टिहरी में आज से 13 जनवरी तक होगी सुरक्षा जवानों की भर्ती..
उत्तराखंड: बेरोजगार युवाओं के लिए टिहरी में जिला सेवायोजन कार्यालय द्वारा रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। अगर आप भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आप इस भर्ती मेले के लिए आवेदन कर सकते हैं। टिहरी के समस्त विकास खण्डों में आगामी 3 जनवरी से 13 जनवरी 2023 तक सुरक्षा जवानों/सुपरवाईजर की भर्ती की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
आपको बता दे कि एससीसीआई सिक्योरिटी इण्डिया लिमिटेड कम्पनी, देहरादून द्वारा भर्ती की जानी है। जिसके लिए जनपद में अलग-अलग भर्ती मेले का आयोजन किया जाएगा। इच्छुक बेरोजगार युवक जिनकी योग्यता 10 वीं 12 वीं पास है वे 21 से 35 वर्ष आयु के हो शिवरों में प्रतिभाग कर सकते हैं। जिसके लिए पंजीकरण शुल्क रू. 350 केवल चयनित अभ्यर्थियों से लिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को एक माह का ट्रेनिंग देहरादून में दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि भर्ती के दौरान कोविड-19 के अनुरूप सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा।
इस दिन लगेगा भर्ती मेला..
बताया जा रहा है कि दिनांक 3 जनवरी को विकासखण्ड चम्बा, 4 को फकोट (नरेन्द्रनगर), 5 को भिलंगना, 6 को जाखणीधार, 7 को थौलधार, 9 को जिला सेवायोजना कार्यालय में 10 को देवप्रयाग, 11 को कीर्तिनगर तथा 13 को जौनपुर विकासखण्ड मुख्यालय में 11 बजे से आयोजित किये जायेंगे ।
रेलवे की भूमि पर बसे 50 हजार लोगों पर संकट..
उत्तराखंड: हल्द्वानी की ढोलक बस्ती, बनभूलपुरा और अन्य जगहों पर रेलवे की भूमि पर बसे लोगों को हटाने के मामले में पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर वर्तमान सीएम पुष्कर सिंह धामी को एक खुला पत्र लिखा। कहा कि कानूनी पहलू अपनी जगह उचित है, लेकिन मानवीय पहलू पर विचार करते समय समझौता किया जाना चाहिए। उनका कहना हैं कि वहाँ वर्षों से रह रहे निवासियों को बाहर निकालने के लिए रेलवे, प्रशासन और नगर पालिका निर्णय केवल कानूनी पक्ष नहीं है, यह मानवीय पक्ष भी है। हल्द्वानी कुमाऊं और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां का सामाजिक सौहार्द हमेशा उच्च स्तर का रहा है।
अगर 50 हजार से अधिक लोगों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया तो वे कहां जाएंगे? पूरे हल्द्वानी शहर के साथ-साथ कुमाऊं क्षेत्र में भी अस्थिरता का माहौल रहेगा। सीएम को संबोधित करते हुुए कहा कि कड़कड़ाती ठंड में आपने केवल कानूनी पक्ष देखकर या कानून के गलत इंटरप्रिटेशन के आधार पर 50 हजार लोगों से उनकी छत छीनने जा रहे हैं।
उनका कहना हैं कि कुछ लोग आज भले ही चुप हों, जब स्थितियां बिगड़ेंगी तो वह लोग भी सरकार के विवेक पर अंगुली उठाएंगे। हरीश रावत का कहना हैं कि वह न्यायिक निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं, लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर आप (धामी) एक अभिभावक का कर्तव्य निभा सकते हैं। उन्होंने सीएम को रेलवे से बातचीत करने, गोला नदी के किनारे-किनारे रिवरफ्रंट डेवलप कर कुछ अतिरिक्त भूमि निकालकर रेलवे की जरूरत की पूर्ति करने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में इन पदों पर निकली है बंपर भर्ती, आज है आवेदन करने की लास्ट डेट..
उत्तराखंड: प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए उत्तराखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी भर्ती ने विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों पर दो जनवरी तक ऑफलाइन आवेदन किए जा सकते है। बताया जा रहा है कि देहरादून के विभिन्न अस्पतालों में काउन्सलर, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, डाटा मैनेजर, टेक्निकल आफिसर आदि पदों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए है। हर पद के लिए शैक्षिक योग्यता अलग -अलग है। जिसमें डिप्लोमा, बीएससी, एमएससी मांगा गया है। आवेदन की अंतिम तिथि दो जनवरी 2023 बताई जा रही है।
देहरादून के विभिन्न अस्पतालों में अनुबंध के आधार पर उत्तराखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी, देहरादून ने काउंसलर, लैब टेक्निशियन, एएनएम, डाटा मैनेजर और टेक्निकल ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। पद की कुल संख्या 17 है। इच्छुक उम्मीदवार 02 जनवरी 2023 से पहले आवेदन कर सकते हैं।
भर्ती पद की कुल संख्या:
काउंसलर (आईसीटीसी, गांधी नेत्र अस्पताल, देहरादून) और ICTC, CHC विकासनगर देहरादून) पदों की संख्या: 02 आवश्यक योग्यता: राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत परामर्श / शिक्षा में 3 साल के अनुभव के साथ मनोविज्ञान / सामाजिक कार्य नृविज्ञान / मानव विकास / नर्सिंग में स्नातक डिग्री। या मनोविज्ञान/सामाजिक कार्य/नृविज्ञान/मानव विकास/नर्सिंग में स्नातकोत्तर डिग्री। वेतन: INR 21000 ।
पद का नाम: काउंसलर (OST संयुक्त अस्पताल, प्रेमनगर, देहरादून) पदों की संख्या: 01 आवश्यक योग्यता: परामर्श में 3 साल के अनुभव के साथ मनोविज्ञान / सामाजिक कार्य / नृविज्ञान / मानव विकास / नर्सिंग में स्नातक की डिग्री / राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिक्षित करना। या मनोविज्ञान/सामाजिक कार्य/नृविज्ञान/मानव विकास/नर्सिंग में स्नातकोत्तर डिग्री। वेतन: INR 21000 / –
पद का नाम: काउंसलर (ARTC, जिला (राज्याभिषेक) अस्पताल, देहरादून) पदों की संख्या: 02 आवश्यक योग्यता: तकनीकी अधिकारी मनोविज्ञान/सामाजिक कार्य/मानव विज्ञान/मानव विकास/नर्सिंग में स्नातक डिग्री के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत परामर्श/शिक्षा में 3 साल का अनुभव। या मनोविज्ञान/सामाजिक कार्य/नृविज्ञान/मानव विकास/नर्सिंग में स्नातकोत्तर डिग्री। वेतन: INR 21000 / ।
पद का नाम: काउंसलर (ब्लड बैंक, IMA ब्लड बैंक देहरादून और HIHT जॉली ग्रांट, देहरादून) पदों की संख्या: 02 आवश्यक योग्यता: समाजशास्त्र / मनोविज्ञान / सामाजिक कार्य / नृविज्ञान / मानव विकास में स्नातकोत्तर डिग्री . वेतन: INR 21000 / –
पद का नाम: काउंसलर (DSRC, SPS सरकारी अस्पताल, ऋषिकेश, देहरादून) पदों की संख्या: 01 आवश्यक योग्यता: मनोविज्ञान / सामाजिक कार्य / समाजशास्त्र / नृविज्ञान / मानव विकास / नर्सिंग में स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा स्वास्थ्य क्षेत्र में परामर्श के क्षेत्र में काम करने के पीजी डिग्री / डिप्लोमा के बाद 1 वर्ष का अनुभव; अधिमानतः एसटीआई/आरटीआई और एचआईवी में। या मनोविज्ञान/सामाजिक कार्य/समाजशास्त्र/नर्सिंग में स्नातक डिग्री के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में काउंसलिंग में 3 साल का अनुभव अधिमानतः एसटीआई/आरटीआई और एचआईवी में। वेतन : INR 21000 ।
पद का नाम: लैब तकनीशियन (ब्लड बैंक, दून मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, देहरादून और आईएमए ब्लड बैंक, देहरादून) पदों की संख्या: 02 आवश्यक योग्यता: चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी (एमएलटी) में डिग्री या चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी (एमएलटी) में डिप्लोमा . वेतन: INR 21000 /
पद का नाम: लैब तकनीशियन (ICTC CHC विकासनगर, देहरादून, हर्बर्टपुर, क्रिस्टैन अस्पताल देहरादून और उप-जिला (सेंट मैरी) अस्पताल, मसूरी) पदों की संख्या: 03 आवश्यक योग्यता: चिकित्सा प्रयोगशाला में स्नातक प्रौद्योगिकी (बीएससी) स्नातक के बाद न्यूनतम 1 वर्ष का अनुभव। या डिप्लोमा के बाद 2 साल के अनुभव के साथ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा। वेतन: INR 21000 / – पद का नाम: लैब तकनीशियन (SRL HIHT जॉली ग्रांट, देहरादून)
पदों की संख्या: 01 आवश्यक योग्यता: मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (बीएससी) में स्नातक या कम से कम 2 साल के कोर्स के साथ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा अवधि या कम से कम एक वर्ष की अवधि के पाठ्यक्रम के साथ चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा/प्रमाणपत्र, या विज्ञान में स्नातक। वेतन: INR 21000 ।
पद का नाम: ANM (OSTC संयुक्त अस्पताल प्रेमनगर, देहरादून) पदों की संख्या: 01 आवश्यक योग्यता: ANM की न्यूनतम योग्यता होनी चाहिए। डिप्लोमा नर्सिंग/बैचलर ऑफ साइंस (नर्सिंग) वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। वेतन: INR 18000 / –
01 आवश्यक योग्यता: स्नातक होना चाहिए और कंप्यूटर अनुप्रयोग में एक औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए। वेतन : INR 21000 / –
पद का नाम: तकनीकी अधिकारी (SRL HIHT जॉली ग्रांट, देहरादून) पदों की संख्या: 01 आवश्यक योग्यता: 2 साल के प्रयोगशाला अनुभव के साथ मेडिकल ग्रेजुएट या मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी / बायोटेक्नोलॉजी / लाइफ साइंसेज में एमएससी। वेतन: INR 35000 / – आयु सीमा: 21 – 62 वर्ष चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार में उनके प्रदर्शन पर आधारित होगा।
आवेदन कैसे करें
दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ टाइप किए गए या हाथ से लिखे हुए आवेदन वाले लिफाफे पर नोडल अधिकारी-एनएसीपी/को अनुबंध के आधार पर के पद के लिए आवेदन (कृपया उस पद का उल्लेख करें जिसे आप आवेदन करना चाहते हैं) के रूप में सुपर-लिखा जाना चाहिए। जिला टी.बी. अधिकारी, 107, चंदर नगर, देहरादून-248001 उत्तराखण्ड नवीनतम 02 जनवरी 2023 तक पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट/स्वयं द्वारा भेज सकते है।
रिटायर्ड एयर मार्शल ने पीएम मोदी से की मुलाकात..
देश-विदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सेवानिवृत्त एयर मार्शल पी.वी. अय्यर से मुलाकात की। पीवी अय्यर 92 साल के हैं। इस उम्र में भी वह फिटनेस के प्रति उत्साही हैं। प्रधानमंत्री का कहना हैं कि जीवन के लिए उनका उत्साह सराहनीय है। उत्साही धावक अय्यर ने प्रधानमंत्री को अपनी पुस्तर ‘फिट एट एनी एज: ए प्रैक्टिशनर्स गाइड’ भेंट की। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, आज एयर मार्शल पी.वी. अय्यर (सेवानिवृत्त) से मिलकर खुशी हुई। जीवन और साथ ही फिट व स्वस्थ रहने के प्रति उनका उत्साह उल्लेखनीय है। उनकी किताब की एक प्रति पाकर खुशी हुई।
अब हर महीने आएगा बिजली बिल, यूपीसीएल ने बदला बिलिंग पैर्टन..
उत्तराखंड: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए यूपीसीएल अब अपना बिलिंग पैर्टन बदलने जा रहा है जिसका लाभ 20 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। इससे अब आपका बिल कम आने की उम्मीद है। जी हां अब राज्य में 2 महीनों में आने वाले बिजली के घरेलू बिलों (Uttarakhand Domestic Electricity Bill) को हर महीने भेजा जाएगा। शुरुआत में देहरादून शहर और ऋषिकेश डिवीजन से इसकी शुरुआत की जा रही है।
यूपीसीएल के बिजली बिलों का चक्र बदलने से उपभोक्ताओं का बिल अब पहले की अपेक्षा कम आएगा। ऊर्जा निगम अब तक बिजली उपयोग करने का समय 15 दिनों से अधिक होने पर पूरे महीने का बिल तैयार करता है। भले ही बिजली का उपयोग 15 दिन ही क्यों न किया हो। इसी तरह बिजली उपयोग का समय 16 दिन या उससे अधिक 45 दिन तक होने की स्थिति में भी एक महीने का बिल जारी किया जाता है। 46 दिन या उससे अधिक 75 दिन तक दो महीने का बिल जारी किया जाता है, जिससे उपभोक्ता को स्लैब के अनुसार अधिक बिजली दरों का भुगतान करना पड़ता था।
बताया जा रहा है कि राज्य में 1 से 4 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए नए साल से हर महीने बिल देने के लिए काफी समय से कसरत की जा रही थी। अब इसकी शुरुआत देहरादून और ऋषिकेश शहर से करने की तैयारी हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि नए साल के पहले महीने से ही इस पर काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि नियमित रूप से इसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष 2023 से की जाएगी। हर महीने का बिल 25 से 35 दिन और दो महीने का बिल 55 से 65 दिन के भीतर तैयार किया जाएगा। इसमें भी जितने दिनों का बिल तैयार होगा, भुगतान उसी के अनुरूप तय दरों के अनुसार करना होगा।
ऐसे तय होंगी बिजली की यूनिट..
ऊर्जा निगम ने एक महीने में 30.417 दिन तय किए हैं। अब यदि आपका बिजली बिल 50 दिन में आता है, तो आपकी 100 यूनिट तक बिजली खर्च तय करने का सिस्टम बदल जाएगा। 100 यूनिट को 50 से गुणा करने के बाद आने वाले आंकड़े को 30.417 दिन से भाग देने पर आनी वाली 164.38 यूनिट को पहला स्लैब माना जाएगा। इस तरह बिजली बिल का जो पहला स्लैब 100 यूनिट तक माना जाता है। वो 50 दिन के बिल पर पहला स्लैब 164.38 यूनिट माना जाएगा। इस तरह आम लोगों को पहले स्लैब के रूप में 64.38 यूनिट का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यही फार्मूला अन्य स्लैब पर भी लागू होगा। नई व्यवस्था में फिक्सड चार्ज की गणना भी हर महीने की बजाय प्रतिदिन के अनुसार होगी।
एक्टर अनिल कपूर और अनुपम खेर ऋषभ पंत से मिलने पहुंचे हॉस्पिटल..
उत्तराखंड: बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारे अनुपम खेर और अनिल कपूर शनिवार सुबह देहरादून के मैक्स अस्पताल पहुंचे। शुक्रवार को वह देहरादून पहुंचे। उन्होंने कार हादसे में घायल क्रिकेटर ऋषभ पंत से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पंत की हालत में काफी सुधार हुआ है। पंत की मां से बात की गई है। उनका कहना हैं कि पंत फाइटर हैं। हम दोनों ने उनके काफी बात की। उन्हें हंसाया भी। उनके बात कर लगता है वे स्वस्थ हैं। कहा कि हम दोनों ऋषभ पंत के फैन हैं। इसलिए हमारा मन उनसे मिलने का था। हम खुश हैं वे ठीक हैं। हमारी और देश की दुआएं उनके साथ हैं। कहा कि हमारी कामना है हम जल्द ही उन्हें फिर से क्रिकेट ग्राउंड पर देखें।
आपको बता दे कि पंत के सिर और रीढ़ की हड्डी का स्कैन हो चुका है और रिपोर्ट सामान्य है। पंत के पैर में फ्रैक्टर है, सिर और कमर पर भी चोट हैं। बता दें कि ऋषभ पंत शुक्रवार को दिल्ली से रुड़की लौटते समय नारसन के समीप हाईवे पर हादसे का शिकार हो गए थे।उनकी कार डिवाइडर की रेलिंग और एक पोल को टक्कर मारती हुई हवा में उछलकर हाईवे की दूसरी दिशा में कई पलटियां खाते हुए करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई और उसमें आग लग गई।ऋषभ पंत को राहगीरों ने पुलिस की मदद से रुड़की के निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें देहरादून मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहां उनकी हालत अब ठीक है। हादसे का कारण झपकी आना बताया जा रहा है।
Rishabh Pant Accident- इलाज का सारा खर्च उठाएगी उत्तराखंड सरकार- सीएम धामी..
उत्तराखंड: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार शुक्रवार सुबह हादसे का शिकार हो गई। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वाहन दुर्घटना में घायल ऋषभ पंत के बारे में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उनका समूचित इलाज करने की सभी संभव व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम धामी ने ऋषभ पंत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि उनके इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। अगर एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होगी तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी। वहीं, उन्होंने ऋषभ पंत की मां से फोन पर वार्ता कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने एवं उपचार में सरकार के स्तर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
पंचतत्व में विलीन हुईं हीराबेन, प्रधानमंत्री मोदी ने भाइयों संग दी मुखाग्नि..
देश-विदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबा नहीं रही। शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए यह जानकारी दी गई। पोस्ट में लिखा गया, शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।
आपको बता दे कि 100 वर्षीय हीराबा का आज सुबह निधन हो गया। यूएन मेहता अस्पताल के एक बयान में कहा गया है,पीएम मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर उन्हें मुखाग्नि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हीराबा के निधन पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक जताया है। इसके अलावा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,’माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी की माता पूज्य हीराबा के निधन से गहरा दुख हुआ। पूज्य हीराबा उदारता, सादगी, परिश्रम और जीवन के उच्च मूल्यों के प्रतिमान थीं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
उत्तराखंड के स्कूलों में छुट्टियों का कैलेंडर जारी, ईगास पर भी रहेगा अवकाश..
उत्तराखंड: लोकपर्व ईगास बग्वाल के चलते उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में लगातार दूसरे साल 2023 में अवकाश रहेगा। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में नए साल की छुट्टी का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस वर्ष 37 दिन स्कूलों में सार्वजनिक अवकाश रहे। साथ ही अगले वर्ष के लिए 40 दिन का अवकाश निर्धारित किया गया है। माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक रामकृष्ण उनियाल ने स्कूलों की छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है। 19 नवंबर 2023 को छठ पूजा के उपलक्ष्य में तथा 23 नवंबर 2023 को इगास बग्वाल के उपलक्ष्य में स्कूलों में छुट्टी रहेगी।
पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में 26 दिसंबर से रहेगी सर्दियों की छुट्टी
शिक्षा विभाग की ओर से नए साल 2023 में सर्दियों और गर्मियों की छुट्टी को लेकर आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक सर्दियों में पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में 26 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक छुट्टी रहेगी। मैदानी क्षेत्र के स्कूलों में एक जनवरी 2023 से 13 जनवरी 2023 तक छुट्टी रहेगी। गर्मियों में पर्वतीय क्षेत्र के स्कूल 20 से 30 जून 2023 तक बंद रहेंगे एवं मैदानी क्षेत्र के स्कूलों में 27 मई से 30 जून 2023 तक छुट्टी रहेगी।
गुवाहाटी में महसूस किए गए भूकंप के झटके..
धरती की 10 किलोमीटर गहराई पर था केंद्र..
देश-विदेश: असम के गुवाहाटी के 62 किलोमीटर उत्तरपूर्व में आज दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.5 रही। भूकंप की गहराई धरती से 10 किलोमीटर नीचे थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस घटना की जानकारी दी है। भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
आपको बता दे कि रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
