बेंगलुरु में प्रधानमंत्री का रोड शो..
28 विधानसभा क्षेत्रों में से 19 से होकर गुजरेंगे पीएम मोदी..
देश-विदेश: कर्नाटक चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। दरअसल, 36.6 किलोमीटर के रोड शो कार्यक्रम में बदलाव करते हुए भाजपा ने उसे दो दिनों में बोट दिया है। आपको बता दे कि अब वह शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक और रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक रोड शो करेंगे। इससे पहले इसे एक दिन में पूरा किया जाना था, लेकिन बेंगलुरु के लोगों को आने वाली परेशानियों को देखते हुए इसे बदलने का फैसला किया गया।
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे का कहना हैं कि जनता ने कहा है कि अगर पूरे दिन रोड शो किया जाता है, तो इससे समस्या होगी। इसलिए हमने उनकी भावनाओं का सम्मान किया है। इसे दो दिनों में करने का फैसला किया है। छह और सात मई को रोड शो शहर के कुल 28 विधानसभा क्षेत्रों में से 19 से होकर गुजरेगा। कर्नाटक में 10 मई को मतदान होगा।
आठ मई को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है और मतों की गिनती 13 मई को होगी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर के दौरे के मद्देनजर शुक्रवार को यातायात प्रभावित रहेगा। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। ओल्ड एयरपोर्ट रोड, कैंब्रिज लेआउट रोड, 100 फीट रोड, एएससी सेंटर, ट्रिनिटी सर्कल आदि पर ट्रैफिक प्रभावित होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी योजना इसी हिसाब से बनाएं।
सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर धमाल मचा रही ‘दशहरा’..
देश-विदेश: साउथ इंडस्ट्री के नेचुरल स्टार कहे जाने वाले नानी और कीर्ति सुरेश की फिल्म ‘दशहरा’ सिनेमाघरों में खूब धमाल मचाया। नानी की फिल्म ‘दशहरा’ बॉक्स ऑफिस पर अपने बजट से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। वहीं, अब फिल्म की ओटीटी रिलीज डेट का भी आधिकारिक एलान कर दिया गया है। फैंस के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं है। दरअसल, जो दर्शक फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं देख पाए, अब वे ओटीटी पर इसका मजा ले सकते हैं। ‘दशहरा’ के डिजिटल अधिकार ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने हासिल किए हैं। नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया पर ‘दशहरा’ का पोस्टर साझा करते हुए इसके रिलीज डेट की जानकारी दी है। नेटफ्लिक्स ने लिखा कि 27 अप्रैल को तेलुगू, तमिल, मलयालम और कन्नड़ भाषा में ‘दशहरा’ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने के लिए तैयार है।
‘दशहरा’ तेलंगाना के करीमनगर जिले में एक कोयला खदान की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म बदला, प्यार और महत्वाकांक्षा की कहानी बयां करती है। कहानी एक दबे-कुचले नायक धरणी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे नानी ने निभाया है और वह नायक उन लोगों से बदला लेता है, जिन्होंने उसके दोस्त को मार डाला। फिल्म में नानी और कीर्ति सुरेश के अभिनय सराहा गया। सिर्फ दर्शक ही नहीं, बल्कि चिरंजीवी से लेकर अल्लू अर्जुन तक कई सेलेब्स ने भी ‘दशहरा’ की तारीफ की। वहीं बात करें नानी की आने वाली फिल्मों के बारे में तो नानी निर्देशक शौर्यव के निर्देशन वाली एक रोमांटिक फिल्म में नजर आएंगे, जहां वह अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के साथ स्क्रीन साझा करेंगे। फिल्म के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अस्थाई रूप से इसे नानी30 के शीर्षक से पहचाना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह इस साल दिसंबर तक रिलीज हो सकती है।
सूडान में फंसे भारतीयों की निकासी के लिए ऑपरेशन कावेरी..
देश-विदेश: अफ्रीकी देश सूडान इस वक्त भयंकर विद्रोहों का सामना कर रहा हैं। सूडान में सेना और अर्ध सैनिकों के बीच जारी संघर्ष रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। सूडान के संघर्ष में 427 लोगों की मौत हो गई है और 3,700 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। सूडान में हमलावरों ने बायोलॉजिकल लैब पर भी कब्ज़ा कर लिया हैं। ऐसे में भारत ने सूडान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन कावेरी अभियान लॉन्च कर दिया है। सुडान उत्तर पूर्वी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश है, जिसकी कुल आबादी लगभग साढ़े चार करोड़. और सुडान की सीमाएं कुल सात देशों से लगती हैं, जिनमें Egypt, Libya, चाड और साउथ सुडान जैसे देश प्रमुख हैं। 2011 में सुडान के अलग होने के बाद भी वहां की सत्ता पर नियंत्रण के लिए सुडान बार बार जलता रहा, और इस बार भी वहां कुछ नया नहीं हो रहा है।
हालांकि, दोनों बलों ने 72 घटों का एक युद्धविराम घोषित किया है। इस बीच, भारत हिंसाग्रस्त देश से अपने लोगों की निकासी के लिए ऑपरेशन कावेरी चला रहा है। इसके तहत सूडान में फंसे ढाई सौ से अधिक भारतीय सूडान से निकाले जा चुके हैं। इसके लिए वायुसेना और नौसेना की मदद ली जा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय वायुसेना के दो ट्रांसपोर्ट विमान C-130J सऊदी अरब के जेद्दाह में स्टैंडबाय पर हैं
ऑपरेशन कावेरी क्या है?
सूडान में करीब 10 दिन से चल रहे संघर्ष के बीच दोनों पक्ष संघर्ष विराम को सहमत हुए। 72 घंटे का ये संघर्ष विराम 24 अप्रैल की आधी रात से शुरू हुआ। इस बीच, भारत ने अपने लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ऑपरेशन कावेरी के तहत C-130 की दो फ्लाइट क्रमशः 121 और 135 यात्रियों को लेकर सऊदी अरब में जेद्दाह में लैंड की हैं। ये लोग जल्द ही भारत पहुंचेंगे। इससे पहले, ये लोग पोर्ट सूडान से जेद्दा के लिए आईएनएस सुमेधा से पहुंचाए गए थे।
हिंसाग्रस्त देश से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन का नाम ‘कावेरी’ रखा गया है। कोच्चि में सोमवार को युवम कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘सूडान में गृहयुद्ध की वजह से हमारे कई लोग वहां फंस गए हैं। इसलिए हमने उन्हें सुरक्षित लाने के लिए ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया है। इसकी देखरेख केरल के बेटे और हमारी सरकार के मंत्री मुरलीधरन कर रहे हैं।’
कावेरी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है जो मुख्यतः तमिलनाडु और कर्नाटक में बहती है। केंद्र द्वारा इस ऑपरेशन के नामकरण पर एक सूत्र ने कहा, ‘नदियां बाधाओं के बावजूद अपने गंतव्य तक पहुंचती हैं। यह एक मां की तरह है जो यह सुनिश्चित करेगी कि वह अपने बच्चों को सुरक्षित वापस लाएगी।’ इससे पहले, यूक्रेन में भी फंसे लोगों को निकालने के लिए चलाए गए अभियान का नाम पवित्र नदी ‘गंगा’ के नाम पर रखा गया था।
भारत ने कब-कब संकट के बीच अभियान चलाए हैं?
1. ऑपरेशन गंगा (2022): पिछले साल 24 फरवरी को रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद, भारत ने ‘ऑपरेशन गंगा’ शुरू किया था। इसके तहत एक हजार से अधिक भारतीयों को वापस लाया गया था। भारतीय वायु सेना के सी-17 विमानों को भेजकर और दूतावास के कर्मियों को कीव के ट्रेन टर्मिनलों पर भेजकर लोगों को निकाला था।
2. ऑपरेशन देवी शक्ति (2021): भारत ने 2021 में ‘ऑपरेशन देवी शक्ति’ के तहत अफगानिस्तान से सैकड़ों भारतीयों को निकाला था। यह अभियान अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद चलाया गया था, जहां सैकड़ों भारतीय फंसे रह गए थे।
3. ऑपरेशन वंदे भारत (2021): भारत ने ‘वंदे भारत मिशन’ की शुरुआत उन भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए की, दुनियाभर में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद विदेश में फंसे हुए थे। 30 अप्रैल 2021 तक, ऑपरेशन के विभिन्न चरणों के माध्यम से लगभग 60 लाख भारतीयों को वापस लाया गया।
4. ऑपरेशन समुद्र सेतु (2020): कोरोना महामारी के दौरान विदेश में रह रहे भारतीयों को देश लाने के लिए 5 मई 2020 को एक नौसैनिक अभियान ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ शुरू किया गया था। 3,992 भारतीय नागरिकों को समुद्र के रास्ते देश वापस लाया गया। 55 दिनों से अधिक समय तक चले मिशन में भारतीय नौसेना के जहाजों ने 23,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की थी।
5. ऑपरेशन मैत्री (2015): भारत ने 2015 के नेपाल भूकंप के बाद ‘ऑपरेशन मैत्री’ शुरू कर दिया था। सैन्य और निजी विमानों का उपयोग करके सेना-वायु सेना के एक संयुक्त अभियान के तहत 5,000 से अधिक भारतीयों को नेपाल से देश लाया गया था। इस दौरान, भारतीय सेना ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और जर्मनी से 170 विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला था।
6. ऑपरेशन राहत (2015): 2015 में यमन में गृह युद्ध शुरू हो गया था। बाद में सऊदी अरब के नो-फ्लाई जोन घोषणा की वजह से हजारों भारतीय फंस गए और यमन की विमानन यात्रा भी रुक गई। भारत ने शुरू में समुद्र के रास्ते अपने नागरिकों को निकालने का विकल्प चुना। अगले कुछ हफ्तों में, भारत ने यमन में फंसे 4,640 भारतीयों के अलावा 41 से अधिक देशों से 960 विदेशी नागरिकों को बचाया।
7. ऑपरेशन सेफ होमकमिंग (2011): भारत ने युद्धग्रस्त लीबिया में फंसे अपने नागरिकों को बचाने के लिए 2011 में ‘ऑपरेशन होमकमिंग’ शुरू किया था। इसके तहत लीबिया से 15,400 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी कराई गई थी।
8. ऑपरेशन सुकून (2006): जुलाई 2006 में, इस्राइल और लेबनान के बीच युद्ध छिड़ने के बाद, भारत सरकार ने अपने फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सुकून’ लॉन्च किया। नौसैनिक बचाव अभियान में जुलाई-अगस्त 2006 के बीच 2,280 व्यक्तियों को निकाला गया था। इनमें कुछ नेपाली और श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल थे।
जानिए मनरेगा योजना के लिए बजट घटाने के आरोप कितने सही..
देश-विदेश: केंद्र सरकार ने 2005 में जब मनरेगा योजना की शुरुआत की थी, यह असंगठित श्रमिकों के बीच बहुत लोकप्रिय हुई थी। अपने घर के आसपास काम के अवसर पाने के कारण श्रमिकों में इसे लेकर बहुत उत्साह देखा गया। आरोप यहां तक हैं कि शहरों और पंजाब जैसे राज्यों में काम करने के लिए श्रमिकों की कमी होने लगी, क्योंकि श्रमिकों ने अपने घरों के आसपास अपेक्षाकृत कम पारिश्रमिक में भी काम करने को ज्यादा बेहतर समझा।
लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदल रही हैं और एक बार फिर रोजगार की तलाश में श्रमिक शहरों की ओर रुख करने लगे हैं। संभवतः यही कारण है कि मनरेगा योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले श्रमिकों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा योजना के अंतर्गत रजिस्टर्ड श्रमिकों में से केवल आधे श्रमिक ही सक्रिय रह गए हैं। कई राज्य आवंटित धनराशि का उपयोग तक नहीं कर पा रहे हैं। इसके कारण सरकार ने इसके लिए आवंटित धनराशि को कम कर दिया। आरोप है कि मनरेगा योजना के कम लोकप्रिय होने के पीछे मुख्य वजह इसके फंड का सही तरीके से अमल में न लाया भी है। श्रमिकों की शिकायत है कि 15 दिन में पारिश्रमिक मिल जाने के बाद भी उन्हें समय से पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
श्रमिकों की कितनी संख्या सक्रिय..
द महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2005 की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 27.74 करोड़ श्रमिकों ने इस योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराया है। लेकिन इस समय केवल 14.26 करोड़ श्रमिक ही सक्रिय हैं। यह कुल श्रमिकों की लगभग आधी संख्या है। राज्यों के स्तर पर भी लगभग यही अनुपात देखने को मिलता है। उत्तर प्रदेश में कुल 2.87 करोड़ रजिस्टर्ड श्रमिकों में 1.50 करोड़ सक्रिय हैं, तो पश्चिम बंगाल के 2.61 करोड़ श्रमिकों में 1.39 करोड़ श्रमिक सक्रिय हैं।
बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान भी मनरेगा के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराने वाले श्रमिकों के मामले में सबसे आगे हैं, लेकिन इन राज्यों में भी सक्रिय श्रमिकों की संख्या लगभग आधी ही है। चूंकि, जब श्रमिकों के पास बाजार में अन्यत्र काम उपलब्ध नहीं होता है, तब वे इसके अंतर्गत कार्य करने के लिए आवेदन करते हैं, सक्रिय श्रमिकों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है।
श्रमिकों का प्रदर्शन
असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के नेशनल कोऑर्डिनेटर प्रबल प्रताप शाही का कहना हैं कि देश भर से आए हजारों मनरेगा श्रमिकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 अप्रैल को प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता कम कर रही है। श्रमिकों को केवल 25-30 दिन का औसतन काम दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार इस योजना को धीरे-धीरे बंद करना चाहती है।
प्रबल प्रताप शाही ने कहा कि मनरेगा योजना कोरोना काल में श्रमिकों के लिए वरदान की तरह साबित हुई। शहरों से घरों को लौटे श्रमिकों ने इसके माध्यम से धन कमाया और अपना परिवार चलाने में सफलता पाई। 2020-21 की महामारी के दौरान इस योजना के लिए 1,11,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। वर्ष 2021-22 के लिए 73,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और यह 20-21 के संशोधित अनुमान 1,11,500 करोड़ रुपये से 34.5 फीसदी कम था। अनुमान है कि इस योजना से करीब 15 करोड़ परिवार जुड़े हुए हैं। आरोप है कि फंड की भारी कटौती के कारण इन परिवारों को 100 दिन का अधिकार नहीं मिल पा रहा है। मौजूदा बजट पूरे साल में औसतन 26 दिन का ही काम दे सकता है।
मनरेगा श्रमिकों की तीन मांगें..
1- मनरेगा श्रमिकों का दैनिक पारिश्रमिक बढ़ाकर 450 रुपये प्रतिदिन किया जाए।
2- मनरेगा श्रमिकों को वर्ष भर में 100 दिन के स्थान पर 150 दिन न्यूनतम कार्य करने की अनुमति दी जाए।
3- मनरेगा योजना के अंतर्गत केंद्र द्वारा स्वीकृत धनराशि 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन लाख करोड़ किया जाए।
सहायता कम नहीं हुई- भाजपा
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि सच्चाई यह है कि पिछले वर्ष के बजट अनुमान की तुलना में सरकार ने इस योजना के लिए ज्यादा धन आवंटित किया है। कोविड काल में इस योजना के लिए अतिरिक्त 34 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। चूंकि, यह एक आपातकालीन सहायता थी, कोरोना काल के बाद इसे बंद कर दिया गया। लेकिन यह कहना सही नहीं है कि इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता कम की गई।
केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों के लिए बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य कर दिया है। श्रमिकों का पैसा सीधे उनके खातों में डालने की सुविधा दी गई है। इससे फर्जी श्रमिकों की संख्या में तेजी से कमी आई है। फर्जीवाड़ा कर श्रमिकों के नाम पर पैसा लेने वाले अनेक लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है और कई लोगों को जेल जाना पड़ा है। इससे भी श्रमिकों की कुल दिखने वाली संख्या में कमी आई है, जबकि इसका लाभ असली और इसके हकदार श्रमिकों को मिल रहा है।
कपाट खुलते ही केदारनाथ धाम पहुंचे सीएम धामी..
बाबा केदार से मांगा प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद..
उत्तराखंड: केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी बाबा के द्वार पर शीश नवाया। सीएम धामी को सुबह कपाट खुलने के समय बाबा केदार के धाम पहुंचना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे धाम नहीं पहुंच पाए। इसके बाद मौसम ठीक होते ही सीएम केदारनाथ मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। साथ ही प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद बाबा केदार से मांगा।
तीर्थयात्रियों को मिलेंगी सारी सुविधाएं..
सीएम धामी का कहना हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सभी श्रद्धालुओं को सुगमता के साथ देव दर्शन की सुविधा मिले। इसकी भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने भगवान केदारनाथ से सभी की मनोकामना पूर्ण करने की भी प्रार्थना की है। सीएम ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा अधिक श्रद्धालु प्रदेश में आकर चारों धामों के दर्शन कर पुण्य के भागी बनेंगे।
पीएम मोदी ने बुलाई उच्च-स्तरीय बैठक, सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा की होगी समीक्षा..
देश-विदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह युद्ध प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। पीएम इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वहां से देश के लोगों को सुरक्षित निकालने पर चर्चा होगी। गौरतलब है, सूडान में सेना व रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच जारी गृहयुद्ध को लेकर मंगलवार देर शाम को दोनों पक्षों ने 24 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति जताई थी, लेकिन बहुत जल्द यह युद्धविराम टूट गया। बुधवार को पांचवें दिन तक देश में डब्ल्यूएचओ ने 270 मौतों की बात कही जबकि 2,600 से ज्यादा घायल बताए थे।
इस बीच, वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत पूरे मामले पर करीबी नजर रखे हुए है और विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई व सऊदी अरब से वार्ता कर समन्वय शुरू कर दिया है। गोलाबारी व हवाई हमलों ने राजधानी खारतूम और नील नदी के ओमडुरमैन शहर को हिलाकर रख दिया है। देश में किसी अनजान जगह पर 31 भारतीयों के फंसे होने की खबरें भी हैं।
भारतीयों की सुरक्षा पर जयशंकर ने चार देशों से चर्चा के बाद ट्वीट किया कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान का शुक्रिया, जो हमारे संपर्क में हैं। उन्हें सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान व ब्रिटेन-अमेरिका से भी व्यावहारिक समर्थन का आश्वासन मिला है।
हालात बेकाबू, शवों की सही गिनती तक नहीं..हताहतों की निगरानी करने वाले सूडान डॉक्टर्स सिंडिकेट ने कहा कि यहां सैकड़ों लोग मारे गए हैं। कई शव सड़कों पर पड़े हैं लेकिन उन तक पहुंच न बन पाने के कारण सही गिनती नहीं हो रही।
इस दिन को ओटीटी पर गूंजेगी सोनाक्षी की ‘दहाड़’ की दहाड़..
दमदार पुलिस ऑफिसर के किरदार में आएंगी नजर..
देश-विदेश: सोनाक्षी सिन्हा हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अदाकारा हैं। वह अपनी एक से बढ़कर एक फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करती रहती हैं। सोनाक्षी ने अपनी कातिल मुस्कान के जरिए फैंस के दिलों में जगह बनाती रहती हैं। अभिनेत्री अपनी आने वाली वेब सीरीज दहाड़ को लेकर इन दिनों चर्चा में छाई हुईं हैं। दहाड़ के जरिए अभिनेत्री ओटीटी पर डेब्यू करने की तैयारी में हैं। बीते दिनों खबर आई थी कि इस वेब सीरीज का प्रीमियर बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में होगा। अब इस वेब सीरीज की रिलीज डेट भी सामने आ गई है।
इस तारीख को होगी रिलीज..
बता दे कि प्राइम वीडियो ने आज अपने क्राइम ड्रामा ओरिजिनल सीरीज, दहाड़ के लॉन्च की घोषणा की। इस साल की शुरुआत में द बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर करने वाली पहली भारतीय सीरीज बनने के बाद अब दहाड़ का प्रीमियर 12 मई, 2023 को प्राइम वीडियो पर होगा। यह सीरीज रीमा कागती और जोया अख्तर द्वारा बनाई गई है, जिसे एक्सेल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और टाइगर द्वारा निर्मित है।
पुलिसवाली के किरदार में दिखेंगी सोनाक्षी..
इस वेब सीरीज सोनाक्षी सिन्हा, विजय वर्मा, गुलशन देवैया और सोहम शाह मुख्य भूमिका में हैं। दहाड़ का निर्देशन रीमा कागती और रुचिका ओबेरॉय ने मिलकर किया है। इस वेब सीरीज में सोनाक्षी सिन्हा एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आने वाली हैं, जो कि एक भयानक हत्या के मामले को एक अपराधी के साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास करती हैं।
क्या है इसकी कहानी..
सीरीज की स्टोरी राजस्थान के छोटे से शहर पर बेस्ड होगी, जहां पब्लिक टॉयलेट्स में कई औरतों की लाश पाई जाती है। तब इस केस को सॉल्व करने की जिम्मेदारी सोनाक्षी सिन्हा निभाती को दी जाती है। पहले तो ये मौतें आत्महत्या लगती हैं, लेकिन जैसे-जैसे मामले सामने आते हैं, अंजलि (सोनाक्षी) को शक होने लगता है कि यह एक सीरियल किलर का काम है जो कि खुलेआम घूम रहा है। इसके बाद पुलिस और अपराधी के बीच चूहे-बिल्ली का खेल शुरू होता है।
रितेश-जेनेलिया की ‘वेड’ थिएटर के बाद अब ओटीटी पर धमाल मचाने को तैयार..
देश-विदेश: अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा की सुपरहिट मराठी फिल्म ‘वेड’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फैंस के लिए खुशखबरी यह है कि फिल्म ‘वेड’ हिंदी भाषा में भी स्ट्रीम होगी। रोमांटिक ड्रामा ‘वेड’ को सिनेमाघरों में दर्शकों ने खूब प्यार दिया था। अब वह ओटीटी के जरिए फैंस का दिल जीतने आ रही है।
‘वेड’ अभिनेता रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी पहली फिल्म है। फिल्म ने भारत में 10 करोड़ रुपये की कमाई के साथ बहुत ही मजबूत ओपनिंग वीकेंड हासिल किया था, जो किसी भी मराठी फिल्म के लिए सबसे ज्यादा है। मार्च में ‘वेड’ ने अकेले भारत में 61 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी। इसकी दुनिया भर में कमाई 73 करोड़ रुपये है, जो इसे 2016 की ब्लॉकबस्टर ‘सैराट’ के बाद दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्म बनाती है। इसे व्यापार विशेषज्ञों ने मराठी सिनेमा में ‘ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर’ करार दिया था।
आज (13 अप्रैल) गुरुवार को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार ने घोषणा की कि फिल्म ‘वेड’ 28 अप्रैल से स्ट्रीम होगी। स्ट्रीमर ने घोषणा के साथ सोशल मीडिया पर फिल्म का एक ट्रेलर और कैप्शन में फिल्म की टैग लाइन भी साझा की। रितेश और जेनेलिया की मुख्य भूमिकाओं वाली ‘वेड’ डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर मराठी के साथ-साथ हिंदी में भी स्ट्रीम होगी।
वेड’ में रितेश और जेनेलिया के साथ अशोक सराफ और जिया शंकर भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह साल 2019 में आई तेलुगू रोमांटिक-ड्रामा ‘माजिली’ की रीमेक है। तेलुगू मूल फिल्म में अभिनेता नागा चैतन्य और अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु अहम भूमिकाओं में नजर आए थे।
‘वेड’ एक मोहभंग आकांक्षी क्रिकेटर की कहानी है, जो जीवन के कठिन दौर से गुजरता है और उसे शराब की लत लग जाती है। वह अपने प्यार के लिए कैसे लड़ता है, यह दर्शकों को फिल्म में देखना होगा। इस फिल्म में सलमान खान का एक गाने में कैमियो भी था।
शांतनु और तान्या की ‘टूथ परी’ का ट्रेलर जारी..
खूनी खेल में तब्दील हुई वैम्पायर लव स्टोरी..
देश-विदेश: बॉलीवुड अभिनेता शांतनु महेश्वरी अपनी फिल्मों और डांस को लेकर खूब सुर्खियां बटोरते हैं। शांतनु अपनी आने वाली नई वेब सीरीज ‘टूथ परी’ को लेकर चर्चा में हैं। बीते महीने सीरीज का टीजर जारी किया गया था, जिसे देख दर्शक उत्साहित थे। अब ‘टूथ परी’ का ट्रेलर रिलीज किया गया है, जो रोमांच और रोमांस की कहानी को बयां करता है।
सीरीज का ट्रेलर
सीरीज के ट्रेलर की शुरुआत डेंटिस्ट डॉ. रॉट के क्लीनिक से होती है, जहां तान्या अपना दांत लेकर पहुंचती है। मुलाकात के बाद दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है। दोनों की प्रेम कहानी आगे बढ़ती है, तभी शांतनु को पता चलता है कि तान्या वैम्पायर है। वह तान्या से डरने लगते हैं, लेकिन तान्या भरोसा दिलाती हैं कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
हॉरर सीन्स का तड़का..
दोनों की प्रेम कहानी बढ़ते हुए शादी तक बात पहुंची। एक तरफ शांतनु का परिवार शादी के लिए राजी हो जाता है। दूसरी तरफ तान्या की दुनिया में शांतनु के लिए कोई जगह नहीं है, जिसके बाद तान्या का वैम्पायर वाला विकराल रूप सामने आ जाता है। फिर, शुरू होती है हॉरर सीन्स और खूनी खेल की रोमांचक कहानी।
इस दिन रिलीज होगी सीरीज..
आपको बता दें कि ‘टूथ परी’ को बंगाली डायरेक्टर प्रतीम दासगुप्ता ने निर्देशित किया है। इस सीरीज की कहानी कोलकाता के परिवेश पर आधारित है। इस फिल्म में शांतनु के साथ सिकंदर खेर, आदिल हुसैन, रेवती, सास्वत चटर्जी, तिलोत्तमा शोम और अन्य कलाकार भी अहम भूमिका में नजर आने वाले हैं। यह वेब सीरीज 20 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।
भारत में 230 दिन के उच्चतम स्तर पर कोरोना के आंकड़े..
सक्रिय मामले 44 हजार के पार..
देश-विदेश: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10 हजार 158 नए केस मिले हैं। इसी के साथ देश में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 44 हजार 998 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार सुबह यह आंकड़े जारी किए। इसके अनुसार भारत में कोरोना संक्रमण की दैनिक दर 4.42 फीसदी और साप्ताहिक दर 4.02 प्रतिशत है।
देश में फिलहाल एक्टिव केसों की संख्या कुल मामलों का 0.10 प्रतिशत है। मरीजों के ठीक होने की दर 98.71 प्रतिशत है। भारत में संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5,31,035 हो गई है। अभी तक कुल 4,42,10,127 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220,66,24,653 खुराक लगाई जा चुकी हैं।
सात दिन के अंदर 42 हजार से ज्यादा मरीज बढ़े..
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले सात दिन के अंदर देश में 42 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। इस बीच, 97 लोगों की संक्रमण के चलते मौत भी हुई है। मंगलवार को एक दिन के अंदर सात हजार 830 लोग संक्रमित पाए गए हैं, जो कि 223 दिन में सबसे ज्यादा हैं। इसी के साथ देश में एक्टिव केस की संख्या भी बढ़कर 40 हजार के पार हो गई है। अब देश में 40 हजार 215 मरीज ऐसे हैं, जो संक्रमित हैं। ये या तो अस्पताल में भर्ती हैं या फिर घर पर रहकर अपना इलाज करा रहे हैं।
क्या यह चौथी लहर की आहट है..
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, गोरखपुर के निदेशक डॉ. रजनीकांत से हमने यही सवाल किया। उन्होंने कहा, ‘अभी चौथी लहर की कोई आहट नहीं है। देश में ज्यादातर लोगों को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है।
इसलिए डरने की नहीं बल्कि बचाव की जरूरत है। प्रिवेंशन के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। डॉ. रजनीकांत का कहना हैं कि ‘हर किसी को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। अगर किसी में कोई लक्षण मिलता है तो उसे तुरंत जांच करवाना चाहिए। इसके अलावा लक्षण मिलने पर मास्क जरूर पहनें।
