विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाय: ब्लॉक प्रमुख
जिलाधिकारी का योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर
पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के सभागार में बुधवार को प्रथम क्षेत्र पंचायत बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभाग करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों से समन्वय करके योजनाओं का क्रियान्वयन करने को कहा।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है ताकि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। ग्रामीण अंचलों के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे आमजन को जागरूक कर सकें और योजनाओं का अधिकतम लाभ दिला सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता और शासन-प्रशासन के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि अधिकारी व जनप्रतिनिधि समन्वय के साथ कार्य करें तो विकास कार्यों की गति स्वतः ही तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीडीसी की आगामी बैठकों में विभागीय योजनाओं सम्बन्धी ब्रोशर्स व अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का सदस्यों/प्रतिनिधियों में वितरण करवाना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें योजनाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ समय से पारदर्शिता के साथ मिले। उन्होंने सभी विभागों को अनिवार्य रूप से बीडीसी बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी बीडीसी में विचार करने योग्य प्रस्तावों का जरूर संज्ञान लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों द्वारा खाद्यान वितरण, पेंशन प्रकरणों तथा ग्राम स्वच्छता समिति के व्यय में पारदर्शिता संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्यों के लिए सर्वे एवं अनुमान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। बीडीसी बैठक में अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।
इसके पश्चात स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारी द्वारा जनप्रतिधियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ शिवमोहन शुक्ला, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, खण्ड विकास अधिकारी सौरभ हांडा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ वीके यादव, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, ज्येष्ठ उप प्रमुख अर्चना तोपवाल, कनिष्ठ उप प्रमुख नीरज पटवाल सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रधानगण व अधिकारीगण उपस्थित थे।
केदारनाथ धाम में लगेगा अत्याधुनिक 33 केवी सब स्टेशन, बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत
देहरादून। केदारनाथ धाम में बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) यहां अत्याधुनिक तकनीक से लैस 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण कर रहा है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि यह नया बिजलीघर केदारनाथ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को स्थिरता और विश्वसनीयता प्रदान करेगा। परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उनके अनुसार, यह आधुनिक सब स्टेशन 2×5 एमवीए क्षमता का होगा और इसमें नवीनतम सुरक्षा उपकरण, उन्नत नियंत्रण प्रणाली तथा उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इससे प्रतिकूल मौसम या आपात स्थिति में भी बिजली बहाली तुरंत संभव हो सकेगी। एमडी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यूपीसीएल प्रदेश के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक आधुनिक विद्युत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद केदारनाथ धाम की बिजली व्यवस्था और अधिक भरोसेमंद बन जाएगी।
तीन चरण में आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम
कैबिनेट मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
देहरादून। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर एकता मार्च आयोजित किया जाएगा। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम होंगे । बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसकी जानकारी दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 31 अक्टूबर को होने वाले एकता मार्च के लिए मेरा भारत पोर्टल के माध्यम से फ्री में रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के लिए संख्या और आयु की कोई सीमा तय नहीं की गई है। यह प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आयोजनों के दूसरे चरण में 31 अक्टूबर से 16 नवंबर तक राज्य के सभी 13 जिलों में एकता मार्च निकाले जाएंगे । यह लगभग 8 से 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा के रूप में होगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दो चरणों के बाद चयनित लोगों को 26 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलने वाले तीसरे चरण में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। इस चरण में सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म स्थल गुजरात के नडियाड से नर्मदा जिले में स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी तक 152 किलोमीटर की पदयात्रा होगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश के लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस आयोजन में हिस्सा लेने की अपील की। इस अवसर पर विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, मेरा युवा भारत की उपनिदेशक मोनिका नामदार आदि उपस्थित रहे।
सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना- पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर जारी गाइडलाइन के सख्त अनुपालन हेतु उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों में खाघ सरंक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की टीमें प्रदेशभर में औचक निरीक्षण अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में देहरादून क्षेत्र में औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोरों और शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया, जहां से पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जब्त कर परीक्षण के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए हैं। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशों में यह सघन अभियान लगातार सभी जनपदों में जारी है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मेडिकल स्टोर या अस्पताल में प्रतिबंधित, असुरक्षित या बिना अनुमति वाली औषधियाँ न बेची जाएं और बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाया जाए।
देहरादून क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार से प्राप्त आदेशों तथा अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के दिशा-निर्देशों के अनुसार औषधि विभाग की टीम ने देहरादून क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोरों एवं शिशु रोग (Paediatric) अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate एवं Phenylephrine Hydrochloride युक्त पेडियाट्रिक कफ सीरप्स का भंडारण पाया गया। इन औषधियों को नियमानुसार सीज़ (जब्त) करने की कार्यवाही की गई। साथ ही, कुल 06 पेडियाट्रिक कफ सीरप्स के नमूने फॉर्म-17 में परीक्षण हेतु एकत्रित किए गए हैं। नमूने अब राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे, जहाँ उनकी गुणवत्ता और वैधता का परीक्षण किया जाएगा।
नियमों के पालन को लेकर विभाग सख्त
अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर Coldrif, Respifresh TR, Relife कफ सीरप उपलब्ध नहीं थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में केवल अनुमोदित, सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत औषधियाँ ही उपलब्ध हों। विभाग ने सभी औषधि विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्टोर पर बिना अनुमति या प्रतिबंधित औषधियाँ पाई जाती हैं, तो उनके विरुद्ध खाद्य, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्रतिबद्धता, जनस्वास्थ्य सर्वोपरि- पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि औषधि विक्रेताओं और अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग प्रक्रिया को और तेज किया जाए।
लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि औषधि विभाग का यह अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल औषधि की जानकारी निकटतम औषधि निरीक्षक या विभागीय हेल्पलाइन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
निरीक्षण टीम और नेतृत्व
इस निरीक्षण अभियान का नेतृत्व उप औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी ने किया। उनके साथ
सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर सिंह, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक श्रीमती निधि रतूड़ी, तथा औषधि निरीक्षक विनोद जगुड़ी टीम में सम्मिलित रहे। टीम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि आमजन तक केवल सुरक्षित और मानक औषधियाँ ही पहुँच सकें।
मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के दिए आदेश
देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग यानि एफडीए का सघन अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि त्योहारी मौसम में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार में बिक रहे मावा, पनीर, घी, दूध और मिठाइयों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाए ताकि मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
सभी जनपदों में सघन छापेमारी अभियान जारी
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्योहारी सीजन में अपर आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) ताजबर सिंह जग्गी को निर्देशित किया है कि सभी जनपदों में निरंतर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जाए। राज्य के सीमावर्ती जिलों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि बाहरी राज्यों से नकली और बिना मानक खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके। विभागीय टीमें मोबाइल वैन के माध्यम से तेजी से सैंपलिंग कार्य कर रही हैं। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्रयोगशालाओं को निर्देश दिए गए हैं कि सैंपलों की जांच शीघ्रता से की जाए, जिससे दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तुरंत सुनिश्चित हो सके।
त्योहारी सीजन में जांच की रफ्तार तेज
आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स लगातार बाजारों में जाकर मावा, खोया, पनीर, मिठाई और तेल जैसे उत्पादों की मौके पर जांच कर रही हैं। विभागीय टीमें प्रदेश के हर जिले, कस्बे और प्रमुख बाजारों में सैंपलिंग कर रही हैं ताकि हर उपभोक्ता तक सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ पहुंच सकें। सरकार का स्पष्ट संदेश है “मिलावटखोरी के खिलाफ कोई रियायत नहीं, उपभोक्ता की सेहत सर्वाेपरि।”
अपर आयुक्त ताजबर जग्गी कर रहे हैं अभियान का नेतृत्व
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी स्वयं विभिन्न जिलों में चल रहे छापेमारी अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों के साथ चारधाम यात्रा मार्गों व पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, जो मावा, पनीर, घी और मिठाइयों के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशालाओं में जांच हेतु भेज रही हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध तत्काल सीलिंग, लाइसेंस निरस्तीकरण और जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
भगवानपुर में नकली डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी गई
खाद्य सुरक्षा विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने भगवानपुर के बालेकी युसुफपुर गांव में एक वाहन को रोककर जांच की। वाहन में बिना गुणवत्ता प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य मानकों के पनीर सप्लाई की जा रही थी। जांच में यह भी पाया गया कि उत्पादों पर किसी प्रकार का एफएसएसएआई मानक अंकन या लेबलिंग नहीं थी, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। टीम ने मौके पर ही उत्पादों को जब्त कर वाहन चालक और सप्लायर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भगवानपुर क्षेत्र में नकली डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाले गिरोहों पर विभाग की विशेष नजर है। आने वाले दिनों में लगातार कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकेश में भी मिली नकली घी और मिल्क पाउडर की खेप
इसी क्रम में ऋषिकेश में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। एक वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें 5 क्विंटल क्रीम, 35 किलोग्राम घी और 50 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर सप्लाई करते हुए पाया गया। इन सभी उत्पादों के पास गुणवत्ता प्रमाण पत्र या अनुमोदन दस्तावेज नहीं थे। टीम ने मौके पर उत्पाद जब्त किए और नमूने जांच हेतु भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में संभावना है कि ये उत्पाद अन्य राज्यों से अवैध रूप से लाए गए नकली उत्पाद हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उपभोक्ता हित में जीरो टॉलरेंस नीति-सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता जनस्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि राज्य में मिलावटखोरी के लिए कोई स्थान नहीं है। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर समझौता करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि वे गुणवत्ता वाले उत्पादों का उपयोग करें, असत्यापित उत्पाद खरीदने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी विभाग को दें।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अपील
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित भोजन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि समाज के समग्र विकास की नींव है। सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी रोकने के लिए विभाग को हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे “त्योहारी सीजन में चौकन्ने रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जनजागरूकता अभियान भी जारी
अपर आयुक्त ने बताया कि खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग राज्यभर में जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है, जिसमें स्कूली बच्चों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पहचानने के तरीके बताए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत विभाग द्वारा सुरक्षित भोजन-स्वस्थ जीवन थीम पर पोस्टर, सोशल मीडिया कैंपेन और स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण तिथि की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा है कि हमारे उपभोक्ता हमारे लिए सर्वाेपरि हैं। किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि उपभोक्ता किसी संदिग्ध खाद्य उत्पाद या विक्रेता की सूचना खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग की हेल्पलाइन या स्थानीय कार्यालय में तुरंत दें।
महिला और युवा समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर
पौड़ी गढ़वाल।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के मौके पर मंगलवार को श्रीनगर के आवास विकास मैदान में जनपद स्तरीय सहकारिता मेले का भव्य शुभारंभ हुआ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।
मेले के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और ग्रामीण विकास की आत्मा है। जब महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं, तो यह न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की उन्नति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों से स्थानीय उत्पादों को बाज़ार मिलता है और महिला समूह आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं, जो नई पीढ़ी को आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं।
सहकारिता ग्रामीण विकास की रीढ़- डॉ. धन सिंह रावत
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता को केवल योजना नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और ग्रामीण समृद्धि का आंदोलन बना रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 30 लाख लोग सहकारिता से जुड़ चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य इसे 50 लाख लोगों तक पहुंचाने का है।
डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता मेलों के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि महिला समूहों को आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्षा एवं कैबिनेट मंत्री द्वारा पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन स्वयं सहायता समूहों धारी देवी समूह (पोखरी), सुखरो देवी समूह (सुखरो) और निर्मल समूह (पदमपुर सुखरो) को 5-5 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए साथ ही पशुपालन एवं मुर्गीपालन कार्य करने वाले लाभार्थियों अनूप सिंह, अर्जुन सिंह, मानवेन्द्र सिंह, जयपाल सिंह, प्रेमलाल, राजेन्द्र सिंह और सुशिला देवी को 1.50 से 1.60 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई
स्थानीय उत्पादों को बाजार और युवाओं को रोजगार देगा मेला
नोडल अधिकारी पौड़ी अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ल ने कहा कि सहकारिता मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार और पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि जनपद के महिला और युवक समूहों द्वारा तैयार जैविक उत्पाद, हस्तशिल्प, दुग्ध, पशुपालन एवं कृषि उत्पाद न केवल ग्रामीणों की आय बढ़ा रहे हैं बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन रहे हैं।
15 अक्टूबर तक चलेगा सहकारिता मेला
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों कृषि, उद्यान, मत्स्य, डेयरी, पशुपालन, उरेडा, उद्योग, पर्यटन, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, सहकारिता और सेवायोजन — के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनका जनता ने उत्साहपूर्वक अवलोकन किया।
यह मेला 07 से 15 अक्टूबर 2025 तक चलेगा और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, निवर्तमान अध्यक्ष यूसीएफ मातबर सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष डीसीबी नरेंद्र सिंह रावत, निदेशक इफको उमेश त्रिपाठी, संपत सिंह रावत और महावीर प्रसाद कुकरेती , मनोज पटवाल ,जिला सहायक निबंधक पान सिंह राणा, सहित भारी संख्या में जनमानस उपस्थित रहे
धस्माना ने कहा — अग्निवीरों को न पूरा प्रशिक्षण, न शहीद का दर्जा, सेना का मनोबल प्रभावित
सतपुली। भारतीय सेना में नियमित भर्ती प्रक्रिया को बंद कर लागू की गई अग्निपथ योजना देश की सुरक्षा के लिए खतरा और उत्तराखंड के युवाओं के रोजगार पर सबसे बड़ा प्रहार है। यह बात उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग की रथ यात्रा के सतपुली पहुंचने पर आयोजित सभा में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
धस्माना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से इस योजना के खिलाफ रही है। राहुल गांधी देश के पहले नेता हैं जिन्होंने अग्निपथ योजना के दुष्परिणामों को लेकर केंद्र सरकार और जनता को आगाह किया था। उन्होंने कहा कि चार वर्ष की अल्पावधि सेवा के तहत भर्ती होने वाला अग्निवीर पूर्ण सैनिक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर पाता, जिससे सेना की युद्ध क्षमता और मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में देश सेवा का जज्बा हमेशा अग्रणी रहा है और हर युद्ध में राज्य के वीर जवानों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। लेकिन अग्निपथ योजना लागू होने के बाद प्रदेश में युवाओं का सेना में भर्ती होने का उत्साह घटा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं से वादा किया है कि केंद्र में सरकार बनने पर अग्निपथ योजना समाप्त कर पूर्व की भांति नियमित भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
सभा में कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने कहा कि यह योजना देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी विनाशकारी है, क्योंकि चार साल की सेवा अवधि में कोई सैनिक पूर्ण प्रशिक्षण और आत्मविश्वास प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि शहीद होने पर अग्निवीर को शहीद का दर्जा तक नहीं मिलता, जो सैनिक के मनोबल को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान ने की। इस अवसर पर गोपाल गड़िया, सूबेदार मेजर शेखर नेगी, सूबेदार रणधीर नेगी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजन रौतेला, पूर्व प्रधानाचार्य उमेद सिंह रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष जयदीप सिंह नेगी, कैप्टन शोबन सिंह सजवान और आनंद सिंह पुंडीर सहित कई वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन हवलदार बलबीर सिंह पंवार ने किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘भगवद्गीता का योग विज्ञान’ का विमोचन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परमहंस योगानंद द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता पर लिखी गई टीका “ईश्वर अर्जुन संवाद” (God Talks with Arjuna) के संक्षिप्त हिंदी संस्करण “भगवद्गीता का योग विज्ञान” का विमोचन किया।
इस अवसर पर योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (YSS) के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट आश्रम से आए संन्यासी स्वामी वासुदेवानंद और स्वामी धैर्यानंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी वासुदेवानंद ने मुख्यमंत्री को योगदा सत्संग सोसाइटी की आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि द्वाराहाट आश्रम में साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजोपयोगी सेवा कार्यों से स्थानीय जनजीवन को दिशा मिल रही है।
स्वामी ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि अल्मोड़ा के द्वाराहाट स्थित पवित्र गुफा में ही अमर गुरु महावतार बाबाजी ने काशी के महान योगी लाहिड़ी महाशय को “क्रियायोग” की दीक्षा दी थी। यही क्रियायोग वह प्राचीन योग विज्ञान है, जिसका उल्लेख भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया था और जो श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित है। उन्होंने बताया कि हिमालय की इस प्राचीन ज्ञान परंपरा को परमहंस योगानंद ने अपने ग्रंथों और शिक्षाओं के माध्यम से विश्वभर में फैलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने परमहंस योगानंद की शिक्षाओं को “युगप्रेरक और मानवता के लिए मार्गदर्शक” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रंथ आत्मबोध, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के स्रोत हैं, जो समाज को दिशा प्रदान करते हैं।
वैश्विक शिक्षा पर डोईवाला में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए त्रिवेन्द्र सिंह रावत
देहरादून। हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत संसदीय क्षेत्र स्थित शहीद दुर्गामल्ल राजकीय पीजी कॉलेज, डोईवाला द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Conference) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। सम्मेलन में विभिन्न देशों एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा वैश्विक शिक्षा, नवाचार और सतत विकास के विषयों पर विचार-विमर्श किया।
अपने संबोधन में सांसद रावत ने कहा कि भारत की ज्ञान-परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श पर आधारित है। आज जब भारत ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की ओर अग्रसर है, तब शिक्षा और अनुसंधान ही वह आधार हैं जो हमारे युवाओं को विश्व-नेतृत्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) भारत की सांस्कृतिक जड़ों और आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण का अद्भुत संगम है, जो ग्रामीण से वैश्विक स्तर तक ज्ञान का लोकतंत्रीकरण सुनिश्चित कर रही है।
सांसद रावत ने इस अवसर पर हिंदी और संस्कृत के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा हिंदी और संस्कृत के अधिकाधिक उपयोग को हर मंच पर प्रोत्साहित करना चाहिए। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों का संवाहक है। भारत तब ही विश्वगुरु बनेगा जब हम अपनी भाषायी जड़ों से आत्मविश्वासपूर्वक जुड़े रहेंगे।
उन्होंने शहीद दुर्गामल्ल जी की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि उनके नाम पर स्थापित यह शिक्षण संस्थान केवल उच्च शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक स्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक मंच युवाओं को न केवल अध्ययन का अवसर देते हैं, बल्कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण को सशक्त करते हैं — यही भविष्य के विकसित भारत की पहचान है।
कार्यक्रम में विधायक डोईवाला बृज भूषण गैरोला, प्रधानाचार्य प्रो. पी. डी. भट्ट, कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्णा, प्रो. अमित ठाकुर, प्रो. एस. पी. सिंह (IIT रूड़की), विनोद श्रीवास्तव, प्रो. सी. वा. सिंह (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय), डॉ. राकेश भटर, सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन, शिक्षाविद एवं विधार्थी उपस्थित रहे।

