अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी का ना हो उत्पीड़न-सीएम धामी..
उत्तराखंड: अतिक्रमण को लेकर सीएम धामी हमेशा कड़ा रूख अपनाते हुए नजर आए हैं। लेकिन कुछ स्थानों से अतिक्रमण हटाने के दौरान लोगों के उत्पीड़न की खबरें भी सामने आई थी। जिसके बाद सीएम धामी का बयान सामने आया है। सीएम धामी ने कहा है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी का भी उत्पीड़न ना हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सड़कों के किनारे राजकीय भूमि में अतिक्रमण हटाने के नाम पर सरकारी मशीनरी द्वारा किसी भी नागरिक का उत्पीडन नहीं किया जाएगा। किसी के भी वैध निर्माण में किसी भी तरह की तोड़-फोड़ नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए हैं कि जिलाधिकारी ये सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विभाग द्वारा किसी भी नागरिक का उत्पीड़न न हो। जब तक ये सुनिश्चित नहीं हो जाता कि किया गया निर्माण राजकीय भूमि में हैं और अवैध निर्माण को हटाया जाना आवश्यक है, तब तक कोई तोड़-फोड़ नहीं की जाए।
जहां एक ओर सीएम धामी ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि अतिक्रमण तोड़ने के दौरान किसी का भी उत्पीड़न नहीं होगा तो वहीं सीएम धामी ने ये साफ-साफ कहा है कि प्रदेश में लैंड जिहाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा है कि लैंड जिहाद को लेकर सख्ती बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि वन भूमि में लैंड जिहाद के नाम पर किए गए अवैध कब्जों के विरूद्ध कार्यवाही जारी रहेगी।
देहरादून-पंतनगर और पिथौरागढ़ बीच शुरू हुआ हवाई ट्रायल..
उत्तराखंड: देहरादून-पंतनगर और पिथौरागढ़ के बीच प्रस्तावित हवाई सेवा जल्द शुरू होने के आसार हैं। बीते शनिवार को कंपनी की ओर से हवाई मार्ग में ट्रायल शुरू हो गया है। अब जल्द ही फ्लाइट भी शुरू हो सकती है। जानकारी के अनुसार फ्लाई बिग कंपनी का 19 सीटर विमान देहरादून से पिथौरागढ़ होते हुए रविवार को पंतनगर पहुंचा। विमान में चालक दल के साथ ही पंतनगर में मौजूद कंपनी के स्टाफ के लिए जरूरी सामान भी मौजूद था। बता दें कंपनी ने देहरादून, पिथौरागढ़ और पंतनगर एयरपोर्ट में साइट ऑफिस बनाकर कर्मचारियों की तैनाती कर दी है।
हवाई सेवा शुरू होने से पहले दिया जाएगा प्रशिक्षण..
बात दें ये हवाई सेवा क्षेत्रीय उड़ान योजना के तहत होगी। इसका 60 प्रतिशत किराया यात्री और 40 प्रतिशत किराया राज्य सरकार वहन करेगी। माना जा रहा है कि हवाई सेवा अक्तूबर से शुरू हो सकती है। लेकिन हवाई सेवा शुरू होने से पहले कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू..
धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक..
उत्तराखंड: विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन सीएम धामी समेत सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन पर शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी। तो वहीं सदन शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक मुखर दिखाई दिए। कांग्रेस के कई विधायक विधानसभा भवन के बाहर अपने हाथों में लिखी नारों की तख्तियां के साथ धरना प्रदर्शन करते नजर आए।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस के विधायक जोशीमठ आपदा को लेकर विधानसभा की सीढ़िया पर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस विधायक लोहाघाट खुशहाल सिंह अधिकारी व ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर भी प्रदर्शन में पहुंचे। कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट सुमित ह्रदयेश, विधायक धारचूला हरीश धामी, विधायक मनोज तिवारी, विधायक पिरान कलियर फुरकान अहमद, विधायक ममता राकेश और विधायक जसपुर आदेश सिंह चौहान भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
वहीं सदन शुरू होने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन पर शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि चंदन रामदास का जाना हमारे लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने हमेशा हमें मजबूती देने का काम किया है। बहुत से काम थे जो वे करना चाहते थे, हम उसे पूरा करेंगे। बगेश्वर की जनता के लिए करने वाले उनके अधूरे कामों को हम आगे बढ़ाएंगे।
बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी दलों से सदन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने में सहयोग के अपील की है। बुधवार को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सदन पटल पर अनुपूरक बजट पेश करेंगे। बजट पेश करने के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण समेत अन्य विधेयक, वित्त विभाग की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, लेखा प्रत्यावेदन रिपोर्ट को सदन में पेश किया जाएगा। छह सितंबर को प्रश्न काल होगा। सात सितंबर को जन्माष्टमी पर सार्वजनिक अवकाश है।
ऋषिकेश में 15 सितंबर से राफ्टिंग शुरू होने की उम्मीद..
उत्तराखंड: ऋषिकेश में 15 सितंबर से राफ्टिंग शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि ये गंगा के जलस्तर पर निर्भर है। राफ्टिंग शुरू होने से पहले यातायात पुलिस ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से अलग-अलग स्थानों पर नो पार्किंग के साइनबोर्ड लगवाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार यातायात निरीक्षक अनवर खान का कहना हैं कि 15 सितंबर को वीकेंड भी है।
ऐसे में कई पर्टकों के ऐनी की उम्मीद है। जिसे देखते हुए शहर के चयनित स्थानों पर नो पार्किंग के साइनबोर्ड लगाए जा रहे हैं। राफ्टिंग शुरू होने के दौरान शहर में जाम जैसी स्थिति न हो इस पर विचार किया जा रहा है। बताते चले पहले भी मुनि की रेती क्षेत्र के कई संवेदनशील घाटों पर स्नान के दौरान कई पर्यटकों के डूबने की खबर सामने आ चुकी है। बावजूद इसके अभी तक पुलिस ने संवेदनशील घाटों पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगवाए हैं।
हटाए जा सकते हैं उत्तराखंड में उपनल के सात हजार से ज्यादा कर्मचारी..
उत्तराखंड: उपनल के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में सात हजार से ज्यादा उपनल कर्मचारियों क हटाया जा सकता है। जबकि कुछ कर्मचारियों का वेतन भी रोक दिया गया है। उत्तराखंड के सात हजार से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। बता दें कि प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा उपनल कर्मचारी हैं। जिनमें से सात हजार से ज्यादा को हटाए जाने की तैयारी की जा रही है। जबकि कुछ कर्मचारियों की सैलरी रोक दी गई है।
बता दें कि विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष और बिना पद स्वीकृति के आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों की सैलरी भुगतान मामले में शासन ने विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। अपर मुख्य सचिव के आदेश जारी करने के बाद वन विभाग ने 250 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। जबकि समस्त आहरण वितरण अधिकारियों से कर्मचारियों का वेतन भुगतान संबंधी ब्योरा मांगा गया है। इसके साथ ही सभी विभागों से उपनल कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का लोगो और वेबसाईट को लॉन्च किया गया..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में दिसंबर में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 का लोगो और वेबसाइट को लॉन्च किया। सीएम धामी का कहना है कि इन्वेस्टर्स समिट इस दौरान राज्य के लिए बड़ा मौका हैं। उनका कहना हैं कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ठोस प्रयास कर रही हैं। सीएम ने कहा कि उद्यमियों के हितों का पूरी तरह से ख्याल रखा जाएगा। पूरे प्रदेश और सभी विभागों को के लिए ये इन्वेस्टर्स महत्वपूर्ण । यह एक बड़ा अवसर है। इसका यथासंभव सर्वोत्तम उपयोग किया जाना चाहिए। कहा कि इसके लिए देहरादून में संवाद और 21 अगस्त को दिल्ली में इंडस्ट्री समूह के साथ बेहतर माहौल में बातचीत हुई है। उत्तराखंड में निवेश को लेकर उद्योग जगत में रुचि है। इंडस्ट्री समूह के सभी लोग ब्रांड अम्बेसडर हैं।
सीएम का कहना हैं कि प्रदेश में निवेश और नए इंवेस्टर्स को लेकर लोग तैयार है। उद्योग को विस्तार के लिए उद्योग समूह तैयार है। राज्य में ऐसे 15 से 20 हजार निवेश के लिए उद्योग तैयार हैं। बता दें कि धामी सरकार दिसंबर में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। इंवेस्टर्स समिट के लिए देहरादून से दिल्ली तक बैठकों का दौर लगातार जारी हैं।
सांसद अनिल बलूनी ने की केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात..
उत्तराखंड: राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी ने शुक्रवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कई मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव से कोटद्वार-नई दिल्ली के बीच रात्रि रेलसेवा को और सुगम करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही देहरादून-लखनऊ के बीच वंदेभारत जैसी सुविधा देने की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने आश्वस्त किया कि वे इस विषय में शीघ्र विचार करेंगे। मुलाकात की जानकारी सांसद अनिल बलूनी ने अपने ट्विटर अकॉउंट से साझा की है।
अधिकारियों पर भड़की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी..
उत्तराखंड: विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी शुक्रवार सुबह विधानसभा पहुंची। इस दौरान वहां पर मुख्य विभागों के अधिकारी भी पहुंचे। लेकिन कुछ अधिकारी समय से नहीं पहुंचे। जिस कारण विधानसभा अध्यक्ष भड़क गई। विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। सत्र की तैयारियों के लिए आज महत्वपूर्ण बैठक होनी है। जिसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी विधान सभा पहुंची। इस दौरान मुख्य विभागों के अधिकारी भी विधानसभा में मौजूद रहे। लेकिन कुछ अधिकारी समय पर वहां उपस्थित नहीं हुए। इस वजह से विधानसभा स्पीकर भड़क गई।
नदारद कर्मचारी और अधिकारियों की मांगी सूची..
विधानसभा पहुंचकर स्पीकर ऋतु खंडूरी अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने पर भड़क गई। उन्होंने नदारद कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची मांगी है।इसके साथ ही समय पर विधानसभा पहुंचने के सभी को निर्देश दिए हैं। आज होने वाली बैठक में तैयारियों को लेकर अहम निर्देश दिए जाएंगे। विधानसभा में 11 बजे से मानसून सत्र को लेकर होने वाली बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में गढ़वाल कमिश्नर भी मौजूद हैं। बता दें कि मानसून सत्र को लेकर इस बैठक को बेहद ही अहम माना जा रहा है।
ऋषिकेश मार्ग में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, दो की मौत..
उत्तराखंड: ऋषिकेश मार्ग पर गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया। पर्यटकों की कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में गौतमबुद्ध नगर के दो पर्यटकों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार दर्दनाक हादसा चैलूसैन ऋषिकेश मार्ग पर परसुली खाल के पास सिलोगी से करीब दो किमी पहले हुआ। बताया जा रहा है एक कार अचानक अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। मौके पर चीख-पुकार मचने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
खाई से निकाल कर शव किया बरामद..
घटना की सूचना पाकर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवकों का रेस्क्यू शुरू किया। घंटो की मशक्कत के बाद दोनों युवकों का शव बरामद कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार गुमखाल चौकी प्रभारी मुकेश भट्ट ने बताया कि उत्तर प्रदेश के दो युवक गुरुवार को अपनी कार से कोटद्वार से ऋषिकेश घूमने आए हुए थे। इस दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। युवकों की पहचान ओमबीर (31) निवासी गौतमबुद्ध नगर और अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है। कार में सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। चौकी प्रभारी मुकेश भट्ट ने बताया की घटना की सूचना दोनों युवकों के परिजनों को दे दी है।
अब पुराने वाहन की आरसी ऐसे होगी ट्रांसफर..
उत्तराखंड: देहरादून में आरटीओ ने नियम बदल दिए है। नए नियमों से आम जन की परेशानी बढ़ गई है। अगर आप किसी से पुराना दुपहिया वाहन या कार खरीद रहे हैं तो केवल विक्रय-पत्र व पहचान-पत्र की छाया-प्रति लेने से काम नहीं चलेगा। जी हां अब नए नियमों के तहत कार्यालय में वाहन मालिक का सत्यापन व हस्ताक्षर मिलान कराया जाएगा। उसके बाद ही वाहन ट्रांसफर किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार नई व्यवस्था के तहत अब वाहन तभी ट्रांसफर होगा, जब उसके पुराने मालिक के आधार कार्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जाएगा। यह ओटीपी साफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। तब तक ट्रांसफर की एप्लीकेशन कंप्यूटर में आगे ही नहीं बढ़ेगी। बताया जा रहा है कि ओटीपी दोनों के मोबाइल पर आएगा। जब तक पुराना मालिक ओटीपी नहीं बताएगा, तब तक ट्रांसफर की फीस भी नहीं कटेगी।
बताया जा रहा है कि ये नियम वाहन ट्रांसफर में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया गया है। लेकिन इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि अभी तक वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान केवल खरीदार के मोबाइल पर ओटीपी जाता था। अब विक्रेता और क्रेता दोनों के मोबाइल पर ओटीपी आएगा।
