पर्यटकों की शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त
नैनीताल। पर्यटकों को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी होटलों में कमरों की रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही होटल प्रबंधन को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी टैरिफ की पूरी जानकारी देनी होगी। यह निर्णय पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से लिया है।
प्रशासन के अनुसार, नैनीताल जिले के 50 प्रतिशत से अधिक होटलों में न तो रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से लगाई गई है और न ही वेबसाइट पर कमरों की सही दरें उपलब्ध हैं। इससे होटल संचालक सुबह और शाम के समय मनमाने ढंग से किराए बदल देते हैं, जिसको लेकर पर्यटकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने होटल प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर जिलाधिकारी विवेक राय और जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि सभी होटलों को अपने परिसर और वेबसाइट पर कमरों की दरें स्पष्ट रूप से अंकित करनी होंगी। निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित होटल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्रिसमस और नववर्ष के जश्न को लेकर तैयारियां तेज
उधर, क्रिसमस और नववर्ष के जश्न को लेकर नैनीताल पूरी तरह सजने-संवरने लगा है। होटल एसोसिएशन की ओर से मॉल रोड पर इस बार विशेष मनोरंजन प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं, जहां पर्यटक फोटो और वीडियोग्राफी के साथ जश्न का आनंद ले सकेंगे। हर साल की तरह इस बार भी मॉल रोड को आकर्षक बिजली की मालाओं से सजाया जाएगा।
देश के विभिन्न राज्यों से हजारों पर्यटक क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर नैनीताल पहुंचते हैं। इसे देखते हुए होटल एसोसिएशन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मॉल रोड पर म्यूजिक सिस्टम, फायर कैंप और मनोरंजन केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटक एक ही स्थान पर उत्सव का आनंद उठा सकें। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बताया कि इसके लिए मॉल रोड पर उपयुक्त स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है।
युवा पीढ़ी को स्किल्ड बनाने की जरूरत – सुबोध उनियाल
सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’
पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी- रवि बिजारनिया
देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग- सुबोध उनियाल
समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।
सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’
अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सेतु और सारथी की भूमिका निभाएं, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक संवाद, सही जानकारी और जिम्मेदार जनसंचार की बड़ी भूमिका है। यदि योजनाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचेगी, तभी उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।
इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इंडियन ऑयल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही बायो फ्यूल, अफोर्डेबल और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है।
वहीं, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन किया गया।
महिलाएं खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी करें सुरक्षित, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिया संदेश
सरकारी योजनाओं से आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर, बच्चों के संस्कार पर भी हुई चर्चा
देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के मुख्यालय नन्दा की चौकी देहरादून में पिथौरागढ़ जनपद के जनजातीय क्षेत्रों से आई जनजाति समूह की महिलाओं व पुरुषों का शैक्षिक एवं जागरूकता भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने आयोग के कार्यों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा और समझा।
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ अपने आसपास के पुरुषों को समाज की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब महिलाएं एक-दूसरे का साथ दें और गलत के खिलाफ आवाज उठाएं। अध्यक्ष ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में बच्चों को अच्छे संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी संवेदनशील, जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बन सके।
इस अवसर पर अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने महिलाओं को केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा कई विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें पशु सखी योजना, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं, तथा जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कौशल विकास व स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ें, साथ ही पुरूषों को कहा कि इन कार्यों में महिलाओं का सहयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर आयोग के विधि अधिकारी दयाराम सिंह ने महिलाओं को महिला आयोग के कार्य, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा कानून के माध्यम से मिलने वाली सहायता की जानकारी दी। वहीं आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने महिलाओं को उनके संवैधानिक, कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें जागरूक व सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि ये महिलाएं अर्पण संस्था के माध्यम से आयोग तक पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान अर्पण संस्था की प्रतिनिधि रेनू ठाकुर भी उपस्थित रहीं। आयोग की ओर से महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।
पीआरएसआई अधिवेशन में एमडीडीए के स्टाल ने खींचा देशभर के प्रतिनिधियों का ध्यान
देहरादून। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का स्टाल देशभर से आए जनसंपर्क और संचार विशेषज्ञों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। देहरादून में अपना घर बनाने का सपना हर व्यक्ति देखता है और इसी सपने को साकार करने की दिशा में एमडीडीए योजनाबद्ध और दूरदर्शी तरीके से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के कुशल नेतृत्व में प्राधिकरण न केवल देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर बनाने में जुटा है, बल्कि आम आदमी को किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल आवास उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार प्रयासरत है। पीआरएसआई अधिवेशन में एमडीडीए द्वारा प्रस्तुत की गई आवासीय और पर्यावरणीय योजनाओं ने प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
आवासीय योजनाओं को मिल रही गति
शहर की बढ़ती आबादी और बदलती शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने आवासीय परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। हाल ही में नए आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए लैंड बैंक तैयार करने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में किफायती आवासों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। आईएसबीटी और आमवाला तरला जैसी सफल आवासीय योजनाओं के बाद अब धौलास आवासीय परियोजना पर विशेष फोकस किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट नगर और सहस्रधारा रोड क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के लिए आवासीय योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण के साथ सौंदर्यीकरण
एमडीडीए शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। सहस्रधारा रोड पर लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया सिटी फॉरेस्ट पार्क अब दून की नई पहचान बनता जा रहा है। यहां वॉकवे, फूलों की क्यारियां, ट्री हाउस और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं लोगों को प्रकृति से जोड़ रही हैं। मसूरी में ईको पार्क और मॉल रोड के सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही शहर में 69 पार्कों के विकास और हरियाली बढ़ाने की योजनाएं निरंतर जारी हैं।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ, हरा-भरा और रहने योग्य शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए आवास, पर्यावरण और आधारभूत ढांचे पर एक साथ काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि आम आदमी को किफायती दरों पर बेहतर आवास मिले और शहर का विकास प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर हो। आने वाले वर्षों में एमडीडीए की योजनाएं न केवल आवासीय समस्या का समाधान करेंगी, बल्कि देहरादून को पर्यटन और निवेश के लिहाज से भी और अधिक आकर्षक बनाएंगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की सभी योजनाएं सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही हैं। पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता हमारी कार्यप्रणाली का आधार है। लैंड बैंक तैयार करने से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा सकेंगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के प्रयासों से देहरादून को एक बेहतर और संतुलित शहरी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पौड़ी। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के प्रयासों से चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत पीएमजीएसवाई के तहत पाबौ, एकेश्वर, बीरोंखाल और पोखड़ा विकासखंड में 2025-26 के लिए 179625.95 लाख के लागत कुल 11 मोटर मार्ग स्वीकृत किये जाने पर क्षेत्र की जनता ने
प्रसन्नता व्यक्त करते महाराज का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में लगातार सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत स्टेज-4 के तहत 2025-26 के लिए विकासखंड पाबौ के तहत 11 किमी झंगरबो-सिंवाल-पाली गांव मोटर मार्ग के लिए 2037.84 लाख, विकासखण्ड एकेश्वर में 6 किमी लम्बाई की 936.34 लाख की लागत की पिलखेरा-सगोडा मोटर मार्ग, 5.375 किमी लम्बाई की 829.66 लाख की रिठाखाल-कुलासू मोटर मार्ग, 04 किमी लम्बाई की 629.33 लाख की भंडारीगांव-मौन्दाड़ी-परयान मोटर मार्ग, विकासखण्ड बीरोंखाल के अन्तर्गत 609.65 की लागत की 3.91 किमी मैठाणाघाट-खिटौटिया मोटर मार्ग, 735.00 लाख की धनराशि की 4.70 किमी रसियामहादेव-नागणी मोटर मार्ग, 433.47 लाख की 2.63 किमी. खलधार-ठंगा और 883.49 लाख की धनराशि की 5.26 किमी घनियाखाला-बडियाना मोटर मार्ग के साथ-साथ विकासखण्ड पोखड़ा के अन्तर्गत 618. 52 लाख की 3.825 किमी धर्मपुर-डबरा मोटर मार्ग, 1708.54 लाख की 10.550 किमी बडोलीगांव-बडेथ-शल्ड-कटीगांव मोटर और 1058.65 लाख की लागत की 6.900 किमी कमलपुर-नौला-खेड़गांव मोटर मार्गो सहित कुल 179625.95 लाख की लागत की 11 मोटर मार्गो की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बड़ी संख्या में मोटर मार्गो की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र की जनता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है।
महाराज ने कहा कि जल्दी ही इन सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
एकल महिला स्वरोजगार योजना का पैसा जनवरी में होगा जारी
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर पदों पर प्रमोशन के लिए विज्ञप्ति अगले सप्ताह
देहरादून। नए वित्तीय वर्ष से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रिटायरमेंट पर न्यूनतम ₹100000 की सहायता राशि मिलेगी। इस निर्णय पर सहमति बनने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को इसके निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री की सचिवालय स्थित एचआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक में कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रिटायरमेंट के समय अभी 35 से 40 हजार रुपए मिलते है। इसे बढ़ाने के लिए विभाग काफी समय से प्रयासरत था। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के भी ₹300 प्रतिमाह योगदान की आवश्यकता थी, इसलिए उनकी सहमति लेना भी आवश्यक था। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठनों की सहमति मिलने के बाद उन्होंने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। अगले साल 1 अप्रैल से जो भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री रिटायर होगी उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक छह जनपदों के कुल 504 प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है । अन्य जनपदों के आवेदनों पर अभी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत 504 आवेदकों को धनराशि जारी करने के लिए जनवरी प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस साल नंदा गौरा योजना के लिए आए आवेदनों की भी बैठक में समीक्षा की गई। इस वर्ष इस योजना के तहत अभी तक 45000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जो कि अब तक की सर्वाधिक संख्या है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आवेदन की तारीख 20 दिसंबर तक है इसलिए अभी आवेदन की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने बैठक में 15 जनवरी के आसपास पात्र अभ्यर्थियों को पैसा जारी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
इसके अलावा बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन के विषय पर भी चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस श्रेणी के तहत रिक्त 88 पदों पर प्रमोशन के लिए विज्ञप्ति एक सप्ताह के भीतर जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश के दूरस्थ के इलाकों की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक संबल देने के लिए एक योजना अगले साल लॉन्च की जानी है। इसके लिए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया। इस योजना के लिए अभी 8 करोड रुपए का फंड उपलब्ध है।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव, महिला सशक्तिकरण निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, नीतू फुलेरा आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन की कामना की
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल-हरिद्वार में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दुग्धाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य ढंग से आयोजित करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं साधु-संतो से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला का आयोजन प्रदेश के लिए बहुत बड़ा सुअवसर है। देश व दुनिया में कुंभ मेला एवं कुंभ नगरी हरिद्वार का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य सरकार कुंभ मेला के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए ठोस कार्य कर रही है। कुंभ मेला क्षेत्र को विस्तार देने तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। ताकि देश-दुनिया से आने वोल लोग यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौट सकें। मुख्यमंत्री ने साधु-संतो से प्रदेश सरकार को मिल रहे आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी कुंभ मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु सांधु-संतों और स्थानीय लोगों से निरंतर समर्थन व सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।
इस अवसर पर पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने संस्कृति के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, दिगंबर अखाड़े के वैष्णो दास, निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत मुरलीदास, निर्मल अखाड़े के कोठारी जसविंदर सिंह, बड़ा उदासीन अखाड़े के राघवेंद्र दास, नया अखाड़े से जगतार मुनि, अटल अखाड़े के सत्य गिरी, मनोज गिरी सहित अनेक साधु-संत मौजूद रहे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।
इस दौरान विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी सुनील सैनी, ओमप्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
एक छत, कई सेवाएंः शिविर में बनेंगे आयुष्मान से श्रमिक कार्ड तक
शिविर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि वितरण व नेत्र परीक्षण, चश्में भी मिलेंगे
आय, जाति, चरित्र, निवास प्रमाण पत्र व पेंशन मामलों का होगा त्वरित निस्तारण
देहरादून। जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बुधवार, 17 दिसंबर, 2025 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड चकराता स्थित ग्राम क्वासी इंटर कॉलेज प्रांगण में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।
बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।
ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।
लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।
कठिन मौसम और बर्फीली चुनौती के बीच कविता चंद की ऐतिहासिक फतह
देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के धारा नौला क्षेत्र की बेटी कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। कविता ने माउंट विंसन के शिखर पर पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में मुंबई में निवास कर रहीं कविता की इस सफलता को लेकर उत्तराखंड में खासा उत्साह और गर्व का माहौल है।
माउंट विंसन फतह करना कविता चंद के प्रतिष्ठित ‘सेवन समिट्स’ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसके तहत दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई का लक्ष्य रखा जाता है। इससे पहले कविता यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं।
कठिन परिस्थितियों में हासिल की सफलता
अंटार्कटिका की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में शामिल माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंड, तेज हवाएं, एकांत और अनिश्चित मौसम पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती होते हैं। कविता का यह अभियान 3 दिसंबर को भारत से प्रस्थान के साथ शुरू हुआ। वह 4 दिसंबर को चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर होते हुए विंसन बेस कैंप तक पहुंचीं। लगभग 2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप तक का अंतिम सफर स्की-सुसज्जित विमान से तय किया गया।
अनुभवी टीम का मिला साथ
इस अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड गाइड मिंग्मा डेविड शेरपा ने किया। भारतीय दल को पर्वतारोही भरत थम्मिनेनी और उनकी एक्सपेडिशन कंपनी ‘बूट्स एंड क्रैम्पन’ का सहयोग प्राप्त रहा। नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने बेहतर योजना, अनुकूलन प्रक्रिया और मजबूत तालमेल के साथ अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में शिखर तक सफल चढ़ाई की।
उपलब्धि पर जताई खुशी
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कविता चंद ने कहा कि माउंट विंसन के शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराना उनके लिए अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पेशेवर जीवन और फिटनेस के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा देती है।
फिटनेस और साहस की मिसाल
पर्वतारोहण के साथ-साथ कविता चंद एंड्योरेंस रनिंग में भी पहचान बना चुकी हैं। वह एक समर्पित मैराथन धावक हैं और दिल्ली व मुंबई हाइरॉक्स 2025 प्रतियोगिताओं में अपनी आयु वर्ग में विजेता रह चुकी हैं। इसके अलावा वह एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की छह में से तीन मैराथन पूरी कर चुकी हैं।
पूर्व में मीडिया क्षेत्र से जुड़ी रहीं कविता ने 2024 में कॉरपोरेट करियर छोड़कर पूरी तरह फिटनेस को अपनाया। मां बनने के बाद गंभीर फिटनेस और पर्वतारोहण की राह चुनने वाली कविता आज देशभर के युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं।
उनके इस सफर में पति दीपक चंद ठाकुर, जो एनपीएसटी के सीईओ और सह-संस्थापक हैं, का सहयोग भी अहम रहा है।
अंटार्कटिका की बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराकर कविता चंद ने न केवल अपने ‘सेवन समिट्स’ लक्ष्य को मजबूती दी है, बल्कि उत्तराखंड की पर्वतीय पहचान को भी वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।
वाहन सवार पांचों लोग सुरक्षित, प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल भेजे गए
टिहरी गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल के ब्यासी क्षेत्र में देर रात एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। गुल्लर के समीप एक थार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 70 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी पांच लोगों को सुरक्षित खाई से बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू के बाद घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद एम्बुलेंस की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
