तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया शुभारंभ
देहरादून। तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्रीय बोली-भाषाओं के संवर्धन एवं संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘पहाड़ी AI’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक, ‘गढ़ रत्न’ नरेंद्र सिंह नेगी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
‘पहाड़ी AI’ तकनीक में रुचि रखने वाले युवाओं, छात्रों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया एक अभिनव प्रयास है, जिसका उद्देश्य हमारी स्थानीय भाषाओं को डिजिटल युग में नई पहचान और वैश्विक मंच पर नई दिशा प्रदान करना है। यह पहल भाषा सीखने, समझने और संरक्षित करने को सरल बनाते हुए आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पहाड़ी भाषाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा हैं, और डिजिटल नवाचारों के माध्यम से इनका संरक्षण समय की आवश्यकता है। ‘पहाड़ी AI’ हमारी भाषाई धरोहर को सशक्त बनाते हुए युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को समन्वय व व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए
देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यमुना कालोनी स्थित शासकीय आवास पर सहकारिता मेलों की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।
जिसमें सहकारिता सचिव एवं निबंधक सहकारिता ने विभागीय गतिविधियों, मेलों की तैयारियों सहित आगामी कार्यक्रमों के बारे में विभागीय मंत्री को अवगत कराया। डॉ रावत ने सभी जनपदों में सहकारिता मेलों से संबंधित तैयारियों, व्यवस्थाओं और समन्वय को और प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
सहकारी मेलों में जुटे एक लाख से अधिक किसान, 4 लाख की भागीदारी का लक्ष्य
सहकारिता मंत्री ने बताया कि अब तक जिन जनपदों में सहकारिता मेले संपन्न हुए हैं, उनमें एक लाख से अधिक किसानों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया है। उन्होंने कहा कि आगामी जनपदों में आयोजित होने वाले मेलों में लगभग चार लाख किसानों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता, ग्राम स्तर तक सूचना प्रसार तथा स्थानीय समितियों के माध्यम से किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने ने बताया कि पौड़ी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जनपदों में सहकारिता मेले सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि पिथौरागढ़ एवं उत्तरकाशी में मेले वर्तमान में संचालित हैं। अन्य जनपदों में आयोजित होने वाले मेलों की तैयारी के लिये अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में पैक्स कंप्यूटराइजेशन की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा भी हुई। डॉ. रावत ने कहा कि कंप्यूटराइजेशन सहकारिता प्रणाली के आधुनिकीकरण, पारदर्शिता और दक्षता का आधार है। उन्होंने सभी जनपदों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश देते हुए किसी भी प्रकार की देरी को अस्वीकार्य बताया।
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. वी. वी. आर. पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, तथा आनंद शुक्ल उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025: बढ़ती भ्रामकता के बीच प्रेस की विश्वसनीयता पर केंद्रित सारगर्भित गोष्ठी
प्रेस की स्वतंत्रता बनाम स्वच्छंदता: पौड़ी में राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर गहन विचार-विमर्श
पौड़ी- राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025 के उपलक्ष्य में सूचना विभाग के तत्वाधान में जिला मुख्यालय पौड़ी में “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” विषय पर एक विस्तृत एवं सारगर्भित गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला सूचना अधिकारी व सभी पत्रकारों द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित गोष्ठी में सभी पत्रकारों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए जिला सूचना अधिकारी योगेश पोखरियाल ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना प्रसार की गति बढ़ी है, लेकिन इसी तेज़ी के साथ गलत, अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं का फैलाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे समय में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। पत्रकारिता का आधार सत्य, सटीकता और संतुलन पर टिका होता है, और इन्हीं सिद्धांतों का पालन करके मीडिया समाज में अपनी विश्वसनीय छवि बनाए रख सकता है।
उन्होंने कहा कि संविधान को समझना आवश्यक है, तभी प्रेस की स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। हम अक्सर शब्दों पर ध्यान देकर भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि हर घटना को संवेदनशीलता और आत्मविश्लेषण के साथ समझने पर भ्रम की गुंजाइश कम हो जाती है।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल बहुगुणा ने कहा कि आज की पत्रकारिता केवल ख़बर लिखने भर का कार्य नहीं रह गयी है, बल्कि यह समाज को दिशा देने वाला माध्यम बन चुकी है। फेक न्यूज, आधी-अधूरी सूचनाएं और बिना पुष्टि किए वायरल सामग्री बड़ी सामाजिक चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को चाहिए कि वे हर सूचना की दो-स्तरीय पुष्टि करें, संदर्भ को समझें और पाठकों तक वही जानकारी पहुँचाएं जो प्रमाणित हो। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वसनीयता किसी भी मीडिया संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है जिसे बचाए रखने के लिए कठोर अनुशासन, नैतिकता और तथ्यपरकता अनिवार्य है।
वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन उनियाल ने कहा कि प्रेस दिवस पत्रकारिता जगत के लिए आत्मचिंतन और आत्ममूल्यांकन का दिन होता है। मीडिया का लोकतंत्र से गहरा रिश्ता है और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में पत्रकार की जिम्मेदारी केवल समाचार देने तक सीमित नहीं, बल्कि जनमत को सही दिशा देने में भी होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गलत सूचना का प्रभाव इतना तेज है कि वह समाज में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में पत्रकारों को न केवल तथ्यपरकता, बल्कि संवेदनशीलता और पारदर्शिता को भी समान महत्व देना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार अजय रावत ने कहा कि सोशल मीडिया ने सूचना की पहुँच को अत्यंत व्यापक बना दिया है, लेकिन यही विस्तृत पहुँच कई बार अपुष्ट सामग्री को भी तेजी से आगे बढ़ा देती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को तकनीक के साथ तालमेल बिठाते हुए डिजिटल मंचों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिया कर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षण, वर्कशॉप और तथ्य-जांच संबंधी मॉड्यूल अपनाने चाहिए ताकि वे बदलते दौर की चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने प्रेस दिवस के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सूचना विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। उन्होंने कहा कि गोष्ठी में रखे गए विचार न केवल पत्रकारिता के मानकों को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि विश्वसनीय और जिम्मेदार मीडिया के निर्माण में भी सहायक होंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद बर्तवाल ने किया। इस अवसर पर दो दर्जन से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।
सोमेश्वर के धूमण और सतरासी अरडिया में हुआ जन मिलन कार्यक्रम
मंत्री रेखा आर्या ने की विकास कार्यों की घोषणाएं
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धूमण और सतरासी अरडिया में आयोजित जन मिलन कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने संपर्क पुल निर्माण, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, पेयजल योजना शुरू करने तथा सड़क मार्गों के निर्माण की मांग रखी।
रेखा आर्या ने कहा कि ये सभी कार्य विधायक निधि और जिला योजना के माध्यम से शीघ्र पूरे कराए जाएंगे। उन्होंने जन मांगों को देखते हुए पेयजल योजना समेत अन्य विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से ढाई-ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की।

मंत्री ने बताया कि सोमेश्वर क्षेत्र में उप जिला चिकित्सालय, त्रिवेणी घाट, पुल और गैस गोदाम जैसे महत्वपूर्ण कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास कार्यों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करती रही है और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10 की परीक्षा में पूरे ब्लॉक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा दिया जीना को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, ग्राम प्रधान विमला आर्या, जिला मंत्री अंजलि जोशी, बच्ची राम, पूर्व मंडल महामंत्री उमेश मिश्रा, राजेंद्र खेड़ा, रंजीत रावत, खड़क सिंह नेगी, गोपाल, शंकर मेहरा, नरेंद्र नेगी, कृष्णा भंडारी, गोविंद सिंह, सुरेश बोरा, डॉक्टर देवेंद्र जोशी, भूपाल मेहरा, प्रकाश नेगी, किशनराम, जवाहर सिंह बिष्ट, नारायण सिंह बिष्ट, विशन सिंह बिष्ट, अमर सिंह मेहरा, राम सिंह, पूर्ण सिंह, कृष्ण, विनोद पांडे समेत क्षेत्र के अनेक लोग मौजूद रहे।
देहरादून- कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज पदभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। निवर्तमान अध्यक्ष करन माहरा ने विधिवत रूप से गोदियाल को कार्यभार सौंपा। बता दें कि गोदियाल दूसरी बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए हैं। इससे पहले वह 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक यह दायित्व निभा चुके हैं।
इससे पहले नए प्रदेश अध्यक्ष का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत हुआ। इसके साथ ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट से पार्टी मुख्यालय देहरादून तक जगह-जगह गोदियाल का स्वागत किया गया।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका/ मिनी कर्मचारी संगठन के सदस्यों ने भेंट की।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बदल रही बच्चों की दुनिया, स्पोर्ट्स डे में दिखा आत्मविश्वास और अनुशासन
देहरादून- राज्य के प्रथम आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बाल दिवस के अवसर पर “स्पोर्ट्स डे–2025” का भव्य आयोजन किया गया। मा. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी और कूड़ा बीनने में संलिप्त बच्चे अब शिक्षा व खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। कभी सड़क पर मायूस और उपेक्षित दिखता बचपन अब आत्मविश्वास के साथ पदक जीतने की राह पर है।
इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को उत्तराखंड की दो नदियों और दो पर्वत चोटियों के नाम पर चार सदनों—
नंदा (लाल), अलकनंदा (हरा), पिंडर (पीला) और त्रिशूल (नीला) में विभाजित किया गया है।
मार्च पास्ट, पीटी डिस्प्ले और स्वागत नृत्य ने जीता दिल
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। चारों सदनों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया और पीटी डिस्प्ले में प्रभावशाली फिटनेस का प्रदर्शन किया। स्वागत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
बच्चों का जोश और प्रदर्शन—सड़क से स्टेडियम तक की कहानी
नन्हे बच्चों ने उत्साहपूर्वक सभी खेल स्पर्धाओं में भाग लिया। कुछ प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे—
लेमन रेस (छोटे बच्चे)
स्वर्ण: —
रजत: सुनाक्षी (नंदा)
कांस्य: ब्यूटी, शिवानी (अलकनंदा/पिंडर)
स्प्रिंट रेस (छोटे बच्चे)
स्वर्ण: आर्यन (अलकनंदा)
रजत: तन्नू (पिंडर)
कांस्य: मनप्रीत (त्रिशूल)
सैक रेस
कांस्य: करण (त्रिशूल)
100 मीटर दौड़ (बालक)
स्वर्ण: लक्ष्मण (त्रिशूल)
रजत: शिवा (पिंडर)
कांस्य: हरीश (अलकनंदा)
100 मीटर दौड़ (बालिका)
स्वर्ण: सोनम (अलकनंदा)
रजत: गुडिया (पिंडर)
कांस्य: मीनाक्षी (त्रिशूल)
400 मीटर रिले रेस
स्वर्ण: अलकनंदा
रजत: त्रिशूल
कांस्य: नंदा
खो-खो (मिक्स टीम)
अलकनंदा और पिंडर ने शानदार प्रदर्शन किया।
हर्डल रेस
स्वर्ण: अमित (त्रिशूल)
रजत: आदित्य (पिंडर)
कांस्य: चांदनी (अलकनंदा)
अलकनंदा हाउस बना ओवरऑल चैंपियन
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद अलकनंदा हाउस 255 अंक लेकर ओवरऑल हाउस चैंपियन बना।
प्रथम: अलकनंदा – 255 अंक
द्वितीय: त्रिशूल – 232 अंक
तृतीय: पिंडर – 185 अंक
कार्यक्रम ने दिया आत्मविश्वास — सड़क के बच्चों का बदलता भविष्य
खेलों का संचालन प्रोजेक्ट लीडर संचित कुमार और शिक्षक कुलदीप सिंह चौहान ने रेफरी की भूमिका में किया। यह आयोजन बच्चों के लिए प्रेरणा, अनुशासन और खुशी का संगम साबित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे—
जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती मीना बिष्ट,श्रवण कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य साधुराम इंटर कॉलेज,विवेक कुमार, अशोक बिष्ट (मैनेजर),संचित कुमार (आसरा ट्रस्ट),मानसी शर्मा (कॉर्डिनेटर—समर्पण), दीक्षा धीमान (असिस्टेंट कॉर्डिनेटर—उदयेनि शालिनी फाउंडेशन) आदि
देहरादून- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल आज को अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ ही प्रदेश इलेक्शन कैम्पेंन कमेटी के चेयरमैन एवं सीईसी सदस्य प्रीतम सिंह, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा एवं चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत के भव्य स्वागत की तैयारी हेतु आज कांग्रेस पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में तैयारी को अंतिम रूप दिया गया।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि गणेश गोदियाल कल प्रातः 9ः30 बजे नई दिल्ली से चलकर जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पहुंचेंगे जहां पर कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जायेगा। इसके उपरान्त प्रदेश अध्यक्ष का काफिला भानियावाला, डोईवाला, मियांवाला, रिस्पिना, धर्मपुर होते हुए अपराह्र 12ः05 बजे कांग्रेस कार्यालय पहुंचेगा जहां पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित समारोह में कांग्रेस नेताओं का भव्य स्वागत किया जायेगा।
कार्यक्रम की तैयारियों में विधायक लखपत सिंह बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, विजय सारस्वत, अश्विनी बहुगुणा, आमेन्द्र बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, अखिलेश उनियाल, मुकेश नेगी, प्रदीप थपलियाल, रधुवीर बिष्ट, सुरेन्द्र सिंह रांगड़, महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, हंसपाल बिष्ट देर रात्रि तक कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद थे।
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित आदि गौरव महोत्सव में भगवान बिरसा मुंडा जी को कोटि-कोटि नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “आदि गौरव महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं, वीरता, संस्कृति और आस्था का उत्सव है। ऐसे आयोजन जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं तथा समाज के अन्य वर्गों को जनजातीय समुदाय की समृद्ध कला और संस्कृति से परिचित कराते हैं।”
जनजातीय समाज देश की विविधता की सबसे बड़ी ताकत – मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी संघर्ष, स्वाभिमान और संगठित शक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि “जब तक समाज की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत नहीं होती, तब तक देश वास्तविक रूप से मजबूत नहीं हो सकता।”
उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय बजट को तीन गुना तक बढ़ाना, जनजातीय समुदाय के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक है।
128 जनजातीय गांवों का चयन – शिक्षा, स्वास्थ्य व आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों को चिह्नित किया गया है, जहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में विशेष कार्य किए जा रहे हैं।
जनजातीय समाज की प्रमुख पहल
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदाय के कल्याण हेतु राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण भी साझा किया । उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय — कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित हैं, पिथौरागढ़ जिले में भोटिया तथा राजी जनजाति के लिए नया एकलव्य विद्यालय खोलने हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। प्राथमिक से स्नातकोत्तर तक छात्रवृत्ति योजना, जिससे हजारों जनजातीय छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं । शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए 3 आईटीआई कॉलेज, तकनीकी प्रशिक्षण हेतु समर्पित हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग व छात्रवृत्ति, जनजातीय समाज की बेटियों के विवाह हेतु ₹50,000 अनुदान,जनजातीय कला, संस्कृति व खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य जनजाति महोत्सव व खेल महोत्सव का नियमित आयोजन,
जनजातीय शोध संस्थान के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस फंड की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रयास जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
जनजातीय गौरव दिवस का महत्व
मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि वर्ष 2021 में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। यह दिवस केवल भगवान बिरसा मुंडा जी के योगदान को याद करने का ही नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी अवसर है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार इस महोत्सव के आयोजन के लिए 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और विस्तार सुनिश्चित हो सके।
पहली बार जनजातीय इतिहास को मिला राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को कभी पर्याप्त स्थान नहीं दिया। लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में देश जागृत है और जनजातीय नायकों के महान योगदान को इतिहास में उचित सम्मान मिल रहा है।
जनजातीय समाज के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि हमारी सरकार उत्तराखंड के आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संकल्पित है। हम ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं।”
कार्यक्रम में देशभर और राज्य के विभिन्न जनजातिया एवं सांस्कृतिक समूहों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये ।
कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, सचिव एवं अपर सचिव समाज कल्याण व विभाग के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
भूकंप राहत तैयारी को परखने हेतु जिले में व्यापक मॉक ड्रिल संपन्न
पौड़ी- शनिवार को राज्य स्तर पर भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए व्यापक मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। जनपद पौड़ी में भी यह अभ्यास आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वयं मुख्य सचिव आनंद वर्धन इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे।
मॉक अभ्यास के तहत सुबह 9:56 बजे श्रीनगर स्थित एनआईटी मैदान के स्टेजिंग एरिया को स्वीत गाँव में भूकंप आने और जनहानि की आशंका की सूचना मिली। संबंधित टीमों ने बिना विलंब के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
इसी दौरान सुबह 10:18 बजे न्यू बस अड्डा पौड़ी स्थित स्टेजिंग एरिया को मैसमोर इंटर कॉलेज का भवन भूकंप से ध्वस्त होने और छात्र फंसे होने की सूचना मिली। सूचना पर तत्परता से प्रतिक्रिया देते हुए एसडीआरएफ, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत बचाव कार्य हेतु मौके पर पहुंची और त्वरित खोज एवं राहत कार्य प्रारंभ किया।
मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्ट्रेट स्थित नियंत्रण कक्ष से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने स्वयं पूरे अभ्यास की निगरानी की। उन्होंने लगातार विभागीय अधिकारियों से अपडेट प्राप्त किए और राहत कार्यों के समन्वय एवं समयबद्धता का आकलन किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और विभागों के बीच बेहतर तालमेल अनिवार्य है। यह मॉक ड्रिल वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार रहने और संभावित कमजोरियों को पहचानने में मदद करती है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि राहत उपकरणों, मानव संसाधन और संचार प्रणाली की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देरी नहीं हो। मॉक ड्रिल में पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, फायर सर्विस, नगर निकाय तथा अन्य विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
पौड़ी और श्रीनगर दोनों स्थानों में एक साथ भूकंप की स्थिति का सिमुलेशन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों ने रेस्क्यू, राहत एवं उपचार की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया।
पौड़ी स्थित मैसमोर इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान 80 छात्र–छात्राएं मौजूद थे। भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति में 8 छात्र घायल हो गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। राहत कार्य के दौरान 2 छात्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक गंभीर छात्र को हेली सेवा के माध्यम से ऋषिकेश एम्स भेजा गया। अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार स्कूल परिसर में ही किया गया।
इसी दौरान टेका मार्ग पर 33 केवी विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी, जिससे पौड़ी–सतपुली की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी। फायर सर्विस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान वन विभाग का एक कार्मिक घायल हुआ, जिसे जिला अस्पताल ले जाया गया। विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में श्रीनगर लाइन से विद्युत आपूर्ति बहाल की गयी। पौड़ी में पूरे राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी इंसिडेंट कमांडर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने की।
वहीं श्रीनगर में मॉक ड्रिल के दौरान सूचना मिली कि भूकंप से कीर्तिनगर का पुल ध्वस्त हो गया है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने रूद्रप्रयाग और चमोली से आने वाले वाहनों को पौड़ी–सबदरखाल–देवप्रयाग मार्ग से डायवर्ट किया। इसी क्रम में श्रीकोट स्थित विशाल मेगा मार्ट मॉल में सौर शॉर्ट सर्किट होने से लिफ्ट बंद हो गयी, जिसमें 20 लोग फंस गए थे। राहत एवं बचाव दल ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
श्रीनगर के स्वीत गांव में भूकंप से चार मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर राहत टीमें मौके पर पहुँचीं। यहां 18 लोग घायल हुए, जिन्हें श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में आईसीयू वार्ड को भी क्षतिग्रस्त दिखाया गया, जिसमें 17 मरीज थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 12 मरीजों को आपातकालीन वार्ड में, जबकि 5 मरीजों को मिनी आईसीयू में शिफ्ट किया। श्रीनगर क्षेत्र के राहत एवं बचाव कार्यों की कमान इंसिडेंट कमांडर एवं उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा ने संभाली।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, सीओ तुषार बोरा, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
