रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया नियंत्रक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन
रक्षा लेखा विभाग को आधुनिक और रणनीतिक वित्तीय संस्था में बदलने की दिशा में बड़ा कदम
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित रक्षा लेखा विभाग (DAD) के तीन दिवसीय नियंत्रक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारत की सैन्य क्षमताओं, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि “शांति का समय भ्रम हो सकता है, इसलिए रक्षा क्षेत्र को मजबूत करना अब आवश्यकता बन गया है।”
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने रखा, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता भी प्रमाणित की। उन्होंने कहा, “दुनिया भारत की रक्षा क्षमताओं को नई दृष्टि से देख रही है। हमारे घरेलू रक्षा उपकरणों की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 में वैश्विक सैन्य खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है और भारत के लिए इसमें बड़ी संभावनाएं हैं। “इस बदलते सुरक्षा परिदृश्य में वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक बजटीय प्रबंधन की भूमिका बेहद अहम है,”।
राजनाथ सिंह ने रक्षा लेखा विभाग की भूमिका को ‘सिर्फ लेखांकन’ तक सीमित न मानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग की ईमानदारी और पारदर्शिता का असर सीधे उन सैनिकों तक पहुंचता है जो सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। “यह केवल वित्तीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा दायित्व भी है,”।
उन्होंने बताया कि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने पहली बार जैम पोर्टल के जरिए पूंजीगत खरीद को स्वीकृति दी है, जो पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही यह जानकारी दी कि विभाग व्यापक वेतन प्रणाली और केंद्रीकृत डाटाबेस विकसित करने पर भी काम कर रहा है।
सम्मेलन का उद्देश्य और थीम:
तीन दिवसीय यह सम्मेलन रक्षा लेखा विभाग को पारंपरिक लेखा प्रणाली से आगे ले जाकर आधुनिक, रणनीतिक और दक्ष रक्षा वित्तीय संस्था में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “वित्तीय सलाह, भुगतान, ऑडिट और रक्षा वित्त एवं अर्थशास्त्र के माध्यम से लेखांकन में बदलाव” रखी गई है।
मुख्य बिंदु और सत्र:
सम्मेलन में आठ उच्चस्तरीय ‘मंथन सत्र’ आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बजट सुधार, आंतरिक ऑडिट, मूल्य निर्धारण, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर मंथन होगा। इसमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए IFA प्रणाली की भूमिका को भी स्पष्ट किया जाएगा।
डीएडी की वर्तमान भूमिका और भविष्य की दिशा:
वर्तमान में डीएडी ₹26.8 लाख करोड़ के रक्षा बजट का प्रबंधन कर रहा है, जिसमें से ₹1.7 लाख करोड़ पेंशन मद में निर्धारित है। विभाग देशभर में 200 से अधिक सेवा केंद्र संचालित कर रहा है और MIS आधारित प्रणाली से प्रदर्शन मूल्यांकन को बेहतर बना रहा है।
सम्मेलन के दौरान ‘सतर्क, चुस्त, अनुकूल’ जैसे नए मिशन स्टेटमेंट और स्लोगन का अनावरण भी किया जाएगा। वर्ष 2025 को “सुधार वर्ष” घोषित करते हुए इसे भारत की रक्षा वित्त प्रणाली को भविष्य के लिए सक्षम बनाने का एक निर्णायक क्षण बताया गया है।
महुआ मोइत्रा ने कहा- “आदेश से करोड़ों योग्य मतदाता वंचित हो सकते हैं”
10 जुलाई को होगी सुनवाई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए 10 जुलाई को तारीख तय की है। अदालत इस प्रक्रिया की वैधता और संवैधानिक आधार का परीक्षण करेगी, जिससे चुनावी निष्पक्षता और सभी जागरूक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
याचिकाकर्ता और दायरा
राजद सांसद मनोज झा और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने अलग-अलग याचिकाओं में चुनाव आयोग के 24 जून के आदेश को रद्द करने की मांग की है।
एनजीओ ‘एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ ने भी इसी (SIR) प्रक्रिया को संवैधानिक आधार पर चुनौती दी है।
मुख्य तर्क
मनोज झा का आरोप है कि विधानसभा चुनाव से केवल कुछ महीने पहले इस तरह का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रियाओं में असमानता और अनियमितताओं का मार्ग प्रशस्त करता है।
महुआ मोइत्रा का कहना है कि 24 जून का आदेश “संविधान के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन” करते हुए जारी हुआ और इससे “लाखों योग्य मतदाताओं” के नाम कटने का जोखिम बना सकता है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य
आयोग ने (SIR) का लक्ष्य “अपात्र नामों को हटाकर” केवल सही और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल रखना बताया है।
24 जून के आदेश में बताया गया कि यह कदम “मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाने” और “चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने” के लिए आवश्यक है।
अगले कदम
सर्वोच्च न्यायालय 10 जुलाई को दोनों याचिकाओं की विचार–विमर्श पूर्ण सुनवाई करेगा।
अदालत इस दौरान निर्वाचन आयोग के (SIR) निर्देशों की संवैधानिकता, चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और संभावित प्रभाव का व्यापक परीक्षण कर सकती है।
प्रभाव
यदि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष लिया तो पूरे देश में (SIR) के आदेशों पर अस्थायी रोक लग सकती है।
चुनाव से पहले यह विवाद मतदाता सूची की विश्वसनीयता, चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र और राजनीतिक दलों के बीच तर्क–वितर्क को केंद्र में रखेगा।
पंचकूला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी युवक से ₹1.5 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने न केवल पैसा लिया बल्कि फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमा दिया। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आरोपी महिला आकृति यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी भी महेंद्रगढ़ की ही रहने वाली है।
इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती, फिर हुआ भरोसे का सौदा
पीड़ित दीपक, जो बावल स्थित पॉस्को कंपनी में ट्रॉलिंग हेल्पर के रूप में कार्यरत है, ने बताया कि उसकी तीन महीने पहले इंस्टाग्राम पर आकृति यादव से दोस्ती हुई थी। आकृति ने खुद को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की कर्मचारी बताया। उसने दीपक को भरोसा दिलाया कि 2024 में हाईकोर्ट में हुई क्लर्क और चपरासी की भर्ती में कुछ पद खाली रह गए हैं और वह उसे नौकरी दिला सकती है। दीपक ने आकृति को जरूरी दस्तावेज भेजे और ₹1.5 लाख का भुगतान किया।
फर्जी लेटर और पुलिस शिकायत
27 जून को आकृति ने वीडियो कॉल पर दीपक को एक जॉइनिंग लेटर दिखाया और 4 जुलाई को जब दीपक हाईकोर्ट पहुंचा, तो आकृति ने उसे कैंटीन में बुलाकर फर्जी जॉइनिंग लेटर सौंप दिया। लेटर पर शक होने पर दीपक ने तुरंत सेक्टर-3 थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आकृति यादव को गिरफ्तार कर लिया।
केस दर्ज, आगे की जांच जारी
पुलिस ने आकृति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई और शामिल था या नहीं।
नई दिल्ली: दिल्ली के करोल बाग स्थित विशाल मेगा मार्ट में शुक्रवार शाम लगी भीषण आग में यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र कुंवर धीरेंद्र विक्रम सिंह (24) की लिफ्ट में फंसकर दम घुटने से मौत हो गई। धीरेंद्र ने परिवार और दोस्तों को फोन और मैसेज कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन रेस्क्यू में देरी के कारण उसे नहीं बचाया जा सका। उसका शव शुक्रवार रात लिफ्ट के अंदर मिला। धीरेंद्र सोनभद्र (UP) निवासी था और पिछले 6 साल से दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
आग का कारण शॉर्ट सर्किट, राहत कार्य अभी जारी
करीब 400 गज की चार मंजिला इमारत में लगी आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे के 24 घंटे बाद भी राहत कार्य जारी है।
शनिवार दोपहर एक और जला हुआ शव दूसरी मंजिल से मिला, जिसकी पहचान नहीं हो पाई है।
आखिरी सांस तक लगाता रहा मदद की गुहार
धीरेंद्र ने फोन, मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए भाई-बहन और दोस्तों से कहा कि वह लिफ्ट में फंसा है और सांस नहीं ले पा रहा। परिजनों का कहना है कि पुलिस को बार-बार सूचना देने के बावजूद कहा गया कि “कोई अंदर नहीं है।”बाद में मोबाइल लोकेशन ट्रेस होने पर सर्च शुरू किया गया और धीरेंद्र का शव बरामद हुआ।
दो दिन पहले ही लौटा था दिल्ली
धीरेंद्र दो दिन पहले ही घर से दिल्ली लौटा था। पढ़ाई में होनहार और आत्मनिर्भर बनने का सपना लिए आए इस छात्र की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। परिजनों ने लापरवाही पर सवाल उठाए हैं और न्याय की मांग की है।
जेपीएनआईसी को एलडीए को सौंपने पर अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्र को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपे जाने के फैसले को जेपी के विचारों और समाजवादी मूल्यों का अपमान बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि जेपीएनआईसी की स्थापना समाजवाद और जयप्रकाश नारायण के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई थी, और इसमें जॉर्ज फर्नांडीज, नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और मोहन सिंह जैसे बड़े नेता शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इसे एलडीए को सौंपकर उसकी महत्ता को समाप्त करना चाहती है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल उठाया, “जिन लोगों ने जेपीएनआईसी को बर्बाद कर दिया, वे अब बिहार जाकर जेपी के नाम पर वोट कैसे मांगेंगे?” उन्होंने एलडीए की कार्यप्रणाली पर भी तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के बनवाए बाजार ‘कबूतरखाना’ जैसे लगते हैं।
कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सबसे अधिक सुनारों की हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अपराधों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता है।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने तेंदुए से संघर्ष कर जान बचाने वाले एक श्रमिक को दो लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी सौंपा। उन्होंने पुनः दोहराया कि समाजवादी पार्टी जेपीएनआईसी को खरीदने को तैयार है।
90वें जन्मदिन से पहले दीर्घायु प्रार्थना में शामिल हुए दलाई लामा, उत्तराधिकारी की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी
धर्मशाला में अनुयायियों से कहा— भारत में भी मानवता की भलाई के लिए कर रहा हूं कार्य
धर्मशाला। तिब्बती धर्मगुरु 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्योत्सो ने अपने उत्तराधिकारी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि वह आगामी 30 से 40 वर्षों तक जीवित रहने की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने यह बात शनिवार को अपने 90वें जन्मदिवस से पहले आयोजित दीर्घायु प्रार्थना सभा में कही।
मैक्लोडगंज स्थित मुख्य त्सुगलागखांग मंदिर में आयोजित समारोह में दलाई लामा ने कहा कि उन्हें लगातार संकेत मिल रहे हैं कि करुणा के देवता अवलोकितेश्वर का आशीर्वाद उनके साथ है। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी ओर से सदैव सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है। आपकी प्रार्थनाएं असरदार रही हैं और मुझे विश्वास है कि मैं आगे भी लोगों की सेवा करता रहूंगा।”
उन्होंने निर्वासन की स्थिति पर भी बात की। कहा, “हालांकि हमने अपना देश खोया है और हम भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हैं, फिर भी मैं यहां रहकर लोगों की सहायता करने में सक्षम हूं।”
जन्मदिवस समारोह और आगंतुक:
90वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेरे समेत कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए हैं। रविवार को आधिकारिक जन्मदिन के मौके पर केक काटा जाएगा और दलाई लामा अपने अनुयायियों को आशीर्वाद देंगे।
इस आयोजन में शामिल होने के लिए दुनियाभर के 48 देशों से हजारों अनुयायी धर्मशाला पहुंचे हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे आयोजन को लेकर सतर्क हैं। हालांकि सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग का कार्यक्रम अंतिम क्षणों में रद्द हो गया।
एनडीए में पेशवा बाजीराव की प्रतिमा का भव्य अनावरण
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर शाह ने दी सुरक्षा व्यवस्था पर नसीहत
पुणे। पुणे में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश की संप्रभुता की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएं और नेतृत्व हर चुनौती का सामना करने को तत्पर हैं। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे स्वराज की रक्षा का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया।
एनडीए में मराठा योद्धा और महान रणनीतिकार पेशवा बाजीराव प्रथम की घुड़सवार प्रतिमा का अनावरण करते हुए शाह ने कहा कि शिवाजी और बाजीराव जैसे योद्धाओं से आज भी प्रेरणा मिलती है। “विपरीत परिस्थितियों में भी स्वराज स्थापित करने की उनकी दृढ़ता हमें आज भी देश की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख देती है,”
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र, कहा – भारत की तैयारी पर कोई सवाल नहीं
शाह ने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर की ओर इशारा करते हुए कहा, “स्वराज की स्थापना के लिए हमने पहले भी संघर्ष किया है और उसकी रक्षा के लिए आगे भी पीछे नहीं हटेंगे। ऑपरेशन सिंदूर से यह साफ हो गया है कि भारत किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।”
बाजीराव को दी श्रद्धांजलि, कहा– 40 वर्षों में रच दिया इतिहास
कार्यक्रम के दौरान शाह ने पेशवा बाजीराव प्रथम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अगर शिवाजी महाराज द्वारा शुरू की गई स्वतंत्रता की लड़ाई को पेशवाओं ने आगे न बढ़ाया होता, तो भारत की सांस्कृतिक पहचान बचाना मुश्किल हो जाता। “अपने छोटे से जीवनकाल में बाजीराव ने जो इतिहास रचा, वह आज भी प्रेरणा है,”
एनडीए कैडेट्स से मुलाकात, देश की रक्षा में युवाओं की भूमिका पर जोर
इस मौके पर अमित शाह ने एनडीए कैडेट्स से बातचीत की और उन्हें राष्ट्र रक्षा की जिम्मेदारी को गर्व और समर्पण के साथ निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाजीराव जैसे महान योद्धा की प्रतिमा यहां होना एक प्रेरणादायक प्रतीक है, जो भविष्य के सैन्य नेतृत्व को दिशा देगा।
बचाव कार्यों की समीक्षा कर कहा– हरसंभव मदद को तैयार है केंद्र सरकार
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और उससे उत्पन्न संकट के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर हालात की जानकारी ली है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
देशभर में भारी बारिश और उससे उत्पन्न संकट के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
शाह ने एक ट्वीट में कहा, “देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के मद्देनजर प्रभावित राज्यों से बात की है। जरूरतमंद क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं और आवश्यकतानुसार और बल भी भेजे जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा।”
मुरथल से लौट रहे थे युवक, डिवाइडर से टकराकर ट्रक से भिड़ी स्कॉर्पियो, एक की हालत गंभीर
हरियाणा। सोनीपत के जीटी रोड पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की जान चली गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलटकर सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। सभी युवक बर्थडे पार्टी के बाद लौट रहे थे।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव बिनोली निवासी 28 वर्षीय प्रिंस ने 2 जुलाई को घर पर जन्मदिन मनाया था। गुरुवार को उसने अपने दोस्तों को मुरथल के एक ढाबे पर पार्टी देने के लिए आमंत्रित किया। पार्टी के बाद देर रात लौटते समय उसकी स्कॉर्पियो जीटी रोड सेक्टर-7 फ्लाईओवर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
प्रिंस के साथ उसके चचेरे भाई आदित्य (25), दोस्त विशाल (24) और सिरसली गांव निवासी सचिन भी सवार थे। रात करीब साढ़े 11 बजे तेज रफ्तार में चल रही स्कॉर्पियो अचानक डिवाइडर से टकरा गई, पलटते हुए सड़क की दूसरी ओर पहुंची, जहां सामने से आ रहे ट्रक ने उसमें जबरदस्त टक्कर मार दी।
इस हादसे में प्रिंस, आदित्य और सचिन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घायल को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि मृतक सचिन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और दो साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। हादसे से पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयानों पर भाजपा ने किया तीखा पलटवार
नई दिल्ली। कांवड़ यात्रा के साथ एक बार फिर देश की सियासत गर्मा गई है। यात्रा के दौरान कुछ घटनाओं को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने यात्रा में ‘नफरत फैलाने’ की आशंका जताई, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने धार्मिक पहचान पूछे जाने की घटनाओं की तुलना ‘आतंकवाद’ से कर दी। इन बयानों को भाजपा ने हिंदू आस्था का अपमान बताया है।
दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयान बने सियासत का केंद्र
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकारें अगर कांवड़ यात्रा के लिए सुविधाएं देती हैं तो यह स्वागत योग्य है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए किया जाए तो यह चिंताजनक हो जाता है। उन्होंने कहा, “किसी भी सभ्य समाज में नफरत फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”
वहीं, एसटी हसन ने दावा किया कि उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ दुकानदारों और होटल कर्मचारियों की धार्मिक पहचान पूछी जा रही है। उन्होंने इसे ‘धार्मिक आतंकवाद’ जैसा बताते हुए कहा, “धर्म पूछकर कपड़े उतरवाना या नाम पूछना, यह वैसा ही है जैसा आतंकवादी करते हैं।”
भाजपा का कड़ा पलटवार
भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इन बयानों को हिंदू विरोधी मानसिकता करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही सोच है जिसमें ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’, और हाफिज सईद को ‘हाफिज साहब’ कहा जाता है, जबकि कांवड़ यात्रा में ही इन्हें सांप्रदायिकता नजर आती है। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ‘डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ जैसी बैठकों में शामिल होते हैं और कांग्रेस की सोच उसी दिशा में जा रही है।
एसटी हसन ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप
एसटी हसन ने उत्तराखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन घटनाओं पर आंखें मूंदे बैठी है और अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें समर्थन दे रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
हर साल बनता है राजनीतिक मुद्दा
हर साल सावन के महीने में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी आम बात हो गई है। जहां भाजपा और हिंदू संगठन इसे श्रद्धा और आस्था का पर्व मानते हैं, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक ध्रुवीकरण का माध्यम बताकर आलोचना करता है। इस बार भी स्थिति कुछ अलग नहीं है।
