बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को होंगे बंद
देहरादून। चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धाम – बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री – के कपाट जल्द ही बंद होने जा रहे हैं।
चारों धामों के कपाट बंद होने की तिथियों का ऐलान कर दिया है। बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 25 नवंबर 2025 को दोपहर 2:56 बजे बंद होंगे। बद्रीनाथ के रावल ने इस तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
शीतकालीन मौसम में चारों धामों के कपाट लगभग छह महीने तक बंद रहेंगे।
चार धाम के कपाट बंद होने की तिथियां:
केदारनाथ धाम: 23 अक्टूबर 2025
यमुनोत्री धाम: 23 अक्टूबर 2025
गंगोत्री धाम: 24 अक्टूबर 2025 (अन्नकूट पूजा के अवसर पर)
बदरीनाथ धाम: 25 नवंबर 2025
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे इस समय का ध्यान रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
प्रदेशभर में लगे 21 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य शिविर, महिलाओं पर विशेष फोकस
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तराखंड की ओर से चलाए जा रहे स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविरों ने राज्यभर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अब तक प्रदेशभर में 21,268 शिविर (स्क्रीनिंग एवं स्पेशलिटी कैंप) लगाए गए हैं। इन शिविरों में कुल 13.48 लाख से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। यह अभियान जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
इन शिविरों में लोगों को विभिन्न बीमारियों की जांच और परामर्श उपलब्ध कराया गया। अब तक 5.87 लाख से अधिक लोगों की उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की जांच हुई है, जबकि 5.50 लाख से अधिक लोगों ने मधुमेह (डायबिटीज) की जांच कराई है। इसी तरह 4.90 लाख लोगों की कैंसर (मुख, गर्भाशय ग्रीवा एवं स्तन) की स्क्रीनिंग की गई है।
प्रदेशभर में 95,628 लोगों की टीबी जांच की गई और 13,155 लोगों का निक्शय मित्र पोर्टल पर पंजीकरण हुआ है। सिकल सेल रोग की जांच 276 लोगों की हुई और 23 सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 6.99 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित काउंसलिंग दी गई है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 11,786 नए कार्ड बनाए गए हैं। वहीं, ई-रक्तकोष पोर्टल के माध्यम से 67,807 रक्तदाताओं का पंजीकरण हुआ है और 8,885 यूनिट रक्त संग्रहित किए गए हैं।
महिला स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। गर्भवती महिलाओं के लिए अब तक 87,954 एएनसी (प्रेग्नेंसी चेकअप) कराए गए हैं, जबकि महिलाओं ने बड़ी संख्या में कैंसर जांच शिविरों में हिस्सा लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। जिस तरह से ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ को जनता का सहयोग मिल रहा है, वह अपने आप में प्रेरणादायक है। हमारी सरकार चाहती है कि राज्य की हर नारी स्वस्थ हो और हर परिवार सशक्त बने। यही कारण है कि स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हम अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। हमारा संकल्प है कि—हर घर की थाली शुद्ध रहे और हर परिवार की खुशियाँ सुरक्षित रहें।”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि “प्रदेशभर में आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कैंसर, डायबिटीज, टीबी और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और रोकथाम के लिए यह अभियान एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। खासकर महिला एवं बाल स्वास्थ्य को इस अभियान की केंद्रबिंदु बनाया गया है। हमारी कोशिश है कि गाँव-गाँव, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे और कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।”
स्वास्थ्य सचिव का वक्तव्य
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “यह अभियान आमजन को मुफ्त जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार हर जनपद में सक्रिय हैं और जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रही हैं।”
फैक्ट्री कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज, मालिक पर कार्रवाई की मांग तेज
हरिद्वार। हरिद्वार के गुरुकुल नारसन में बिजली घर से बिजली चोरी और स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यूपीसीएल मुख्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए विद्युत वितरण खंड रुड़की के प्रभारी अधिशासी अभियंता गुलशन बुलानी और मंगलौर के जेई अनुभव सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों को अलग-अलग मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
दो दिन पहले पुलिस ने बिजलीघर के पास से कुछ लोगों को पकड़ा था, जिन्होंने पूछताछ में वासू स्टील फैक्ट्री के मीटर में गड़बड़ी की बात कबूल की। यूपीसीएल की जांच टीम ने मौके पर जांच की तो यह साफ हो गया कि बिजलीघर के भीतर लगे मीटर में छेड़छाड़ कर चोरी की जा रही थी। मामले में उपनल कर्मचारी अकरम अली समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
यूपीसीएल निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने अधिकारियों पर गहरी जिम्मेदारी तय करते हुए निलंबन की कार्रवाई की। उनकी जगह नए अफसरों को कार्यभार सौंपा गया है। इस प्रकरण पर सवाल यह भी उठ रहे हैं कि एक एसडीओ को अधिशासी अभियंता का प्रभार आखिर किस आधार पर दिया गया था।
इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता गढ़वाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर फैक्ट्री मालिक पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
फैक्ट्री कर्मचारियों पर मुकदमा, मालिक का नाम गायब
मुकदमा सिर्फ फैक्ट्री कर्मचारियों पर दर्ज हुआ है, जबकि मालिक का नाम शामिल न होने से सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कर्मचारियों के जरिए मालिक को बचाने की कोशिश की जा रही है।
सभी स्टील फैक्ट्रियों का होगा एनर्जी ऑडिट
मामले को देखते हुए यूपीसीएल प्रबंधन ने रुड़की और भगवानपुर क्षेत्र की सभी उच्च खपत वाली स्टील फैक्ट्रियों और अन्य उद्योगों का एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिट कराने का आदेश दिया है। जांच में जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दोहरी मीटरिंग के बावजूद चोरी
बड़ी फैक्ट्रियों में डबल मीटरिंग सिस्टम होता है—एक मीटर फैक्ट्री में और दूसरा बिजलीघर में। बावजूद इसके यहां दोनों मीटरों में छेड़छाड़ की गई। ऐसे में यूपीसीएल के लिए यह मामला चुनौतीपूर्ण बन गया है क्योंकि इसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्टील फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं।
एमडी अनिल कुमार का बयान:
“हमने अधिशासी अभियंता स्तर तक अधिकारियों को निलंबित किया है। पूरे क्षेत्र की एनर्जी अकाउंटिंग कराई जाएगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई होगी। लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पिथौरागढ़-मुनस्यारी और हल्द्वानी-अल्मोड़ा हवाई मार्ग हुए चालू, पर्यटन और आवागमन में बढ़ेगी सुविधा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के तहत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ और हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुभारंभ से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों की आवाजाही सुगम होगी और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। राज्य में कुल 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की योजना है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई हवाई सेवाओं से न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
प्रदेश में 6 लाख बुजुर्गों को DBT के माध्यम से पेंशन का लाभ मिल रहा – मुख्यमंत्री
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के लगभग 6 लाख बुजुर्गों को DBT के माध्यम से पेंशन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में एक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों में भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
देहरादून। केदारपुरम स्थित राजकीय बालिका निकेतन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने नवरात्रि के पावन पर्व पर कन्याओं का कंजक पूजन किया। उन्होंने नन्हीं कन्याओं के चरण पखारकर उनका पूजन किया और उनके साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि कन्याओं में माँ दुर्गा का साक्षात् स्वरूप दिखाई देता है। उनके चरण पखारते ही उन्हें मन को अपार शांति मिला।

उन्होंने कहा कि सच्ची दुर्गा पूजा यही है—नारी शक्ति का सम्मान और बेटियों के प्रति स्नेह।
इस अवसर पर उन्होंने बालिका निकेतन में स्थित स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी की यूनिट का भी दौरा किया और नवजात बच्चों का हालचाल जाना। मंत्री ने माँ दुर्गा से प्रार्थना की कि सभी बेटियाँ सदैव सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध हों और समाज में नारी शक्ति का प्रकाश फैले।
उच्च जोखिम गर्भधारण वाली महिलाओं को मिला विशेष परामर्श और जांच
देहरादून। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में न केवल आम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है बल्कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 80 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटीनेटल केयर ) जांच की गई, जिसमें गर्भस्थ शिशु और मां के स्वास्थ्य का आंकलन किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत प्रदेशभर में लगाये जा रहे स्वास्थ्य शिविरों में 80,515 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 2195, बागेश्वर 1131, चमोली 2285, चम्पावत 1758, देहरादून 15728, हरिद्वार 14472, नैनीताल 7853, पौड़ी 2375, पिथौरागढ़ 2067, रूद्रप्रयाग 1936, टिहरी 4650, ऊधमसिंह नगर 21509 तथा उत्तरकाशी में 2556 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य शिविरों में इन महिलाओं की उच्च रक्तचाप, वजन, शारीरिक जांच, मुधमेह, एचआईवी व यूरीन के अलावा अन्य जांच की गई। इसके अलावा उच्च जोखिम गर्भधारण वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श एवं सोनोग्राफी जांच कराने की सलाह दी गई। विशेषकर ऐसी महिलाओं को अतिरिक्त परामर्श दिया गया जिनका पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन व ऊचांई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित हो। इस दौरान डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित दवा सेवन, हरी सब्जियां, दूध, सोयाबीन, फल, चना व गुड़ के सेवन पर बल दिया। एनीमिक महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां भी वितरित की।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने के लिये राज्य सरकार खासी गंभीर है। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिये लगातार प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही प्रसव पूर्व जांच को बढ़ावा देने के लिये पंचायत स्तर पर काम किया जा रहा है।
बयान-
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविरों में 80 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांचे की गई। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच होनी बेहद जरूरी है, इससे मां और बच्चे की सेहत का समय पर पता चल जाता है और गर्भावस्था के समय होने वाले जोखिम से बचा जा सकता है।– डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, संकट की घड़ी में प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है प्राधिकरण
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए हाल ही में उत्तरकाशी के धराली और चमोली जिले के थराली में आई भीषण आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सराहनीय पहल की है। विगत दिनों इन क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के कारण भारी जनहानि हुई। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और सैकड़ों लोग अब भी जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आज भी खाद्यान्न, जस्ती एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की सख्त आवश्यकता बनी हुई है।
जनहित को सर्वोपरि मानते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्णय लिया है कि प्राधिकरण में कार्यरत सभी नियमित अधिकारी और कर्मचारी अपने सितंबर माह के एक दिन का वेतन आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए देंगे। इस कटौती से प्राप्त राशि को एकमुश्त संकलित कर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कराया जाएगा। एमडीडीए की इस पहल से जहां आपदा पीड़ितों को तात्कालिक राहत मिलेगी, वहीं यह भी संदेश गया है कि संकट की घड़ी में सरकारी संस्थान और कर्मचारी समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस निर्णय की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा आपदा की इस विकट घड़ी में प्रभावित परिवारों की पीड़ा हम सभी की साझा पीड़ा है। एक दिन का वेतन देना हमारे कर्तव्य और सामाजिक दायित्व का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि आपदा पीड़ितों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए। यह योगदान भले ही छोटा लगे, लेकिन इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना और यह विश्वास दिलाना है कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।
एक की करंट से मौत, दूसरे की वजह अब भी रहस्य
हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग में लगातार चार दिनों के भीतर दो हाथियों की मौत से हड़कंप मच गया है। 26 सितंबर को खानपुर रेंज के रसूलपुर क्षेत्र और 29 सितंबर को शाह मंसूर बीट में हाथियों के शव मिले। इनमें से एक हाथी की मौत खेत में लगी करंट वाली फैंसिंग से हुई, जबकि दूसरे की मौत का कारण अभी साफ नहीं हो पाया है।
पहली घटना में रसूलपुर बीट में हाथी का शव वन और राजस्व विभाग की सीमा पर मिला था। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली और भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजे गए हैं। पानी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।
वहीं, शाह मंसूर में खेत में हाथी का शव मिला, जहां इलेक्ट्रिक फैंसिंग लगी थी। मामले में खेत मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि दूसरी घटना में हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। वहीं पहली घटना में अभी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में ये घटनाएं हुई हैं, वहां बड़े पैमाने पर अवैध इलेक्ट्रिक फैंसिंग पाई गई है। ऐसे में एक विशेष अभियान चलाकर इस तरह की फैंसिंग को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले की जांच एसडीओ स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
सामाजिक, शैक्षणिक एवं समसामयिक विषयों पर किया विचार-विमर्श
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज राजभवन में जैन समुदाय के प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से सामाजिक, शैक्षणिक एवं समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
राज्यपाल ने जैन समुदाय की अहिंसा, सत्य, अनुशासन और शिक्षा जैसे उच्च जीवन मूल्यों की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैन समाज ने सदैव सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषकर शिक्षा और संस्कारों के क्षेत्र में उनकी पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को अपनी गतिविधियों, सामाजिक पहलों तथा इनसे जुड़ी चुनौतियों की जानकारी दी।
