हिमालयन बास्केट का सीएम धामी ने किया शुभारंभ, बोले जल्द साकार होगा हमारा संकल्प..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में हिमालयन बास्केट का शुभारंभ किया। इस दौरान चंपावत की जनता को वर्चुअली संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। सीएम धामी का कहना हैं कि सुमित पेशे से इंजीनियर है और स्नेहा मार्केटिंग प्रोफेशनल है। देवभूमि से होने के कारण दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे। सीएम धामी ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती से जुड़े विकल्पों और उनके पहलुओं पर विचार करने के बाद हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।
विदेशों में सप्लाई किए जाते हैं पहाड़ी उत्पाद.
सीएम धामी ने कहा कि हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी और पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदे जाते हैं। उनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई किए जाते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं। चंपावत को आदर्श जिला बनाने का संकल्प जल्द पूरा होगा।
सीएम धामी के नेतृत्व में ऊर्जा प्रदेश बनने की राह में आगे बढ़ रहा उत्तराखंड..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनने का संकल्प सिद्ध होता हुआ नजर आ रहा है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बेहद सफल साबित हो रही है। ख़ास बात ये है कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक 20 से लेकर 200 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रदेश के युवा खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर 13 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (MSSY) को संशोधित का किया गया। इसके बाद प्रदेश में 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट के ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पोर्टल msy.uk.gov.in पर 839 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें 297 आवेदनों के LOI भी जारी की जा चुकी है।
MSSY से राज्य में बढ़ रहे रोजगार के अवसर..
पूर्ववर्ती MSSY योजना में 3.43 मेगावाट स्थापित क्षमता 13.6 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश की तुलना में मॉडिफाइड एमएसएसवाई योजना में 839 आवेदनों में से 297 संख्या ,संचयी क्षमता 44.94 MWp के एलओए, अब तक जारी किए जा चुके हैं। जिससे राज्य में रोजगार के अवसर के साथ-साथ लगभग 224 करोड़ रूपए के निवेश के अवसर पैदा होंगे। बता दें कि नई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 44.94 मेगावाट की स्थापना के बाद प्रदेशवासियों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
सीएम धामी के नेतृत्व में सपना हो रहा साकार..
जहां एक ओर एमएसएसवाई योजना रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तो वहीं प्रदेश का ऊर्जा प्रदेश बनने का सपना भी साकार हो रहा है। इस से ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर Net Zero लक्ष्य प्राप्त करने के अधिक अवसर पैदा होंगे। मॉडिफाइड MSSY योजना में उत्तराखंड के निवासी उत्सुकता से आवेदन कर रहे हैं। आवंटन प्रक्रिया 246 MWp संचयी लक्ष्य उपलब्धि तक जारी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन के साथ ही ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
उत्तराखंड के 10 साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सीएम धामी करेंगे सम्मानित..
उत्तराखंड: भाषा संस्थान ने वर्ष 2023 के साहित्य पुरस्कारों की घोषणा करते हुए 10 साहित्यकारों को कई श्रेणियों में साहित्य गौरव सम्मान के लिए चुना। सीएम पुष्कर सिंह धामी 21 फरवरी को आईआरडीटी सभागार में सभी को सम्मानित करेंगे। दीर्घकालीन साहित्य सृजन के लिए साहित्यकार प्रो. लक्ष्मण सिंह बिष्ट बटरोही को सुमित्रानंदन पंत साहित्य गौरव, कथा साहित्य के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय को शैलेश मटियानी सम्मान दिया जाएगा। उत्तराखंड भाषा संस्थान की निदेशक स्वाति एस भदौरिया का कहना हैं कि इस वर्ष कुमाऊंनी लोक साहित्य में दीर्घकालिक साहित्य सृजन के लिए देवकीनंदन भट्ट मयंक को गुमानी पंत पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
गढ़वाली लोक साहित्य में दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए भजन सिंह सिंह पुरस्कार गिरीश सुंदरियाल को प्रदान किया जाएगा। कुमाऊंनी एवं गढ़वाली में भिन्न बोलियों एवं उप बोलियों में दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए गोविंद चातक पुरस्कार डॉ. सुरेश ममगाई को देने का निर्णय लिया गया। उर्दू साहित्य में दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए प्रो. उन्वान चिश्ती पुरस्कार केए खान को मिलेगा। पंजाबी साहित्य दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए शिक्षक पूर्ण सिंह पुरस्कार प्रेम साहिल को, महाकाव्य, खंड काव्य एवं काव्य रचना के लिए महादेवी वर्मा पुरस्कार प्रो. शैलेय को, अन्य गद्य विद्या के लिए डाॅ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार डाॅ. ललित मोहन पंत को एवं साहित्य की मासिक, त्रैमासिक पत्रिकाओं के लिए भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार गणेश खुगशाल गणी को दिया जाएगा।
मौलिक पुस्तक लेखन श्रेणी कथा साहित्य वर्ग में शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयनित डॉ. सुशील उपाध्याय को उनके उपन्यास सुनो, सबरीना के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। यह उपन्यास एक उज्बेकिस्तानी लड़की के संघर्ष की कहानी है। अब तक डॉ. सुशील उपाध्याय की 18 किताबें प्रकाशित हुई हैं।
दून से दिल्ली रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन अब बुधवार को भी होगी संचालित..
उत्तराखंड: देहरादून से दिल्ली रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन अब बुधवार को भी संचालित होगी। राज्यसभा सांसद डाॅ. कल्पना सैनी का कहना हैं कि व्यापारियों की मांग थी कि बुधवार को ट्रेन बंद रहने से व्यापार के लिए आवाजाही में दिक्कत हो रही है। इस पर उन्होंने प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने इस मांग को भी मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में एक दिन बंद रहता है। ऐसे में अब बुधवार की जगह अन्य किसी दिन ट्रेन का संचालन बंद किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, लक्सर में कोरोना के बाद से बंद चल रही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी जल्द शुरू होगा।
विधानसभा से बर्खास्त 40 कर्मचारियों को आवास खाली करने का आखिरी नोटिस..
उत्तराखंड: विधानसभा में नियम विरुद्ध भर्ती के मामले में बर्खास्त 40 कर्मचारियों को राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी आवास खाली करने का आखिरी नोटिस जारी कर दिया है। उन्हें बेदखली अधिनियम (पीपी एक्ट) की धारा-5 के तहत सात मार्च तक हर हाल में आवास खाली करने को कहा गया है। इसके बाद जबरन बेदखल कर दिया जाएगा।
राज्य संपत्ति विभाग के विहित अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह का कहना हैं कि पीपी एक्ट की धारा-4 के तहत पूर्व में सभी 40 बर्खास्त कर्मचारियों को केदारपुरम स्थित सरकारी कॉलोनी से आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। सभी का पक्ष सुनने के बाद अब धारा-5 में बेदखली का नोटिस दिया गया है। उन्हें कहा गया कि वे सात मार्च तक हर हाल में राज्य संपत्ति विभाग की ओर से दिए गए आवासों को खाली कर दें।
ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी चेतावनी दे दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि नियत तिथि तक आवास खाली नहीं करने पर कर्मचारियों की बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बाजार दर पर किराया भी वसूला जाएगा। विधानसभा से उनकी बर्खास्तगी के तीन माह छोड़कर बाकी अवधि का किराया बाजार दर पर देना होगा। सभी बर्खास्त कर्मचारियों को अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि नियम विरुद्ध भर्ती का प्रकरण सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने 228 से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे। यह वह कर्मचारी थे जिनकी नियुक्ति 2016 से 2021 तक तदर्थ पर की गई थी।
BJP का महिला वोट बैंक साधने का प्रयास, लोकसभा चुनाव से पहले बनाया ये खास प्लान..
उत्तराखंड: लोकसभा चुनाव से पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी इन दोनों प्रदेश के जिलों में जाकर जहां विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर आम जनता को कई सौगात देने का काम कर रहे हैं। तो वहीं हर जिले में जाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का काम भी सीएम कर रहे हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी इन दोनों जिन भी जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन जिलों में स्वयं सहायता समूह के तहत काम कर रही महिलाओं को प्रोत्साहन करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही हर जिले में महिलाओं के लिए आयोजित मेलों में भी शिरकत कर रहे हैं। यहां तक कि कन्या पूजन कर मातृ शक्ति को नमन करते हुए नजर आ रहे हैं। महिलाओं का उत्थान और महिलाएं सशक्त हों सीएम धामी उस दिशा में काम कर रहे हैं। जिससे समझा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी महिला वोट बैंक को भी साधने का काम कर रहे हैं।
महिला वोट बैंक भाजपा के लिए एक मजबूत कड़ी उत्तराखंड में बन चुका है। महिलाओं के बीच पहुंचकर जिस तरीके से सीएम धामी की तस्वीरें इन दिनों महिलाओं का सशक्त बनाने को लेकर देखी जा रही है उसे इसी दिशा में समझा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए सीएम भाजपा के लिए वोट बैंक और मजबूत करने की कोशिशों में इन दिनों लगे हुए हैं।
लोकसभा चुनाव में वोट प्रतिशत..
लोकसभा चुनावों में साल 2004 महिलाओं का वोट प्रतिशत 44.94 तो पुरूषों का वोट प्रतिशत 53.43 रहा। साल 2009 की बात करें तो महिलाओं का वोट प्रतिशत51.11, पुरूषों का वोट प्रतिशत 56.67 रहा। साल 2014 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 63.37 और पुरूषों का वोट प्रतिशत 61.34 रहा। जबकि साल 2019 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 64.37 और पुरूषों का वोट प्रतिशत 58.87 रहा।
विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत..
साल 2002 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 52.64, पुरूषों का वोट प्रतिशत 55.94, साल 2007 महिलाओं का वोट प्रतिशत 59.45, पुरूषों का वोट प्रतिशत 58.95, साल 2012 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 68.84, पुरूषों का वोट प्रतिशत 65.74, साल 2017 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 69.30, पुरूषों का वोट प्रतिशत 58.95 और साल 2022 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 67.20, और पुरूषों का वोट प्रतिशत 62.60 रहा।
महिला वोटरों ने पुरुषों को मतदान में छोड़ा पीछे..
उत्तराखंड राज्य गठन के कुछ सालों के बाद हुए चुनाव में जहां महिलाओं का वोट बैंक पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे रहता था। तो वहीं अब महिला वोटरों ने पुरुषों को मतदान में उत्तराखंड में पीछे छोड़ दिया है जो कि आंकड़े बयां कर रहे हैं। यही वजह है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में महिला वोट बैंक हैं। खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि मातृ शक्ति का उत्थान बेहद जरूरी है।
प्रदेश सरकार के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम किए जा रहे हैं। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि महिलाओं के पीएम मोदी और सीएम धामी आगे बढ़कर महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं। यही वजह है कि महिलाएं भाजपा को वोट के रूप में आर्शीवाद दे रही हैं।
उत्तराखंड की मातृशक्ति भाजपा के साथ..
धामी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य का भी कहना है कि महिलाओं के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के द्वारा कई ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिससे महिलाएं सीधे लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है उत्तराखंड की मातृशक्ति आज भाजपा के साथ खड़ी नजर आ रही है। जबकि विपक्ष केवल इसे दिखावा मात्र करार दे रहा है।
उत्तराखंड के इन जिलों में होगी बारिश और बर्फबारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक बार फिर से मौसम बदलने के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। जिस से मैदानी इलाकों में ठंड में एक बार फिर से इजाफा हो सकता है। प्रदेश में 18 फरवरी से एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी होनी की आशंका है। हालांकि बीते कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। जिस से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। जबकि सुबह और शाम के तापमान में कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 16 और 17 फरवरी को मौसम शुष्क रहेगा। जबकि 18 और 19 फरवरी को 2500-3000 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसके लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 फरवरी को प्रदेश के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमोली में बारिश हो सकती है। इसके साथ ही बिजली चमकने के भी आसार हैं।
हब एंड स्पोक मॉडल के जरिये घर बैठे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा ऋषिकेश एम्स..
उत्तराखंड: प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। एम्स ऋषिकेश हब एंड स्पोक मॉडल से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस मॉडल को एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा और अधिक मजबूत करेगी।एम्स ने हब एंड स्पोक मॉडल के तहत प्राथमिक चरण में कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत अभी कुछ मिशनरियों के अस्पतालों को जोड़ा गया है। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एम्स से जोड़ा जाएगा।
बता दे कि एम्स से सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को टेली मेडिसिन से जोड़ा जाएगा। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक चिकित्साधिकारी (सीएचओ) तैनात होगा। जिसके माध्यम से एम्स के चिकित्सक मरीजों के रोग की पहचान करेंगे। किसी मरीज को तत्काल दवाई की आवश्यकता होगी तो एम्स की ड्रोन मेडिकल सेवा के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तराखंड में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या करीब 2500 है। इस मॉडल के तहत एम्स उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से में भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा।
क्या है हब एंड स्पोक मॉडल..
यह एक संगठनात्मक मॉडल है जो एक प्राथमिक (हब) प्रतिष्ठान और कई माध्यमिक प्रतिष्ठानों (स्पोक) के साथ एक नेटवर्क में सेवा वितरण परिसंपत्तियों की व्यवस्था करता है। इस मॉडल के तहत सभी माध्यमिक प्रतिष्ठान प्राथमिक प्रतिष्ठान से जुड़े रहते हैं।
ड्रोन मेडिकल सेवा की हो चुकी हैं करीब 14 उड़ाने..
एम्स ऋषिकेश ने इसी माह से नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा भी शुरू की है। अब तक करीब 14 उड़ाने हो चुकी हैं। एम्स ड्रोन मेडिकल सेवा के नोडल अधिकारी डाॅ. जितेंद्र गैरोला का कहना हैं कि अब तक चंबा, यमकेश्वर, कोटद्वार, न्यू टिहरी व हिंडोलाखाल दवाइयां भेजी गई हैं। सेवा चारधाम यात्रा में भी काफी महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही हब एंड स्पोक मॉडल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हब एंड स्पोक मॉडल से उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना को प्राथमिक चरण के तहत शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जोड़े जाने के साथ यूपी के कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जोड़ा जाएगा।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेंगे जौलीग्रांट और पंतनगर के हवाई अड्डे..
उत्तराखंड: जल्द ही जौलीग्रांट और पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। जिसके लिए प्रदेश सरकार सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी हुई है। एयरपोर्ट के निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट प्रशासन ने सीएम को एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर विभिन्न डिस्प्ले बोर्ड भी दिखाए। जिसमें दिखाया गया था कि एयरपोर्ट के पास कुल 326.42 एकड़ जमीन है। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे कुल 2140 मीटर लंबा है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए रनवे को 650 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए कुल 243 एकड़ जमीन की और आवश्यकता है। जिसके बाद रनवे की लंबाई 2700 मीटर से अधिक हो जाएगी। जिस पर ए 320-200 ए/सी एयरक्राफ्ट आराम से लैंड हो सकेंगे।
सीएम धामी का कहना हैं कि पिथौरागढ़ से हिंडन के लिए जल्द ही फ्लाइट शुरू की जाएगी। इसके लिए नागर उड्डयन मंत्री ने शेड्यूल में डाल दिया है। हिमालय दर्शन सेवा को भी शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिवर्ष तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए उड़ान योजना के अंतर्गत 13 हेलीपोर्ट सहस्रधारा, गौचर, हल्द्वानी, नैनीताल, चिल्याणीसौड़, अल्मोडा, नई टिहरी, धारचूला, जोशीमठ, हरिद्वार, श्रीनगर, मसूरी, धारचूला में किया जा रहा है।
तो जंगल की तरफ ही बढ़ेगा एयरपोर्ट..
फेज 2 के शुभारंभ मौके पर टर्मिनल के अंदर एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए जो लेआउट लगाया गया था। उसके अनुसार देहरादून एयरपोर्ट रानीपोखरी की तरफ थानो वन रेंज के जंगल की तरफ बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें कुल 243 वन भूमि ली जानी प्रस्तावित है।बता दे कि डेढ़ साल पहले डोईवाला प्रशासन ने विस्तारीकरण को लेकर जौलीग्रांट मुख्य बाजार से लेकर दुर्गा चौक तक का सर्वे किया था। जिसका लोगों ने भारी विरोध किया था।
उत्तराखंड में शुरू होगी भारत की पहली हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस..
उत्तराखंड: भारत की पहली हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा (एचईएमएस) की शुरूआत उत्तराखंड से होने जा रही है। जो कि उत्तराखंड के ऋषिकेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से संचालित की जाएगी। ये सर्विस 150 किलोमीटर के दायरे में काम करेगी। भारत की पहली हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा को उत्तराखंड से शुरू होने जा रही है। एम्स ऋषिकेश से इसे संचालित किया जाएगा। आपको बता दें कि एचईएमएस के माध्यम से सरकार का उद्देश्य हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके देशभर में व्यापक आबादी तक चिकित्सा पहुंचाना और आघात देखभाल सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।
उड्डयन मंत्री ने सीएम धामी को दिया आश्वासन..
सीएम पुष्कर धामी को उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड हवाई अड्डे के नए एकीकृत हवाई अड्डे के निर्माण का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि “एम्स ऋषिकेश से एचईएमएस के लिए अनुरोध चल रहा है, मेरी देखरेख में हेलीकॉप्टर असेंबली और प्रमाणन प्रगति पर है। आपको बता दें कि नई हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं 150 किलोमीटर के कवरेज दायरे के साथ प्रोजेक्ट ‘संजीवनी’ के तहत संचालित की जाएंगी। एचईएमएस के बारे में उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना हैं कि “परिचालन के बाद, हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात किए जाएंगे, जो 150 किमी के दायरे को कवर करेगा। इससे दुर्घटना पीड़ितों और रोगियों को पहाड़ी इलाकों से एम्स तक समय पर परिवहन सुनिश्चित होगा।
