बेरोजगार संगठन के मंच पर शिक्षकों का अपमान, सोशल मीडिया पर शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा के भड़के स्वर
उत्तरा पंत बहुगुणा ने सरकार से की युवती के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के जांच की मांग, नहीं हुई जांच तो भूख हड़ताल की दी चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड की चर्चित सेवानिवृत्त अध्यापिका उत्तरा पंत बहुगुणा बेरोजगार युवाओं के आंदोलन में समर्थन देने पहुँचीं, लेकिन मंच से एक युवती द्वारा शिक्षकों के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर उन्होंने कड़ा विरोध जताया है।
उत्तरा पन्त बहुगुणा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि आंदोलन का मुद्दा पेपर लीक था, लेकिन मंच पर अचानक धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई और फिर शिक्षकों को लेकर मर्यादा तोड़ते हुए अपशब्द कहे गए। उन्होंने कहा कि वे चाहतीं तो उसी समय सख्त प्रतिक्रिया देतीं, लेकिन संघर्षरत युवाओं की तपस्या को देखते हुए चुप रहीं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अब वे मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी और सरकार से मांग की कि उनकी और संबंधित युवती की शैक्षिक योग्यता की जांच कराई जाए। बहुगुणा ने साफ कहा, “यदि जांच नहीं हुई तो मैं भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी शिक्षक पर व्यक्तिगत आरोप हैं तो उसका नाम लेकर बात की जानी चाहिए थी, न कि पूरे शिक्षकीय समुदाय को कलंकित किया जाए। साथ ही युवती की डिग्री की सत्यता पर भी सवाल उठाए।

इस विवाद पर अभी तक न तो आंदोलन संचालकों और न ही सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर बहुगुणा का समर्थन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग इस घटना को शिक्षकों की गरिमा पर हमला मान रहे हैं।

जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक उत्तराखंड के एक-एक छात्र को न्याय दिलाना मेरा संकल्प- सीएम धामी
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 21 सितम्बर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में फंस गई है। इस मामले को लेकर युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस प्रकरण में किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। SIT गठित कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता और मीडिया जगत इस बात के साक्षी हैं कि हमारी सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा। बीते चार सालों में 25,000 से अधिक युवाओं को योग्यता व प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई है, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुईं।”
सीएम धामी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी सरकार छात्रों के हित में निर्णय लेने के लिए एक प्रतिशत भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा, “जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक उत्तराखंड के एक-एक छात्र को न्याय दिलाना मेरा संकल्प है। आने वाली परीक्षाओं में नकल कराने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अगले एक वर्ष में 10,000 नई नियुक्तियाँ की जानी हैं और इनका कैलेंडर जारी किया जा चुका है। सभी नियुक्तियाँ पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाएँगी।
सीबीआई जांच के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “अभी SIT जांच कर रही है, पहले उसे पूरा होने दिया जाए। हमें किसी भी जांच से परहेज नहीं है। छात्रों के हित में जो भी जरूरी होगा, हम करेंगे। CBI जांच से भी कोई परहेज नहीं है।”
मुख्यमंत्री धामी ने गढ़ी कैंट बाजार में व्यापारियों से की जीएसटी पर चर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट बाज़ार पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और आमजन से जीएसटी पर संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से नए जी.एस.टी. स्लैब पर सुझाव व फीडबैक लिया और उनसे आग्रह किया कि वे आम जनता को घटे हुए जी.एस.टी. दरों की जानकारी दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनता को सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर जी.एस.टी. दरों में कमी की है। “नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी” की यह पहल व्यापार और अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ ही जनता को राहत भी प्रदान करेगी।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा कि स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना हर नागरिक का कर्तव्य है। इससे किसानों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को मजबूती मिलेगी तथा भारत की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां के उत्पाद देशभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहे।
अल्मोड़ा/सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को निजी आवास सोमेश्वर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात कार्यक्रम का 126 वां एपिसोड सुना।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और दो महिला नौसेना अधिकारियों से संवाद कर उनके साहस का उत्साहवर्धन किया। यह देश की महिलाओं को आत्मबल और प्रेरणा देने वाला संदेश है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रधानमंत्री का स्थानीय स्तर पर बने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और “वोकल फॉर लोकल” का आह्वान हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक है। यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में भी मील का पत्थर सिद्ध होगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए समाज को समानता, न्याय और करुणा के मार्ग पर चलने की अपील की। इससे समाज में सकारात्मक सोच और एकता का वातावरण बनेगा।
रेखा आर्या ने अपील की कि हम सभी को महिला सशक्तिकरण, स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग और महापुरुषों की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। यही प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का वास्तविक संदेश है, जो हर भारतीय को आत्ममंथन और समाजहित में योगदान करने की दिशा दिखाता है।
पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान, सभी सकुशल घर पहुंचे
देहरादून। भद्रराज मंदिर की ओर ट्रैकिंग पर निकले कुछ युवक-युवतियां शनिवार देर रात रास्ता भटक गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में उन्हें सकुशल घर भेज दिया गया।
ऐसे चला रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मंदिर क्षेत्र में पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। कुछ ही देर में सभी युवक-युवतियों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
रेस्क्यू किए गए युवक-युवतियां
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पंकज कुमार (23) पुत्र आसाराम, निवासी रतनपुर चौकी नयागांव, थाना पटेल नगर, देहरादून
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उज्जवल पांडे (21) पुत्र दीपक पांडे, निवासी नंद की चौकी, थाना प्रेम नगर, देहरादून
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सोमेश श्रीवास्तव (24) पुत्र मनोज श्रीवास्तव, निवासी बल्लूपुर, थाना कैंट, देहरादून
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मनीष जोशी (24) पुत्र वीरेंद्र जोशी, निवासी वसंत विहार, थाना वसंत विहार, देहरादून
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कमल मित्तल (23) पुत्री संजय मित्तल, निवासी ब्रह्मपुरी सहस्त्रधारा, थाना रायपुर, देहरादून
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खुशी पंवार (20) पुत्री बलवंत सिंह, निवासी करी गांव, थाना प्रेम नगर, देहरादून
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रिया मेहरा (22) पुत्री राजेंद्र सिंह, निवासी गोकुल कुंज स्मिथ नगर, थाना प्रेम नगर, देहरादून
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संध्या बिष्ट (22) पुत्री बालम सिंह बिष्ट, निवासी पूजा बिहार, आईएसबीटी के पास, देहरादून
पुलिस ने अपील की है कि ट्रैकिंग पर जाने वाले लोग मौसम, समय और रास्ते की पूरी जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
कालसी ब्लॉक में 29 सितम्बर को बहुउद्देशीय शिविर
अटल आयुष्मान कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य जांच समेत अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर
देहरादून। जनता की सुविधाओं और समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार, 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक विकासखंड कालसी के ग्राम उटैल स्थित बैसोगिलानी मैदान में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं का मौके पर समाधान करेंगे और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देंगे।
शिविर में अटल आयुष्मान कार्ड, यूडीआईडी, दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार व श्रमिक कार्ड बनाए जाएंगे। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि वितरण, नेत्र परीक्षण व चश्में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही आय, जाति, चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार और सामाजिक पेंशन प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग व किसान पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं के आवेदन करेगा। स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों का सर्वे, नशा मुक्ति काउंसलिंग, टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जांच करेगा। ग्राम्य विकास विभाग मनरेगा, पीएमएवाई, एनआरएलएम से संबंधित प्रकरणों का समाधान करेगा। शिक्षा, खाद्य, कृषि, उद्यान, सहकारिता, मत्स्य, दुग्ध, विद्युत, पेयजल, उद्योग और पर्यटन विभाग भी अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
श्रम विभाग श्रमिक कार्ड बनाने और सामग्री वितरण का काम करेगा, जबकि बैंकिंग सेवाओं के तहत पीएम जीवन ज्योति, पीएम सुरक्षा योजना व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में आकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
गृह मंत्रालय ने दी विशेष अनुमति, अब प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत राशि
उत्तरकाशी। धराली और हर्षिल क्षेत्र में पांच अगस्त को आई भीषण आपदा में लापता हुए 67 लोग अब तक नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय ने विशेष छूट देते हुए इन लोगों का मृत्यु पंजीकरण कर प्रमाण पत्र जारी करने की मंजूरी दे दी है। इससे अब प्रभावित परिवारों को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।
सात साल का प्रावधान, पर मिली छूट
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत सामान्यत: लापता व्यक्ति को सात साल बाद मृत घोषित किया जाता है। लेकिन आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस प्रावधान में छूट दी है।
ऐसे पूरी होगी प्रक्रिया
लापता व्यक्ति के परिजनों को सबसे पहले अपने मूल निवास स्थान पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। इसके बाद मामला संबंधित क्षेत्र के परगना मजिस्ट्रेट या एसडीएम के पास जाएगा। एसडीएम 30 दिन का नोटिस जारी करेंगे और यदि इस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो मृत्यु पंजीकरण कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
नामित अधिकारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि धराली और हर्षिल क्षेत्र के मामलों में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को अभिहित अधिकारी और जिलाधिकारी को अपीलीय अधिकारी नामित किया गया है। इन्हीं के जरिए प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
पहले भी मिली थी छूट
गौरतलब है कि चमोली जिले के रैणी गांव में 2021 की आपदा के दौरान भी कई मजदूर लापता हो गए थे। उस समय भी केंद्र सरकार ने अधिनियम में छूट देते हुए मृत्यु पंजीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति दी थी। अब उसी तर्ज पर धराली आपदा प्रभावित परिवारों को राहत देने का रास्ता साफ हो गया है।
पर्यटकों को अनछुए स्थलों तक पहुंचाने और युवाओं को रोजगार देने की पहल
देहरादून। उत्तराखंड आने वाले पर्यटक अब यहां की खूबसूरत वादियों और अनछुए स्थलों की गहराई से जानकारी ले सकेंगे। पर्यटन विभाग इसके लिए प्रदेशभर में 500 नेचर गाइड तैयार कर रहा है। 15 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद केंद्र सरकार के अधीन पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल इन्हें प्रमाण पत्र प्रदान करेगी।
रोजगार और पर्यटन, दोनों को बढ़ावा
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ पर्यटकों को सही मार्गदर्शन मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। विभाग की योजना है कि इस साल सभी जिलों में नेचर गाइड तैयार कर उन्हें पर्यटकों की सुविधा के लिए तैनात किया जाए।
अल्मोड़ा से शुरू हुआ प्रशिक्षण
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल ने संयुक्त रूप से अल्मोड़ा जिले के बिन्सर से नेचर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यहां प्रशिक्षणार्थियों को प्रकृति, पक्षी और जैव विविधता संरक्षण की जानकारी दी जा रही है।
मुफ्त मिलेगा प्रशिक्षण
अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद परीक्षा ली जाएगी। सफल होने पर नेचर गाइड का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पर्यटन विभाग की ओर से पूरी तरह निशुल्क होगा।
अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर चला एम.डी.डी.ए. का बुलडोज़र
देहरादून। शहर और आसपास अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माण करने वालों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एम.डी.डी.ए.) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शनिवार को प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने कई क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और कई व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया।
एम.डी.डी.ए. उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर को अव्यवस्थित और अवैध तरीके से फैलने नहीं दिया जाएगा। नियम विरुद्ध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जनता को भी संदेश दिया कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में निवेश कर अपने पैसे और भविष्य को खतरे में न डालें।
प्रमुख कार्यवाहियां
1. शिमला बाईपास रोड
मानवेन्द्र पुण्डीर द्वारा ग्राम हिन्दुवाला साभावाला में लगभग 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
2. सेलाकुई (सेरपुर क्षेत्र)
गुलशेर द्वारा हाईवे और आसान नदी के बीच लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
3. चकराता रोड (शंकरपुर, सेलाकुई)
डी.सी. बंसल द्वारा लगभग 20 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
4. कल्याणपुर धर्मावाला चौक
रासिद द्वारा लगभग 08 बीघा भूमि में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।

5. अद्दूवाला, शिमला बाईपास रोड
नेरन्द्र चौहान द्वारा अवैध रूप से निर्मित फार्म हाउस एवं 08 व्यावसायिक हट्स सील।
6. धर्मावाल रोड, हरबटपुर
राकेश अग्रवाल द्वारा पेट्रोल पंप के निकट अवैध व्यावसायिक निर्माण सील।
7. मुख्य चकराता रोड, खुशहालपुर सहसपुर
सलमान द्वारा अवैध व्यावसायिक निर्माण सील।
8. 75 राजपुर रोड, देहरादून
सरदार मौ. असरफ खान व गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण सील।
9. संस्कृति लोक कॉलोनी, देहरादून
साकिर द्वारा निर्मित दो अवैध भवन सील।

10. चांचक चौक, बंजारावाला
मो. साजिद द्वारा टिन शेड का अस्थायी व्यावसायिक निर्माण ध्वस्त।
मौके पर मौजूद अधिकारी
संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, सचिव मोहन सिंह बर्निया के आदेश पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुरजीत सिंह रावत, निशांत कुकरेती, अवर अभियंता हर्षित मौठानी, जयदीप राणा, नेहा बर्थवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौजूद रहे।

उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित करना है। किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या प्लॉटिंग नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता को भी अपील है कि वह किसी भी अवैध कॉलोनी या निर्माण में निवेश न करें और हमेशा अनुमोदित प्लान व मानचित्र की जानकारी लेकर ही संपत्ति क्रय करें।
5 अक्तूबर को होगी सहकारी निरीक्षक व एडीओ सहकारिता भर्ती परीक्षा
देहरादून। स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में फंसी भर्ती प्रक्रिया फिलहाल अटकी हुई है, लेकिन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) अब अगली परीक्षा को लेकर सक्रिय हो गया है। आगामी 5 अक्तूबर को सहकारी समितियों में सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) के 45 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी।
केवल देहरादून और नैनीताल में परीक्षा
अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के कारण परीक्षा केवल देहरादून और नैनीताल के केंद्रों पर होगी। आयोग ने दोनों जिलों के डीएम को पत्र भेजकर केंद्रों की सख्त जांच और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी परीक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र दो घंटे पहले पहुंचना होगा, वरना चेकिंग न होने पर वे परीक्षा से वंचित रह सकते हैं।
प्रवेश द्वार पर कड़ी चेकिंग
आयोग ने निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश द्वार पर ही पूरी जांच की जाए। जैमर, सुरक्षा जांच और अभ्यर्थियों की स्कैनिंग की तैयारी एक दिन पहले रिहर्सल के जरिए परखी जाएगी। हर केंद्र पर चौकीदार की तैनाती, पुलिस की विशेष जांच और परीक्षा से दो घंटे पहले तक सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा।
जैमर को लेकर सख्ती
आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने साफ किया कि इस बार लेटेस्ट तकनीक वाले जैमर ही लगाए जाएंगे। जैमर न सिर्फ परीक्षा कक्ष बल्कि वॉशरूम तक लगाए जाएंगे। किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “जो कमियां स्नातक स्तरीय परीक्षा में दिखाई दीं, उन्हें इस बार पूरी तरह दूर करेंगे। जैमर से लेकर सुरक्षा तक हर तैयारी को एक दिन पहले परखा जाएगा।”–जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, यूकेएसएसएससी
