हल्द्वानी हिंसा जमीन विवाद को लेकर हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई..
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट में आज यानी 14 जनवरी को बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमण मामले की सुनवाई होगी। बता दें आठ फरवरी को बनभूलपुरा में जिला प्रशासन ने नजूल की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए अवैध मदरसे और धर्म स्थल को हटाया था। जिसके विरोध में दंगा भड़क गया था। आज सभी की निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।
आपको बता दें आठ फरवरी की शाम अतिक्रमण हटाने का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुई भीड़ उपद्रव पर उतर आई थी। क्या बच्चे क्या और महिलाएं। सभी इस हिंसा में शामिल दिखे। उपद्रवी भीड़ ने बनभूलपुरा थाना घेर लिया था। आरोप है कि पेट्रोल बमों से थानों को आग लगा दी गई। जब थाने के अंदर फंसे पुलिसकर्मियों की जान खतरे में आई और दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए तो प्रशासन की और से देखते ही उपद्रवियों को गोली चलाने के निर्देश दिए गए। बता दें हल्द्वानी हिंसा में अभी तक तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने 70 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। बनभूलपुरा इलाके में आज सातवें दिन भी कर्फ्यू जारी है।
ये है पूरा मामला..
दरअसल बनभूलपुरा इलाके में स्थित रेलवे की जमीन में अतिक्रमण कर बसी 50 हजार की आबादी वाली बस्ती को पिछले साल हाईकोर्ट ने खाली कराने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। इसी दौरान ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। अभी तक सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इधर जनवरी 2024 में हल्द्वानी नगर निगम बनभूलपुरा की जमीन को नजूल की जमीन बताते हुए अतिक्रमण खाली करने के नोटिस जारी किया था।
30 जनवरी को जब नगर निगम की टीम जमीन को सील करने पहुंची तो उस समय भी भारी बवाल हुआ था। अवैध मदरसे और मस्जिद पर बुलडोजर चलने से पहले दूसरे पक्ष ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में नगर निगम की ओर से दावा किया गया कि जमीन से मस्जिद और मदरसे के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकर्ताओं ने दावा किया था कि उनके पास इस जमीन की 1937 की लीज है। ये लीज अब्दुल मलिक के परिवार से मिली बताई गई।
याचिका में कहा गया था कि सरकार इस जमीन पर कब्जा नहीं ले सकती है। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता साफिया मलिक और अन्य को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया था। नैनीताल हाईकोर्ट से दूसरे पक्ष को राहत नहीं मिलने पर नगर निगम ने आठ फरवरी को सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसे और मस्जिद को गिरा दिया था। इसके बाद वहां एकत्रित हुई भीड़ ने जमकर हिंसा की थी। इस मामले में अभी भी गिरफ्तारियां जारी है।
बसंत पंचमी के दिन से कुमाऊं में होता है बैठकी होली का आगाज..
उत्तराखंड: देशभर में बसंत पंचमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है। उत्तराखंड में इस त्यौहार की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। जहां एक ओर बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है तो वहीं दूसरी ओर देवभूमि में इस त्यौहार पर प्रकृति का धन्यवाद किया जाता है और सुख समृद्धि की कामना की जाती है। उत्तराखंड के सभी त्यौहारों में भी प्रकृति प्रेम की भावना झलकती है। उत्तराखंड में बसंत पंचमी के त्यौहार को उत्तराखंड के लोक जीवन में जौ त्यार या जौ सग्यान के रूप में भी मनाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन दान और स्नान का खासा महत्व होता है। पहाड़ों पर पवित्र नदियों में स्नान या प्राकृतिक जल श्रोतों पर स्नान किया जाता है।
पहाड़ों पर इस समय नई फसल जौ की फसल होती है। नई फसल होने के साथ जौ को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कुमाऊं में बसंत पंचमी के दिन लोग खेत में जाकर पूर्ण विधि-विधान यानि धूप, दीप, अक्षत-पिठ्यां के साथ जौ लेकर आते हैं। जिसके बाद उनकी पूजा की जाती है। इसके बाद इन्हें ईष्ट-देवता, कुल देवता सभी को चढ़ाया जाता है और भोग लगाया जाता है।
बच्चों से लेकर बड़े और बूढ़े सभी लोग स्नान करने के बाद पीले कपड़े पहनते हैं। इसके साथ ही एक पीली रूमाल को पुरूष सिर पर और महिलाएं हाथों पर बांधती हैं। जिसके बाद महिलाएं ‘जी रये, जागी रये…. शुभकामना के साथ घर के सबसे छोटे बच्चों के सिर में जौ के पौधें रखती हैं। जबकि घर की बेटी अपने से बड़ों के सिर में इस जौ के पौधे रखकर आशीर्वाद लेती है। इसके साथ ही इन जौ के पांच-पांच पौधों को लेकर घर के दरवाजों और खिड़कियों पर लगाया जाता है। इन्हें लगाते हुए घर की सुख और समृद्धि की कामना की जाती है।
कुमाऊं में होती है बैठकी होली की शुरूआत..
बसंत पंचमी को खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पहाड़ में शुभ काम किए जाते हैं। इसके साथ ही कुमाऊं में बैठकी होली की शुरूआत हो जाती है। वैसे तो पूस के रविवार से इसकी शुरूआत हो जाती है। लेकिन होली गायन की शुरूआत बसंत पंचमी के दिन से श्रृंगार रस की होली गाने से होती है। इसके बाद होली के पहले जिस दिन रंग पड़ता है उस दिन से पूरे कुमाऊं में रंगों की होली की शुरुआत होती है। जो छलड़ी के दिन तक चलती है।
हरिद्वार पहुंचे नितिन गडकरी, दी 4750 करोड़ परियोजनाओं की सौगात..
उत्तराखंड: परिवहन और राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्हांने तीर्थनगरी में 4750 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 30 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से उत्तराखंड की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
उनका कहना हैं कि हम सभी का सौभाग्य है कि गडकरी जैसे केंद्रीय मंत्री से प्रेरणा लेने का अवसर मिल रहा है। मानव सभ्यता में सड़क निर्माण महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्रीय मंत्री ने न केवल सड़कों से देश को जोड़ा कई संस्कृति और सभ्यता को भी जोड़ा है। विकास का नया अध्याय शुरू किया गया है। राज्य आध्यात्म की भूमि तो है ही अब विकास की भूमि के रूप में पहचान बनी है। चारधाम यात्रा में जहां कम यात्री आते थे, आज सड़कों के जाल बिछने से 56 लाख यात्री आए। ऑल वेदर रोड इसमें महत्वपूर्ण पहल है।
उत्तराखंड में प्रत्येक दिन चार किमी सड़क निर्माण हो रहा है। सीमांत क्षेत्रों में पूछा गया कि सड़कें क्यों नहीं बन रही तो बताया गया कि पूर्व की सरकारें डरती थीं कि दुशमन देश में आसानी से घुस जाएंगे। इस मिथक को तोड़ा गया। आज ऋषिकेश चीन की सीमा से सीधे जुड़ रहा है । तीन लाख पचास हजार करोड़ का निवेश हो रहा है। देश दुनिया के लोग आज उत्तराखंड से जुड़ रहे हैं। एचआरडीए की योजनाओं का भी लोकार्पण किया गया है। यह सौभाग्य का विषय है कि इन योजनाओं से देश दुनियां के लोगों को लाभ मिलेगा । उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रीमंडल में आज कुछ मांगने के लिए नहीं जाना पड़ता, खुद ही मिल रहा है। यह विकास की एक कड़ी है। जिससे हम सभी जुड़ रहे हैं।
आज घृत कमल से बाहर आएंगे बाबा जागनाथ..
उत्तराखंड: अल्मोड़ा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्द जागेश्वर धाम में आज एक महीने के बाद जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव घी की गुुफा (घृत कमल) से बाहर निकलेंगे और अपने भक्तों को दर्शन देंगे। बता दें कि हर साल एक महीने के लिए बाबा जागनाथ तपस्या करते हैं। एक महीने के बाद आज जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव घी की गुुफा जिसे घृत कमल कहा जाता है इस से बाह निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। आपको बता दें कि हर साल भगवान जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव एक महीने के लिए साधना में लीन हो जाते हैं। परंपरा के मुताबिक बाबा जागनाथ एक महीने पहले 120 किलो से ज्यादा घी से तैयार गुफा में साधनालीन हो गए थे।
मकर संक्रांति पर्व पर सदियों से जुड़ी है अनूठी परंपरा..
आपको बता दें कि जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर में मकर संक्रांति पर्व पर सदियों से एक अनूठी परंपरा चली आ रही है। परंपरा के अनुसार हर साल भगवान शिव मकर संक्रांति पर्व पर एक महीने के लिए घी की गुफा में साधना में लीन हो जाते हैं। इस घी की गुफा को बाबा के भक्त ही तैयार करते हैं। गाय के दूध से बने शुद्ध घी से घृत कमल बनाया जाता है। जिसके बाद वेदमंत्रों के पाठ के साथ भगवान शिव को इसके भीतर विराजमान किया जाता है। एक महीने के बाद परंपरा के अनुसार बाबा जागनाथ को जागेश्वर धाम के पुजारी विधि-विधान से बाहर निकालते हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से 40 किलो मीटर की दूरी पर शिव का पावन धाम जागेश्वर मंदिर समूह बसा है। जहां पर साक्षात शिव विराजते हैं। ऐसा कहा जाता है कि दुनिया के सबसे पहले शिवलिंग की उत्पत्ति जागेश्वर में ही हुई थी और यहीं से शिवलिंग की पूजा और दर्शन करने का प्रचलन भी प्रारम्भ हुआ था।
आज हरिद्वार में दूधाधारी फ्लाई ओवर का उद्घाटन करेंगे नितिन गडकरी..
उत्तराखंड: परिवहन और राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तीर्थनगरी में 4750 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 30 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं लोकार्पण करने आज हरिद्वार पहुंच रहे हैं। भाजपा पदाधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पावन धाम के सामने स्थित मैदान में तैयारियों का जायजा लिया।
भाजपा नेता अनिरूद्ध भाटी का कहना हैं कि पावन धाम तिराहे से शांतिकुंज तक पिलर पर फ्लाई ओवर का निर्माण होने से दुर्गानगर, मुखिया गली, शिवनगर, मस्तराम गली, उत्तम बस्ती, सप्तसरोवर मार्ग को डूबने से बचाने का काम होगा। फ्लाई ओवर का निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष अंकुश भाटिया और आकाश भाटी ने कहा कि नितिन गडकरी और सीएम पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में दूधाधारी फ्लाई ओवर के उद्घाटन समारोह को लेकर उत्तरी हरिद्वार में अपार उत्साह देखा जा रहा है।
बदलने वाला है मौसम का हाल, जानें अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम..
उत्तराखंड: प्रदेश में बीते कुछ दिनों से चटख धूप खिली हुई है। तेज धूप के कारण अब तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। कुछ इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड की विदाई हो रही है। प्रदेश में सात साल में पहली बार फरवरी के महीने में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। चटख धूप से दून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान चढ़ने लगा है। रविवार को देहरादून का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। साल 2020 के बाद से प्रदेश में पहली बार 15 फरवरी से पहले ही तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। । मौसम वैज्ञानिकों का कहना है बदलते मौसम चक्र और जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं। जिसके बाद माना जा रहा है कि ठंड की जल्द ही विदाई हो सकती है।
मंगलवार से बदलेगा मौसम का मिजाज..
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मंगलवार को मौसम एक बार फिर से करवट लेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर चोटियों पर हल्के हिमपात की संभावना भी है। पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी से अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
दिन में बढ़ रहा तापमान..
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह का कहना हैं कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ गई है। जिस कारण सतही स्तर पर हवा का रुख बदलने लगा है। मैदानी इलाकों में कोहरा छटने से दिन में पहाड़ से लेकर मैदान तक अच्छी धूप खिल रही है। बिक्रम सिंह का कहना है कि दिन में तापमान बढ़ने के साथ रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं।
इन ग्राम प्रधानों को मिल सकती है प्रोत्साहन राशि, शासन को भेजा गया प्रस्ताव..
उत्तराखंड: प्रदेश के सभी 7,795 ग्राम प्रधानों को कोविड काल में किए गए काम के लिए प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी है। हर प्रधान को 10 हजार रुपये मिलेंगे, इसके लिए पंचायतीराज निदेशालय की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश में कोविड के दौरान वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्रामीणों ने जरूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए थे। कई गांवों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। जरूरतमंदों को भोजन, दवा एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई, लेकिन कोविड काल के बाद सरकार की ओर से ग्राम विकास अधिकारियों को प्रोत्साहन के रूप में 10-10 हजार रुपये की धनराशि दी गई, जबकि प्रधानों को छोड़ दिया गया।
इसके बाद से ही ग्राम प्रधान लगातार सरकार से प्रोत्साहन राशि की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि गांवों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्राम प्रधानों ने काम किया, जबकि प्रोत्साहन राशि उन्हें न देकर वीडीओ को दी गई। पंचायतीराज निदेशालय के अधिकारियों का कहना हैं कि ग्राम प्रधानों की मांग पर निदेशालय की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। वीडीओ की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को भी कोविड में किए गए कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा सके, इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में रहेगा कर्फ्यू, अन्य जगह आज से खुलेंगे स्कूल..
उत्तराखंड: जिला प्रशासन ने रविवार को कर्फ्यू के आदेश जारी किए हैं। डीएम वंदना के अनुसार अब सिर्फ बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में ही कर्फ्यू लागू रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में कर्फ्यू समाप्त हो जाएगा। जोनल मजिस्ट्रेट और कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी का कहना हैं कि सोमवार से बाकी क्षेत्रों में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र खुल जाएंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की परीक्षाएं भी सोमवार से होंगी। यूओयू के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि एलबीएस हल्दूचौड़, एमबीपीजी हल्द्वानी और राजकीय डिग्री कॉलेज रामनगर में यूओयू की परीक्षाएं 12 फरवरी से होंगी, जैसा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा।
उपद्रवियों पर NSA की कार्रवाई को करन माहरा ने कहा- ये कार्रवाई भड़काने वाली बात..
उत्तराखंड: हल्द्वानी में गुरूवार को जिस तरीके से अतिक्रमण हटाने को लेकर उपद्रवियों के द्वारा अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला किया गया। उसको लेकर धामी सरकार सख्त नजर आ रही है। धामी सरकार उपद्रवियों खिलाफ एक्शन के तहत कार्रवाई करने के मूड में है। जिसके तहत NSA के तहत करवाई भी की जाएगी। लेकिन उपद्रवियों पर NSA की कार्रवाई को विपक्ष सही नहीं मान रहा है। हल्द्वानी हिसा को लेकर धामी सरकार सख्त एक्शन लेने के मूड में नजर आ रही है। जिसके तहत उपद्रवियों की पहचान करने के बाद उनपर एनएसए के तहत करावई की जाएगी। लेकिन विपक्ष उपद्रवियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई को गलत बता रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि एनएसए के तहत कार्रवाई ठीक नही हैं। ये ज्यादातर आंतकवादियों पर की जाती है।
विपक्ष ने कार्रवाई को बताया भड़काने वाली बात..
एनएसए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट कानून है जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति से कोई खास खतरा सामने रहता है तो उस व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है तो उसे गिरफ्तार भी किया जाता है। सरकार जहां हल्द्वानी की घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश भी देने की कोशिश कर रही है। तो वहीं विपक्ष इस कार्रवाई को भड़काने वाली बता रहा है। हालांकि भाजपा का कहना है कि जो भी कार्रवाई उपद्रवियों पर बनती है वह की जाएगी,किसी भी कीमत पर उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस हल्द्वानी की घटना को अधिकारियों की लापरवाही को भी जिम्मेदार मान रही है। जिसके तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जिला अधिकारी और एसएसपी के ट्रांसफर की भी मांग कर रहे हैं। तो वहीं उपद्रवियों पर एनएसए की कार्रवाई को कांग्रेस सही नहीं मान रही है।
उत्तराखंड के ग्रेजुएट छात्रों को UK में पोस्ट ग्रेजुएशन करने का मौका मिलेगा..
उत्तराखंड: शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य सरकार 10 ग्रेजुएट छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। इस सबंध में शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने ने कहा कि शेवनिंग चार दशकों से 160 देशों में काम कर रहा है। संगठन द्वारा उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को इंग्लैंड के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है, जिसकी लागत आमतौर पर एक वर्ष के लिए 40 लाख रुपये होती है।
आपको बता दे कि राज्य सरकार इस लागत में 20 लाख रुपये का योगदान देती है और शेवनिंग इंडिया शेष 20 लाख रुपये वहन करता है। जिससे बच्चे विश्वविद्यालय पढ़ाई में कुशल बन सकें। शेवेनिंग छात्रवृत्ति के लिए सफल विद्यार्थियों को उनकी नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर चुना जाता है। शेवेनिंग ने दुनिया भर में कई प्रभावशाली नेताओं और परिवर्तन-निर्माताओं को तैयार किया है।
सीएम धामी का कहना हैं कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। सीएम ने कहा कि राज्य के सरकारी महाविद्यालयों के जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश भेजा जा रहा है। उनको अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
योजना के तहत 10 छात्रों को मिलेगा मौका..
प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने कहा कि शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम में राज्य 10 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रेजुएट छात्रों को भेजा जाएगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। छात्रवृत्ति कार्यक्रम को अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर है।
