कैंसर अस्पताल में 25% बेड आयुष्मान कार्ड वालों के लिए आरक्षित..
उत्तराखंड: सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल हर्रावाला और मातृ-शिशु अस्पताल हरिद्वार को पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित किया जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति को बैठक में इसकी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही एक साल के भीतर कैंसर अस्पताल का संचालन शुरू किया जाएगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून में फैकल्टी के लिए 72 आवास और यूजी छात्र-छात्राओं के लिए 300 बेड का हॉस्टल बनाया जाएगा। मंगलवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक में 300 बेड के कैंसर अस्पताल हर्रावाला और 200 बेड के मातृ-शिशु अस्पताल हरिद्वार को पीपीपी मोड पर चलाने की मंजूरी मिल गई है।
आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए आरक्षित होंगे 25 प्रतिशत बेड..
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एक साल के भीतर कैंसर अस्पताल को शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कैंसर हॉस्पिटल हर्रावाला में कैंसर के उपचार में प्रयुक्त होने वाले सभी उपकरणों, उपचार सुविधाएं तथा मैनपॉवर की उपलब्धता को एक साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कैंसर हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए 25 प्रतिशत बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
नहीं रही गीता उनियाल,अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर किया राज..
300 से अधिक म्यूजिक एल्बम में किया था काम..
उत्तराखंड: देवभूमि की जानी मानी अभिनेत्री गीता उनियाल अब इस दुनिया में नहीं रही। लंबे समय तक पहाड़ी फिल्मों में अभिनय करने वाली अभिनेत्री गीता उनियाल का कैंसर के चलते निधन हो गया। पिछले कई सालों से गीता उनियाल कैंसर से जूझ रही थी। मंगलवार को अभिनेत्री ने अपने घर पर अंतिम सांस ली। गीता उनियाल का निधन उत्तराखंड की संस्कृति के लिए बड़ी क्षति है। उत्तराखंड की अभिनेत्री गीता उनियाल को शायद ही कोई नहीं जानता होगा। अपने अभिनय से वो दर्शकों का दिल जीत लेती था। प्रदेश में ही जन्मी सुपरस्टार गीता को अभिनय का शौक बचपन से ही था। साल 2004 से उन्होंने उत्तराखंड एल्बम में काम करने की शुरुआत की। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
साल 2011 में उन्होंने विकास उनियाल से शादी की। उनका एक बेटा भी है। जिसका नाम रुद्राश है। शादी के बाद भी उन्होंने अपना करियर जारी रखा। अभिनेत्री 300 से ज्यादा गढ़वाली म्यूजिक एल्बम में काम कर चुकी है। लेकिन उनका ये सफर आसान नहीं था। अपनी मेहनत और लग्न से उन्होंने प्रदेश में नाम कमाया। म्यूजिक एल्बम के साथ ही उन्होंने कई फिल्मों में अभी अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता। अभिनेत्री ने भगत और घंडियाल, फ्योंली जवान ह्वेगे, ब्यो, संजोग अभी जग्वाल कैरा, पीड़ा आदि फिल्मों में काम किया। फिल्म ‘भुली-ए-भुली’ में अपने अभिनय से उन्होंने सुर्खियां बटोरी। साथ ही वो हिंदी फिल्म ‘द हैवोक’ में भी काम कर चुकी है। उन्होंने करीब 15 उत्तराखंडी फीचर फिल्मों में काम किया है। हाल ही में वो फिल्म जय मां धारी देवी में नज़र आई थी।
कलामंच में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मान..
गीता की हर एल्बम सुपरहिट साबित होती थी। जिसमें सकला, नोनी भावना, खुद, छकना बांद, स्याली रौशनी, शुभागा, सुनीता स्याली, बिजुमा प्यारी, बबिता, बिंदुली, त्यारा सों, जुन्याली रात, आंख्यों की तीस, आदि एल्बम शामिल हैं। गीता को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई अवार्ड से नवाजा गया। साल 2009 में उन्हें बेस्ट एल्बम एक्ट्रेस के हिलीहुड सम्मान दिया गया। तो वहीं फिल्म पीड़ा के लिए साल 2010 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड मिला। इसके साथ ही उन्हें ‘युफा अवार्ड 2017’ बेस्ट एक्ट्रेस से भी नवाजा गया।
विस्तारा शुरू करेगा देहरादून-बंगलूरू के बीच डायरेक्ट फ्लाइट..
उत्तराखंड: जहां राज्य में दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की कवायद तेज है। वही प्रदेश में हवाई सेवाओं को भी पंख लगने वाले है।अब देहरादून-बेंगलुरु के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने जारी है। बताया जा रहा है कि विमानन कंपनी विस्तारा देहरादून-बेंगलुरु के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने जा रही है। ये सेवा आगामी 15 मार्च से शुरू हो सकती है।
आपको बता दे कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जा रही है। इसी कड़ी में अब विस्तारा कंपनी देहरादून-बेंगलुरु के बीच नियमित फ्लाइट संचालित करने जा रही है। बताया जा रहा है कि इस हवाई सेवा से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। घंटों का सफर मिनटों में हो सकेगा। विस्तारा की 15 मार्च से शुरू होने वाली नई फ्लाइट हवाई यात्रियों को लेकर दोपहर 2:55 बजे बंगलुरु से दून एयरपोर्ट पहुंचेगी। वहीं एयरपोर्ट से यात्रियों को लेकर यह फ्लाइट शाम 3:25 बजे वापस बंगलूरू को उड़ान भरेगी। ये हवाई सेवा देहरादून-बंगलुरु के बीच सीधी हवाई उड़ान का विकल्प मिल सकेगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में दून एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 15 के लगभग उड़ानें विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भर रही हैं। जिसमें विस्तारा की देहरादून और मुंबई को सिर्फ दो उड़ानें हैं। कुछ माह पहले एक अन्य फ्लाइट को देहरादून-मुंबई के बीच कुछ दिनों के लिए ही संचालित किया था। अब इन्हें बढाया जा रहा है।
कुमाऊं कमिश्नर ने छह अफसरों को दिया नोटिस, पक्ष और साक्ष्य देने को कहा..
उत्तराखंड: हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा मामले में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने घटना की जांच के संबंध में नैनीताल डीएम वंदना सिंह, एसएसपी प्रहलाद मीणा समेत छह अफसरों को नोटिस दिया है। इसमें अधिकारियों को अगले हफ्ते अलग-अलग दिनों में घटना के संबंध में अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
आपको बता दे कि आठ फरवरी को प्रशासन की टीम बनभूलपुरा क्षेत्र में बने अवैध मदरसे और नमाज स्थल को हटाने गई थी। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर थाने और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। हमले में पुलिस और नगर निगम के सैकड़ों कर्मचारी घायल हुए थे। घटना के बाद मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कुमाऊं कमिश्नर को सौंपी थी। इसी जांच के सिलसिले में कुमाऊं कमिश्नर ने अधिकारियों को नोटिस दिया है। कुमाऊं कमिश्नर ने बताया कि डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता और बनभूलपुरा थानाध्यक्ष को अगले सप्ताह में अलग-अलग समय देते हुए पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है।
अन्य अधिकारियों को भी भेजा जाएगा नोटिस..
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत का कहना हैं कि इसके बाद अन्य अफसरों को भी नोटिस दिया जाएगा। इसमें होमगार्ड कमांडेंट, पीएसी के अधिकारी और दूसरे जिले से अगर फोर्स आयी है तो उनके अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है।
हिमालयन बास्केट का सीएम धामी ने किया शुभारंभ, बोले जल्द साकार होगा हमारा संकल्प..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में हिमालयन बास्केट का शुभारंभ किया। इस दौरान चंपावत की जनता को वर्चुअली संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। सीएम धामी का कहना हैं कि सुमित पेशे से इंजीनियर है और स्नेहा मार्केटिंग प्रोफेशनल है। देवभूमि से होने के कारण दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे। सीएम धामी ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती से जुड़े विकल्पों और उनके पहलुओं पर विचार करने के बाद हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।
विदेशों में सप्लाई किए जाते हैं पहाड़ी उत्पाद.
सीएम धामी ने कहा कि हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी और पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदे जाते हैं। उनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई किए जाते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं। चंपावत को आदर्श जिला बनाने का संकल्प जल्द पूरा होगा।
सीएम धामी के नेतृत्व में ऊर्जा प्रदेश बनने की राह में आगे बढ़ रहा उत्तराखंड..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनने का संकल्प सिद्ध होता हुआ नजर आ रहा है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बेहद सफल साबित हो रही है। ख़ास बात ये है कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक 20 से लेकर 200 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रदेश के युवा खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर 13 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (MSSY) को संशोधित का किया गया। इसके बाद प्रदेश में 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट के ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पोर्टल msy.uk.gov.in पर 839 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें 297 आवेदनों के LOI भी जारी की जा चुकी है।
MSSY से राज्य में बढ़ रहे रोजगार के अवसर..
पूर्ववर्ती MSSY योजना में 3.43 मेगावाट स्थापित क्षमता 13.6 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश की तुलना में मॉडिफाइड एमएसएसवाई योजना में 839 आवेदनों में से 297 संख्या ,संचयी क्षमता 44.94 MWp के एलओए, अब तक जारी किए जा चुके हैं। जिससे राज्य में रोजगार के अवसर के साथ-साथ लगभग 224 करोड़ रूपए के निवेश के अवसर पैदा होंगे। बता दें कि नई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 44.94 मेगावाट की स्थापना के बाद प्रदेशवासियों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
सीएम धामी के नेतृत्व में सपना हो रहा साकार..
जहां एक ओर एमएसएसवाई योजना रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तो वहीं प्रदेश का ऊर्जा प्रदेश बनने का सपना भी साकार हो रहा है। इस से ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर Net Zero लक्ष्य प्राप्त करने के अधिक अवसर पैदा होंगे। मॉडिफाइड MSSY योजना में उत्तराखंड के निवासी उत्सुकता से आवेदन कर रहे हैं। आवंटन प्रक्रिया 246 MWp संचयी लक्ष्य उपलब्धि तक जारी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन के साथ ही ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
उत्तराखंड के 10 साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सीएम धामी करेंगे सम्मानित..
उत्तराखंड: भाषा संस्थान ने वर्ष 2023 के साहित्य पुरस्कारों की घोषणा करते हुए 10 साहित्यकारों को कई श्रेणियों में साहित्य गौरव सम्मान के लिए चुना। सीएम पुष्कर सिंह धामी 21 फरवरी को आईआरडीटी सभागार में सभी को सम्मानित करेंगे। दीर्घकालीन साहित्य सृजन के लिए साहित्यकार प्रो. लक्ष्मण सिंह बिष्ट बटरोही को सुमित्रानंदन पंत साहित्य गौरव, कथा साहित्य के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय को शैलेश मटियानी सम्मान दिया जाएगा। उत्तराखंड भाषा संस्थान की निदेशक स्वाति एस भदौरिया का कहना हैं कि इस वर्ष कुमाऊंनी लोक साहित्य में दीर्घकालिक साहित्य सृजन के लिए देवकीनंदन भट्ट मयंक को गुमानी पंत पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
गढ़वाली लोक साहित्य में दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए भजन सिंह सिंह पुरस्कार गिरीश सुंदरियाल को प्रदान किया जाएगा। कुमाऊंनी एवं गढ़वाली में भिन्न बोलियों एवं उप बोलियों में दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए गोविंद चातक पुरस्कार डॉ. सुरेश ममगाई को देने का निर्णय लिया गया। उर्दू साहित्य में दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए प्रो. उन्वान चिश्ती पुरस्कार केए खान को मिलेगा। पंजाबी साहित्य दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिए शिक्षक पूर्ण सिंह पुरस्कार प्रेम साहिल को, महाकाव्य, खंड काव्य एवं काव्य रचना के लिए महादेवी वर्मा पुरस्कार प्रो. शैलेय को, अन्य गद्य विद्या के लिए डाॅ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार डाॅ. ललित मोहन पंत को एवं साहित्य की मासिक, त्रैमासिक पत्रिकाओं के लिए भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार गणेश खुगशाल गणी को दिया जाएगा।
मौलिक पुस्तक लेखन श्रेणी कथा साहित्य वर्ग में शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयनित डॉ. सुशील उपाध्याय को उनके उपन्यास सुनो, सबरीना के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। यह उपन्यास एक उज्बेकिस्तानी लड़की के संघर्ष की कहानी है। अब तक डॉ. सुशील उपाध्याय की 18 किताबें प्रकाशित हुई हैं।
दून से दिल्ली रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन अब बुधवार को भी होगी संचालित..
उत्तराखंड: देहरादून से दिल्ली रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन अब बुधवार को भी संचालित होगी। राज्यसभा सांसद डाॅ. कल्पना सैनी का कहना हैं कि व्यापारियों की मांग थी कि बुधवार को ट्रेन बंद रहने से व्यापार के लिए आवाजाही में दिक्कत हो रही है। इस पर उन्होंने प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने इस मांग को भी मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में एक दिन बंद रहता है। ऐसे में अब बुधवार की जगह अन्य किसी दिन ट्रेन का संचालन बंद किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, लक्सर में कोरोना के बाद से बंद चल रही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी जल्द शुरू होगा।
विधानसभा से बर्खास्त 40 कर्मचारियों को आवास खाली करने का आखिरी नोटिस..
उत्तराखंड: विधानसभा में नियम विरुद्ध भर्ती के मामले में बर्खास्त 40 कर्मचारियों को राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी आवास खाली करने का आखिरी नोटिस जारी कर दिया है। उन्हें बेदखली अधिनियम (पीपी एक्ट) की धारा-5 के तहत सात मार्च तक हर हाल में आवास खाली करने को कहा गया है। इसके बाद जबरन बेदखल कर दिया जाएगा।
राज्य संपत्ति विभाग के विहित अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह का कहना हैं कि पीपी एक्ट की धारा-4 के तहत पूर्व में सभी 40 बर्खास्त कर्मचारियों को केदारपुरम स्थित सरकारी कॉलोनी से आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। सभी का पक्ष सुनने के बाद अब धारा-5 में बेदखली का नोटिस दिया गया है। उन्हें कहा गया कि वे सात मार्च तक हर हाल में राज्य संपत्ति विभाग की ओर से दिए गए आवासों को खाली कर दें।
ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी चेतावनी दे दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि नियत तिथि तक आवास खाली नहीं करने पर कर्मचारियों की बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बाजार दर पर किराया भी वसूला जाएगा। विधानसभा से उनकी बर्खास्तगी के तीन माह छोड़कर बाकी अवधि का किराया बाजार दर पर देना होगा। सभी बर्खास्त कर्मचारियों को अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि नियम विरुद्ध भर्ती का प्रकरण सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने 228 से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे। यह वह कर्मचारी थे जिनकी नियुक्ति 2016 से 2021 तक तदर्थ पर की गई थी।
BJP का महिला वोट बैंक साधने का प्रयास, लोकसभा चुनाव से पहले बनाया ये खास प्लान..
उत्तराखंड: लोकसभा चुनाव से पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी इन दोनों प्रदेश के जिलों में जाकर जहां विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर आम जनता को कई सौगात देने का काम कर रहे हैं। तो वहीं हर जिले में जाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का काम भी सीएम कर रहे हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी इन दोनों जिन भी जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन जिलों में स्वयं सहायता समूह के तहत काम कर रही महिलाओं को प्रोत्साहन करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही हर जिले में महिलाओं के लिए आयोजित मेलों में भी शिरकत कर रहे हैं। यहां तक कि कन्या पूजन कर मातृ शक्ति को नमन करते हुए नजर आ रहे हैं। महिलाओं का उत्थान और महिलाएं सशक्त हों सीएम धामी उस दिशा में काम कर रहे हैं। जिससे समझा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी महिला वोट बैंक को भी साधने का काम कर रहे हैं।
महिला वोट बैंक भाजपा के लिए एक मजबूत कड़ी उत्तराखंड में बन चुका है। महिलाओं के बीच पहुंचकर जिस तरीके से सीएम धामी की तस्वीरें इन दिनों महिलाओं का सशक्त बनाने को लेकर देखी जा रही है उसे इसी दिशा में समझा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए सीएम भाजपा के लिए वोट बैंक और मजबूत करने की कोशिशों में इन दिनों लगे हुए हैं।
लोकसभा चुनाव में वोट प्रतिशत..
लोकसभा चुनावों में साल 2004 महिलाओं का वोट प्रतिशत 44.94 तो पुरूषों का वोट प्रतिशत 53.43 रहा। साल 2009 की बात करें तो महिलाओं का वोट प्रतिशत51.11, पुरूषों का वोट प्रतिशत 56.67 रहा। साल 2014 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 63.37 और पुरूषों का वोट प्रतिशत 61.34 रहा। जबकि साल 2019 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 64.37 और पुरूषों का वोट प्रतिशत 58.87 रहा।
विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत..
साल 2002 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 52.64, पुरूषों का वोट प्रतिशत 55.94, साल 2007 महिलाओं का वोट प्रतिशत 59.45, पुरूषों का वोट प्रतिशत 58.95, साल 2012 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 68.84, पुरूषों का वोट प्रतिशत 65.74, साल 2017 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 69.30, पुरूषों का वोट प्रतिशत 58.95 और साल 2022 में महिलाओं का वोट प्रतिशत 67.20, और पुरूषों का वोट प्रतिशत 62.60 रहा।
महिला वोटरों ने पुरुषों को मतदान में छोड़ा पीछे..
उत्तराखंड राज्य गठन के कुछ सालों के बाद हुए चुनाव में जहां महिलाओं का वोट बैंक पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे रहता था। तो वहीं अब महिला वोटरों ने पुरुषों को मतदान में उत्तराखंड में पीछे छोड़ दिया है जो कि आंकड़े बयां कर रहे हैं। यही वजह है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में महिला वोट बैंक हैं। खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि मातृ शक्ति का उत्थान बेहद जरूरी है।
प्रदेश सरकार के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम किए जा रहे हैं। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि महिलाओं के पीएम मोदी और सीएम धामी आगे बढ़कर महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं। यही वजह है कि महिलाएं भाजपा को वोट के रूप में आर्शीवाद दे रही हैं।
उत्तराखंड की मातृशक्ति भाजपा के साथ..
धामी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य का भी कहना है कि महिलाओं के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के द्वारा कई ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिससे महिलाएं सीधे लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है उत्तराखंड की मातृशक्ति आज भाजपा के साथ खड़ी नजर आ रही है। जबकि विपक्ष केवल इसे दिखावा मात्र करार दे रहा है।
