सहकारिता मेले के शुभारंभ के साथ बोले सीएम — ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को साकार कर रहा है उत्तराखंड
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पिथौरागढ़ में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ₹85 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनता के आत्मीय स्वागत ने उन्हें अभिभूत किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो किसानों, कारीगरों, महिला समूहों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अब ये समितियां जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जैसे लोकहितकारी कार्य भी संचालित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से हर हाथ को काम और हर घर को सम्मान दिलाने का है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री अजय टम्टा तथा विधायक बिशन सिंह चुफाल भी उपस्थित रहे।
बाहरी वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स से बढ़ेगा खर्च, पर्यटन कारोबारियों ने जताई नाराजगी
नैनीताल। पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखंड सरकार दिसंबर से ग्रीन टैक्स प्रणाली लागू करने जा रही है। इसका सीधा असर नैनीताल घूमने आने वाले पर्यटकों की जेब पर पड़ेगा। नए नियमों के तहत बाहरी राज्यों से आने वाले चारपहिया वाहनों को अब प्रवेश पर 80 रुपये का ग्रीन टैक्स देना होगा। जबकि दोपहिया वाहनों को फिलहाल छूट दी गई है।
वर्तमान में नैनीताल में प्रवेश के लिए 300 रुपये टोल टैक्स और 500 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाता है। ग्रीन टैक्स लागू होने के बाद यह कुल खर्च बढ़कर 880 रुपये प्रतिदिन हो जाएगा। यानी, नैनीताल में खुली हवा में सांस लेना अब पहले से ज्यादा महंगा साबित होगा।
नगर पालिका ईओ रोहिताश शर्मा ने बताया कि, “सरकार की ओर से जो भी ग्रीन टैक्स की गाइडलाइन जारी होगी, उसका पालन किया जाएगा। छोटे वाहनों के लिए फिलहाल 80 रुपये शुल्क तय किया गया है।”
कारोबारियों ने जताई चिंता
स्थानीय होटल एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले से ही टोल और पार्किंग शुल्क के कारण पर्यटक महंगाई महसूस कर रहे हैं। अब नया टैक्स उनकी जेब पर अतिरिक्त भार डाल सकता है।
पर्यटन कारोबारी राजकुमार गुप्ता का कहना है, “ऑफ सीजन में जहां होटल के कमरे 800 रुपये में मिलते हैं, वहीं वाहनों का शुल्क अब कमरे के किराये से ज्यादा हो जाएगा। इससे पर्यटक संख्या प्रभावित हो सकती है।”
वहीं, पंगोट होटल एंड कैंप एसोसिएशन के अध्यक्ष त्रिभुवन फर्त्याल ने कहा, “एक ओर सरकार ‘वन नेशन-वन टैक्स’ की बात करती है, दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के नाम पर नया टैक्स लगा रही है। इससे पर्यटन कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।”
सड़क पर भटकते बच्चों को मिली नई राह, जिला प्रशासन का “इंटेंसिव केयर सेंटर” बदल रहा ज़िंदगी का रास्ता
योग, संगीत और खेल के ज़रिये बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिलाधिकारी सविन बंसल कर रहे हैं मॉनिटरिंग
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और जिला प्रशासन की पहल पर राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरा है। इस सेंटर के माध्यम से सड़क और भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
“शिक्षा से जीवन उत्थान” के विजन पर कार्य कर रहा यह सेंटर बच्चों को केवल पढ़ाई से ही नहीं, बल्कि संगीत, योग, और खेल जैसी गतिविधियों के ज़रिये भी शिक्षा के प्रति प्रेरित कर रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यहाँ चाइल्ड फ्रेंडली संरचना और विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं इस परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और नियमित रूप से केंद्र की गतिविधियों का निरीक्षण कर रहे हैं। उनका कहना है कि — “हर बच्चा शिक्षा का अधिकार रखता है, और यह सेंटर उसी दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।”
अब तक जिला प्रशासन की टीम द्वारा दो चरणों में कुल 82 बच्चों को रेस्क्यू कर विभिन्न विद्यालयों में दाखिला दिलाया जा चुका है।
पहले चरण में 51 बच्चों को शहर के विभिन्न स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया।
दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला मिला।
इसी क्रम में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जो इन बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा का केंद्र बनेगा।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के बीच कुल 136 बाल संरक्षण मामलों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जबकि 138 बच्चों को मुक्त कराया गया। इनमें 70 बच्चे भिक्षावृत्ति और 14 बच्चे बालश्रम में लिप्त पाए गए थे। अन्य राज्यों के 6 बच्चों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है।
यह पहल न केवल शिक्षा की रोशनी फैला रही है, बल्कि समाज के सबसे नाजुक वर्ग को एक सम्मानजनक भविष्य देने की दिशा में भी एक स्वर्णिम कदम सिद्ध हो रही है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गिरा पारा, दिवाली के बाद मांग में एक करोड़ यूनिट की बढ़ोतरी
देहरादून। प्रदेश में ठंड का असर अब बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गिरते तापमान के बीच बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। मंगलवार को प्रदेशभर में बिजली की कुल मांग लगभग चार करोड़ यूनिट तक पहुंच गई, जो दिवाली के समय के मुकाबले करीब एक करोड़ यूनिट अधिक है।
दिवाली के दौरान जब मौसम में हल्की ठंडक थी, तब राज्य में बिजली की मांग लगभग तीन करोड़ यूनिट के आसपास बनी हुई थी। अब लगातार गिरते तापमान के चलते हीटर, गीजर और अन्य उपकरणों के उपयोग में वृद्धि देखी जा रही है।
बिजली निगम (यूपीसीएल) के अनुसार, राज्य को इस समय यूजेवीएनएल से लगभग 1.1 करोड़ यूनिट और केंद्रीय पूल से 1.4 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति हो रही है। शेष करीब 1.5 करोड़ यूनिट बिजली का इंतजाम बाजार से खरीदी के माध्यम से किया जा रहा है ताकि मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहे।
हालांकि बढ़ती खपत के बावजूद यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि राज्य में कहीं भी घोषित या अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के सीजन में मांग में और इजाफा होने की संभावना है, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था की जा चुकी है ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
ऋषिकेश से नई टिहरी तक परिवहन सेवाएं ठप, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
ऋषिकेश। परिवहन महासंघ के आह्वान पर आज पूरे गढ़वाल मंडल में चक्का जाम किया गया। चक्का जाम के लिए देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों की यूनियनों का भी समर्थन मिला। ट्रांसपोर्टरों ने ऋषिकेश में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों का संचालन रोका।
व्यावसायिक वाहनों पर दो साल के टैक्स की छूट देने सहित कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे वाहन चालकों ने आज चक्का जाम किया है। सभी जीप और टैक्सियों का संचालन ठप है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्णभूमी टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मदन मोहन नवानी ने बताया की उन्होंने हड़ताल को सभी चालकों पर छोड़ा है। वहीं जय माँ जिलासू चंडीका टेक्सी यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कंडारी ने कहा की हड़ताल को उनका पूरा समर्थन है।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश स्थित आरटीओ कार्यालय में बनाए गए फिटनेस सेंटर को शीघ्र शुरू किया जाए। चारधाम यात्रा धीमी रहने से चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, इसलिए व्यावसायिक वाहनों पर दो साल के टैक्स की छूट दी जाए और हर साल टैक्स में पाँच प्रतिशत वृद्धि के नियम को समाप्त किया जाए।
नई टिहरी में हड़ताल का व्यापक असर
नई टिहरी में जीप टैक्सी, बसों और ट्रक यूनियन की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से जीप टैक्सी बसों और ट्रैकों का संचालन नहीं हो रहा है। बस अड्डा और जीप टैक्सी पॉइंट पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यदि कोई डग्गामार वाहन चल रहा है तो उसे जीप टैक्सी यूनियन से जुड़े लोग रोक दे रहे हैं। अभी लोग घरों से कम संख्या में ही निकले हुए हैं।
बैठक में लिया गया निर्णय
परिवहन महासंघ के बैनर तले टिहरी गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन (टीजीएमओ) कार्यालय में ट्रक, डंपर, विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा, ई-ऑटो, बस यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेेंद्र नेगी ने कहा कि सोमवार को देहरादून में आयोजित बैठक में परिवहन सचिव की ओर से मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था।
ट्रांसपोर्टर गजेंद्र नेगी ने कहा कि पिछले साल ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया गया था। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 21 दिन के अंदर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
भूपाल सिंह नेगी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने जिन मांगों को प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजे थे उन मांगों में किसी भी मांग को नहीं माना गया। इसलिए पूरे गढ़वाल मंडल में एक दिन का चक्का जाम आवश्यक है। गढ़वाल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा और बिजेंद्र कंडारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रांसपोर्टरों की अनदेखी कर रही है। सभी यूनियनों की ओर से सहमति के बाद संयोजक संजय शास्त्री ने बुधवार 29 अक्तूबर को एक दिवसीय चक्का जाम की घोषणा की। प्यारेलाल जुगरान, सुनील कुमार, हेमंत डंग, कृष्णा बडोनी, कुलदीप बहुगुणा, शक्ति सेमवाल, अमर सिंह, पुष्पेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे।
बैठक में पहुंचे एआरटीओ, नहीं बनी सहमति
टीजीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में ट्रांसपोर्टरों को मनाने के लिए एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत टीम के साथ पहुंचीं। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों के सामने 10 सूत्रीय मांगों का 80 फीसदी समाधान मुख्यालय स्तर पर होने की बात कही।
इन मांगों में एआरटीओ कार्यालय परिसर में वाहनों की फिटनेस को पूर्व की भांति शुरू करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने, वाहन स्वामियों को एक साल का टैक्स माफ करने, वाहन चालकाें को सहायता देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने, आपदा में अधिग्रहण करने वाले वाहनों का किराया बढ़ाने, ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने, राष्ट्रीय परमिट से अच्छादित वाहनों में एकरूपता लाने आदि का आश्वासन दिया।
सीमांत क्षेत्र में स्थानीय लोगों से की बातचीत, जनकल्याणकारी योजनाओं पर लिया फीडबैक
मुनस्यारी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रातःकाल सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी में भ्रमण के दौरान देश के प्रहरी आईटीबीपी के जवानों और स्थानीय नागरिकों के साथ चाय की चुस्कियों का आनंद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और सरकार की विकासपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं पर फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां की मनमोहक वादियां, स्वच्छ पर्वतीय हवा और शांत वातावरण हर आगंतुक को नई ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मुनस्यारी को पर्यटन और विकास के नए आयामों से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
एमडीडीए का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो- बंशीधर तिवारी
परंपरा के संग आधुनिकता का संगम बनेगा आढ़त बाजार- मोहन सिंह बर्निया
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर प्राधिकरण सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की, जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
निर्माण की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा
बैठक में सबसे पहले लेखपाल नजीर अहमद ने आढ़त बाजार के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति से सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और शेष कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के पुराने व्यापारिक ढांचे को नया जीवन देने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारा प्रयास है कि सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरे हों, ताकि व्यापारियों व आमजन को शीघ्र ही इसका लाभ मिल सके।
भू-स्वामियों के आवंटन व भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन भू-स्वामियों की पत्रावलियाँ किसी न्यायिक प्रक्रिया या वाद-विवाद में लंबित नहीं हैं, और जिनका स्वामित्व विधिवत सिद्ध हो चुका है, उन्हें शीघ्र ही भू-खण्ड आवंटन एवं धनराशि वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
3 नवंबर से रजिस्ट्री कार्य शुरू करने के निर्देश
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 नवंबर 2025 से रजिस्ट्री कार्य प्रारंभ किया जाए। इसके तहत पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी, जिससे परियोजना के अगले चरणों को गति मिल सके।
15 दिनों में स्वयं ध्वस्तीकरण का शपथ पत्र अनिवार्य
बैठक में निर्णय हुआ कि रजिस्ट्री से पूर्व प्रत्येक भू-स्वामी से एक शपथ पत्र (अफिडेविट) लिया जाएगा, जिसमें यह उल्लेख होगा कि रजिस्ट्री की तिथि से 15 दिनों के भीतर वे अपने प्रभावित निर्माणों को स्वयं ध्वस्त करेंगे।यदि निर्धारित अवधि में ऐसा नहीं किया जाता, तो एमडीडीए, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे। इस प्रक्रिया में भू-स्वामी को किसी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं होगी।
शहरी विकास और पुनर्गठन की दिशा में कदम- मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल भौतिक ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि पुराने व्यापारिक क्षेत्र को नई ऊर्जा और पहचान देना है। हम देहरादून के केंद्र में एक ऐसा आधुनिक बाजार विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय पहचान को बनाए रखते हुए सुविधाजनक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित हो। एमडीडीए के अनुसार, इस परियोजना को पारदर्शिता, जनसुविधा और समयबद्ध क्रियान्वयन की भावना से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि शहर का यह ऐतिहासिक क्षेत्र नई पहचान के साथ पुनर्जीवित हो सके।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कही महत्वपूर्ण बात
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस पहल को देहरादून के विकास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ व्यापारिक ढांचे को नई दिशा देगी। यह एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों में किसी भी नागरिक को असुविधा न हो और सभी प्रक्रियाएँ न्यायसंगत ढंग से पूरी हों। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो।
ये सभी अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, टीम-ए के सहायक अभियंता राजेन्द्र बहुगुणा, टीम-B के सहायक अभियंता निशांत कुकरेती अपनी टीम के सदस्यों के साथ उपस्थित रहे।
तीन दिन तक चलेंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतिया
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने बैठक में की तैयारी की समीक्षा
देहरादून । प्रदेश स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर युवा महोत्सव 6 नवंबर से 8 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। मंगलवार को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों के साथ इसकी तैयारी की समीक्षा की।
यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक की बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि युवा महोत्सव में लोक नृत्य, लोकगीत, लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होगी। प्रतियोगिताओं के लिए इस साल पहली बार ऑनलाइन एंट्रीज भी स्वीकार की जा रही है। हर दिन शाम के समय सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल युवा महोत्सव में शिरकत करने के लिए विभागीय अधिकारियों को विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे इस आयोजन में ज्यादा से ज्यादा संख्याओं में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बैठक में इसके साथ-साथ अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे हैं युवाओं को खेल विभाग द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण की योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण नवंबर माह के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा और इसके लिए सभी जिला मुख्यालय पर जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और अभी तक 600 से ज्यादा युवाओं ने प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, उपनिदेशक शक्ति सिंह आदि मौजूद रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड स्थित कैम्प कार्यालय में “शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना” की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को जनता की अपेक्षाओं एवं स्थानीय आस्था के अनुरूप करने के निर्देश दिए।
शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना का उद्देश्य लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और आकर्षक बन सके।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों में शारदा घाट का पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज प्लान–1, रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार, बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास, चूका से चल्थी माउंटेन बाइक ट्रेल निर्माण, बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास, श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण, शारदा रिवरफ्रंट के लिए मास्टर प्लान और एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित समयांतराल में निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और डिज़ाइन एवं ढाँचा क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति एवं स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को क्षेत्र में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में लोहाघाट स्थित विवेकानंद सर्किट का विकास एवं माँ वाराही धाम को स्पिरिचुअल ज़ोन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त क्षेत्र को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने तथा सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के वीर शहीदों के सम्मान में “शौर्य स्थल” विकसित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य टनकपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए, पर्यटन, पर्यावरण एवं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार संवर्धन एवं जनजीवन स्तर सुधार का माध्यम बनेगी।
इस परियोजना में कुल लगभग ₹3300 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है तथा योजना के निर्माण हेतु त्वरित गति से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह परियोजना टनकपुर शहर को नई पहचान देने में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी चम्पावत कृष्णा नाथ गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
देहरादून। भारत को विकसित देश बनाने के लिए हर नागरिक के स्तर से प्रयास जरूरी है, यह हम सब का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। यह बात महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को देहरादून के एक होटल में आयोजित सम्मान समारोह में कहीं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मंगलवार को “बेस्ट ऑफ माय सिटी” कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले अचीवर्स को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी निष्ठा और कर्मठता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं, बल्कि संस्थागत एवं सामूहिक उपलब्धियां भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इस दिशा में महिलाओं और युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के लिए नई योजनाएं चला रही है ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्थिति मजबूत होने से परिवार, समाज और राष्ट्र का विकास संभव होगा।
कार्यक्रम में अमर उजाला के स्थानीय संपादक अनूप बाजपेई, महाप्रबंधक प्रवीण शर्मा, विनीत मिश्रा, नवीन शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
