पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने निकाली रैली..
उत्तराखंड: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कर्णप्रयाग में पेंशन हुंकार रैली निकाली गई। रैली में पहुंचे मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा आने वाला समय केंद्र सरकार के लिए निर्णायक समय है। रावत ने कहा कि कई राज्यों में पुरानी पेंशन बहाली हो चुकी है। उत्तराखंड में कार्मिक लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलनरत हैं। धामी सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों के हित में शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल की जाए। मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा ने कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों के बुढ़ापे की बात आती है तो कार्मिकों को केवल पेंशन का सहारा ही नजर आता है। नई पेंशन स्कीम शिक्षक कर्मचारी के हित में नहीं है। इसके कई दुष्परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
पेंशन हुंकार रैली के माध्यम से हम राज्य सरकार से जल्द ही पुरानी पेंशन बहाली की मांग करते हैं। मोर्चे के प्रांतीय महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि 2005 के बाद से इस पुरानी पेंशन योजना को बंद करके बहुत बड़ा अन्याय किया गया है। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष जयदीप रावत का कहना हैं कि इस बार पुरानी पेंशन बहाली को चमोली से आवाज उठ रही है। इस मौके पर गढ़वाल मंडल महासचिव नरेश कुमार भट्ट, चमोली अध्यक्ष पीएस फर्स्वाण, अवधेश सेमवाल, सतीश कुमार, शिव सिंह नेगी, विक्रम झिंक्वान, राम सिंह चौहान, अनिल बडोनी, कपिल पांडे आदि मौजूद रहे। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के आह्वान पर 19 दिसंबर से कर्नाटक में अनिश्चितकालीन पेंशन सत्याग्रह शुरू होने जा रहा है। इसमें उत्तराखंड का दल भी अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली के नेतृत्व में शामिल होने कर्नाटक पहुंच गया है।
प्रांतीय अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली, प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा रविवार को कर्नाटक पहुंच गए। वह बंगलूरू में प्रांतीय कार्यालय में कर्नाटक के प्रांतीय अध्यक्ष वी शांताराम से मिले। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रंगनाथ और उनकी पूरी टीम ने उत्तराखंड की टीम का स्वागत किया। जीतमणि पैन्यूली ने सम्मान के तौर पर उत्तराखंड के प्रतीक के रूप में विख्यात पहाड़ी टोपी कर्नाटक के प्रांतीय अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और महासचिव को भेंट की। इस कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु भी शामिल होंगे।
खेल महाकुंभ और एसएफए कराटे प्रतियोगिता में भाई-बहन की जोड़ी ने जीते मेडल..
उत्तराखंड: राज्य सरकार द्वारा आयोजित खेल महाकुंभ प्रतियोगिता और एसएफए द्वारा आयोजित कराटे प्रतियोगिता में दून पब्लिक स्कूल के कक्षा नौ की छात्रा ने अग्रीमा खेल महाकुंभ प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल और कक्षा 5 के छात्र अग्रिम नेगी ने भी सिल्वर मेडल प्राप्त किया है। वहीं दोनों भाई बहिन की जोड़ी ने एसएफए खेल प्रतियोगिता में गोल्ड अपने नाम किया है। इससे पूर्व भी दोनों भाई बहन राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं।कोच विशाल ठाकुरका कहना हैं कि खेल महाकुंभ में पूरे देहरादून व एसएसए प्रतियोगिता में पूरे उत्तराखंड से बच्चों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें दून पब्लिक स्कूल भानियावाला की इस भाई बहन की जोड़ी ने मेडल जीते हैं।
उत्तराखंड बीजेपी ने इन नेताओं को सौंपी अहम जिम्मेदारी..
उत्तराखंड: बीजेपी पार्टी संगठन ने अपनी जिलों की टीम की घोषणा कर दी है। बताया जा रहा है कि कई जिलों के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी कर दी हैं। बता दे कि बीजेपी ने अपने संगठनात्मक जिलों में कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस लिस्ट में सभी जिलों में जिला उपाध्यक्ष महामंत्री जिला मंत्री और उपाध्यक्ष सहित कोषाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी की घोषणा की गई है।बताया जा रहा है कि बीजेपी संगठन ने कई जिलों के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी कर दी हैं लेकिन कोटद्वार , रानीखेत, और देहरादून महानगर जिलों की टीम भी अभी घोषित नहीं की गई हैं। रिपोर्ट की माने तो सोशल मीडिया टीम की घोषणा भी बाद में होगी।
बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी का अब होगा समाधान, UPCL तैयार कर रहा शिकायत प्रबंधन प्रणाली..
उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण, देरी पर जुर्माने की अदायगी के लिए उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) शिकायत प्रबंधन प्रणाली (कंप्लेन हैंडलिंग सिस्टम) विकसित कर रहा है। 31 जनवरी तक इसे तैयार कर लिया जाएगा।
बीते दो नवंबर को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित संशोधित विनियम जारी किए थे। इसके तहत बिजली कनेक्शन और बिलों में गड़बड़ी पर यूपीसीएल की समय सीमा तय की गई थी। आयोग ने निर्देश दिए थे कि आठ माह के भीतर उपभोक्ताओं के लिए यूपीसीएल को ऐसी प्रणाली विकसित करनी है, जिसमें उन्हें अपनी शिकायत की हर अपडेट एसएमएस, ई-मेल से मिलने के साथ ही देरी पर लगने वाला जुर्माना भी सीधे उपभोक्ता के खाते में पहुंच जाए।
यूपीसीएल को इसकी शिकायत प्रबंधन प्रणाली तैयार कर तीन माह के भीतर यानी 31 जनवरी से पहले नियामक आयोग के सामने पेश करनी है। इस मामले में यूपीसीएल के डायरेक्टर ऑपरेशन एमएल प्रसाद ने चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। यह समिति इस ऑनलाइन सिस्टम को तैयार करने के लिए अपनी रिपोर्ट देगी। मामले में गुरुवार को यूपीसीएल के डायरेक्टर प्रोजेक्ट अजय कुमार अग्रवाल ने भी एक पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने जल्द सिस्टम विकसित करने को कहा है।
उत्तराखंड में इन 61 डॉक्टर्स की सेवा समाप्त..
उत्तराखंड: प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने कई चिकित्साधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी है। जिसके आदेश जारी किए गए है। बताया जा रहा है कि विभाग ने विभिन्न चिकित्सा इकाईयों मे पी०एम०एच०एस० संवर्ग में तैनात 61 चिकित्साधिकारियों को अनुपस्थित रहने के चलते हटा दिया है। इन चिकित्साधिकारियों की सेवाएं अनुपस्थित रहने के कारण समाप्त कर दी गई है। आदेश के साथ ही इन डॉक्टरों की सूची भी जारी की गई है।
जारी आदेश में लिखा है कि अनुपस्थित चल रहे चिकित्साधिकारियों द्वारा उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा नियमावली, 2014 के भाग-6 बिन्दु-18 ( 4 ) के अनुसार परिवीक्षा पूर्ण नहीं की गयी है। अनुपस्थिति के संदर्भ में जनपदवार मुख्यचिकित्साधिकारी के स्तर से समाचार पत्र में नोटिस दिये जाने के उपरान्त भी उक्त चिकित्साधिकारियों द्वारा न ही कोई प्रत्युत्तर दिया गया, न ही योगदान दिया गया है। ऐसे में अनुपस्थित चल रहे नॉन बॉण्डेड चिकित्साधिकारियों की अनुपस्थिति की अवधि से राजकीय सेवा समाप्त करने की सहर्ष स्वीकृति राज्यपाल ने प्रदान कर दी हैं।
आदेश में ये भी लिखा है कि महानिदेशक द्वारा अपने स्तर से सूची में उल्लिखित प्रत्येक बॉण्डधारी चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी करे कि वे एक सप्ताह के अन्दर अपनी तैनाती स्थल पर योगदान करें, यदि वे एक सप्ताह के अन्दर अपनी तैनाती स्थल पर योगदान नही करते है, तो उनसे बॉण्ड की शर्तो के अनुसार धनराशि वसूल करने की कार्यवाही सुनिश्चित करते हुये कार्यवाही / अनुपालन आख्या 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों को हर माह मिलेगा ये अनाज..
उत्तराखंड: प्रदेश में राशन कार्ड धारकों को अब सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से गरीबों को हर माह मिलने वाले राशन में अब एक किलो मंडुवा भी दिया जाएगा। जिससे गरीबों की थाली में पौष्टिकता से लबरेज मोटा अनाज भी मिलेगा। साथ ही मंत्री ने विभाग के उच्च अधिकारियों को प्रत्येक माह में 10 दिन फ़ील्ड में जाकर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
बता दे कि कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गरीबों को हर माह पांच किलो गेहूं मिलता है। इसके स्थान पर चार किलो गेहूं और एक किलो मंडुवा दिया जाएगा। उनका कहना हैं कि विद्यालयों में मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पौष्टिक आहार में भी मोटे अनाज शामिल किए जाएंगे, ताकि खपत बढ़ सके।
इस कड़ी में उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए की मंडुवा, रामदाना, झंगोरा जैसे मोटे अनाज पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में खपत पर भी विशेष जोर है, क्योंकि किसान खपत के अनुसार ही पैदावार करता है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल में उगाया जाने वाला मंडुवा पौष्टिकता का खजाना है। यहां की परंपरागत फसलों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य की कुल कृषि योग्य भूमि का 85 फीसद भाग असिंचित होने के बावजूद यहां इसकी खेती आसानी से की जा सकती है। मंडुवा हृदय व मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए लाभदायक होता है। इसमें पर्याप्त पोषक तत्व होने की वजह से यह कुपोषण से बचाने में भी मददगार होता है। बाजार में मंडुवे का आटा 40 से 50 रुपये प्रति किलो के हिस्सा से उपलब्ध है।
बुजुर्गों और बच्चों के अब ऐसे बनेंगे आधार कार्ड, मुख्य सचिव संधु ने दिए ये निर्देश..
उत्तराखंड: प्रदेश में आधार कार्ड को लेकर मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने अधिकारियों को कई निर्देश दिए है। जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। भारत सरकार और यूआईडीएआई की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार बने जिन आधार कार्डों को 10 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं उन्हें अपने आधार कार्ड में पते का प्रमाण (पीओए) और पहचान का प्रमाण (पीओआई) अपडेट कराना जरूरी है। ऐसे में सीएस ने प्रदेश के सभी लोगों विशेषकर बुजुर्ग, बच्चों एवं दिव्यांग व्यक्तियों का आधार बनवाए जाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए है।
बुधवार को सचिवालय में यूनिक आइडेंटीफिकेशन इंप्लीमेंटेशन कमिटी की बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लोगों विशेषकर बुजुर्ग एवं दिव्यांग व्यक्तियों के घर पर ही आधार बनवाए जाने हेतु योजना तैयार की जाए। इसके लिए पारिश्रमिक अथवा मानदेय आदि के आधार पर क्षेत्र के युवाओं को रखकर इस काम को कराया जा सकता है, इससे जहां आधार सैचुरेशन प्लान पूर्ण होगा साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा।
इसके साथ ही उन्होंने आधार बनाने अथवा अपडेट कराए जाने से सम्बन्धित सभी संस्थाओं को सभी आधार किट्स के सुचारू संचालन और पिछले 10 सालों से एक ही स्थान पर रहने वाले लोगों को भी आधार अपडेट किए जाने के लिे जागरूकता अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। इसका प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए।
वहीं मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में आधार वेरिफिकेशन लागू किए जाने हेतु सचिव कार्मिक को निर्देश दिए। कहा कि यह परीक्षाओं में धांधली रोकने में मददगार साबित होगा। उनका कहना हैं कि जिन विभागों की भारत सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की सेवाओं, लाभ एवं सब्सिडी आदि में लाभार्थी के आधार नंबर की आवश्यकता पड़ती है, परंतु उन्होंने अभी तक इस सम्बन्ध में नोटिफिकेशन जारी नहीं किए हैं, शीघ्र करवा लें।
उत्तराखंड में गर्भवती महिलाओं को मिलेगा ये लाभ..
उत्तराखंड: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की 34वीं कार्यकारिणी समिति की बैठक का आयोजन सचिवालय में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) मिशन निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि हरिद्वार और देहरादून में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत वर्किंग वुमन हॉस्टल वन स्टॉप सेंटरों एवं कार्यशील महिला छात्रावास का जन्म गृह केंद्रों (बर्थ वेटिंग होम) के रूप में उपयोग किया जाएगा। जिसमें गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व ठहरने व खान-पान की सुविधा होगी।
उनका कहना हैं कि एन.एच.एम., उत्तराखंड के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर.बी.एस.के.) में कार्यरत आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों के समान मानदेय कर दिया जाएगा। साथ ही जनवरी 2023 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जन आरोग्य अभियान- एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर में शामिल किया जाएगा।
बैठक में डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि देहरादून स्थित हर्रावाला में निर्माणाधीन 300 बेड कैंसर केयर अस्पताल को पी.पी.पी. मोड के माध्यम से संचालित किए जाने की सैद्धांतिक सहमति हुई है जिस हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अधिप्राप्ति/पी.पी.पी. सैल एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड, उत्तराखंड हैल्थ सिस्टम डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट (यू.के.एच.एस.डी.पी.) अनुबंध प्रबंधन टीम के सहयोग से टेंडर डाक्यूमेंट तैयार कर विज्ञप्ति 15 जनवरी 2023 तक जारी की जाएगी।
“You Quote We Pay” के आधार पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु आई.पी.एच.एस. मानकों के अनुसार विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अंतर्गत की जाएगी। बैठक में डॉ. सरोज नैथानी निदेशक एन.एच.एम., डॉ. आशुतोष सयाना निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मोहित चौधरी चीफ प्रोग्राम ऑफिसर महिला एवं बाल सशक्तिकरण विभाग, खजान चंद्र पांडे वित्त नियंत्रक एन.एच.एम., डॉ. यू.एस. कंडवाल अपर निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय, डॉ. अजय कुमार नगरकर कार्यक्रम अधिकारी एन.एच.एम., कविता कौशल सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
हल्द्वानी में सड़क हादसे में वन विभाग के डिप्टी रेंजर की मौत..
उत्तराखंड: प्रदेश में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से रोजाना दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। ऐसी ही एक खबर हल्द्वानी से भी सामने आयी है। जहां लालकुआं के हल्दूचौड़ क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में वन विभाग के डिप्टी रेंजर की मौत हो गई। जिससे मौके पर कोहराम मच गया है।
आपको बता दे कि हल्दूचौड़ में इंडियन ऑयल चौराहे पर लिंक रोड से नेशनल हाईवे की तरफ आ रही मोटरसाइकिल को लालकुआं से हल्द्वानी की ओर जा रही एक कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान डिप्टी रेंजर होमेन्द्र मिश्रा के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि वह हल्द्वानी डिवीजन के छकाता रेंज में तैनात थे और हल्दूचौड़ स्थित अपने घर पर आए हुए थे। हादसे की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंच कर अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ कर दी है जबकि कार को हल्दूचौड़ पुलिस चौकी पहुंचाया गया हैं।
आनन-फानन में बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र पर आरोप लगाकर अपने ही बुने जाल में फंसी कांग्रेस नेत्री सुजाता
देहरादून: श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय पदभार ग्रहण करने के बाद से लगातार समिति की कार्यप्रणाली में बदलाव करने में जुटे हुए हैं। मंदिर समिति के इतिहास में पहली बार उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानान्तरण किए हैं। आज तक मंदिर समिति में कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो कार्मिकों के कभी स्थानान्तरण नहीं हुए थे। अजेंद्र ने बिना काम के लाखों रुपए प्रतिमाह वेतन ले रहे तमाम कार्मिकों को हिला कर मंदिर समिति में उथल पुथल मचा दी। यही नहीं केदारनाथ व बदरीनाथ में तैनात कई ऐसे कार्मिकों का स्थानांतरण अथवा पटल चेंज कर दिया गया, जो यात्रियों से दर्शन करवाने के नाम पर मोटी अवैध कमाई कर रहे थे। ऐसे कई कार्मिकों को अध्यक्ष का यह निर्णय इतना नागवार गुजर रहा है कि उन्होनें भीतरखाने अजेंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।
ऐसे कई कार्मिक अजेंद्र के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। एक कथित मीडियाकर्मी और उसके पोर्टल के माध्यम से अजेंद्र के चरित्र हनन के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, उक्त मीडियाकर्मी के विरुद्ध अजेंद्र ने पुलिस महानिदेशक को एक पत्र भी भेजा है। मंदिर समिति के कार्मिक उक्त मीडियाकर्मी के माध्यम से अजेंद्र के खिलाफ आधी -अधूरी और तथ्यहीन जानकारी मीडिया और कांग्रेसी नेताओं तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि, इक्का दुक्का नेताओं और मीडियाकर्मियों के अलावा कोई भी इन आरोपों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं।
लेकिन इस बार एक ऐसी आधी -अधूरी और तथ्यविहीन जानकारी के आधार पर कांग्रेस नेत्री सुजाता पॉल बुरी तरह से घिर गई। उन्होनें जिस मुद्दे को लेकर मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र को घेरने की कोशिश की, वह कांग्रेस नेता और समिति के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल के समय पारित हुआ था। 
दरअसल, कांग्रेस नेत्री सुजाता पॉल ने सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल किया है। जिसमें वो अजेंद्र पर आरोप लगाते हुए कहती हैं कि उन्होंने नियम कानूनों को ताक पर रख कर मंदिर समिति के लेखाधिकारी सुनील तिवारी को अपने हस्ताक्षर से उप मुख्य कार्याधिकारी बना दिया। सुजाता पाल का यह भी कहना है कि पदोन्नति के आदेश मुख्य कार्याधिकारी की ओर से ना जारी कर अजेंद्र ने खुद के हस्ताक्षर से जारी कर दिया। सुजाता ने इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताते हुए अजेंद्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग तक कर डाली।
जबकि तथ्य यह है कि लेखाधिकारी सुनील तिवारी को उप मुख्य कार्याधिकारी बनाने की कार्यवाही कांग्रेसनीत मंदिर समिति के समय में शुरू हो गई थी। काग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और तत्तकालीन मंदिर समिति अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यकाल में सुनील तिवारी को उप मुख्य कार्याधिकारी का प्रभार दे दिया गया था। 15 फरवरी, 2018 को संपन्न मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में बाकायदा प्रस्ताव पारित कर कि सुनील तिवारी को प्रभारी उप मुख्य कार्याधिकारी बनाया गया था। इसके बाद तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी ने सुनील तिवारी को उप मुख्य कार्याधिकारी बना दिया।
यही नही इससे पूर्व 9 जनवरी 2015 आदेश संख्या- 574 द्वारा लेखाधिकारी सुनील तिवारी को कार्याधिकारी का प्रभार दिया गया था।
कांग्रेस की प्रवक्ता जानी-मानी सामाजिक राजनीतिक एक्टविस्ट है उनका दावा है कि वह सच को उजागर भी करती है। लेकिन जिस तरह से तथ्यों की पड़ताल किए बिना सुजाता ने अजेंद्र पर आरोप लगाए उससे कांग्रेस के लोग ही असहज हो गए हैं। सुजाता ने अपनी पार्टी के समय के मंदिर समिति के अध्यक्ष के समय के निर्णय पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।

सुजाता ने आरोप लगाने से पूर्व यह भी नहीं देखा कि गणेश गोदियाल के समय से सुनील तिवारी बतौर प्रभारी उपमुख्य कार्याधिकारी ( डिप्टी सीईओ) का काम संभाल रहे थे, तो वर्तमान मंदिर समिति अध्यक्ष किस आधार पर किसी अन्य को डिप्टी सीईओ बना देते। दूसरी बात, मंदिर समिति में जो भी पदोन्नतियां इत्यादि हुई हैं, उसके लिए मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार की अध्यक्षता में एक उप समिति गठित की हुई है। उप समिति ने कई दौर की बैठकों के बाद सुनील तिवारी समेत तमाम अन्य कार्मिकों की पदोन्नति की सिफारिश की थी।
इस सबके बावजूद माना कि लेखाधिकारी सुनील तिवारी के पदौन्नति, वेतनमान, एसीपी की जांच के लिए 2019 में अजेंद्र अजय ने भारतीय जनता पार्टी नेता बतौर शासन को जांच के लिए लिखा तो क्या गलत है। जांच शासन ने करनी थी न कि अजेंद्र अजय ने। फिर भी मंदिर समिति के हवाले से विगत दिनों स्पष्ट किया जा चुका है कि सुनील तिवारी के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं था कि उनकी पदौन्नति डिप्टी सीईओ के पद पर न हो सके। कर्मचारियों की पदौन्नतियां कई वर्षो से रूकी थी। अत: नियुक्ति उप समिति की सिफारिशों के अनुरूप सभी पदोन्नतियां नियमानुसार हुई हैं।
कांग्रेस नेत्री सुजाता ने यह भी आरोप लगाया है कि मंदिर समिति अध्यक्ष ने पदोन्नति आदेेश अपने हस्ताक्षर से ही जारी कर दिया। यह आरोप लगाने में भी सुजाता ने तथ्यों की जानकारी नहीं ली। मंदिर समिति के एक्ट में अध्यक्ष को प्रशासनिक अधिकार हासिल हैं। मंदिर समिति में अध्यक्ष को विभागाध्यक्ष के रुप में कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर निलंबित करने और बर्खास्तगी तक का विशेष अधिकार प्राप्त है। इस आधार पर मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र ने पदोन्नति आदेश जारी किए हैं।
