अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम तैयारियों की समीक्षा की..
उत्तराखंड: ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान को उत्तराखण्ड राज्य में सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सरकार के विभिन्न विभाग जिला प्रशासन के साथ मिलकर मिशन मोड पर कार्य कर रहे हैं। देशभर की तरह ही उत्तराखण्ड में भी इस अभियान में वसुधा वंदन, शिलाफलकम (स्मारक) को शामिल करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा करने के लिए एक बैठक का आयोजन आज अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी अध्यक्षता में सचिवालय में किया गया। बैठक में राज्य में मेरी माटी मेरा देश अभियान के आयोजन की रूपरेखा पर गहन चर्चा की गई।
एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को अपने अपने जनपदों के हर गांव में वसुधा वंदन कार्यक्रम के तहत पौधारोपण सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त संख्या में पौधों की व्यवस्था करने एवं नर्सरी मैपिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में वन विभाग, उद्यान विभाग, शिक्षा विभाग, संस्कृति विभाग, खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, सैनिक कल्याण विभाग तथा जनजागरूकता में सूचना विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को स्कूली बच्चों, वॉलियन्टर्सं, स्वयं सेवी संगठनों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा अधिकाधिक स्थानीय लोगों को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपद स्तर पर दीया एवं कलश बनाये जाने हेतु स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग को मेरी माटी मेरा देश अभियान से सम्बन्धित विशेष मार्च आयोजन तथा वीरो का सम्मान के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने वसुधा वंदन और शिलाफलकम के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत/गांव वसुधा वंदन के अंतर्गत स्वदेशी प्रजातियों के 75 पौधे लगाकर धरती का नवीनीकरण और पुनः पूर्ति करेगा। एसीएस ने शिलाफलकम के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य उन सभी वीरों के प्रति अपना हार्दिक भाव व्यक्त करना है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से इस आयोजन में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही सभी क्षेत्रों के लोगों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का अनुरोध किया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत 9 से 15 अगस्त के मध्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के किनारे, अन्य जल निकाय, पंचायत कार्यालय, स्कूल अथवा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर शहीद वीरों के नाम पर स्मारक पटिट्का की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में मिट्टी या मिट्टी का दीया लेकर पंचप्रण शपथ ली जायेगी। शपथ के दौरान सेल्फी अभियान भी चलेगा। इस सेल्फी को http://merimaatimeradesh.Gov.inवेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
वसुधा वन्दन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत वाटिका बनाई जाएगी। कम से कम 75 स्थानीय प्रजाति के पौधों का रोपण इस अमृत वाटिका में किया जाएगा। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के परिवारों को सम्मानित करने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर इस कार्यक्रम में उनके साथ-साथ सेवानिवृत रक्षाकर्मियों, राज्य एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों, राज्य पुलिस कर्मियों एवं इनमें ड्यूटी के समय शहीद हुए बहादुरों के परिवारों को भी सम्मानित किया जा सकता है। प्रत्येक कार्यक्रम में झण्डा रोहण एवं राष्ट्रगान का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत से विकासखण्ड एवं विकासखण्ड से नई दिल्ली कर्तव्य पथ तक मिट्टी यात्रा निकाली जायेगी।
छोटे शहरी निकायों/कैन्टोनमैंट बोर्ड एवं नगर पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्रों हेतु यह समस्त कार्यक्रम 9 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित किया जायेगा तथा बड़ी नगर पालिकाओं में यह कार्यक्रम 16 अगस्त से 20 अगस्त तक आयोजित किया जायेगा। छोटे शहरी निकायों से मिट्टी कलश बड़ी नगर पालिकाओं एवं निगमों में समारोहपूर्वक जाए जाएगें। बैठक में सचिव श्रीमती राधिका झा, श्री हरीचंद सेमवाल, श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री जितेन्द्र सोनकर, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक संस्कृति सुश्री बीना भट् तथा अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
केंद्र ने दी राज्य सरकार को 951 करोड़ की विशेष सहायता की मंजूरी..
उत्तराखंड: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने प्रदेश को विशेष सहायता (ऋण) के लिए 951 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की ओर से 48 महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए ये स्वीकृतसी गई है। जिसके बाद सीएम धामी ने पीएम मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से प्रदेश सरकार को महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए विशेष सहायता की मंजूरी दी गई है।
इन योजनाओं में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की सुविधा के लिए 110 करोड़ रुपए , नैनीताल में मॉडल कॉलेज अपग्रेडेशन के लिए 61 करोड़ रुपए, 500 बेड के दून मेडिकल कॉलेज के लिए 60 करोड़ एवं दून मेडिकल कॉलेज कैम्पस के लिए 33.98 करोड़ रूपये की विशेष सहायता दी है।
इसके अलावा पीएमजीएसवाई स्टेट शेयर के लिए 56 करोड़ रुपए , रूड़की देवबंद रेल लाईन के लिए 55 करोड़ रुपए, सहसपुर में स्किल हब के लिए 25.91 करोड़ रुपए, फार्म मशीनरी बैंक के लिए 25 करोड़ रुपए, टनकपुर आईएसबीटी के लिए 25 करोड़ रुपए, देहरादून में बस डिपो के लिए 25 करोड़ रुपए और अल्मोड़ा सीवरेज स्कीम के लिए 20.16 करोड़ की विशेष सहायता प्रदान की गई है।
सीएम धामी ने जताया आभार..
सीएम धामी ने कहा टकेंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को विशेष सहायता के लिए 951 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि का उपयोग प्रदेश की विभिन्न 48 योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाएगा। ‘समस्त प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार।
धामी अब तक के ऐसे मुख्यमंत्री जिनके कार्यकाल मे राज्य को मिली सर्वाधिक केंद्रीय परियोजनाएं..
राज्य के केंद्र से बेहतर रिश्ते बनाने मे भी कामयाब..
भाजपा या गैर भाजपा सरकारों के दौर से इतर अब मिल रही तवज्जो बड़ी उपलब्धि..
देहरादून। विपक्षियों की राय कुछ भी हो, लेकिन जिस तरह से राज्य पर केंद्र की और से सौग़ातें बरस रही है वह राज्य हित मे सुखद ही कही जायेगी। पुष्कर सिंह धामी राज्य के अब तक एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री साबित हुए है जिनके कार्यकाल मे राज्य को सबसे अधिक केंद्रीय सहायता से विकास की योजनाए मिली।
बेशक, उनके कुशल नेतृत्व क्षमता से इन योजनाओं को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन भी अधिक अहम है। राज्य मे इस समय डेढ़ लाख करोड़ से अधिक की सड़क, वायु और रेलवे सहित पर्यटन की अनेक योजनाएं चल रही है। प्रधानमंत्री अनेकों बार कह चुके है कि उनका उत्तराखंड से विशेष लगाव है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अक्सर इस बात को दोहराते रहे हैं कि मोदी उनके और राज्य के अभिभावक और मार्गदर्शक है।
पीएम के मार्गदर्शन मे राज्य आगामी दशक का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा। जल प्रलय के बाद उजड़े केदारनाथ की जो तस्वीर आज विश्व पटल पर उभरी है उसके पीछे मोदी के अध्यात्मिक स्वरूप और राज्य के प्रति विशेष लगाव ही रहा। हेमकुंड साहिब तक रोप वे लगाने का हो या आल वेदर रोड से आसान सफर अथवा कर्णप्रयाग तक रेल संपर्क इसी काल खंड मे साकार हो पाया।
जहाँ तक सीएम की कार्यशैली का सवाल है तो वह केंद्र की अपेक्षाओं पर खरे उतरते दिख रहे हैं। उत्तराखंड के लिए अब केंद्र के द्वार सुलभ हो चुके है। राज्य मे हाइवे से लेकर संचार और मेडिकल सुविधाएं अब आम आदमी की पहुँच मे आसानी से आ रही है। वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से धामी ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे है उससे एक बात साफ है कि वह दबावमुक्त होकर पारी खेल रहे है। घपले घोटालों के खिलाफ जो कार्यवाही अब तक सामने आयी वह नजीर भी है।
धामी की सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक भी खासी चर्चाओं मे रही। लंबी बैठक मे राज्य मे चल रही विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई और सीएम ने बाद मे प्रेस वार्ता मे कुछ मुद्दों को लेकर खुलासा किया। वार्ता के दौरान उन्होंने यह संकेत जरूर दिये कि राज्य को केंद्रीय परियोजनाओं की एक बड़ी खेप मिलने वाली है। हालांकि उनकी पीएम से मुलाकात को मंत्रिमंडल के विस्तार और दायित्व बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा था। राजधानी मे संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष द्वारा ली गयी कोर कमेटी की बैठक मे शिरकत के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और पीएम के साथ लंबी मैराथन बैठक मे पीएम को विकास योजनाओं की नई सूची थमा दी।
युवा चेहरे के तौर पर हाई कमान की पसंद बने सीएम पुष्कर सिंह धामी का पार्टी मे भी कद बढ़ रहा है। विगत माह पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम उन्हे देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री कह चुके है। पार्टी मे अंदरूनी स्थिति जो भी हो, लेकिन पीएम मोदी और केंद्र के साथ वह अल्प समय मे उत्तराखंड के नजदीक रिश्ते स्थापित करने मे कामयाब हुए हैं उससे निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि इसका लाभ राज्य को मिल रहा है और भविष्य मे अधिक संभावना है। भाजपा या गैर भाजपा सरकारों मे उत्तराखंड को इस समय जो तवज्जो मिल रही है उसे भी पुष्कर सिंह धामी की एक बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है।
केदारनाथ बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन से BKTC ने कमाए 91 लाख से अधिक
उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में वीआईपी अतिथियों के दर्शन से बीकेटीसी ने अभी तक 91.63 लाख से अधिक की कमाई हुई है। बता दें पहले बार बीकेटीसी की ओर से वीआईपी श्रद्धालुओं से दर्शन के लिए 300 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का कहना हैं कि अभी तक केदारनाथ धाम में 8,198 वीआईपी श्रद्धालु और बद्रीनाथ धाम में 22,348 हजार वीआईपी श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ में वीआईपी दर्शन से 24,59,400 रुपए का लाभ हुआ है। जबकि बद्रीनाथ धाम से 67,04,400 रुपए का लाभ हुआ है।
अन्य बड़े मंदिरों का अध्यन कर लिया फैसला
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ का कहना हैं कि इस वर्ष यात्राकाल से पहले बीकेटीसी ने देश के चार बड़े मंदिरों श्री वैष्णोदेवी, श्री तिरूपति बाला जी, श्री सोमनाथ और श्री महाकाल मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए एक- एक अध्ययन दल भेजे थे।इन दलों ने वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर मंदिरों में आने वाले वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं श्रद्धालुओं से दर्शनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा था। बीकेटीसी ने अध्ययन दलों के सुझाव पर प्रति व्यक्ति से 300 रूपये निर्धारित किया था।
सीएम धामी की काटी थी पहली पर्ची..
बीकेटीसी द्वारा नयी व्यवस्था कायम किए जाने के बाद वीआईपी व वीवीआईपी के नाम पर अनावश्यक रूप से दर्शनों के लिए घुसने वालों पर भी रोक लगी है। बीकेटीसी ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत इस साल केदारनाथ धाम से शुरू की थी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर बीकेटीसी ने पहली पर्ची मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की काटी थी। सीएम धामी ने 300 रूपये का शुल्क चुका कर दर्शन किये थे।
प्रदेश में बनाएं जाएंगे 13 निर्भया हॉस्टल, केंद्र ने दी 48 करोड़ की मंजूरी..
उत्तराखंड: केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने प्रदेश में 13 निर्भया हॉस्टल बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए केंद्र की और से 48 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी गई है। जानकारी के अनुसार 50 बेड के ये निर्भया हॉस्टल उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, भीमताल, हल्द्वानी, भगवानपुर, सेलाकुई, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, कर्णप्रयाग और टिहरी में बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन छात्रावासों के निर्माण से राज्य के अलग-अलग जनपदों में कामकाजी महिलाओं और हायर एजुकेशन के लिए आने वाली युवतिओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। केंद्र की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद सीएम ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
मुख्य सचिव डॉ संधु को लेकर बड़ी खबर, केंद्र ने जारी किया बड़ा आदेश..
उत्तराखंड: मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि केंद्र ने मुख्य सचिव का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा दिया गया। जिसके आदेश जारी किए गए है। मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है।
वह इसी महीने रिटायर होने वाले थे। उन्हें 6 माह का सेवा विस्तार मिला है। 1 अगस्त 2023 से 30 जनवरी 2024 तक कार्यकाल बढ़ाया गया है। 20 जुलाई को एक्सटेंशन के आदेश किये गए।बताया जा रहा है कि उन्हें बद्रीनाथ, केदारनाथ पुनर्निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि एसएस संधू की ईमानदार कार्यप्रणाली को लेकर नौकरशाही में चर्चा होती रहती हैं। उनका नाम प्रधानमंत्री की गुड बुक में हैं।
चमोली हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई: यूपीसीएल और जल संस्थान के दो अधिकारी सस्पेंड..
उत्तराखंड: चमोली हादसे के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों की लापरवाही पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही एसटीपी प्लांट का संचालन व रखरखाव का काम देख रही ज्वाइंट वेंचर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार शासन ने मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रख-रखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियन्ता को निलम्बित किया गया है। साथ ही इस प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लि. द्वारा कुंदन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियंता विद्युत वितरणखण्ड गोपेश्वर को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सीएम धामी के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक तहसील चमोली द्वारा सुपरवाइजर ज्वाइन्ट वेन्चर कम्पनी एवं अन्य संबंधित के विरूद्ध नमामि गंगे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरते जाने के संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती चमोली हादसे के बाकी सभी 5 घायलों को भी एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। सीएम ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया है।
हल्द्वानी में एक घर में सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस..
उत्तराखंड: हल्द्वानी से एक सनसनीखेज घटना की खबर सामने आई है। टीपी नगर चौकी क्षेत्र के नीलकंठ कॉलोनी में एक घर में सड़ी-गली लाश मिलने से हड़कंप मच गया। टीपी नगर चौकी इंचार्ज पंकज जोशी का कहना हैं कि बुधवार को ग्राम प्रधान ललित मोहन नेगी ने सूचना दी कि एक घर खुला हुआ है वहां से बदबू आ रही है उसके बाथरूम में एक लाश पड़ी हुई है। ग्राम प्रधान की सूचना में पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव भाई को सौंप दिया है।
चौकी इंचार्ज पंकज जोशी ने कहा कि परिवार में दो भाई हैं माता पिता की मौत हो चुकी है। एक भाई बीते बुधवार को काम से दिल्ली गया था, वह किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। और हरीश पंत घर पर ही था। जो बाथरूम में मृत मिला है। बताया गया है कि कमरे से दो बियर और एक पव्वा भी मिला है। कहा कि प्रथम दृष्टया शराब अधिक पीने से मौत लग रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा।
टिहरी में यहां मकान ढह, कई घरों में आई दरारे, ग्रामीणों में दहशत..
उत्तराखंड: प्रदेश में बारिश ने कहर बरसाया तो वहीं टिहरी जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है। बता दे कि लगातार हो रही तेज बारिश के चलते टिहरी झील के समीप बसे पीपोला गांव में एक मकान ढह गया। वहीं कई मकानों पर दरारें पड़ गई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार टिहरी झील के बढ़ते जलस्तर के कारण गांव के मकानों में दरारें पड़ रही हैं और इन्हीं के कारण मकान खतरे की जद में आ रहे हैं। बीते दिनों एक घर अचानक ध्वस्त हो गया है।
गनीमत रही कि रात को मकान के अंदर सो रहे लोग आनन-फानन में बाहर आ गए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।वहीं गांव भू-धंसाव की चपेट में है, इसलिए ग्रामीणों ने जल्द उनका पुनर्वास करने की मांग की है। टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लॉक के पिपोला-खास गांव के ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों का कहना है कि टिहरी बांध की झील के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते गांव के मकानों में दरारें आ गई हैं। 23 परिवारों को संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने विस्थापन की संस्तुति की है, इसके बावजूद भी टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। गांव के 7 ऐसे परिवार हैं, जिनके भवनों का मूल्यांकन हो चुका है, लेकिन सर्वे सीट पुनर्वास विभाग में धूल फांक रही है। वहीं डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
घर में मिला डेंगू का लार्वा तो भरना पड़ेगा जुर्माना, इन कर्मियों को मिलेगा मानदेय..
उत्तराखंड: देहरादून में तेजी से डेंगू फैल रहा है। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। यदि आपके घर में किसी कंटेनर में पानी भरा हुआ है और उसमें डेंगू के लार्वा पनप रहे हैं ताे न सिर्फ आपकी सेहत खतरे में है बल्कि आपको इसके बदले में जुर्माना भी चुकाना पड़ेगा। इसके लिए शहर में डेंगू के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए नगर निगम विशेष अभियान चला रहा है। डोर टू डोर सर्वे के दौरान ऐसे भवन मालिकों से जुर्माना लगाएगा, जाे डेंगू के लार्वा काे पनपने में मददगार साबित हाे रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार नगर आयुक्त ने नगर निगम के सुपरवाइजर और स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता प्रतिदिन अपने क्षेत्र में घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान जिन लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों में उनकी लापरवाही से डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका है, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड की हर गली मोहल्ले में सभी छोटे-बड़े सरकारी, गैर सरकारी परिसर में फॉगिंग करना शुरू कर दिया है।शहर की खुली नालियों और सभी सम्भावित स्थानों पर लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव किया गया।
बताया जा रहा है कि घरों से आर्थिक दंड 200 रुपए और 500 रुपए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लिया जाएगा। लापरवाही का दोहराव होने पर घरों से 500 रुपए और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से 2000 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। इतना ही नहीं जो लोग टीम को अपने घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने से रोकें, उनकी सूची बनाकर उनसे भी नियम अनुसार आर्थिक जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं डेंगू की रोकथाम के कार्य में शामिल आशा कार्यकर्ताओं के लिए 1500 रुपए और आशा के लिए 2500 रुपए मानदेय देने की स्वीकृति प्रदान की है।
