उत्तराखंड में ढाई लाख से ज्यादा हैं पूर्व सैनिक, इन्ही के सहारे उत्तराखंड का सियासी समर..
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों के बीच पूर्व सैनिक परिवारों से जुड़े करीब साढ़े बारह लाख वोटरों को रिझाने के लिए सभी पार्टियां अपने-अपने तरीके से चाल चल रही हैं। आने वाले समय में कांग्रेस भी पूर्व सैनिकों के वोटों को साधने के लिए दांव चल सकती है। जिसके चलते सैनिकों व पूर्व सैनिकों के वोटों के लिए होड़ मचनी शुरू हो गई है।
आपको बता दे कि भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद अजय भट्ट को केंद्र में रक्षा राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके साथ ही मंत्री अजय भट्ट भी पूर्व सैनिकों से बातचीत आगे बढ़ाने में जुट गए हैं। मंत्री बनने के बाद से वह लगातार पूर्व सैनिकों के संपर्क में नजर आ रहे हैं। सोमवार को निकाली गई जन आशीर्वाद यात्रा में भी कई पूर्व सैनिक शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि सेना, सैनिक व पूर्व फौजी भाजपा का सबसे बड़ा फोकस है। यही वजह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराखंड दौरे में पूर्व सैनिकों का एक अलग कार्यक्रम रखा गया है।
इसके साथ ही अब आम आदमी पार्टी ने कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल पर दांव खेलकर सैन्य बहुल उत्तराखंड में फौजी वोट बैंक पर सेंध लगाने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर खलबली मचा दी। सियासी जानकारों का कहना है कि कांग्रेस भी बहुत जल्द पूर्व फौजियों को रिझाने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकती है।
आपको बता दे कि प्रदेश में पूर्व सैनिकों की संख्या ढाई लाख से ज्यादा है। बताया जा रहा है कि हर पूर्व सैनिक के परिवार में औसतन पांच वोटर होंगे। इसलिए साढ़े बारह लाख से ज्यादा वोटरों पर सभी की निगाहें हैं। इसके अलावा वर्तमान फौजियों के परिवार भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड में रहते हैं। पूर्व फौजी उनके भी मतों पर असर डालते हैं। इसके साथ ही कई परिवार ऐसे भी हैं जिनमें पूर्व के साथ ही वर्तमान फौजी भी हैं। विधानसभा चुनावों में ये वोट कई सीटों पर हार-जीत का फैसला भी करते हैं। पूर्व में भी पार्टियों के बीच इन वोटरों को लेकर खींचतान रही है। भाजपा इन वोटों पर ज्यादा सेंध लगाती है। इस बार भी राजनीतिक पार्टियां इस होड़ में जुट गई हैं।
भाजपा के दो बड़े मुद्दों पर केजरीवाल ने की चोट..
वही भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सैनिक और हिंदुत्व के एजेंडों पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चोट करने का प्रयास किया है। एक ओर जहां उन्होंने हिंदुओं के लिए उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा कर हिंदुत्व के एजेंडे पर चोट की है तो दूसरी ओर पूर्व सैनिकों के वोट बैंक को लेकर उन्होंने कर्नल को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है। सैन्य बहुल हमारे प्रदेश में बड़ी संख्या पूर्व सैनिक और उनके परिवार की है। आज भी उनकी कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उनका कहना हैं कि हमें मौका मिलेगा तो उनकी समस्याओं के समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर किए जाएंगे।
इस एक्टर ने साइना नेहवाल पर किया बेहूदा कमेंट..
देश-विदेश: एक्टर सिद्धार्थ साइना नेहवाल पर बेहूदा कमेंट कर विवादों में घिर गए हैं। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर उनकी चौतरफा आलोचना की जा रही है। इतना ही नहीं लोगों ने उन्हें फ्लॉप एक्टर तक कह दिया है। लोगों का कहना हैं कि सिद्धार्थ शायद भूल गए कि साइना नेहवाल 2012 ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता, 2015 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रजत और 2017 में कांस्य पदक विजेता रह चुकी हैं। ये सभी मैडल उन्होंने देश के लिए कमाए हैं।
आपको बता दे कि साइना नेहवाल ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक पर ट्वीट करते हुए लिखा था- कोई भी राष्ट्र अपने आप को सुरक्षित होने का दावा नहीं कर सकता यदि उसके अपने प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता किया जाता है। मैं सबसे कड़े शब्दों में, अराजकतावादियों द्वारा पीएम मोदी पर कायरतापूर्ण हमले की निंदा करती हूं। इस पर बॉलीवुड और साउथ फिल्मों के एक्टर एक्टर सिद्धार्थ ने बेहूदा कमेंट किया।
जिसके बाद से एक्टर सिद्धार्थ अपने इस आपत्तिजनक कमेंट के बाद जमकर ट्रोल हो रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- किसी के लिए ऐसी भाषा विशेष रूप से उसके लिए जिसने देश को गौरवान्वित किया है। क्या यह सब पैसे कमाने के लिए हैं? अभिनेता के तौर पर तुम्हारा पतन तो पहले ही हो चुका है, अब इंसानियत भी खो दी है क्या? एक ने लिखा- एक महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने के आरोप में इसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि सिद्धार्थ ने साउथ की फिल्मों के साथ ही बॉलीवुड की फिल्मों में भी काम किया है। सिद्धार्थ हिट फिल्म ‘रंग दे बसंती’ में नजर आए थे। उनकी फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ को भी लोगों ने काफी पसंद किया था। सिद्धार्थ हमेशा से सोशल मीडिया पर कई मुद्दों पर राय रखते हैं।
जानिए कौन ले पाएगा कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज?
उत्तराखंड: प्रदेश में 10 जनवरी यानि आज से बूस्टर डोज की प्रक्रिया शुरू हो गयी हैं। बता दे कि इसके लिए पहले 60 आयु वर्ग के ऊपर वाले लोगों का टीकाकरण होगा। कोरोना संक्रमण के बाद अब देश, विदेश में नए वैरिएंट के आने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। कोरोना वैक्सीन के बाद अब नए वैरिएंट से बचने के लिए बूस्टर डोज (प्रीकॉशन डोज) शुरू हो गई है।
उत्तराखंड में इसकी शुरुआत आज से होगी। टीकाकरण केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां चाक-चौबंद हैं। बूथों पर 20 प्रतिशत वैक्सीन तीसरी डोज के लिए उपलब्ध होगी। इसके लिए पहले हेल्थ वर्कर और फ्रंट लाइन में कार्य कर रहे लोगों का टीकाकरण होगा। इस डोज को लगाने से पहले उनके पास कोरोना वैक्सीन के नौ महीने पूरे होना वाला सर्टिफिकेट का होना अनिवार्य है। बिना नौ महीने पूरे करने वालों को यह डोज नहीं लगाई जाएगी। यह डोज अभी 60 आयु वर्ग के ऊपर वाले लोगों को लगाई जा रही है।
14 फरवरी को की जाएगी विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग..
उत्तराखंड: पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव तय समय पर ही होंगे। मतदाता सूची भी जारी हो चुकी है। सभी चुनावी राज्यों में सियासी हलचलें तेज हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश चुनाव की है। 403 विधानसभा सीट वाले इस प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक बयानबाजी से नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे। चुनावी वादों की भी बौछार होने लगी है। धरना-प्रदर्शन भी खूब होने लगे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने बताया कि 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 15 जनवरी तक रैलियों पर रोक लगाई गई है। कोरोना केसों के ट्रेंड पर ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। चुनाव के दौरान, आयोग कम से कम बूथ ऐसा होगा, जिसका पूरा नियंत्रण महिलाओं के हाथों में होगा। मतदान के दौरान संवेदनशील पोलिंग बूथों की वीडियोग्राफी करने के सख्त हिदायत दी गई है।
आपको बता दे कि उत्तराखंड में दूसरे चरण में चुनाव होगा। 21 जनवरी से उम्मीदवार नामांकन कर सकते हैं, जिसकी आखिरी तारीख 28 जनवरी होगी। नाम वापसी 31 जनवरी तक हाे सकेगी। चंद्रा ने बताया कि 10 मार्च 2022 को मतगणना होगी। चुनाव प्रचार पर बोलते हुए चंद्रा ने कहा कि चुनावी रैली, रोड शो, बाइक रैली, नुक्कड़ सभाओं पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ वर्चुअल कैंपेन की ही अनुमति होगी। चुनाव की समाप्ति के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक होगी।
चुनाव आयोग ने कहा कि इलेक्शन के दौरान अवैध पैसे और शराब पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा कोरोना संकट को देखते हुए उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामांकन की भी सुविधा दी जाएगी। चुनाव आचार संहित इलेक्शन शेड्यूल जारी होने के बाद ही लागू हो जाएगी। चुनाव की अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसके चलते अब किसी भी राज्य में कोई सरकार जनता को लुभाने की घोषणाओं का ऐलान नहीं कर सकेगी।
इन राज्यों में आज हो सकता है चुनाव का ऐलान, निर्वाचन आयोग की साढ़े तीन बजे प्रेसवार्ता..
उत्तराखंड: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों की तारीख का आज ऐलान हो सकता है। चुनाव आयोग आज दोपहर 3:30 बजे इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। सूत्रों के अनुसार यूपी में 6 से 7 चरणों में चुनाव कराया जा सकता है। आपको बता दें कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य अधिकारियों संग कई दौर की वार्ताएं की हैं और साथ ही सभी चुनावी राज्यों में कोविड-19 की स्थिति का जायजा भी लिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुछ नए नियमों की भी घोषणा हो सकती है।
उत्तराखंड में 24 घंटे में 814 नए मामले आये सामने..
उत्तराखंड: प्रदेश में कोरोना तेजी से हावी होने लगा है। आये दिन कोरोना के नए आंकड़े डरा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना हैं कि राज्य में संक्रमण दर बढ़कर 5.59 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि रिकवरी दर 95.40 प्रतिशत है। प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 2022 पहुंच गई है। वहीं हल्द्वानी के एक कॉलेज में भी कोरोना विस्फोट हो गया। यहां 93 छात्र एक साथ पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। 147 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीं 2022 प्रदेश में सक्रिय मामले हैं। दूसरी ओर कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक न्यायिक कार्य वर्चुअल मोड में करने का आदेश दिया है।
आपको बता दे कि पाल नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी के 93 विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी संक्रमितों को सूचित करते हुए होम आइसोलेट कर दिया गया। उनके सम्पर्क में आए लोगों की सैंपलिंग की तैयारी की जा रही है। वहीं कॉलेज को माइक्रो कंटेनमेंट जोन में बदल दिया गया है। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत का कहना हैं कि बीते बुधवार को कॉलेज के करीब 450 विद्यार्थियों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच को लिए गए थे।
शुक्रवार शाम रिपोर्ट आने पर सभी संक्रमितों को सूचित कर दिया गया है। उनका कहना हैं कि किसी भी छात्र में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं। कॉलेज के प्रशासक सुंदरम भंडारी का कहना हैं कि दो-तीन विद्यार्थियों ने जुकाम और बुखार की शिकायत बताई थी। जिसके बाद सभी विद्यार्थियों की जांच करवाई गई। उसके बाद कॉलेज में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया। अभी सभी विद्यार्थियों की रिपोर्ट नहीं मिली है। जो छात्र हॉस्टल में हैं, उन्हें वहीं पर आइसोलेट कर दिया गया है।
भाजपा सरकार का मेगा इवेंट आज,हर विस के लिए 12 लाख रुपये की व्यवस्था..
उत्तराखंड: आचार संहिता लागू होने से पहले शुक्रवार को राज्य की भाजपा सरकार का मेगा इवेंट होगा। राज्य के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों को पांच साल तक साझा किया जाएगा। साथ ही हर विधानसभा विकास कार्य का शिलान्यास व उद्घाटन भी होगा।
आपको बता दे कि मुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा के कार्यक्रम में होंगे, जबकि हर विधानसभा में कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के विधायक करेंगे। जहां पार्टी का कोई विधायक नहीं है, वहां जिलाधिकारी अपने विवेक से एक जन प्रतिनिधि से कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस मेगा इवेंट के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने 8.40 करोड़ रुपये का बजट भी प्रावधान किया है।
इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा के कार्यक्रम पर 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्यक्रम के आयोजन के लिए सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री खटीमा से संबोधित करेंगे। जो कि सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सुना जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में आयोजन स्थल पर एलईडी लगाई जाएगी।
विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री की बढ़ी मुश्किलें..
उत्तराखंड: राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को नोटिस थमा दिया है। ऐसे में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट ने एक गंभीर मामले में उन्हें नोटिस थमा दिया है। आपको बता दे कि पांच साल पहले हुए शक्तिमान घोड़े की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए जोशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
कोर्ट ने जोशी के साथ ही उत्तराखंड सरकार के गृह सचिव समेत सह आरोपियों को भी नोटिस थमाए हैं और चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है इससे पहले इस मामले में सितंबर 2021 में निचली अदालत ने जोशी को क्लीन चिट दे दी थी। पांच साल पहले शक्तिमान की मौत मामले में करीब साढ़े तीन महीने पहले जब अदालत ने जोशी को बरी किया था तब भावुक होकर उन्होंने कहा था कि वह लगातार कहते रहे हैं कि वह निर्दोष हैं हालांकि अब निचली अदालत के फैसले पर हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है और इस मामले में हाई कोर्ट ने जवाब तलब किए हैं जबकि उत्तराखंड में चुनाव की सरगर्मियां हैं ऐसे में इस केस ने जोशी के लिए नया सिरदर्द खड़ा कर दिया है।
क्या है पूरी कहानी..
आपकों बता दें कि साल 2016 में बजट सत्र के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक रैली निकाली थी, इस दौरान पुलिसकर्मियों व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, आरोप था कि इस दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीनकर उन्हीं पर बरसाना शुरू कर दिया था, लाठी की कुछ चोटें पुलिस के घोड़े शक्तिमान को भी आई थीं जिसके चलते वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई इस मामले में तीन महीने पहले जोशी को सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया था।
इस मामले में 1971 की जंग के घायल सैनिक ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए सीजेएम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और जोशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है हालांकि इससे पहले जोशी के साथ ही अन्य 4 आरोपियों को न्यायालय ने दोष मुक्त करार दिया था। जोशी के खिलाफ मारपीट, बलवे और पशुओं के खिलाफ क्रूरता संबंधी मामले दर्ज किए गए थे जिनमें सबूतों की कमी के आधार पर कोर्ट ने उन्हें पांच साल पुराने मामले में बरी कर दिया था।
देश में तेजी से बढ़ रही है कोरोना के नए मामलों की संख्या..
देश-विदेश: कोरोना वायरस के नए और अधिक संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के साथ देश में संक्रमण के मामलों में एक बार फिर खतरनाक तेजी देखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना के 90,928 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के मामलों की संख्या भी 2620 हो गई है। इनमें से 995 मरीज ठीक हो चुके हैं।
महामारी की दूसरी लहर की तरह ही इस बार भी इस वायरस से महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित होते दिख रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन से संक्रमण के 797 मामले सामने आए हैं वहीं दिल्ली में इनकी संख्या 465 है। राजस्थान में 236, केरल में 234, कर्नाटक में 226, गुजरात में 204 और तमिलनाडु में ओमिक्रॉन संक्रमण के 121 मामलों की पुष्टि हुई है।
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 26,538 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स का कहना हैं कि प्रदेश में अब तक कुल 260 रेजिडेंट डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। स्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार मे कुछ प्रतिबंध लागू किए हैं लेकिन सरकार पूर्ण लॉकडाउन लगाने के पक्ष में नहीं है। मुंबई में भी संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।
कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की तैयारियां..
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति पर चुनाव आयोग के अधिकारियों को जानकारी देने के लिए चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे। इसके अलावा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर आज शाम समीक्षा बैठक करेंगे। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई हैं। उन्होंने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।
बुल्ली बाई एप की मास्टरमाइंड के लिए जावेद अख्तर ने कहा कुछ ऐसा..
देश-विदेश: बुल्ली बाई एप विवाद के सिलसिले में मुंबई पुलिस द्वारा एक 18 वर्षीय युवती को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही दिग्गत गीतकार जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से युवती को माफ करने का आग्रह किया है।
जावेद अख्तर ने किया यह ट्वीट..
जावेद अख्तर ने बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल पर नेटिज़न्स से दया दिखाने और लड़की को माफ़ करने के लिए कहा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “अगर “बुली बाई” वास्तव में एक 18 वर्षीय लड़की द्वारा सोचा और बनाया गया था, जिसने हाल ही में अपने माता-पिता को कैंसर और कोरोना से खो दिया है, तो मुझे लगता है कि महिलाएं को उससे मिलना चाहिए और बड़ों की तरह उसे समझाना चाहिए हैं कि जो भी उसने किया गलत किया। उसे दया दिखाओ और उसे माफ कर दो।
प्रधानमंत्री ने साधी चुप्पी..
उस समय उसकी इंजीनियरिंग करने की योजना थी। उसका परिवार लगभग 13,000 रुपये प्रति माह कमाता है, और उसकी दो बहनें हैं। वात्सल्य योजना के हिस्से के रूप में, जो कि COVID-19 अनाथों के लिए उत्तराखंड सरकार की एक योजना है, उन्हें 3,000 रुपये मिलते हैं। उसके पिता एक निर्माण कंपनी में काम करते थे जो परिवार को हर महीने 10,000 रुपये का भुगतान करती थी। इससे पहले जावेद अख्तर ने अपने परदादा फजल-ए-हक खैराबादी के सम्मान पर सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया यूजर्स की खिंचाई की थी। अख्तर ने सोमवार को चल रहे ‘बुली बाई’ विवाद के खिलाफ अपनी बात रखी। अख्तर ने अपने ट्वीट में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी की चुप्पी से हैरान हैं। उन्होंने लिखा सौ महिलाओं की ऑनलाइन नीलामी होती है, तथाकथित धर्म संसद हैं, जो सेना को पुलिस और लोगों को लगभग 200 एमएलएन भारतीयों के नरसंहार के लिए जाने की सलाह देते हैं।
नेटिज़न्स ने किया ट्रोल
वही अख्तरका कहना हैं कि मैं खासकर प्रधानमंत्री की चुप्पी से हर किसी की चुप्पी से हैरान हूं। हालांकि, कई नेटिज़न्स अख्तर के ट्वीट से खुश नहीं थे। नेटिज़न्स ने बातचीत के दौरान उन्हें ट्रोल किया और यहां तक कि उनके पूर्वजों के ऊपर निशाना साधा। एक प्रतिक्रिया के रूप में, अख्तर ने मंगलवार को ट्वीट किया, “जिस क्षण मैंने महिलाओं की ऑनलाइन नीलामी के खिलाफ आवाज उठाई, जो गोडसे का महिमामंडन कर रहे थे और सेना पुलिस को नरसंहार का उपदेश दे रहे थे, कुछ बड़े लोग मेरे महान दादा, एक स्वतंत्रता सेनानी को गाली देने लगे थे, जिनकी मृत्यु हो गई। अब आप ऐसे बेवकूफों को क्या कहते हैं।
