ. मीनू शुक्ला पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता आंदोलन तभी सफल होगा जब इसमें महिला शक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने अपने उत्तराखंड दौरे में ग्राउंड जीरो पर समितियों के कार्यों की सराहना की और कहा कि राज्य में सहकारिता का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।
सम्मेलन के द्वितीय सत्र में उत्तराखंड रेशम फेडरेशन, राज्य सहकारी संघ, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन, मत्स्य एवं डेयरी फेडरेशन द्वारा अपने-अपने कार्यों और योजनाओं पर प्रस्तुतियाँ दी गईं।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के प्रबंध निदेशक मंगला त्रिपाठी द्वारा किया गया। उनके द्वारा सहकारिता विभाग के 25 वर्षों की यात्रा पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से अब तक के सभी सहकारिता मंत्री, सचिव और निबंधकों के विकास कार्यों को याद किया गया।
वरिष्ठ सहकार बंधुओं को सम्मान
सम्मेलन में उमेश त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह पनियाला, मातवर सिंह रावत, महावीर प्रसाद कुकरेती एवं मरणोपरांत हयात सिंह म्हारा को “सहकारिता सम्मान” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन जन-जन तक पहुंच रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर किसान, हर महिला समूह सहकारिता से जुड़े, ताकि “सहकारिता से समृद्धि” का सपना साकार हो सके।
सहकारिता सम्मेलन में प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के वर्तमान अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा, पूर्व अध्यक्ष रेशम फेडरेशन चौधरी अजीत सिंह, प्रदीप चौधरी, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के उपाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, मनोज सामंत, गोपाल बोरा, सार्थक त्रिपाठी, सत्येंद्र सिंह बिष्ट, अमित शाह, नरेंद्र सिंह रावत, सुभाष रमोला, सहकारिता विभाग के अधिकारी अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती,आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक प्रदीप मेहरोत्रा, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, सहायक निबंधक (मुख्यालय) राजेश चौहान सहित अन्य सभी जनपदों से उपस्थित जिला सहायक निबंधक, सचिव, महाप्रबंधक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं सहकारिता से जुड़े गणमान्य उपस्थित रहे।
