राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने जताया आभार, कहा– धामी सरकार कर्मचारी हितैषी नीतियों की मिसाल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार एक बार फिर कर्मचारी हितैषी नीतियों के लिए सुर्ख़ियों में है। कर्मचारियों के हित में लगातार संवेदनशील रहते हुए राज्य सरकार ने निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों व स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का शासनादेश जारी किया है। इस निर्णय से राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री धामी, उनकी सरकार और उद्योग सचिव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ ने इस फैसले को कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार का विशेष धन्यवाद किया है। महासंघ का कहना है कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे राज्य की कार्यप्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड की पहल पर राज्य के विभिन्न निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं स्वायतशासी संस्थाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार ने पांचवे/छठवें केन्द्रीय वेतनमान के तहत 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का शासनादेश जारी किया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ का कहना है कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। यह शासनादेश लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की मांग को पूरा करने वाला कदम है।

धामी सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए संवेदनशील- राणाकोटी
प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ते में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर्मचारियों के आर्थिक बोझ को कम करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा, यह निर्णय बताता है कि राज्य सरकार निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को भी समान अवसर व सुविधाएं देने के लिए गंभीर है। इस कदम से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे और अधिक समर्पण व उत्साह के साथ अपने कार्यों को अंजाम देंगे। राणाकोटी ने आगे कहा कि महासंघ लगातार कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाता रहा है और आगे भी यही प्रयास जारी रहेगा।
धामी सरकार कर्मचारी हितैषी- जोशी
प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी ने भी कर्मचारियों की ओर से सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने समय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया है। उन्होंने कहा यह फैसला सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाता है। निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि एक बड़ी राहत है। हमें उम्मीद है कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी। जोशी ने यह भी कहा कि महासंघ लगातार सरकार के साथ संवाद बनाए रखेगा ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम से पढ़ाई होगी और भी लचीली
देहरादून। प्रदेश में छात्रों को अब अपनी पसंद के विषय चुनने और पढ़ाई में नए अवसरों का लाभ लेने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू होगा, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार पढ़ाई जारी रख सकेंगे। सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
डॉ. रावत ने कहा कि एनईपी-2020 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और भारतीय परंपरागत शिक्षा का संतुलन उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में ईवी तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिसिस, उभरती तकनीकें और उद्यमिता जैसे नए पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित विषयों जैसे ज्योतिष विज्ञान, योग, आयुष, वास्तु, कृषि और वानिकी को भी पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, कौशल विकास, बहुविषयक विकल्प, डिजिटल इनिशिएटिव, अकादमिक शोध, ओपन डिस्टेंस लर्निंग और एकेडमिया-इंडस्ट्री सहयोग जैसे विषयों पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
देहरादून। धामी मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले किये गए।
पशुपालन विभाग
पशुपालन विभाग द्वारा 9 पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग के कुक्कुट पालकों के लिए कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना लागू जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत प्रारम्भिक वर्ष 2025-26 में ब्रायलर फार्म योजना के अन्तर्गत 816 एवं कुक्कुट वैली स्थापना योजना के अन्तर्गत 781 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत कुल आहार सब्सिडी -रूपये 2,83,85,000 (रूपये दो करोड़ तिरासी लाख पिच्चासी हजार मात्र) का आवंटन किया जाएगा।
परिवहन विभाग
देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के नाम से स्पेशल परपज व्हीकल का गठन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संचालित ई-बसों को संचालित किए जाने, प्रधान मंत्री ई-बस सेवा योजना के अन्तर्गत ई-बसों के संचालन तथा वर्तमान नगर बस सेवा का संचालन सुगठित-सुव्यवस्थित करने का कार्य करेगा।
आवास विभाग
जनपद ऊधमसिंहनगर में प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित कालोनियों एवं व्यावसायिक निर्माण हेतु ग्राम फाजलपुर महरौला, तहसील रूद्रपुर अंतर्गत कुल रकबा 9.918 हे० भूमि को वर्तमान सर्किल रेट पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधमसिंहनगर के पक्ष में आवंटन किया जाएगा।
न्याय अनुभाग
महाधिवक्ता, मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के अधिष्ठान कार्यालय में आशुलिपिक संवर्ग में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव (वेतनमान 123100-215900, लेवल-13. ग्रेड पे-8700) का 01 पद सृजन के साथ ही आशुलिपिक (वेतनमान-29200-92300, लेवल-05) का 01 पद समर्पित किया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी
एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों समेत दर्जनों निर्माण सील
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अगुवाई में मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। बीते एक माह के भीतर प्राधिकरण ने लगभग 150 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और ऋषिकेश सहित विभिन्न स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों समेत दर्जनों निर्माणों को सील किया है।
कहाँ-कहाँ हुई बड़ी कार्रवाई
डोईवाला के झाबरावाला में 18 बीघा, रानीपोखरी के डांडी गांव में 10 से 12 बीघा, भानियावाला के बक्सारवाला में 25 बीघा और देहरादून के हरिद्वार रोड (साईं मंदिर के निकट) में 40 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अतिरिक्त शीशमबाड़ा क्षेत्र में 10 बीघा और रूपनगर बद्रीपुर में 5 बीघा अवैध प्लॉटिंग को भी गिराया गया। माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड, नेहरू कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड और शिमला बाईपास हिन्दुवाला क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। सबसे बड़ी कार्रवाई ऋषिकेश में देखने को मिली, जहाँ निर्मल बाग, वीरभद्र रोड, गली नंबर 10–11, कोयल ग्रांट और प्राधिकरण क्षेत्र के अन्य हिस्सों में एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों को सील किया गया।
एमडीडीए की जीरो टॉलरेंस की नीति
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा स्पष्ट है। प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होंगे और यह कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है। उन्होंने दोहराया कि आज की कार्रवाई आख़िरी कदम नहीं है, बल्कि यह सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण हर उस जगह पहुँचेगा जहाँ मानकों के विरुद्ध ढांचा खड़ा किया गया है।
आम जनता को किया जा रहा जागरूक
प्राधिकरण आम जनता को भी लगातार जागरूक कर रहा है कि वह भू-माफियाओं के झांसे में न आएँ। किसी भी प्लॉट या निर्माण की वैधता की पुष्टि प्राधिकरण से अवश्य करें। बिना एमडीडीए से अनुमति की प्लॉटिंग या निर्माण आम जनमानस के लिए भविष्य में न केवल आर्थिक नुकसान बल्कि कानूनी संकट भी खड़ा कर सकते हैं।
योजनाबद्ध विकास पर जोर
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि उत्तराखंड की खूबसूरती और योजनाबद्ध विकास को बचाने के लिए कठोर फैसले लेना बेहद आवश्यक है। अवैध निर्माण न केवल पर्यावरण और भूगोल को नुकसान पहुँचाते हैं बल्कि प्रदेश की पहचान और भविष्य के लिए भी खतरा हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री धामी ने साफ निर्देश दिए हैं कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बुलडोज़र बना सख्ती का प्रतीक
बुलडोज़र और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इन कार्रवाइयों ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार का यह कदम सही दिशा में है क्योंकि अवैध गतिविधियों से बुनियादी ढाँचा और संसाधन बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देहरादून जनपद प्राधिकरण क्षेत्रांगर्त हुई यह कार्रवाई प्रदेशभर में यह संदेश देती है कि उत्तराखंड अब अवैध प्लॉटिंग और नियमविरुद्ध निर्माण के खिलाफ पूरी तरह एक्शन मोड में है।
सेना में तैनाती के दौरान की यादों को किया ताजा, डेल्टा कम्पनी के बैरिक और मैस पहुंचे गणेश जोशी
रिकॉर्ड कक्ष सहित हथियारों के प्रशिक्षण केंद्र भी पहुंचे सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, एके47 से चलाई गोली
लैंसडाउन। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में दो दिवसी भ्रमण के दौरान सुबे के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने वार मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने गढ़वाल राइफल्स के म्यूजियम का अवलोकन किया और वहाँ प्रदर्शित वीर सैनिकों के शौर्य एवं बलिदान की गाथाओं को नमन किया।
सैनिक कल्याण मंत्री 1976 को आर्मी में भर्ती हुए और 14वीं गढ़वाल राइफल्स की डेल्टा कम्पनी की यादों को ताजा करने के लिए उन्होंने डेल्टा कम्पनी के बैरिक और मैस का दौरा किया। जहां पर सैनिक कल्याण मंत्री ने जवानों के साथ भोजन किया और बैरिक जाकर सैन्य अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड कक्ष का निरीक्षण भी किया, जहां अपना नाम देखकर उनकी पुरानी सैन्य सेवाओं की यादें ताजा की। इसके अलावा उन्होंने हथियारों के प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने भुल्ली सशक्तिकरण केंद्र का भी दौरा किया, जहाँ सैन्य अधिकारियों और सैनिकों के परिवार द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया। इसके साथ ही सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कोटद्वार में सूबेदार मेजर शैलेन्द्र मोहन बिष्ट से भी भेंट की। इस दौरान उन्होंने कोटद्वार स्थित छावनी परिषद का भी अवलोकन किया और परिषद से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यही से उन्होंने 13 नवम्बर 1976 को एक राईफलमैन के एक रूप में भारतीय सेना में ज्वाइन हुए थे। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स का इतिहास शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का प्रतीक है। देवभूमि उत्तराखंड सदैव से देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रही है। यहाँ के वीर सैनिकों ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सैनिकों, शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री ने उपस्थित सैन्य अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि शौर्यभूमि लैंसडाउन का हर पत्थर गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली परंपरा की गाथा कहता है।
निरीक्षण के दौरान गढ़वाल राइफल रेजीमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, डेल्टा कम्पनी के कम्पनी कमांडर, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (सेनि) वीपी भट्ट सहित सेना के अधिकारी उपस्थित रहे।
दहशत में ग्रामीण, राहत शिविर में पहुंचे 60 से ज्यादा लोग
चमोली। चमोली जिले के ब्लॉक के अनुसूचित बाहुल्य गांव पूर्णा में भू-धंसाव और जमीन से रिस रहे पानी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। गांव के करीब 15 घरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जो धूप और बारिश के चलते लगातार चौड़ी हो रही हैं। हालात बिगड़ने पर अधिकांश परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
पूर्णा ही नहीं, बल्कि ल्वाणी, धरातल्ला और मोपाटा के बाद अब यह आपदा सेलखोला गांव तक पहुंच गई है। यहां भी आठ घरों में दरारें आ चुकी हैं, जिससे लोग रात के अंधेरे में घर छोड़कर होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हो गए। प्रभावित परिवार मजदूरी पर निर्भर हैं, जिनके घरों के साथ-साथ गोशालाएं भी धंसाव की चपेट में आ गई हैं।
राहत शिविर और प्रशासन की पहल
प्रशासन ने जीएमवीएन के पर्यटन आवास गृह में राहत शिविर बनाया है, जहां फिलहाल 60 से अधिक लोग रात गुजार रहे हैं। ग्राम प्रधान सीमा देवी और कनिष्ठ उपप्रमुख पिंकी देवी ने प्रशासन से त्वरित मदद और गांव का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
विधायक और प्रशासन मौके पर
क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा और एसडीएम पंकज भट्ट ने पूर्णा और सेलखोला गांव का दौरा कर प्रभावितों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक ने पूर्णा गांव के लिए 16 राशन किट वितरित किए और प्रशासन को सभी प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की धारा को डायवर्ट करने और भू-धंसाव की वैज्ञानिक जांच कराने की बात कही।
देहरादून। प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल स्वयंसेवकों को अब साल भर में कुल 12 दिन का मानदेय सहित अवकाश मिल सकेगा । इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है।
विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि चार धाम यात्रा व अन्य सभी महत्वपूर्ण आयोजनों में पीआरडी स्वयंसेवकों की उत्तम सेवा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
रेखा आर्या ने बताया कि ऐसे स्वयंसेवक जिनके द्वारा कम से कम 365 दिन की ड्यूटी कर ली गई हो और जो कार्ययोजित हों, उन्हें प्रत्येक 30 दिनों की ड्यूटी पर 1 दिन का आकस्मिक अवकाश मानदेय के साथ मिल सकेगा।
इस आकस्मिक अवकाश की मंजूरी ड्यूटी और तैनाती स्थल से संबंधित कार्यालय, संस्थान या निगम के सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनवरी से जून माह तक कुल 6 माह की अवधि में अधिकतम 6 आकस्मिक अवकाश मान्य होंगे। यदि 6 माह की अवधि के पश्चात कोई आकस्मिक अवकाश बचता है तो उसे आगे नहीं जोड़ा जाएगा। इसी तरह साल के बाकी 6 महीनों के लिए भी 6 आकस्मिक अवकाश मान्य होंगे
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज बोले – उत्तराखंड यात्रा का जीएसटी यहीं कटे, तभी राज्य को होगा लाभ
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड एक ऐसा स्थान है जहां के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर वर्षभर सबसे अधिक यात्री आते हैं। टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों के कार्यालय राजधानी दिल्ली में खुले हैं और वहीं वह जीएसटी भी काटते हैं। जब यात्रा उत्तराखंड की है तो जीएसटी भी उत्तराखंड में कटनी चाहिए। इसलिए टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों को उत्तराखंड की यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए अपने कार्यालय उत्तराखंड में भी खोलने चाहिए ताकि उत्तराखंड को जीएसटी का लाभ मिल सके।
उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिवस (उत्तरा) एसोसिएशन एवं उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक स्थानीय होटल में आयोजित उत्तरा सम्मेलन में प्रतिभाग करने आये टूर ऑपरेटर, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों, उद्यमियों और संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही। Tour Operator: The Force Behind सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने आयोजनकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड, जिसे हम देवभूमि कहते हैं, केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह रोमांच, साहसिक पर्यटन, वेलनेस मेडिकल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी अपार संभावनाएँ समेटे हुए है। इसलिए आज जब हम इस आयोजन के अवसर पर पर्यटन के भविष्य की चर्चा कर रहे हैं, तो हमें यह भी स्मरण रखना चाहिए कि पर्यटन केवल अर्थव्यवस्था का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, हमारी परंपराओं और हमारी धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का भी एक सशक्त माध्यम है।
पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड एक ऐसा स्थान है जहां के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर वर्षभर सबसे अधिक यात्री आते हैं। टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों के कार्यालय राजधानी दिल्ली में खुले हैं और वहीं वह जीएसटी भी काटते हैं। जब यात्रा उत्तराखंड की है तो जीएसटी भी उत्तराखंड में कटनी चाहिए। इसलिए टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों को उत्तराखंड की यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए अपने कार्यालय उत्तराखंड में भी खोलने चाहिए ताकि उत्तराखंड को जीएसटी का लाभ मिल सके और हमारी सरकार टूर ऑपरेटर्स की जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान कर उन्हें लाभ दे सके। उन्होंने कहा Tour Operator: The Force Behind न केवल समयानुकूल है आयोजन है बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि किसी भी पर्यटन गंतव्य की सफलता में टूर ऑपरेटरों की भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सभी टूर ऑपरेटर हमारे राज्य के पर्यटन ब्रांड एम्बेसडर हैं, जो हर पर्यटक को उत्तराखण्ड की असली छवि दिखाने के साथ-साथ उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने का काम करते हैं।
महाराज ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कार्य करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र के सतत विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विभाग की योजनाएँ, प्रोत्साहन पैकेज और नई नीतियाँ इस दिशा में ठोस कदम हैं। हमारे प्रयास हैं कि हम राज्य को साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, मेडिकल पर्यटन, वेलनेस पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन का वैश्विक केन्द्र बना सकें। सतत विकास और संकट की तैयारी (*Sustainability & Crisis Preparedness*) आज की प्रमुख आवश्यकताएँ हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी समान महत्व मिले।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस प्रकार के आयोजन संवाद और सहयोग राज्य को एक नई दिशा देंगे। इससे न केवल पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान निकलेंगे बल्कि नई संभावनाओं के द्वार भी खुलेंगे और उत्तराखण्ड को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।
पर्यटन विभाग के एसीईओ बी.एल. राणा, अपर निदेशक पूनम चंद, आईएटीओ के अध्यक्ष पूर्व राजीव मेहरा, एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना, वैभव काला, प्रशांत मैठाणी, सुनील सिंह राणा सहित अनेक लोग मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भी रहीं मौजूद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ राजनेता भुवन चंद्र खंडूरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। खंडूरी इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उपचाररत हैं।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उनकी स्थिति की जानकारी प्राप्त की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने उनसे भी खंडूरी के उपचार से जुड़ी जानकारी ली।
“हिमालय देश की आत्मा और धरोहर” – सीएम धामी ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
देहरादून। मसूरी रोड स्थित एक होटल में मंगलवार को आयोजित “हिमालय बचाओ अभियान-2025” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में शुरू हुआ हिमालय बचाओ अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है। हिमालय देश की आत्मा, संस्कृति और प्रकृति की अनमोल धरोहर है, जिसकी नदियां करोड़ों लोगों को जीवनदायी जल और ऊर्जा प्रदान करती हैं। यहां की दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु पर्यावरण की अहम धरोहर हैं।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है। राज्य सरकार वन संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे अब तक 72 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए और व्यापक प्रयास जरूरी हैं। यहां के लोगों की परंपराएं और पारंपरिक ज्ञान प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग दिखाते हैं। जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी हिमालय को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।
