गांव से ज्यादा शहरों में हो रहे बाल विवाह..
एनएफएचएस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे..
उत्तराखंड : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में औसतन 16 फीसदी लड़के और 10 फीसदी लड़कियों की शादी तय उम्र से पहले की जा रही है। इसमें भी चौंकाने वाली बात यह है कि गांवों के मुकाबले शहरों में यह अनदेखी ज्यादा हो रही है। गांवों में जहां 9.8 फीसदी लड़कियों और 13.8 फीसदी लड़कों की शादी कम उम्र में की जा रही है।
वहीं शहरों में यह आंकड़ा क्रमश: 10 और 21 फीसदी है। उत्तराखंड में लड़कियों के विवाह की उम्र फिलहाल 18 वर्ष है, जबकि लड़के 21 साल के बाद ही शादी कर सकते हैं। ऐसे में सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा हैरान करने वाला है। जिस उम्र में युवाओं को पढ़-लिखकर भविष्य के बारे में सोचना चाहिए।
उसी उम्र में अभिभावक उन्हें शादी के बंधन में बांध रहे हैं। इससे युवाओं के सामने बेरोजगारी का संकट भी पैदा होने लगता है। जल्द शादी की वजह से लड़कियां कम उम्र में ही मां भी बन रही हैं। ग्रामीण इलाकों में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की 2.6 फीसदी लड़कियां मां बन चुकी हैं, जबकि शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 2.1 फीसदी है।
सोशल मीडिया का बढ़ रहा प्रभाव: हल्द्वानी स्थित एमबीपीजी कॉलेज में समाज शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. कमरूद्दीन का मानना है कि बाल विवाह का मुख्य कारण सोशल मीडिया का बढ़ता असर है। जागरूक अभिभावक इस तरह से बाल विवाह कराने में झिझकते हैं। हालांकि कई परिवार गरीबी के कारण भी बाल विवाह कराने को मजबूर होते हैं।
सामाजिक बदलाव व सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के चलते किशोर व किशोरियों के जल्द विवाह के मामले बढ़ रहे हैं। हर जिले में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। बाल कल्याण विभाग को इन्हें गंभीरता से लेते हुए जनजागरूकता व काउंसलिंग के कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
इस तरह के मामलों को रोकने के लिए बाल विकास विभाग लगातार सक्रिय है। जगह-जगह हमने वॉलेंटियर भी रखे हैं। कुछ समय पहले रामनगर में इस तरह का मामला रोका भी गया है। कानूनी सख्ती और जागरूकता दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि ये संख्या कम हो।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना-अंत्योदय योजना के तहत जानिए पात्रता की पूरी शर्तें..
उत्तराखंड : अपात्र होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और अंत्योदय योजना के तहत रियायती राशन ले रहे लोगों के खिलाफ सरकार अभियान चला रही है। 31 मई तक लोगों को स्वत: कार्ड सरेंडर कराने को कहा गया है। अब तक 1618 लोगों ने अपने राशन कार्ड जमा करवा दिए हैं।
लेकिन जितने लोगों ने राशन कार्ड जमा करवाए हैं, उनसे छह गुना ज्यादा लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए कतार में खड़े हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने शुक्रवार को प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने की स्थिति की पड़ताल की तो यह तस्वीर सामने आई। एक मई से राज्य में राशन कार्ड का स्वैच्छिक सत्यापन कार्य जारी है। एक जून से सरकारी स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जाना है।
इसमें अपात्र के खिलाफ एफआईआर और रिकवरी का प्रावधान किया गया है। अब तक आई तस्वीर के अनुसार लोग राशन कार्ड तो सरेंडर करवा रहे हैं, लेकिन साथ ही नए कार्ड बनवाने के आवेदनों का अंबार भी लग रहा है। सरकार के सामने पुराने राशन कार्ड को निरस्त करने से ज्यादा नए कार्ड बनाने की चुनौती होगी।
अब तक सबसे ज्यादा राशन कार्ड यूएसनगर, देहरादून, पिथाौरागढ़, अल्मोड़ा और चंपावत में सरेंडर कराए गए हैं। नए राशन कार्ड के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और अल्मोड़ा में सबसे ज्यादा आवेदन आए हैं।
गढ़वाल मंडल
जिला सरेंडर नए आवेदन
देहरादून 203 851
पौड़ी 77 00
रुद्रप्रयाग 25 1200
हरिद्वार 25 00
टिहरी 12 98
उत्तरकाशी 29 00
कुमाऊं मंडल
जिला सरेंडर नए आवेदन
नैनीताल 155 6000
पिथौरागढ़ 209 00
चंपावत 23 00
बागेश्वर 16 00
अल्मोड़ा 250 1400
यूएसनगर 594 00
जो लोग अंत्योदय और एनएफएसए योजना से अपात्र होंगे, उन्हें राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में लाया जाएगा। राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सालाना पांच लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोग पात्र हैं। एक जून से सत्यापन अभियान कड़ाई से चलाया जाएगा।
ये हैं पात्रता की शर्तें..
1. ऐसा परिवार जिसका संचालन मुखिया के तौर पर विधवा महिला या अकेली महिला करती हो तथा परिवार की कुल मासिक आय रुपये 15,000 से कम हो।
2. ऐसा परिवार जिसका संचालन मुखिया के तौर पर असाध्य रोगों से पीड़ित / 60 वर्ष से अधिक आयु वाला बुजुर्ग व्यक्ति करता हो तथा परिवार की कुल मासिक आय रुपये 15,000 से कम हो।
3. आदिम आदिवासी तथा सीमान्त क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी परिवार।
4. ऐसा परिवार जिसके पास राजस्व अभिलेखों में दर्ज सिंचित भूमि का कुल क्षेत्रफल 2 हेक्टेयर से कम हो अथवा 1 हेक्टेयर सिंचित अथवा 2 हेक्टेयर असिंचित से कम हो अथवा कुल क्षेत्रफल 4 हेक्टेयर असिंचित भूमि से कम हो।
5. शहरी क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी में उत्तराखंड राज्य की स्थापना के पूर्व से निवासित परिवार।
6. विधवा आश्रम, बाल महिला सुधार गृह, भिक्षुक गृह, कुष्ठ आश्रम, अनाथ आश्रम, मानसिक रोग, आश्रम, विकलांग आश्रम एवं वृद्धा आश्रम में निवासरत व्यक्ति।
प्राइवेट विश्वविद्यालयों-कालेजों में फीस बढ़ाने की तैयारी..
मेडिकल सहित इन कोर्सेज की पढ़ाई होगी महंगी..
उत्तराखंड : उत्तराखंड के सभी प्राइवेट विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में पढ़ाई महंगी होने जा रही है। शुल्क निर्धारण कमेटी ने सभी शिक्षण संस्थानों से आगामी तीन शैक्षणिक सत्र के लिए फीस स्ट्रक्चर का प्रस्ताव मांग लिया है। जुलाई में एडमिशन शुरू होने से पहले नई फीस तय हो जाएगी। प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों की फीस तय करने के लिए शुल्क निर्धारण कमेटी कॉलेजों से फीस का प्रस्ताव मांगती है।
कॉलेज की तीन साल की बैलेंस सीट और अन्य सुविधाओं के आधार पर फीस तय की जाती है। कमेटी एक बार में तीन साल के लिए फीस तय करती है। इस बार शैक्षिक सत्र 2022-23, 2023-24, 2024-25 के लिए फीस तय की जानी है। इसमें टेक्नीकल, मेडिकल, नर्सिंग, पैरामेडिकल, आयुष, मैनेजमेंट, लॉ सहित सभी तरह के निजी कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल हैं।
दो साल बाद बनी कमेटी : बीते दो साल से प्रदेश में कमेटी का गठन लटका हुआ था। इस कारण शिक्षण संस्थानों में फीस को लेकर विवाद बढ़ रहे थे। अब उच्च शिक्षा विभाग ने जस्टिस महबूब अली की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, कृषि, न्याय विभाग के सचिवों के साथ ही एक सीए और दो शिक्षाविद भी नामित किए जाते हैं।
इस कमेटी के निर्णय के खिलाफ अपील के लिए अपीलीय कमेटी का भी प्रावधान है। इस कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस लोकपाल सिंह बनाए गए हैं।
संस्थानों से अगले तीन साल के लिए प्रस्तावित फीस का विवरण मांगा गया है। कॉलेजों के प्रस्तावों पर कमेटी विचार कर, फीस का अंतिम निर्धारण करेगी। प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थान इसमें शामिल होंगे। कमेटी द्वारा तय फीस सभी के लिए बाध्यकारी होगी।
तीर्थ यात्रियों के स्वास्थ्य पर सरकार सख्त चारधाम जाने से पहले यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग..
उत्तराखंड : चार धाम यात्रा में अभी तक 29 तीर्थ यात्रियों की मौत पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अब यात्रा शुरू होने से पहले ही तीर्थ यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। जांच में स्वास्थ्य सही न पाए जाने पर यात्रियों को आराम के साथ ही ठीक होने के बाद ही यात्रा की सलाह दी जा रही है।
यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा के प्रवेश एवं पंजीकरण स्थल पर ही हेल्थ स्क्रीनिंग की सुविधा शुरू कर दी है। महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ शैलजा भट्ट ने बताया कि अब ऋषिकेश आईएसबीटी रजिस्ट्रेशन स्थल पर यात्रियों की हैल्थ स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। यहां पर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टॉफ को हैल्थ स्क्रीनिंग के लिए तैनात कर दिया गया है।
हैल्थ स्क्रीनिंग के बाद जिन यात्रियों में किसी भी प्रकार की शारीरिक अस्वस्थता पायी जा रही है, उन्हें विश्राम करने या स्वास्थ्य के सही होने के बाद ही यात्रा पर जाने की सलाह दी जा रही है। बताया की अभी तक 650 यात्रियों की हैल्थ स्क्रीनिंग ऋषिकेश में की जा चुकी है। यमुनोत्री, गंगोत्री के यात्रा मार्ग पर भी दोबाटा और हिना में भी हैल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है। बदरीनाथ धाम के यात्रियों के लिए हैल्थ स्क्रीनिंग शिविर पाण्डुकेश्वर में लगाया गया है।
आपात हालात को हेली सेवा की सुविधा..
महानिदेशक डॉ शैलजा भट्ट ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों में प्रभावित यात्रियों के लिए 24 घंटे हैली एम्बुलेंस की सुविधा रखी गयी है। यात्रा के शुरू होने से अभी तक केदारनाथ यात्रा के 11 यात्रियों को एयरलिफ्ट किया गया है। इसमें चोट लगने के पांच मामले शामिल हैं। उत्तरकाशी में गंगोत्री यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान गंभीर रूप से बीमार 12 मरीजों को मेडिकल टीम ने जरूरी इलाज बचाया।
उत्तराखंड। प्रबंधकीय सिद्धांतों के सिलेबस में अमूमन पढ़ाया जाता है कि किसी भी संस्थान की तरक्की के लिए उसके कर्मचारियों की आर्थिक व मानसिक स्थिति का बेहतर होना जरूरी होता है। कुछ इसी कार्यप्रणाली को अपनाती नज़र आ रही है श्री बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी)।
BKTC के अध्यक्ष अजेंद्र अजय के प्रयासों से चार धामों के कपाट खुलने से पहले ही कर्मचारियों की वर्षों से लम्बित वेतन वृद्धि की मांग पूरी हो गयी है। लगभग 150 अस्थायी कर्मियों की पिछले कुछ सालों से लटकी वेतन वृद्धि के मामले में चली पत्रावली का 24 से 48 घंटे के भीतर निस्तारित होकर आदेश जारी होना, सरकारी प्रक्रिया में किसी अचरज से कम नहीं है।
अमूमन सभी लोग इस कड़वी सच्चाई से रूबरू होंगे कि सरकारी कार्यप्रणाली में किसी भी फाइल को अंजाम तक पहुंचने में लंबा समय लगना तय है। मगर अजेंद्र अजय का अध्यक्ष पद संभालने के बाद से ही BKTC की प्रबंधकीय प्रणाली में बहुत परिवर्तन नज़र आने लगा है। इसकी यह एक बानगी है।
सूत्रों के अनुसार जैसे ही अजेंद्र के संज्ञान में आया कि BKTC में स्थिर वेतन पर कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों की पिछले कुछ वर्षों से नियमित अंतराल पर होने वाली वेतन वृद्धि लंबित पड़ी हुई है। देवस्थानम बोर्ड का गठन होने और कोविड काल के कारण इन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया था।
अजेंद्र ने तुरंत BKTC के अधीन श्री केदारनाथ अधिष्ठान व श्री बदरीनाथ अधिष्ठान से कार्मिकों की सूची, उनको देय वेतन और अतिरिक्त व्यय भार को लेकर रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट के प्राप्त होते ही उन्होंने मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह से चर्चा की और उसी दिन उनके सामने फाइल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस पर BKTC के दोनों अधिष्ठानों से एक ही दिन में फाइल तैयार कर ऑनलाइन माध्यम से अध्यक्ष के अनुमोदन के लिए भेजी गई। अध्यक्ष ने उसी दिन फाइल को अनुमोदित कर आदेश जारी करने के निर्देश दे दिए। अध्यक्ष के हस्ताक्षर होने के बाद दोनों अधिष्ठानों ने अगली सुबह तक लगभग डेढ़ सौ अस्थिर वेतन कार्मिकों की वेतन वृद्धि के लिखित आदेश जारी कर दिए।
गौरतलब है कि आगामी मई प्रथम सप्ताह में श्री बद्रीनाथ व श्री केदारनाथ के कपाट खुल रहे हैं। इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यात्रा का जबरदस्त दबाब BKTC पर पड़ने वाला है। लिहाजा, अजेंद्र ने तय किया कि कर्मचारियों की इस अहम समस्या को युद्धस्तर पर निपटाया जाए। इस निर्णय के बाद BKTC के कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कर्मचारी BKTC अध्यक्ष का आभार जता रहे हैं।
BKTC अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद से अजेंद्र लगातार कई बड़े निर्णय लेने में लगे हुए हैं। BKTC के स्थाई कार्मिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए गोल्डन कार्ड बनाने के लिए उन्होंने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया और उसे तत्काल राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को भिजवाया। प्राधिकरण के मुख्य कार्याधिकारी से बात कर उन्होंने जल्दी से कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने को कहा। उम्मीद है कि जल्दी ही BKTC के स्थाई कार्मिकों को भी अन्य सरकारी कार्मिकों की तरह गोल्डन कार्ड का लाभ हासिल होगा।
अजेंद्र BKTC को प्रोफेशनल रूप देने की कोशिशों में लगे हुए हैं। कुछ माह पूर्व उन्होंने BKTC के विश्राम गृहों के प्रबंधकों और मंदिरों में फ्रंट लाइन वर्कर की भूमिका में रहने वाले कर्मचारियों के लिए तीन दिन का रिफ्रेशर कोर्स करवाया। यह कोर्स गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के पर्यटन व आतिथ्य विभाग में कराया गया, जिसमें कर्मचारियों को विशेषज्ञों द्वारा प्रोफेशनल अंदाज में कार्य करने और अतिथि सत्कार के गुर सिखाए गए।
दो सगे भाइयों की भीषण सड़क हादसे में मौत..
उत्तराखंड: हरिद्वार के ज्वालापुर के दो सगे भाइयों की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई है। दोनों भाई ज्वालापुर से हरियाणा के यमुनानगर में बारात में शामिल होने गए थे। इस घटना के बाद से शादी में मातम पसर गया। बता दे कि दोनों भाई उत्साह के साथ शादी में सम्मिलित होने गए थे मगर उनके परिजनों ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके जिगर के दोनों टुकड़े इस तरह हादसे का शिकार हो जाएंगे। घटना से शादी की खुशियां चीख पुकार में बदल गई हैं। इस खबर से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस का कहना हैं कि सराय गांव में रेलवे फाटक के पास बस्ती में रहने वाले राजू प्रधान के बेटे की बारात यमुनानगर गई थी। यमुनानगर के पास ढेहा बस्ती में बारात पहुंचने के बाद दोनों भाई सन्नी 25 वर्ष और ऋषि 22 वर्ष अपनी बाइक से आस-पास घूमने निकल गए। कि तभी पांसरा इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों भाइयों को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद चालक अपना ट्रक छोड़कर फरार हो गया। हादसे की खबर मिलने के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रखा है।
नवरात्रि के पहले दिन सीएम धामी ने किए पूर्णागिरि धाम के दर्शन..
उत्तराखंड: चैत्र नवरात्रि आज यानी दो अप्रैल से शुरू हो गए हैं। शहर भर के मंदिरों में माता की आराधना के लिए नौ दिन अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। वहीं शहर के प्रमुख मंदिर भव्य तरीके से सजाए गए है। अब प्रत्येक दिन मां के विभिन्न रूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, श्रीनगर, उत्तरकाशी सहित कुमाऊं में अल्मोड़ा, नैनीताल सभी जिलों में सुबह से मां के दरबार में भक्तों का तांता लगा हुआ है।
वही नवरात्रि के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूर्णागिरि धाम पहुंचे। यहां उन्होंने माता के दर्शन किए। पूर्णागिरि पहुंचे सीएम धामी का पुजारियों ने भव्य स्वागत किया। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वह शुक्रवार को चंपावत के दौरे के लिए निकले थे। सबसे पहले वह बागपत पहुंचे जहां उन्होंने जनसभा की। इसके बाद वह पूर्णागिरि धाम दर्शन के लिए पहुंचे। धामी के साथ उनकी पत्नी भी माता के दरबार में मत्था टेकने पहुंचीं।
सिफारिश रद्द नहीं की तो उपवास पर बैठूंगा-हरीश रावत..
उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विभागों में तीन साल से खाली पदों को समाप्त करने के निर्णय को महापाप बताया। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि यह हजारों बेरोजगारों की आशाओं पर कुठाराघात है। अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है, इस सिफारिश को रद्द किया जाए। इसके लिए सरकार को एक सप्ताह का समय दिया जाता है। यदि इस बीच इसे निरस्त न किया गया तो वह तेज धूप में दोपहर 12 बजे से एक बजे तक उपवास पर बैठेंगे। ताकि सरकार को बेरोजगारों के दर्द का कुछ एहसास हो सके। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिश को रद्द करने का अनुरोध किया है। एक सप्ताह में सिफारिश रद्द न होने पर उन्होंने तपती धूप में उपवास करने की चेतावनी दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावतका कहना हैं कि दून और अन्य अस्पतालों में कार्यरत उपनल व पीआरडी से संबद्ध कर्मचारी उनसे मिले। इन कर्मचारियों ने आपातकाल में मानवता की सेवा की है। सरकार को उन्हें सेवा से मुक्त करने के बजाए उनकी समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। उधर विधायक एवं पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और पूर्व विधायक संजीव आर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से शिष्टाचार भेंट की।
जंगली सुअर से खेत को बचाने के लिए किसान ने नौकरी पर रखा भालू..
देश-विदेश: जंगली जानवर खेत में घुसकर तबाही मचा देते हैं। तेलंगाना के एक किसान ने जंगली जानवरों से अपनी फसल बचाने का नायाब तरीका निकाला है। किसान ने अपनी फसल बचाने के लिए भालू को किराए पर रख लिया है। आपको बता दे कि ये सचमुच का भालू नहीं, बल्कि किसान ने एक ऐसे शख्स को किराए पर रखा है जो हर रोज भालू का कॉस्ट्यूम पहनकर खेत की रखवाली करता है। जानकारी के अनुसार तेलंगाना के सिद्धीपेट में रहने वाले किसान भास्कर रेड्डी ने अपने खेत को बंदरों और जंगली सुअरों से बचाने के लिए एक शख्स ने नौकरी पर रखा है। खेत में भालू बनकर घूमने के लिए उन्होंने एक शख्स को पांच सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से काम पर रखा है।
सोशल मीडिया पर इस काम को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इस काम को मजेदार बता रहे हैं तो कुछ लोग इस आईडिया की तारीफ कर रहे हैं। कुछ लोग फनी कमेंट भी कर रहे हैं, जैसे एक शख्स ने लिखा कि अगर खेत में किसी दिन सचमुच का भालू आ गया तो क्या होगा? कुछ लोगों ने इस काम को अमानवीय भी करार दिया है। एक यूजर ने लिखा कि पांच सौ रुपये में पूरे दिन धूप में भालू का कॉस्ट्यूम पहनकर खड़े होना बहुत मुश्किल काम है। लोगों ने किसान को इसकी जगह कुत्ते पालने की सलाह दी है।
उत्तराखंड चार धाम यात्रा के लिए तैयार की ये योजना..
उत्तराखंड: कोरोना संकट के चलते पिछले दो साल से चारधाम यात्रा रद्द रही है। लेकिन इस बार अब स्थिति सामान्य होने पर चारधाम यात्रा की तैयारियों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। यात्रा का आगाज 3 मई को होगा। चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी ऋषिकेश से देवधाम के दर्शन को रवाना होने से पहले तीर्थयात्रियों को फोटोमीट्रिक पंजीकरण अनिवार्य है। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र में तैयारी होने लगी है। फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र भी दो साल बाद खुल रहा है। इस बार फोटोमीट्रिक पंजीकरण की नई व्यवस्था रहेगी। केंद्र में कंप्यूटरीकृत 8 कियोस्क मशीन स्थापित कर दी गई हैं। चारधामों के दर्शन को आने वाले तीर्थयात्री अब खुद भी अपना फोटोमीट्रिक पंजीकरण कर सकेंगे। ऋषिकेश के चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में स्थित पंजीकरण केंद्र में स्वचालिक 8 कियोस्क मशीने स्थापित की गई है। अभी तक फोटोमीट्रिक पंजीकरण के लिए श्रद्धालुओं को केंद्र कर्मियों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब इस व्यवस्था से तीर्थयात्रियों को पंजीकरण के लिए कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। वे खुद कियोस्क मशीन से फोटोमीट्रिक पंजीकरण कर सकेंगे। केंद्र प्रबंधक प्रेमअनंत का कहना हैं कि फोटोमीट्रिक पंजीकरण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लेकिन अभी तक केंद्र खुलने की तिथि तय नहीं हुई है।
ऐसे करे पंजीकरण
कियोस्क मशीन की स्क्रीन ऑन होते ही रजिस्ट्रेशन ऑप्शन आएगा। उसे क्लिक करते ही नाम, मोबाइल नंबर, पासवर्ड दर्ज करना होगा। इस प्रक्रिया के बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी नंबर आएगा। उसे दर्ज करने के बाद स्क्रीन पर व्यक्तिगत, परिवार का ऑप्शन आएगा। यदि आप अकेले यात्रा कर रहे हैं तो व्यक्तिगत ऑप्शन को क्लिक करेंगे। क्लिक करते कियोस्क मशीन के सामने लगा कैमरा ऑन हो जाएगा। फोटो शूट करने के बाद आपका स्वत: पंजीकरण हो जाएगा। इस प्रक्रिया में 10 मिनट लगेंगे, और आपका पंजीकरण हो जाएगा।
