बंगाल में ममता सरकार के दबाव में फिल्म नहीं दिखा पा रहे थिएटर मालिक..
देश-विदेश: पश्चिम बंगाल में फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर लगे बैन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटाए जाने के आदेश के कई दिनों बाद भी राज्य के ज्यादातर थिएटर्स में इस फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। बता दें कि बंगाल में ममता सरकार ने इस फिल्म पर रोक लगा दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को यह बैन हटा दिया। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को कई दिन बीतने के बाद भी राज्य में अदा शर्मा अभिनीत इस फिल्म की व्यवस्थित स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है।
आपको बता दे कि पश्चिम बंगाल में फिल्म पर रोक लगाने के सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पलटे जाने के कई दिनों बाद भी राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई नया सर्कुलर जारी नहीं किया है। यहां तक कि तमाम सिनेमाघरों के मालिक मीडिया के सामने इस फिल्म के बारे में बात करने में भी कतरा रहे हैं। इस फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं किए जाने की भी थिएटर मालिक अलग-अलग वजह बता रहे हैं।
बता दें कि राज्य में सिनेमाघर मालिकों को ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग अभी अगले दो-तीन सप्ताह तक कर पाना मुश्किल ही लग रहा है। उनका कहना है कि अभी आगामी दिनों के लिए पहले ही दूसरी फिल्मों की बुकिंग हो चुकी है। एएनआई के अनुसार राज्य के प्रिया एंटरटेनमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर का कहना है, ‘यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म है, लेकिन हम माफी चाहते हैं कि फिलहाल अगले दो सप्ताह तक सारे स्लॉट फुल हैं। ऐसे में पहले से बुक हो चुके स्लॉट को कैंसिल करके नई फिल्म के लिए जगह बनाना हमारे लिए मुश्किल है। दो या तीन सप्ताह के बाद ही हम ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग के बारे में विचार कर सकेंगे।’
वहीं अरिजीत दत्ता का कहना है, ‘फिल्म पर बैन लगाए जाने से पहले शुरुआती दिनों में ‘द केरल स्टोरी’ ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। हमें उम्मीद है कि मौका मिलने पर राज्य के सिनेमाहॉल में यह फिल्म ’50 दिनों’ तक चलेगी। हालांकि, बैन हटने के बाद भी सरकार ने अभी कोई नया सर्कुलर जारी नहीं किया है।’ पश्चिम बंगाल में फिल्म की स्क्रीनिंग से प्रतिबंध हटने के बाद से इस फिल्म के निर्देशक सुदीप्तो सेन खुद राज्य में तमाम डिस्ट्रीब्यूटर्स के संपर्क में हैं। सुदीप्तो सेन ने कहा, ‘हम पश्चिम बंगाल के वितरकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हमें हॉल मालिकों से फोन आ रहे हैं, जिनका कहना है कि उनके पास इस फिल्म को न दिखाए जाने के लिए फोन आ रहे हैं।
सुदीप्तो सेन ने कहा कि हॉल मालिकों को धमकी देने वाले आखिर ये कौन लोग हैं? एक बार इसका पता चलने पर वह निश्चित रूप से उनके नाम का खुलासा करेंगे। निर्देशक ने कहा कि अगर वह आतंकियों का नाम ले सकते हैं तो वह मीडिया के सामने ऐसे लोगों का नाम भी ले सकते हैं। बता दें कि पांच मई को रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त प्रदर्शन कर रही है। फिल्म का कुल कारोबाल 198 करोड़ रुपये पार हो गया है।
कार्तिक आर्यन को इंडस्ट्री में 12 साल पूरे..
लव रंजन ने थपथपाई एक्टर की पीठ..
देश-विदेश: कार्तिक आर्यन इंडस्ट्री के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार हैं। फिल्म ‘भूल भुलैया 2’ की अपार सफलता के बाद तो उनकी किस्मत पूरी तरह बदल चुकी है। बता दें कि कार्तिक की इंडस्ट्री में बोहनी आज ही के दिन हुई थी। वर्ष 2011 में फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ के जरिए एक्टर ने अपनी अभिनय पारी शुरू की, जिसे आज 12 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ के निर्देशक लव रंजन ने कार्तिक की खूब तारीफ की है।
बता दें कि 20 मई 2011 को रिलीज हुई लव रंजन की फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ की सफलता की उम्मीद किसी ने नहीं की थी। दरअसल, इस फिल्म में कोई चर्चित चेहरा नहीं था। फिल्म में नामी सितारे तो छोड़िए कोई जबर्दस्त गाना तक नहीं था। सिर्फ छह नए सितारे थे, उन्हीं में एक थे कार्तिक आर्यन। वही कार्तिक अब सुपरस्टार बन चुके हैं।
कार्तिक आर्यन का बॉलीवुड से कोई कनेक्शन नहीं था। मुंबई में जब वह स्टार बनने का सपना लेकर आए तो न तो यहां उनकी कोई पहचान थी और न ही कोई गॉडफादर। शुरुआत में कार्तिक आर्यन मायानगरी में 12 लोगों के साथ एक ही फ्लैट शेयर करते थे।
लेकिन, अपनी मेहनत और लगन के बूते उन्होंने खुद को साबित कर दिखाया। जिस इंडस्ट्री में नेपोटिज्म हावी है, वहां कार्तिक ने यह साबित किया कि यहां आउटसाइडर्स के लिए भी मौके हैं। कार्तिक के करियर को 12 साल पूरे होने के मौके पर निर्देशक लव रंजन ने भी उनकी खूब तारीफ की है।
कार्तिक को लेकर लव रंजन का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि कार्तिक का करियर इतनी ऊंचाई तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मैंने कार्तिक को फेसबुक पर देखा। वह उत्साहित और होशियार लगे। वह कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार थे। फिल्म में बाकी पांच अन्य भी न्यूकमर्स थे।
अब अगर आप पूछेंगे कि कार्तिक ‘प्यार का पंचनामा’ में दूसरों से आगे क्यों निकल गए? तो इसके लिए कोई जवाब नहीं है। यह सब किस्मत है।’ यह दर्शकों से जुड़ाव का भी मामला है। महिलाएं क्या चाहती हैं, इस पर कार्तिक का मोनोलॉग खूब कारगर हुआ।
वहीं, खुद कार्तिक आर्यन का मानना है कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई सपना जी रहे हैं। एक्टर ने कहा, ‘मैंने जो कुछ भी चाहा था वह सब सच हो गया है। लेकिन, अब मैं खुद को मिल रही इसी तारीफ पर नहीं ठहर जाना चाहता। अभी करने के लिए काफी कुछ है। हर दिन मैं यह महसूस करता हूं कि मेरे लिए एक नया जीवन, नए अवसर हैं।
देहरादून में नौकरी की तालाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर..
जल्द करें यहां आवेदन, 20 मई है लास्ट डेट..
उत्तराखंड: देहरादून यातायात पुलिस विभाग 18 से 30 वर्ष की आयु के लोगों को फैलोशिप देकर यातायात प्रबंधन और जागरूकता में युवाओं को शामिल करने के लिए एक अनूठा तरीका अपना रहा है। “यह युवाओं के लिए, विशेष रूप से अपनी तरह का पहला शैक्षणिक अवसर है। इस प्रोग्राम के तहत यातायात पुलिस के गुर सिखाए जाएंगे, जिससे उन्हें नौकरी में मदद मिलेगी। फैलोशिप प्रोग्राम के लिए 20 मई तक आवेदन किए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि या तकनीकी रुचि वाले लोग इसमें हिस्सा ले सकते है। यह 30 दिन की फैलोशिप है। जिसके अंत में छात्र रिपोर्ट जमा करेंगे और प्रमाणन प्राप्त करेंगे । जिसका उपयोग इंटर्नशिप या नौकरियों के लिए आवेदन करते समय भी किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति 20 मई तक अपने संबंधित संस्थानों के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद आवेदनों की एक स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा और प्रारंभिक चरण में 10-15 युवाओं का चयन किया जाएगा। वे 28 मई से 26 जून तक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसके बाद उन्हें प्रमाणन से सम्मानित किया जाएगा।
फैलोशिप के दौरान प्रतिभागियों को उनके काम की समझ हासिल करने, शहर की सड़कों पर कर्मियों के साथ ऑन-फील्ड प्रशिक्षण प्राप्त करने, यातायात प्रबंधन के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से परिचित होने और दुर्घटना में अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जोड़ा जाएगा।
किरेन रिजिजू ने संभाला पृथ्वी विज्ञान मंत्री का कार्यभार..
देश-विदेश: केंद्र सरकार में मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया। इस दौरान रिजिजू ने कहा कि ये मंत्रालय बहुत उपयोगी मंत्रालय है और यहां पर बहुत कुछ काम कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो सपना है उसमें मैं देख सकता हूं कि इस मंत्रालय का बहुत बड़ा योगदान होगा। मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे अलग-अलग मंत्रालय में काम करने का मौका दिया।
जब उनसे पूछा गया कि उनसे कानून मंत्रालय क्यों वापस ले लिया गया? तो उन्होंने कहा कि मैं आज राजनीतिक बात नहीं करूंगा, लेकिन मुझसे कोई गलती नहीं हुई। फेरबदल तो चलता रहता है। विपक्ष का काम ही मेरे खिलाफ बोलना। उनको बोलने दीजिए, यह प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले मोदी सरकार में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां निभा चुके किरेन रिजिजू से कानून मंत्रालय छीन लिया गया था। बताया गया कि इस मंत्रालय की जिम्मेदारी अब अर्जुन राम मेघवाल को सौंपी गई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई थी।
इस बीच रिजिजू ने एक ट्वीट में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री के रूप में कार्य करना उनके लिए ‘एक विशेषाधिकार और सम्मान’ की बात रही है। मैं भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, उच्चतम न्यायालय के सभी न्यायाधीशों, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों, निचली न्यायपालिका और सभी कानून अधिकारियों को न्याय की सुगमता सुनिश्चित करने और हमारे नागरिकों के लिए कानूनी सेवाएं प्रदान करने में भारी समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए उसी उत्साह और जोश के साथ काम करने को तत्पर हूं, जिसे मैंने एक विनम्र कार्यकर्ता के रूप में आत्मसात किया है।
देहरादून से दिल्ली का सफर होगा शानदार, दौड़ेगी ये सुपर फास्ट ट्रेन..
उत्तराखंड: जल्द ही दिल्ली से देहरादून जाने के लिए वंदे भारत ट्रेन शुरू होने वाली है। बताया जा रहा है कि 29 मई से दून से चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो सकता है। जिसके लिए कवायद शुरू हो गई है। इस ट्रेन के चल जाने के बाद उत्तराखंड के धार्मिक और टूरिस्ट प्लेस तक जाने में भी आसानी होगी।
आपको बता दे कि देहरादून से वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी को लेकर महाप्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों ने 18 मई को देहरादून रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि मुरादाबाद रेल मंडल के देहरादून से नई दिल्ली के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 29 मई से शुरू किया जाना है। जिसके लिए रेलवे के अधिकारी देहरादून रेलवे स्टेशन आए थे।
रेलवे मुख्यालय की सूचना के अनुसार 29 मई को प्रधानमंत्री देहरादून से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। उद्घाटन समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। हालांकि वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन का समय अभी निर्धारित नहीं हुआ है ।
ये हो सकता है रूट प्लान..
जानकारी के अनुसार ट्रेन दिल्ली से उत्तर प्रदेश को क्रॉस करते हुए उत्तराखंड पहुंचेगी। ट्रेन कहां-कहां रुकेगी इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कयास लग रहे हैं कि कुछ बड़े स्टेशनों पर इसका स्टॉप होगा। यह ट्रेन दिल्ली से चलकर उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तराखंड पहुंचेगी। इस बीच मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार में इसका स्टॉप हो सकता है। इस तरह से दिल्ली-देहरादून वंदे भारत बीच में 4 स्टेशनों पर रुकेगी। इससे हरिद्वार व उत्तराखंड के अन्य पर्यटक स्थलों पर पहुंचने में लोगों को आसानी होगी।
जानें किराया..
बताया जा रहा है कि दिल्ली से देहरादून के बीच चल रही वंदे भारत ट्रेन शाम के समय करीबन 5 बजे दिल्ली से चलेगी और रात के करीबन 10 बजे देहरादून पहुंचेगी। वहीं देहरादून से ये ट्रेन सुबह 8 बजे चलेगी और दोपहर को 1 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। अगर ट्रेन के किराए के बारे में बात करें तो एसी चेयरकार में इस ट्रेन का किराया 915 रुपए रहेगा। वहीं एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार में ट्रेन का किराया 1425 रुपए रहेगा।
किरेन रिजिजू से छीना गया कानून मंत्रालय..
देश-विदेश: मोदी सरकार में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां निभा चुके किरेन रिजिजू से कानून मंत्रालय छीन लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस मंत्रालय की जिम्मेदारी अब अर्जुन राम मेघवाल को सौंपी गई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को विभागों का पुन:आवंटन किया है। जानकारी के अनुसार किरेन रिजिजू को अब भू-विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस मंत्रालय को संभाल रहे थे। वहीं, मेघवाल को कानून राज्य मंत्री के तौर पर स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। मेघवाल पहले से ही संस्कृति मंत्रालय और संसदीय मामलों के मंत्रालय में राज्यमंत्री के पद पर हैं।
उत्तराखंड में धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को राज्य कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें कई विभागों के प्रस्तावों के साथ मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। सुबह 11.30 बजे से यह बैठक राज्य सचिवालय में होगी।
यहीं पर माध्यमिक शिक्षा विभाग में बीआरसी व सीआरसी के 955 पदों को आउटसोर्स भरने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही गौशाला संचालन के दिशा-निर्देश भी कैबिनेट को प्राप्त होंगे। साथ ही मंत्रियों को सचिवों की एसीआर लिखने का अधिकार दिए जाने का मामला फिर आ सकता है। सीएम ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के अनुरोध के जवाब में मुख्य सचिव को कैबिनेट बैठक में विचार लाने के निर्देश दिए थे।
बैठक में विधानसभा भर्ती सेवा नियमावली में प्रस्तावित समायोजन पर चर्चा की जा सकती है। नर्सिंग सेवा नियमावली में संशोधन भी कैबिनेट में चर्चा का विषय हो सकता है। साथ ही इलेक्ट्रानिक वेस्ट पॉलिसी में संशोधन, उत्तराखंड ड्रोन पॉलिसी, स्वरोजगार के लिए महिलाओं को सस्ती दरों पर लोन, अंत्योदय राशनकार्ड धारकों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर चीनी व नमक के प्रस्ताव पर भी विचार होने की संभावना है।
उत्तराखंड में इनके घर पर NIA ने मारा छापा, मचा हड़कंप
उत्तराखंड: बाजपुर से इस वक़्त की बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह यहां एक घर पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने छापा मारा है। ये छापेमारी सुल्तानपुर पट्टी के गांव रतनपुरा निवासी गुरविंदर सिंह के घर पर की गई है। मौके पर पूछताछ जारी है। आपको बता दे कि उधमसिंहनगर जनपद में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि उधम सिंह नगर के बाजपुर के ग्राम रतनपुरा में आज सुबह 6:00 बजे से छापेमारी कार्यवाही की जा रही है। गुरविंदर सिंह के खालिस्तान समर्थक से संपर्क होने की आशंका है। जिसे लेकर एनआईए पूछताछ के लिए बाजपुर पहुंची।
वही बताया जा रहा है कि छापे के दौरान टीम को गुरविंदर घर पर नहीं मिला है। गुरविंदर सिंह और उसके पिता विदेश में है। एनआईए के टेरर, ड्रग तस्करों, गैंगस्टर्स के नेटवर्क से जुड़े मामले को लेकर भी पूछताछ की बातें सामने आई हैं। एनआईए की टीम पंजाब हरियाणा, राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश में छापेमारी कर रही है।
ओडिशा को कल मिलेगी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस..
हावड़ा और पुरी के बीच चलेगी..
देश-विदेश: ओडिशा को गुरुवार को उसकी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस मिलने जा रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल को उसकी दूसरी वंदे भारत ट्रेन मिलेगी। गुरूवार को पुरी से हावड़ा के लिए वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को इस ट्रेन को एक वर्चुअल इवेंट में हरी झंडी दिखाएंगे।
आपको बता दे कि ट्रेन का नियमित संचालन शनिवार 20 मई से हावड़ा और पुरी दोनों से शुरू होगा। सप्ताह में गुरुवार को छोड़कर वंदे भारत सभी छह दिन चलेगी। 22895 हावड़ा-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस, हावड़ा से सुबह 6.10 बजे रवाना होगी और उसी दिन दोपहर 12.35 बजे पुरी पहुंचेगी।
वापसी के दौरान 22896 पुरी-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस पुरी से दोपहर 1.50 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात 8.30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन हावड़ा और पुरी के बीच खड़गपुर, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर रोड, कटक, भुवनेश्वर और खुर्दा रोड स्टेशन पर रुकेगी। 22895 हावड़ा-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए यात्रियों की बुकिंग 17 मई से पीआरएस और इंटरनेट सेवा के माध्यम से उपलब्ध होगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार पूर्वोत्तर और उत्तराखंड को भी इसी महीने पहली वंदे भारत ट्रेन मिल सकती है, जबकि गोवा और बिहार-झारखंड को अगले महीने यानी जून में इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन का तोहफा मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो असम के गुवाहाटी से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईपुड़ी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस को 25-26 मई को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। यह पूर्वोत्तर की पहली वंदे भारत ट्रेन होगी।
महिलाओं को इस योजना के तहत सस्ती दरों पर मिलेगा 75 % सब्सिडी पर लोन..
उत्तराखंड: सरकार ने एकल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ऐसी महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत लाभार्थी महिलाओं को सस्ती दरों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। जिसके लिए आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
आपको बता दे कि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून स्थित शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में बैठक की। बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एकल महिला स्वरोजगार योजना की घोषणा में यह निर्णय लिया गया कि अब महिलाओं को स्वरोजगार हेतु बेहद सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एकल महिलाओं के लिए यह योजना घोषित की गई थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जाना है। इस योजना के तहत महिलाएं अपना कोई भी स्वरोजगार शुरू करने के साथ ही अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकेंगी। इसके लिए कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव बना कर अगली कैबिनेट बैठक में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
ये हैं पात्रता की शर्तें..
1- महिला उत्तराखंड की मूल निवासी हो
2- न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष
3- मासिक आय छह हजार रुपये से अधिक न हो
4- किसी भी संगठित सेवा, सरकारी, गैर सरकारी उपक्रम में कार्यरत न हो
5- राजकीय व पारिवारिक पेंशन प्राप्त न करती हो
6- विधवा, विकलांग जैसी कल्याणकारी योजनाओंं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी पात्र होंगी।
