बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में रहेगा कर्फ्यू, अन्य जगह आज से खुलेंगे स्कूल..
उत्तराखंड: जिला प्रशासन ने रविवार को कर्फ्यू के आदेश जारी किए हैं। डीएम वंदना के अनुसार अब सिर्फ बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में ही कर्फ्यू लागू रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में कर्फ्यू समाप्त हो जाएगा। जोनल मजिस्ट्रेट और कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी का कहना हैं कि सोमवार से बाकी क्षेत्रों में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र खुल जाएंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की परीक्षाएं भी सोमवार से होंगी। यूओयू के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि एलबीएस हल्दूचौड़, एमबीपीजी हल्द्वानी और राजकीय डिग्री कॉलेज रामनगर में यूओयू की परीक्षाएं 12 फरवरी से होंगी, जैसा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा।
उपद्रवियों पर NSA की कार्रवाई को करन माहरा ने कहा- ये कार्रवाई भड़काने वाली बात..
उत्तराखंड: हल्द्वानी में गुरूवार को जिस तरीके से अतिक्रमण हटाने को लेकर उपद्रवियों के द्वारा अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला किया गया। उसको लेकर धामी सरकार सख्त नजर आ रही है। धामी सरकार उपद्रवियों खिलाफ एक्शन के तहत कार्रवाई करने के मूड में है। जिसके तहत NSA के तहत करवाई भी की जाएगी। लेकिन उपद्रवियों पर NSA की कार्रवाई को विपक्ष सही नहीं मान रहा है। हल्द्वानी हिसा को लेकर धामी सरकार सख्त एक्शन लेने के मूड में नजर आ रही है। जिसके तहत उपद्रवियों की पहचान करने के बाद उनपर एनएसए के तहत करावई की जाएगी। लेकिन विपक्ष उपद्रवियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई को गलत बता रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि एनएसए के तहत कार्रवाई ठीक नही हैं। ये ज्यादातर आंतकवादियों पर की जाती है।
विपक्ष ने कार्रवाई को बताया भड़काने वाली बात..
एनएसए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट कानून है जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति से कोई खास खतरा सामने रहता है तो उस व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है तो उसे गिरफ्तार भी किया जाता है। सरकार जहां हल्द्वानी की घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश भी देने की कोशिश कर रही है। तो वहीं विपक्ष इस कार्रवाई को भड़काने वाली बता रहा है। हालांकि भाजपा का कहना है कि जो भी कार्रवाई उपद्रवियों पर बनती है वह की जाएगी,किसी भी कीमत पर उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस हल्द्वानी की घटना को अधिकारियों की लापरवाही को भी जिम्मेदार मान रही है। जिसके तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जिला अधिकारी और एसएसपी के ट्रांसफर की भी मांग कर रहे हैं। तो वहीं उपद्रवियों पर एनएसए की कार्रवाई को कांग्रेस सही नहीं मान रही है।
उत्तराखंड के ग्रेजुएट छात्रों को UK में पोस्ट ग्रेजुएशन करने का मौका मिलेगा..
उत्तराखंड: शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य सरकार 10 ग्रेजुएट छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। इस सबंध में शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने ने कहा कि शेवनिंग चार दशकों से 160 देशों में काम कर रहा है। संगठन द्वारा उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को इंग्लैंड के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है, जिसकी लागत आमतौर पर एक वर्ष के लिए 40 लाख रुपये होती है।
आपको बता दे कि राज्य सरकार इस लागत में 20 लाख रुपये का योगदान देती है और शेवनिंग इंडिया शेष 20 लाख रुपये वहन करता है। जिससे बच्चे विश्वविद्यालय पढ़ाई में कुशल बन सकें। शेवेनिंग छात्रवृत्ति के लिए सफल विद्यार्थियों को उनकी नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर चुना जाता है। शेवेनिंग ने दुनिया भर में कई प्रभावशाली नेताओं और परिवर्तन-निर्माताओं को तैयार किया है।
सीएम धामी का कहना हैं कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। सीएम ने कहा कि राज्य के सरकारी महाविद्यालयों के जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश भेजा जा रहा है। उनको अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
योजना के तहत 10 छात्रों को मिलेगा मौका..
प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने कहा कि शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम में राज्य 10 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रेजुएट छात्रों को भेजा जाएगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। छात्रवृत्ति कार्यक्रम को अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर है।
आज उत्तराखंड पहुंचेंगी कुमारी शैलजा, लोस चुनाव का होमवर्क करेंगी चेक..
उत्तराखंड: लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। लोकसभा के चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आज अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आ रही हैं। प्रभारी बनने के बाद ये उनका दूसरा उत्तराखंड दौरा है। कुमारी शैलजा का ये उत्तराखंड दौरा बेहद ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुमारी शैलजा दो दिवसीय इस दौरे के दौरान संगठन के कामकाज की नब्ज टटोलेंगी। इसके साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के लोस चुनाव का होमवर्क को भी वो चेक करेंगी।
दो दिन में करेंगी सात बड़ी बैठकें..
मिली जानकारी के अनुसार कुमारी शैलजा दो दिन में सात बड़ी बैठकें करेंगी। माना जा रहा है कि इन बैठकों के जरिए वो नेताओं से चुनावी फीडबैक लेंगी। इसके साथ ही वो पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों के साथ वन टू वन बैठक करेंगी। कुमारी शैलजा के कांग्रेस प्रदेश प्रभारी बनने के बाद ये दूसरा उत्तराखंड दौरा है। इस से पहले वो एक दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आई थी। देहरादून में पार्टी के नेताओं से बैठक करने के बाद वो उसी दिन दिल्ली के लिए रवाना हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी को शैलजा कुमारी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के विधायकों, पूर्व मंत्री व विधायक व 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद 11 फरवरी को वो जिला व महानगर अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगी।
हल्द्वानी पहुंची मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, DGP और ADG लॉ एंड आर्डर भी मौजूद..
उत्तराखंड: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा के बाद हालात का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी मौके पर पहुंची है। इसके साथ ही डीजीपी अभिनव कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन हल्द्वानी पहुंचे हैं। डीजीपी और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। हल्द्वानी पहुंचकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना हैं कि “हम लोग पहले पूरी स्थिति को अच्छे से अध्ययन करेंगे और फिर उसके क्या लीगल बिंदु है वो देखेंगे। सरकार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई होगी तो जो भी उसमें दोषी होंगे उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
हम स्थिति का पूरा अध्ययन करने के बाद मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी देंगे। दंगाइयों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। ” इसके साथ ही मुख्य सचिव ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के साथ ही डीजीपी अभिनव कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन भी हल्द्वानी पहुंचे हैं। वो स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बता दें कि सीएम धामी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सीएम धामी ने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को हल्द्वानी में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद वो हल्द्वानी पहुंचे हैं।
हल्द्वानी हिंसा मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की समीक्षा बैठक..
उत्तराखंड: हल्द्वानी बनभूलपुरा बवाल मामले पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं घटना के बाद पुलिस-प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुई है।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र के मालिक के बगीचे में नगर निगम के भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मस्जिद और मदरसे के हटाने के दौरान हुए बवाल के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई घटना पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासन को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।
आपको बता दे कि पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में अवैध मस्जिद और मदरसे को अतिक्रमण मुक्त करने पहुंची थी। इसके बाद इलाके में तनाव का फैल गया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की टीम पर दंगाइयों ने पथराव और हमला कर दिया। घटना में पुलिस-प्रशासन और मीडियाकर्मी सहित 300 से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो दंगाईयों की मौत हुई है। वहीं मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।
जानिए क्या है उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना, छात्रों और शिक्षकों को कैसे मिलेगा इसका लाभ..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के लिए शासन ने दो करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। योजना के तहत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को शोध के लिए सरकार 18 लाख रुपये तक देगी। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं राज्य विश्वविद्यालयों में उच्च गुणवत्तायुक्त शैक्षणिक वातारण के विकास, नई तकनीकों को बढ़ावा देने एवं राजकीय महाविद्यालयों एवं राज्य विवि के शिक्षकों एवं छात्रों को शोध के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सीएम उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है। जो शिक्षकों को भी शोध के लिए 18 लाख रुपये तक देने जा रहा है।
राज्य से संबंधित शोध विषयों, जिसमें सामाजिक, आर्थिक, समसामयिक आदि को प्रोत्साहित किया जाएगा। शोध प्रस्तावों में विशिष्ट समस्या समाधान और क्रियात्मक शोध विषयों को वरीयता दी जाएगी। राज्य के किसी विभाग या विशिष्ट समस्याओं के समाधान को लेकर भी अनुरोध के आधार पर शोध प्रस्तावों को आमंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए राज्य स्तरीय राज्य शोध एवं विकास प्रकोष्ठ चयन एवं मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि सीएम उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत अवमुक्त की जा रही धनराशि उसी कार्य के लिए व्यय की जाएगी। जिसके लिए स्वीकृत की जा रही है। स्वीकृत धनराशि राजकीय महाविद्यालय एवं विवि में कार्यरत नियमित शिक्षकों एवं संस्थागत छात्र-छात्राओं को शोध कार्य के लिए दी जाएगी।
उत्तराखंड विधानसभा ने रचा इतिहास, सीएम धामी के नेतृत्व में पास हुआ यूसीसी बिल..
उत्तराखंड: आजादी के बाद देश का पहला समान नागरिक संहिता विधेयक उत्तराखंड 2024 विधानसभा में पास हो गया। इसके साथ ही उत्तराखंड ने इतिहास रच दिया है। इस बिल के आने के बाद क्या कुछ बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। यहां आसान भाषा में समझें।
UCC बिल पास कर उत्तराखंड ने रचा इतिहास
दो दिन लंबी चर्चा, बहस और तर्कों के बाद बुधवार की शाम सदन में समान नागरिक संहिता विधेयक उत्तराखंड 2024 ध्वनिमत से पास हो गया। जहां एक ओर उत्तराखंड में अब लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष और लड़कों की शादी की उम्र 21 वर्ष होगी तो वहीं प्रदेश में विवाह का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। इस बिल के प्रवाधान कुछ इस प्रकार है।
1- लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष और लड़कों की शादी की उम्र 21 वर्ष होगी।
2- शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
3- पति-पत्नी दोनों को तलाक के समान कारण और आधार उपलब्ध होंगे। तलाक का जो ग्राउंड पति के लिए लागू होगा वही पत्नी के लिए भी लागू होगा।
4- पॉलीगैमी या बहुविवाह पर रोक लगेगी। पहली पत्नी के जिंदा रहते दूसरी शादी नहीं हो सकेगी। हालांकि अनुसूचित जनजाति के लोग इस परिधि से बाहर रहेंगे
5 – उत्तराधिकार में लड़कियों को भी अब लड़कों के बराबर का हक मिलेगा। इसके साथ ही संपत्ति में अधिकार के लिए जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं किया गया है। नाजायज बच्चों को भी अब जैविक संतान माना जाएगा।
6- लिव इन रिलेशनशिप का डिक्लेरेशन आवश्यक होगा। ये एक सेल्फ डिक्लेरेशन की तरह होगा। यानी लिव इन रिलेशनशिप की जानकारी परिजनों को देनी होगी। इसके साथ ही लिव-इन के दौरान पैदा हुए बच्चों को उस कपल का जायज बच्चा ही माना जाएगा। उस बच्चे को जैविक संतान के समस्त अधिकार प्राप्त होंगे।
7- नौकरीशुदा बेटे की मृत्यु पर पत्नी को मिलने वाले मुआवजे में माता-पिता के भरण पोषण की भी जिम्मेदारी होगी। अगर पत्नी दूसरी शादी करती है तो पति की मौत पर मिलने वाले मुआवजे में माता-पिता का भी हिस्सा होगा।
8- अगर पत्नी की मृत्यु हो जाती है और उसके माता-पिता का कोई सहारा न हो तो उनके भरण पोषण के जिम्मेदारी पति की होगी।
9- सभी को अब गोद लेने का अधिकार मिलेगा।मुस्लिम महिलाओं को भी गोद लेने का अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही गोद लेने की प्रक्रिया आसान की जाएगी।
10- हलाला और इद्दत पर रोक होगी।
11- अगर पति-पत्नी के बीच झगड़े की स्थिति होती है तो ऐसे में बच्चों की कस्टडी उनके ग्रैंड पैरेंट्स यानी उने दादा-दादी को दी जा सकती है।
दरोगा भर्ती धांधली- एक साल के लिए निलंबित सभी इंस्पेक्टर बहाल..
उत्तराखंड: दरोगा भर्ती धांधली में निलंबित हुए 2015 बैच के 20 दरोगाओं को एक साल बाद मंगलवार शाम को पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलों के कप्तानों ने बहाल कर दिया। पिछले साल जनवरी में सभी को निलंबित किया गया था। इनमें से पौड़ी में तैनात दरोगा पुष्पेंद्र की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। यूकेएसएसएसी की परीक्षाओं में धांधली की जांच के वक्त 2015 में हुई सीधी दरोगा भर्ती में भी धांधली की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में विजिलेंस से जांच कराने की संस्तुति की। विजिलेंस ने प्राथमिक जांच के बाद आठ अक्तूबर 2022 को मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 20 दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया।
एक साल से ज्यादा लंबे समय चली जांच के बाद विजिलेंस ने पिछले दिनों शासन को रिपोर्ट भेज दी है। बताया जा रहा कि इनमें से कई दरोगा ऐसे हैं, जिनके खिलाफ धांधली के साक्ष्य नहीं मिले हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय इस पर शासन को ही लेना है। अब पुलिस मुख्यालय ने इन सभी दरोगाओं को बहाल करने के आदेश दिए हैं। एडीजी प्रशासन अमित सिन्हा ने बहाली निर्देश जारी होने की पुष्टि की है।
उत्तराखंड में यहां एक दर्जन गांवों में लगा नाइट कर्फ्यू, स्कूल भी बंद..
उत्तराखंड: श्रीनगर में लगातार गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार के श्रीनगर व आस-पास के क्षेत्रों में लगातार सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रीनगर नगर क्षेत्र सहित एक दर्जन गांवों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। कर्फ्यू सात फरवरी से नौ फरवरी तक शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा। इसके साथ ही खिर्सू ब्लॉक के विद्यालयों में बुधवार को भी अवकाश घोषित कर दिया गया है। एसडीएम श्रीनगर नूपुर वर्मा का कहना हैं कि गुलदार की सक्रियता को देखते हुए डीएम पौड़ी के निर्देशों पर श्रीनगर नगर क्षेत्र के साथ ही ग्राम श्रीकोट, ढिक्वाल गांव, सरणा, बुघानी, जलेथा, भटोली, ग्वाड़, रैतपुर, कोठगी, खिरसू में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू की अवधि के दौरान रात्रि के समय आम जनमानस का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा गुलदार की सक्रियता के चलते खिर्सू ब्लॉक के विद्यालयों में भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।
