उत्तराखंड

धर्मनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, गंगा स्नान कर कमाया पुण्य..

धर्मनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, गंगा स्नान कर कमाया पुण्य..

 

 

उत्तराखंड: सनातन धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का काफी महत्तव होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से बड़े-बड़े यज्ञों को करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा की तिथि का आरंभ 26 नवंबर, रविवार को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन 27 नवंबर को शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर होगा।

इस पावन दिन कार्तिक पूर्णिमा पर उत्तराखंड के हरिद्वार में सोमवार सुबह भक्तों ने गंगा नदी में पवित्र डुबकी लगाई। बड़ी संख्या में लोग श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने पहुंचे। शास्त्रों में गंगा स्नान करने का काफी महत्तव है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे साल गंगा स्नान का फल मिलता है। इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों एव तीर्थों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, पापों का नाश होता है।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा में स्नान करें। गंगा स्नान संभव न हो तो घर में गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान करें। स्नान के बाद मंदिर में दीपक जलाए। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें। भगवान विष्णु को भोग लगाएं और भोग में तुलसी दल जरूर डालें। इस दिन भगवान शिव की आराधना करें और शिवलिंग पर जल अर्पित करें। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस दिन आसमान के नीचे सांयकाल घरों,मंदिरों,पीपल के वृक्षों तथा तुलसी के पौधों के पास दीप प्रज्वलित करने चाहिए,गंगा आदि पवित्र नदियों में दीप दान करना चाहिए। रात के समय चंद्रमा की पूजा करें। चंद्रमा को अर्घ्य दें और चंद्रमा के मंत्रों का जाप करें। इस दिन गाय को भोजन भी अवश्य कराएं। ऐसा करने से घर और परिवार पर सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।

 

 

 

 

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